कुँवारी चुत का मिलन

दीदी के ससुर का कड़क लन्ड से मेरी कुँवारी चुत का मिलन

हेलो मेरे प्यारे दोस्तों! मैं खुशी हूँ। मैं अभी 20 साल की हूँ। मैं पिछले 2 महीने से https://nightqueenstories.com

की नियमित पाठक हूँ। और इस साइट से जुड़ी हूँ।

https://nightqueenstories.com की सेक्स कहानियों को पढ़ कर मेरी जिंदगी को एक नया आयाम मिला है।

 

मुझे इसमें प्रकाशित हर सेक्स कहानी को पढ़ कर बहुत मज़ा आता है। चुदाई की कहानियां पढ़ कर मेरा मन चुदाई के लिए मचलने लगा था जबकि पहले मुझे चुदाई के नाम से ही बहुत डर लगता था। सेक्स में मेरी कोई रुचि ही नहीं थी। जबकि अब मैं हमेशा चुदासी हुई रहती हूं। हर वक़्त मेरी चुत में पानी भरा रहता है।

 

पहले मैं सेक्स की बातें करने पर घबराती थी लेकिन अब मैं अपनी सहेलियों के बीच सेक्स की बातों को सुनकर काफ़ी मज़े लेती हूँ।

रिश्तों में चुदाई

ये कहानी मेरी चुदाई की है जो मेरी दीदी की ससुर ने मुझे चोदकर जावानी और चुदाई का आनंद दिए।

दीदी के ससुर ने मुझे चोद कर मेरी कुंवारी चुत फाड़ दी

तो चलिए कहानी की असली रंगों के मजे लेते हैं।

कल जब मैं https://nightqueenstories.com पर एक सेक्स कहानी पढ़ रही थी, तो मैं काफी चुदासी हो गई। और एक के बाद एक कई कहानियां पढ़ी। और अपनी चुत रगड़ने लगी। उसी समय मैंने भी सोची कि मैं भी अपनी सेक्स स्टोरी आप सभी को लिख कर बताऊं कि मेरे साथ क्या हुआ था।

 

ये घटना लगभग 2 साल पहले की है, जब मेरी उम्र 18 साल की थी। उस समय मैं अपने जीजू के घर गई थी क्योंकि उनके घर पर उस टाइम कोई नहीं रहने वाला था। मेरे जीजू के छोटे भाई की वाइफ को गांव वाले घर में बच्चा हुआ था, तो जीजू दीदी और बच्चे गांव जाने वाले थे। जीजू के पिताजी एक दरोगा हैं तो उन्हें छुट्टी नहीं मिली थी, इस वजह से वो गांव नहीं गए। तो मेरे जीजाजी मुझे अपने घर दिल्ली बुला लिए। ताकि उनके पिताजी लिए खाना पीना और देखभाल कर सकूँ। फिर मैं दूसरे दिन  मैं दिल्ली आ गई।

 

बस के सफर के कारण जब मैं वहां शाम को उनके घर पहुंची, तो मेरी तबीयत खराब लग रही थी। कानपुर से दिल्ली पहुंचते पहुंचते मेरी तबीयत कुछ ज्यादा खराब हो गई थी। मुझे एक दो बार वोमेटिंग भी हो गया था। तो मेरे जीजू के पापा मुझे अपनी गाड़ी से डॉक्टर के पास ले गए क्योंकि उस दिन जीजू काफी व्यस्त थे और उनको दूसरे दिन सुबह दीदी को लेकर गांव निकलना था। दोस्तो, जीजू के पापा का नाम अर्जुन है बो 55 साल के हैं लेकिन अभी भी बिल्कुल फिट हैं।  उनकी लंबाई 6 फिट से ज्यादा है।

 

