रानी दी अपनी मलाईदार चुत के साथ माँ को भी चुदवा दिया- भाग 2

दीदी की ऐसी कामुक और गंदी बातें सुन के मेरे लन्ड में और जोश गया। फिर दीदी अपना मैक्सी के साथ पैंटी भी उतार दी और अपनी चुचियों को दबाते हुए बोली कि देख विक्की ये तेरी दीदी की चुचियाँ रस से भरकर कैसे कुम्हला रही है अपनी दीदी की चुचियों का सारा दूध पी जा आज। मैंने भी बिना देर किए अपनी मुँह दीदी के चुचियों पर रख दिया और निपल को मुंह मे लेकर चूसने लगी। दीदी तो पागल हो गई। और कहने लगी पी जा भाई अपनी बहन के दूध पी जाए। आआआआठहठहठहठहठहठहठहठहठहठहठहठहठह मेरे भाई ooohhhhhhhh yaaahhhhhhh भाई पी जा सारा दूध बहुत दूध भरा है इसमें पी जा।

 

 

हेलो दोस्तों जैसा कि आप सब जानते हैं कि मेरा नाम विक्की है। और ये कहानी मेरी रानी दी और मेरी माँ शालिनी की चुदाई की है। जैसा कि आप सबने देखा कि की जीजाजी के लन्ड खाने के बाद भी रानी दी कि चुत पयासी रह गई और फिर वो अपने उँगलियों से ही अपनी चुत की प्यास बुझाई।

 

कैसे मैं रानी दी के मलाईदार चुत को चोद के रसमलाई बनाया

 

तो चलिए देर ना करते हुए चलते हैं कहानी के अगले भाग की ओर और आप सब से साझा करते हैं कि कैसे मेरी रानी दी अपनी मलाईदार चुत के साथ माँ को भी चुदवा दिया। और कैसे मैं उस रात रानी दी की मलाईदार चुत को चोद के रसमलाई बना दिया।

लेकिन नए पाठकों को बता दूँ। की रानी दी अपनी मलाईदार चुत के साथ माँ को भी चुदवा दिया ये मेरी सच्ची कहानी के पहले भाग को जरूर पढ़ें तभी आपको कहानी का असल मजा आएगा। और आप समझ पाएंगे कि कैसे मेरी रानी दी की मलाईदार चुत को चोद के मैं रसमलाई बनाया।

 

तो चलिए चलते हैं रानी दी कि चुत चुदाई की ओर।

 

 

हमदोनो भाई बहन और जीजाजी तीनों साथ मे मिलकर नास्ता किए। और दीदी जीजाजी के साथ मूवी देखने का प्लान बनाई। तो जीजाजी बोले की विक्की को भी साथ मे ले लेते हैं हमारे साथ ये भी घूम लेगा ऐसे तो अकेले कभी मूवी जाता नहीं होगा। फिर मैं भी तैयार हो के साथ चले गए। हम दिन भर मॉल में घूमे और मूवी देखे। ढेर सारी शॉपिंग भी की दी ने। शाम को करीब 8 बजे हम घर पहुँचे। जीजाजी काफी थक चुके थे। और बाहर से विहस्की की बोतल लेते आए थे। फिर हम तीनों छत पर चले गए क्योंकि जीजाजी को पीना था और माँ के सामने नहीं पी सकते थे। जीजाजी बाहर से ही रोस्टेड चिकन भी पैक करवा लिए थे। जीजाजी ने मुझसे पूछा कि पिओगे तो मैने मना कर दिया क्योंकि मैं कभी पिया नहीं था और मेरी उम्र भी अभी तो 17 साल थी। लेकिन मैं तब हैरान रह गया जब देखा कि जीजाजी ने 2 पैग बनाया और एक पैग दीदी ने उठाई और चियर्स करके पूरी ग्लास एक ही सास में अपने अंदर उड़ेल ली। और बुरा सा मुँह बना के चिकन खाने लगी। मतलब दीदी और जीजा जी साथ पीते थे। ( ये कहानी आप nightqueensstories पर पढ़ रहे हैं)

 