मैं उनके बगल वाली सीट पर बैठी थी। लेकिन मैंने नोटिस किया कि वो मुझे बार बार चोर निगाहों से देख रहे हैं। और मैं भी उनकी बॉडी की मदहोश करने वाली सुगंध को महसूस कर रही थी। आज पहली बार था जब मुझे ऐसा एहसास हो रहा था। हम डॉक्टर के पास पहुँचे और चैकअप कराने के बाद हम वापस घर आ गए। रात में हम सब साथ खाना खाएं और सो गए। अगले दिन मेरे जीजू और दीदी की ट्रेन थी, तो वो लोग गांव निकल गए। अब घर में सिर्फ मैं और मेरे जीजू के पापा ही अकेले रह गए थे। जीजू के मम्मी की मृत्यु काफी पहले ही हो चुकी थी। दूसरे दिन मैं सुबह 7 बजे मैं सोकर उठी और चाय नास्ता बनाई। लाहले मैं जीजू के पापा को चाय दी तो वो बोले- मैं आज शाम को खाना बाहर से ही ले आऊंगा, तो तुम घर पर खाना मत बनाना।

मैंने कहा- ठीक है पापा। मेरी दीदी भी उनको पापा ही बुलाती थी। तो मैं भी पापा ही बोलती थी।  मुझे उनसे बहुत शर्म आती थी, मैं उनके सामने ज्यादा नहीं बोलती थी। अगले 2, 3 दिन तक सब कुछ नॉर्मल था। फिर एक रात मेरी नींद खुली, तो मैंने कुछ आवाज़ सुनी। और जब अपने रूम से बाहर आई, तो देखा कि ये आवाज़ तो पापा जी के रूम से आ रही है। तो मैं वहां गई।उनके कमरे का दरवाजा खुला हुआ था, और सिर्फ पर्दा लगा हुआ था। तो मैं धीरे से अन्दर झांक कर देखा, तो मेरी आंखें फ़टी की फटी रह गईं।

पापा जी का मोटा लंड देखकर मेरी चुत पानी पानी हो गई

पापा जी ने अपने सारे कपड़े उतारे हुए थे। और एकदम नंगे होकर अपने लंड को हिला रहे थे। उनके एक हाथ में उनकी वाइफ की फोटो थी और वो फोटो देख कर अपने लंड को जोर जोर से हिला रहे थे। ये सीन देखकर मैं डर गई और भाग कर अपने रूम में आ गई। उस रात में पापा जी के बारे में ही सोच रही थी। मेरी सांसें तेज तेज चल रही थीं क्योंकि मैंने पहली बार किसी मर्द का लंड देखा था। उनका लन्ड बहुत बड़ा था और बिल्कुल काला था।

 

उस दिन से मैं पापा जी के बारे में कुछ ज्यादा ही सोचने लगी। मैं जानती थी कि ये गलत है मैं गलत सोच रही हूँ। लेकिन मेरा मन उनका मोटा लंड देख कर मचल उठा था। मुझे उनके बारे में सोच कर बहुत मज़ा आ रहा था। पहली बार मैं इतना चुदासी महसूस कर रही थी।  चूंकि मैं अभी तक कुंवारी कमसिन कली थी, तो मुझे काफ़ी उत्तेजना हो रही थी। और हर वक़्त चुत पानी पानी हो रही थी।

इसी तरह 5 दिन बीत गए। मैं रोज रात को सेक्स कहानियां पढ़ती थी और पोर्न मूवी देखती थी। जिससे मैं और चुदासी हो गई। और तब मैंने फैसला किया कि मैं अंकल जी को पटाकर अपनी चुत की प्यास बुझाऊंगी। आख़िर उन्हें भी तो एक चुत की ज़रूरत थी। उनकी वाइफ की मृत्यु हुए लगभग 10 साल हो चुके थे। फिर मैं हर दिन कोशिश करने लगी कि पापा  जी के सामने कामुक बन कर रहूँ। जब वो घर आते तो मैं उनको देख कर स्माइल करती और उनके साथ अब बाहर घूमने को कहती।

 

अब वो भी धयड मेरे प्रति आकर्षित होने लगे थे। तब वो गाड़ी के बजाए मुझे अपने साथ बाइक पर बिठा कर ले जाते और मैं भी उनकी कमर पकड कर उनके मर्दाना जिस्म को स्पर्श करके अपने अन्दर की आग को भड़काती रहती। उधर पापा जी भी मेरे बूब्स को अपनी पीठ पर रगड़ते हुए महसूस करके मुझे प्यार से देखने लगे थे। एक रात जब वो घर आए, तो बोले- मैं बहुत थक गया हूँ। और मेरी तबियत भी थोड़ी खराब लग रही है। मैंने कहा ठीक है तब तक मैं आपके लिए चाय बना देती हूँ। पापा जी नहाने के बाद अपने रूम में चले गए। फिर मैं उनको चाय दी और चाय के साथ स्माइल भी दी।

अंकल और बेटी

फिर थोड़ी देर बाद मैं तेल की बोतल लेकर जानबूझ कर उनके कमरे में गई और बोली कि आपकी तबियत ठीक नही है तो मैं आपके शरीर कि मालिश कर देती हूँ। आपको आराम मिल जाएगा। फिर वो पेट के बल लेट गए और मैं उनकी पीठ पर तेल से अपने नर्म मुलायम हाथों से मालिश करने लगी। उनकी बॉडी एकदम पहलवानों के जैसी थी। वो सांवले जरूर थे लेकिन बहुत हैंडसम दिखते थे। मैं उनके जिस्म की तपिश से बहुत उत्तेजित हो चुकी थी। मैंने अंकल के पूरे शरीर पर अपने हाथों से मालिश की।

 

मैं मालिश करते हुए उनकी टांगों पर पहुंच गई थी। मैंने महसूस किया कि वो अंडरवियर नहीं पहने हुए थे चूंकि अभी नहा कर आए थे और लेटे ही थे। मेरे अंदर की शैतान जाग गई और मैं मुस्कुरा उठी। मैंने जानबूझ कर अपना एक हाथ उनकी तौलिया के अन्दर कर दिया और उनकी गांड पर मालिश करने लगी। ये देखकर पापा जी ने भी अपने पैर फैला दिए।

 

मैं अच्छे से उनकी मालिश कर रही थी। कुछ देर के बाद मेरी चुत बिल्कुल गीली हो गई तभी मुझे कुछ नही सुझा और ना जाने मुझे क्या हुआ, मैं वहां से जाने लगी। तभी पापा जी उठे और उन्होंने मेरे एक हाथ को पकड़ लिया। जब मैं उनकी तरफ मुड़ी, तो वो मुझे अपनी गोद में खींच कर किस करने लगे। उनके मुँह से शराब की गंध आयी मुझे अजीब सा लगा और मैं उन्हें मना करने लगी, लेकिन वो नहीं माने।

 

हालांकि मैं खुद भी यही चाहती थी। मैंने अपना विरोध बंद कर दिया और आंख बंद करके उनकी हरकतों को महसूस करने लगी। पापा जी ने मुझे अपनी बांहों में भरकर अपने बेड पर लिटा दिया और मुझे किस करने लगे। उनके मुँह से शराब की तेज स्मेल आ रही थी, वो नशे में थे। वैसे तो मुझे शराब की गंध थोड़ी भी नही पसन्द थी लेकिन आज मुझे ये महक काफी मस्त लग रही थी और मुझे मदहोश कर रही थी।

पापा जी अपने हांथो से मेरी चुत को रगड़ने लगे

फिर वो अपने एक हाथ से मेरी चुत पर रगड़ने लगे, मुझे शर्म भी आ रही थी।  लेकिन चुदने का मन भी कर रहा था इसलिए मैंने उन्हें मना नहीं किया। फिर उन्होंने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और ब्रा को भी अलग कर दिया। अंकल जी मेरे बूब्स को मुँह में लेकर चूसने लगे। वो जोर जोर से मेरे बूब्स चूस रहे थे, इससे मुझे हल्का हल्का दर्द भी होने लगा। लेकिन मुझे बेहद मज़ा भी आ रहा था।

 

इसके कुछ देर बाद पापा जी ने मेरी पैंटी भी उतार दी और मेरी कमसिन चुत देख कर बोले- तुम अभी वर्जिन हो? मैं बोली- हाँ मैं आजतक किसी से नहीं चुदी हूँ। मेरी चुत बिल्कुल सीलबंद है।

 