करीब 3 पैग पीने के बाद जीजाजी को फोन बजा। और पता चला कि बैंक में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है और किसी भी तरह कल सुबह 9 बजे तक बैंक पहुँचे। दीदी ये सुनते ही उदास हो गई। और जीजाजी दी को बोले की रानी मेरा बैग पैक कर दो और तुम अभी कुछ दिन यही रुक जाओ। मैं दुबारा आऊंगा तब साथ मे ले चलूंगा। फिर दी और मैं नीचे गए और बैग पैक करके। जीजाजी को बुलाया और फिर हमसब साथ मे खाना खाए। और हम तीनों फिर से छत पर सोने चले गए। दिन भर घूमने के कारण जीजाजी काफी थक चुके थे और पीने से उन्हें नींद भी आने लगी थी।

 

 

रानी दी पूरा कपड़ा उतार के पूरी तरह से नंगी हो गई है

 

कल रात की तरह ही मैं चारपाई पर सो गया और दी और जीजाजी एक दूसरे के साथ चिपक के नीचे सो गए। अरीब आधे घण्टे बाद मैंने देखा कि रानी दी पूरा कपड़ा उतार के पूरी तरह से नंगी हो गई है और जीजाजी को किस कर रही है और जीजाजी चुपचाप लेटे हुए हैं। फिर वो घूमी और 69 कि पॉजिशन में आकर अपनी चुत जीजाजी के मुँह पर रख दी और रगड़ने लगी। और जीजाजी के लण्ड से खेलने लगी, उस समय जीजाजी का लन्ड बिल्कुल सुखी मिर्ची की तरह मुरझाया हुआ थारानी दी उसे चाटने और चूसने लगी। लेकिन जीजाजी काफी तक चुके थे। और पीने की वजह से आधे नींद में चले गए थे। वो बार बार दी को मना कर रहे थे और कह रहे थे रानी प्लीज मुझे सोने दो। सुबह जल्दी उठ के जाना भी है। लेकिन दी कहाँ मानने वाली थी। वो कोशिश करती रही जीजाजी के लन्ड को खड़ा करने की लेकिन जीजाजी नींद से सो गए। फिर दीदी उठी और और बैठ गई। थोड़ी देर सर पकड़ के बैठी रही फिर वो भी जीजाजी के बगल में नंगे ही सो गई। ये सब देखकर मेरा लन्ड टनटना गया था। मन तो कर रहा था अभी पकड़ू और दीदी के चुत में अपना लन्ड डाल के चुत फाड़ दु।

 

मैंने देखा दीदी को नींद नही रही है और वो बार बार अपनीचुत को हाथों से रगड़ रही है और करवट बदल रही है फिर मुझे कब नींद आ गया पता ही नही चला।

 

 

अपने चुत को जीजाजी के लन्ड पर रगड़ रही थी

 

सुबह करीब 6 बजे मम्मी मुझे जगाई और बोली कि बेटा उठो तुम्हारे जीजाजी को जाना है उन्हें बस में बैठा आओ। मैं झट से उठा और नीचे जाकर मुँह धोया और फिर नहाने बाथरूम में गया। जब नहाकर आया तो देखा रूम में दीदी जीजाजी के बाहों में झूल रही थी और उन्हें खूब चुम्मा चाटी मर रही थी। और कह रही थी मेरी जानू तुम्हारे बिना मेरा मन कैसे लगेगा मत जाओ। और अपने चुत को जीजाजी के लन्ड पर रगड़ रही थी शायद वो जात्ते जाते एक बार चुदना चाहती थी। लेकिन जीजाजी बोले कि मेरी जान बस 2, 4 दिन में मैं वापिस आऊंगा फिर हम साथ ही तो रहेंगे।

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फिर हम तीनों टैक्सी में बैठकर बस स्टैंड की ओर चल पड़े। बस लगी हुई थी तो जीजाजी बैठ गए समान हम बस में रख दिए लेकिन दीदी बहुत उदास हो गई उनके आंखों से आंसू बहने लगे। और बोली कि मैं आपके बिना कैसे रहूंगी। तभी बस चलने को हुई और हम उतर गए। बस जब तक आंखों से ओझल होता हम देखते रहे और दीदी बहुत उदास थी।

 

 

रानी दी कुछ ज्यादा ही मेरे से चिपक रही थी

 

फिर हम घर आ गए। लेकिन दी का मन नही लग रहा था तो माँ बोली कि विक्की बेटा एक काम करो तुम और रानी जाओ कहीं बाहर घूम आओ। दीदी भी तैयार हो गई। हम मॉल गए घूमे फिर और फिर से मूवी देखी। उस दिन पूरे दिन मैं नोटिस किया कि रानी दी कुछ ज्यादा ही मेरे से चिपक रही है कभी कभी जानबूझ के अपनी चुचियों को मुझमें रगड़ दे रही है। सिनेमा हॉल में वो ऐसे बैठी जैसे उसकी चुचियाँ मेरी कोहनी में टच हो रही थी। कभी कभी वो अपना हाथ मेरे जांघो पर भी रख दे रही थी।