तो वो बोले- आज मैं तुम्हारी वर्जिनिटी तोड़कर तुम्हारी चुत फाड़ दूंगा। मैं शर्मा गई और अपना मुँह उनके सीने में छिपा कर उनसे चिपक गई। फिर पापा जी ने अपनी तौलिया हटा दिया और पूरी तरह से नंगे हो गए। मैं उनका लम्बा और मोटा खड़ा लंड देख कर डर गई लेकिन चूत में आग लगी थी और मन हो रहा था जल्दी से इस लन्ड को चुत में लेकर चुदाई करवाऊं।

मैं अपनी कुँवारी चुत पर पहली बार एक मर्द की जीभ का स्पर्श पाकर सिहर उठी

फिर पापा  जी मुझे लिटाए और मेरी टांगो को फैलाकर मेरी चुत चाटने लगे। पहली बार अपनी कुंवारी चुत पर एक मर्द की जीभ का अहसास पाते ही मेरे पूरे जिस्म में जैसे करंट दौड़ गया था। मेरे शरीर में सिहरन होने लगी तो पापा जी को मजा आने लगा और वो पूरे मस्ती से मेरी कमसिन चुत का नमकीन पानी चाटते हुए चुत के अन्दर तक जीभ डालने लगे।

 

मैंने पापा जी से पूछा- मुझे सनसनी सी क्यों हो रही है? तो वो बोले कि ये तुम्हारा पहली बार है इसीलिए तुम मस्त हो रही हो और चुदाई के लिए पूरी तरह से तैयार हो। लगभग पांच सात मिनट तक वो मेरी चुत चाटते रहे। और मैं पूरी तरह से पागल हो गई थी। पापा जी अब समझ गए थे कि मैं पूरी तरह से गर्म हो गई हूँ। फिर उन्होंने मेरी टांगों को फैला दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए।

पापा जी अपने लन्ड और मेरी चुत पर ढेर सारा थूक लगाए और लन्ड को मेरी चुत में पेल दिया

अंकल जी ने अपने लंड को मेरी चुत कि छेद पर रखा और रगड़ने लगे। पहली बार मुझे मर्द के लंड का अहसास अपनी चुत पर हुआ तो मैं अपनी गांड उठाने लगी। पापा जी ने लंड को चुत पर दबाया तो लंड चुत के अन्दर नहीं गया। और फिसल गया। क्योंकि मेरी चुत का छेद बिल्कुल छोटा सा था और अंकल जी  का लंड घोड़े के जैसा मोटा था। फिर उन्होंने अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगाई और मेरे चुत पर भी थूक लगाए। और लन्ड चुत में डालने लगे।

 

मैं बोली- पापा जी बाद में कोई प्राब्लम तो नहीं हो जाएगी?

पापा जी बोले- कुछ नहीं होगा। बस शुरू में थोड़ा सा दर्द होगा। फिर मज़ा ही मज़ा आएगा और मुझे फूल एक्सपीरियंस है। मैं धीरे धीरे करूँगा।

 

ये कह कर उन्होंने अपना लंड मेरी चुत जोर से में घुसेड़ दिया। पापा जी का लंड अभी थोड़ा सा ही चुत के अन्दर गया था, मुझे बहुत दर्द हुआ, और मेरी आंखों से आंसू निकल आए और मैं रोने लगी। वो रुक गए और मुझे किस करने लगे। जब मेरा दर्द कुछ कम हुआ तो फिर पापा जी ने एक बार अपनी गांड हिलाई और जोर का झटका मारा।

 

इस बार पापा जी का आधा लंड मेरी चुत में घुस चुका था। और मैं दर्द से कराह उठी थी। साथ ही उनके पूरे शरीर का वजन मेरे ऊपर आ गया था। मैं उनकी बॉडी से दब चुकी थी उनकी जांघें भी काफ़ी मजबूत थीं वो एक पहलवान मर्द थे आखिर थे तो पुलिसवाले ही। थोड़ी देर तक पापा जी मेरे ऊपर वैसे ही पड़े रहे। फिर उन्होंने मुझसे पूछा- अब दर्द कुछ कम हुआ? मैं कुछ बोली नही बस सर हिला दिया।

 

उन्होंने फिर से अपनी गांड हिलाई और पूरी ताकत से पूरा लंड मेरी चुत में घुसेड़ दिया। लेकिन इस बार मुझे बहुत ज्यादा तेज दर्द हुआ ऐसा लग जैसे मेरी सांसे रुक जाएगी।  फिर वो करीब 2 मिनट ऐसे ही पड़े रहे। और फिर धीरे धीरे चोदने लगे। कुछ धक्कों के बाद मुझे भी चुदने में मज़ा आने लगा। पापा जी समझ गए थे कि अब मुझे मज़ा आ रहा है तो वो अपनी गांड और जोर जोर से हिलाने लगे और मुझे ताबड़तोड़ चोदने लगे। अब मैं भी पूरे मजे में चुदवा रही थी। चुदाई का आनंद मुझे पहली बार मिल रहा था और मैं पागल हुए जा रही थी। सच में मुझे मज़ा तो बहुत आ रहा था लेकिन शर्म भी आ रही थी। क्योंकि मैं एक अपने से तिगुने उम्र के मर्द से चुद रही थी। वो भी मेरे जीजू के पापा से। मतलब अपने ससुर से।

 

करीब 15 मिनट तक मुझे चोदने के बाद पापा जी का शरीर ऐंठने लगा। और उनकी लन्ड से ढेर सारा वीर्य मेरी चुत में गिरने लगा। फिर वो हाँफते हुए मुझपर पसर गए। मैं भी 2 बार झड़ चुकी थी। 5 मिनट बाद वो अपना लंड मेरी चुत से निकाल लिया। और फिर मैं भी उठी और देखी कि मेरी चुत से खून निकल रहा था। मैं खून देख कर रोने लगी। तो उन्होंने मुझे समझाया कि ये सामान्य सी बात है कुंवारी लड़कियों की चुत की सील टूटने के कारण ऐसा होता है। पहली बार की चुदाई का ये मजा है। और अब तुम पूरी तरह से एक औरत बन चुकी हो।

 

फिर उन्होंने मेरी पैंटी से ही मेरी चुत को साफ़ किया। उसके बाद मुझे पेशाब लगी, तो मैं उठ कर जाने लगी। फिर हम दोनों साथ मे वाशरूम गए। और पेशाब करते हुए एक दूसरे को देखे।

बूढ़ा लन्ड जवान चुत

फिर उन्होंने शराब का 2 पैग बनाया और मुझे भी दिए मैं मना कर रही थी लेकिन फिर मैं भी शराब पी। शराब के नशे ने फिर से हमदोनों को गर्म कर दिया।  और उस रात हम दोनों ने 2 बार चुदाई का मजा लिया। मैं और चुदना चाहती थी लेकिन पापा जी दूसरी बार चोदने के बाद सो गए। फिर सुबह हम चुदाई किए। मैं पोर्न मूवी देखती थी तो मैं ही अलग अलग स्टाइल में चोदने को बोली। पूरी रात हम एक दूसरे के बांहो में नंगे ही सोए। अगले दिन हमने पूरे दिन सेक्स किया। मैं दिल्ली में।1महीने तक रही और लगभग हर रोज 2 से 3 बार चुदाई किया। पापा जी ने कई बार मेरी गांड भी मारी।

 

दोस्तो, मुझे पापा जी से चुदने में बहुत मज़ा आने लगा था। इसलिए मैंने आज तक किसी लड़के को अपना बॉयफ्रेंड नहीं बनाया। बल्कि मैं किसी ना किसी बहाने दिल्ली जाती हूँ या पापा जी मेरे घर आते हैं और हम चुदाई करते हैं। पापा जी बहुत सेक्सी हैं। और हब हम फ़ोन सेक्स भी बहुत करते हैं।

हमें उम्मीद है कि आपको हमारी कहानियाँ पसंद आयी होगी और हम आपको बेहतरीन सेक्स कहानियां प्रदान करना जारी रखेंगे ।

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तो आप सब अपना ख्याल रखिएगा। कोविड का सिचुएशन है तो अपना विशेष ख्याल रखिएगा। नमस्कार।

 

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