 

फिर जब हम शाम को लौटने लगे तो दी बोली कि विक्की विस्की पियोगे लेकर चलें। मेरा मन बहुत उदास है मुझे तुम्हारे जीजाजी की बहुत याद आ रही है। तो मैंने मना कर दिया फिर दी बोली कि ठीक है बियर ले लेते हैं जिसमे नशा नही होता है। उसके जिद करने की वजह से मैं भी मान गया। दी ने 3 बोतल बियर ली। और करीब शाम को 7 बजे हम घर पहुँचे। फिर थोड़ी देर बाद माँ के साथ गपशप करने के बाद मॉम खाना बनाने किचन में चली गई और हमलोग बोल के छत पे आ गए। और बियर साथ लाए। दीदी कपड़े चेंज कर ली थी और जालीदार मैक्सी पहन ली थी जो आगे से कटा हुआ था। जो नाभि तक तक था। मतलब नाभि से लेकर पूरा पैंटी और पैर खुले थे। और ब्रा भी उतार दी थी जिससे उसके गोरी गोरी चुचियाँ साफ झलक रही थी। उसके ब्राउन कलर के कड़क और फुले हुए निप्पल भी साफ दिख रहे थे।

 

 

मैं जानती हूँ तू मुझे चोदना चाहता है

 

मेरा तो मन कर रहा था कि अभी उसके पैंटी में हाथ डालके उसके फुले हुए चुत को मसल दें। फिर हम बियर पिने लगे। दी तो जल्दी जल्दी 2 बोतल खत्म कर दी। लेकिन मेरे से एक ही नही पिया जा रहा था। और मुझे नशा भी होने लगा था। फिर मैंने बोला दी अब मैं नहीं पिऊंगा। तो दी ने मेरा बोतल भी एक सांस में पूरी पी गई। फिर बो बोली कि मुझे पेशाब लगा है। और उठके कोने में गई और मुतकर आयी।

 

 

अब हमदोनों के जिस्म में बीयर का नशा जिस्म की भूख बढ़ा रही थी फिर दीदी आयी और अचानक मुझे पकड़ के किस करने लगी। मैं तो एक बार हैरान रह गया। और छुड़ाकर बोला दी ये क्या कर रही हो तो दी बोली साले नाटक मत कर।  मैं जानती हूं तो मुझे चोदना चाहता है। और कल परसो दोनों रात तुम मुझे नंगे जीजाजी के लन्ड चूसते और चुदते देख रहे थे। मैं भी तुम्हे दिखाने के लिए ही सबकुछ कर रही थी। अब जल्दी से अपनी दीदी की प्यासी चुत की प्यास बुझा। मैं समझ गया कि दीदी जीजाजी के जाने से उदास नही थी बल्कि ड्रामा कर रही थी और मेरे लन्ड से चुदने का प्लनिंग बना रही थी। ( ये कहानी आप nightqueensstories पर पढ़ रहे हैं)

 

आज मेरी चुत को चीर के रख देगा

 

ये सुनकर मैं डर गया लेकिन फिर संभल गया। और दीदी को किस करने में साथ देने लगा। हम दोनों अब एक दूसरे को बेतहाशा किस किये जा रहे थे। दीदी बहुत जोश में थी 2 दिन से उनकी चुत लन्ड का पानी पीने को तरस गई थी। फिर तभी वो झटके से मेरा कैप्री उतार दी और अंडरवियर को भी खींच दिया। मेरा 7 इंच का मोटा लम्बा लन्ड फ़सनफना रहा था। दीदी तो हैरान रह गई। और बोली कि अबे साले तेरा लन्ड तो बहुत बड़ा है। ऐसे ही लन्ड कि तो दरकार थी मेरी चुत को। तेरे जीजा का लन्ड तो सूखा खजूर की तरह है। कहाँ छिपा रखा था इस मोटे लंबे लौड़े को। इस हथियार मे बहुत तगड़ी धार है आज मेरे चुत को चीर के रख देगा।

 

फिर वो बोली कि विक्की आजतक किसी को चोदा है कभी, मैंने बोला नहीं मैं बस मुठ मार के काम चलाता हूँ।  तो दीदी बोली आज के बाद मुठ नहीं मारना पड़ेगा क्योंकि तुम्हारी बहन तुम्हारे लन्ड को अपने चुत का पानी पिलाकर प्यास बुझाएगी।

 

 

मेरी चुत तो कब से पयासी है।

 

दीदी की ऐसी कामुक और गंदी बातें सुन के मेरे लन्ड में और जोश गया। फिर दीदी अपना मैक्सी के साथ पैंटी भी उतार दी और अपनी चुचियों को दबाते हुए बोली कि देख विक्की ये तेरी दीदी की चुचियाँ रस से भरकर कैसे कुम्हला रही है अपनी दीदी की चुचियों का सारा दूध पी जा आज। मैंने भी बिना देर किए अपनी मुँह दीदी के चुचियों पर रख दिया और निपल को मुंह मे लेकर चूसने लगी। दीदी तो पागल हो गई। और कहने लगी पी जा भाई अपनी बहन के दूध पी जाए। आआआआठहठहठहठहठहठहठहठहठहठहठहठहठह मेरे भाई ooohhhhhhhh yaaahhhhhhh भाई पी जा सारा दूध बहुत दूध भरा है इसमें पी जा।

 

और फिर वो मेरे लन्ड को पकड़ के जोर जोर से हिलाने लगी। और कहने लगी भाई ये तो बहुत बड़ा है आज मजा आ जाएगा। मैं तुम्हारे लण्ड रूपी तलवार से अपना चुत फड़वाने को मचल रही हूँऔर फिर वह अपने चुत को भी जोर जोर रगड़ने लगी। अब हमदोनो पूरा गर्म हो चुके थे।

 

 

मैंने भी बिना देर किए अपना एक हाथ उसकी चुत पर रख दिया। दी कि चुत किसी भट्ठी की तरह तप रही थी। मेने बोला दी तुम्हारी चुत इतनी गर्म कैसे है। तो बोली साला तेरा जिजजे भड़वा है। कभी तेरी दी कि चुत कि गर्मी नही निकालता है। एक तो साले का छोटा सा लन्ड है ऊपर से 4, 6 झटकों में ही साले का पानी निकल जाता है। मैंने भी कहा कोई बात नही दी आज मैं आपकी चुत की सारी गर्मी निकाल दूँगा।  तो दी झट से बोली तो देर किस बात का है भाई। मेरी चुत तो कब से पयासी है। झट से चोद दो इसे। और बुझा दे अपनी दी के चुत का प्यास।

 

फिर दी बोली चल थोड़ा चाटते हैं फिर चुदाई करेंगे। फिर दी मेरे ऊपर आ गई और अपना चुत मेरे मुंह पर रख दिया और जोर जोर से रगड़ने लगी मैं भी चूसने चाटने लगा। और वो भी मेरे लन्ड को मुंह मे लेकर चूसने लगी। जोर जोर से चूस रही थी। और aaahhhhh aaaahhhhhhhh uuuuuhhhhhh की आवाज करने लगी।

 

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कुछ ही देर में में दी कि मस्त मलाईदार चुत सिकुड़ने लगी और और अब वो तेजी से मेरे मुँह पर अपना चुत रगड़ने लगी इसी के साथ ढेर सारा पानी मेरे मुँह में चला गया। मैं भी सारा पानी पी गया। थोड़ी देर शांत रहने के बाद दी फिर हरकत में आई और मेरे लन्ड को चूसने लगी। अब फिर से वो जोश में आ गयी थी। और कहनें लगी भाई अब देर मत कर चोद ले अपनी दी कि चुत। ( ये कहानी आप nightqueensstories पर पढ़ रहे हैं)

 

 

शुरू हुई ताबड़तोड़ चुदाई दीदी की प्यासी चुत की

 

 

वो बोली चल अब जल्दी से अपनी दीदी को चोद दे, और फिर वो अपनी टांगों को फैलाते हुये अपनी चूत के दोनों होंठो को पकडर खींचते हुए बोली फाड़ दे भाई अपनी दीदी की चूत कोतुम्हारे इस मोटे और लम्बे लंड का कमाल दिखा दे।

 

फिर मैने अपना लंड उनकी चूत पर रख कर सेट किया। और ज़ोरदार धक्का मारा। दी तो बिलबिला उठी। अभी तो मेरा लन्ड का सुपाड़ा ही उनकी चुत में घुसा था। वो चिलाई की धीरे कर भाई मेरी चुत अभी बहुत छोटी है फाड़ देगा क्या। ऐसा मोटा लन्ड जीवन मे कभी नही खाया। फिर मैं एक और जोरदार धक्का मारा और समूचा लन्ड चुत में समा गया। फिर दी बोली कि ऐसे ही लन्ड चुत में घुसा के रुके रहो 2 मिनट फिर जब दी को आराम मिला तो बोली अब चोदो। मैं चोदने लगा। थोड़ी देर बाद ही दीदी को मजा आने लगा। अब वो aaaaaaahhhhhhhhhh aaaaaaaahhhhhhhh aaaaaaaaahhhhhhh भाई चोदो भाई चोदो अपनी दी को। कहाँ छुपा रखा था इतना मोटा हथियार। फाड़ दो अपनी दी कि चुत। आज से ये चुत तुम्हारा हुआ। चोदो मेरे राजा। चोदो जोर से। फाड़ो मेरी चुत। अपनी दी के चुत को चोद के भोंसड़ा बना दे भाई। चोद साले चोद साले अपनी दी को चोदता है। चोद साले चोद फाड़ दे मेरी चुत। oooooohhhhhh yyyyyaaaaahhhhhh बेबी फ़क बेबी फक।hard fuck meri jan hard fuck.  दी कमर उठा उठा के मेरी लन्ड को अपनी चुत में ले रही थी। और गालियां दे रही थी। oh jaaannnn  फ़क बेबी फक। चोदो मेरे शेर चोदो मुझे आह बेबी चोदो मुझे। मैंने चोदते हुए पूछा क्या जीजाजी से ज्यादा मजा आता है या मुझसे रहा है। तो वो और गली देने लगी। की उस भड़वे साले का नाम मत ले मेरे राजा। वो तो साला हिजड़ा है। मुझे कभी चरमसुख का एहसास नही दिलाया। उसके लन्ड में दम नहीं है भाई छोटा सा लन्ड मेरे चुत में तो पता भी नही चलता है।

 

थोड़ी ही देर में वो फिर से झड़ गई। करीब आधे घंटे तक हम चुदाई किए इस दौरान दी 3 बार झड़ी। अब मैं भी झड़ने वाला था। तो मैने कहा दी मैं झड़ने वाला हूँ तो दी ने मेरी कमर कस के पकड़ ली। और अपने पैरों से कस के मेरे कमर को पकड़ के जोर जोर से अपने तरफ खिंचने लगी और बोली भाई अपना सारा पानी मेरे चुत में झाड़ना। एक बूंद भी बाहर नहीं गिरनी चाहिए भाई। फिर मैं झड़ने लगा। और पूरा पानी दी के चुत में डाल दिया। फिर मैं दीदी कें उपर ही पड़ गया। दी भी मुझे कस के पकडे रही। करीब 5 मिनट बाद दी बोली i love you भाई तुम बहुत अच्छे हो। कितना अच्छे से अपनी दी का ख्याल रखा। आज तुम मुझे चुदाई का असली स्वाद चखाया जिससे मैं अनजान थी। थैंक यू भाई बहुत बहुत धन्यवाद तुम्हे।

 

और फिर हम रोज कई बार चुदाई करने लगे। करीब एक हफ्ते बाद जीजाजी आए और दी को लेकर चले गए।

 

अब मेरा लन्ड बहुत प्यासा रहने लगा। मैं चुत के लिए परेशान रहने लगा। चस्का जो लग गया था मुझे गोरी करारी चुत की।

 

फिर एक दिन दी का कॉल आया तो बोली कि भाई अपने लन्ड को कैसे शांत करते हो, मेरी चुत तो प्यासी ही रह जा रही है। मैने भी कहा कि मुझे भी चुत की जरूरत है। तो बोली कि भाई मैं जल्दी रही हूँ। और तेरे लन्ड के लिए मैं परमानेंट चुत की व्यवस्था कर दूंगी। फिर करीब 15 दीन बाद जीजाजी को चेन्नई जाना हुआ तो वो दीदी को घर छोड़कर चले गए।

 

फिर कैसे मैंने अपनी माँ को चोदा मेरी दीदी की सहायता से। ये जानने के लिए पढ़िए अगले भाग में। 

 

….. रानी दी अपनी मलाईदार चुत के साथ माँ को भी चुदवा दिया।भाग 3

 

 

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