स्वामी का जादुई फार्मूला

कभी कभी अंगूर को बस चाहिए होता है लंगूर

चेन्नई के पास एक छोटे से शहर में रहता था स्वामी, शारीरिक रूप से बड़ा ही दुबला पतला और कमज़ोर।स्वामी लोगो की नज़रो में आना कम ही पसंद करता था क्युकी सभी उसका काफ़ी ज़यादा मज़ाक बनाया करते थे।शहर में उसे समझने वाली बस एकही लड़किथी,  मिनमा।

मिनमा बहुत खूबसूरत थी, उसका शरीर मखमकी तरह मुलायम था, होंठ तीखे लाल,  भूरी आँखे और चूचियाँ मानो जैसे दूध से भारी हुई थी, जबकि वह बस 19 बरस की ही थी।इस राज़ के पीछे की सचाई वैसे थी बड़ी मज़ेदार।पड़ोस के गांव से हर इतवार कोनागपा नाम का एक पहलवान मिनमा और स्वामी के गांवकुश्ती खेलने आता था।एक साल पहले की बात है, मिनमा कुश्ती का खेल देखते देखते पहलवान पर लाटू होगई थी और जब पहलवान को इस बात की भनक लगी की एक खूबसूरत सी लड़किउसपर लाटू है, उसने इस बात का पूरा फायदा उठाया और छुप छुप कर अखाड़े के पीछे मिनमा की जम कर चुदाई करने लगा।कुछ ही महीनों में मिनमा का साइज पहले हुआ डबल और आज की तरीक में चार गुना बढ़ चूका है।

इसी बात से परेशान मिनमा के माता पिता आपस में चर्चा कर रहे है, “तुम्हे ज़रा भी ख्याल है की बेटी अब सयानी होगई है।कोई अच्छा सा लड़का देख कर उसकी शादी की बात क्यों नहीं चलाते तुम।“

“तुम्हे पता तो हैलक्ष्मी की में पूरी कोशिश कर रहा हु , पर कम्बख्त येलोगो कीअनाब शनाबबातेहमारी बेटी के खिलाफ, मेरे सारे प्रयास पर पानी फेर देते है।“

“ बातें तो मैंने भी सुनी है, इसीलिए अब और देरी नहीं होनी चाहिए, मिनमा की शादीइसी महीने हो जानी चाहिए।“

“ वैसे वह है कहां? घर में तो कहीं नजर नहीं आ रही। “

वैसे आज कुश्ती काकोई match नहीं था, लेकिन पहलवानमिनमा से मिलने खास आया हुआ था।उसने अपने दोस्त की खाली मकान में मिलने की पूरी तैयारी कर रखी थी।चुपके से घर से निकल कर, मिनमा पहलवान से मिलने आ गई थी।

“ वाह! मिनमा रानी, क्या जच रही हो इस पीले रंग में।अब जल्दी से पास आ जाओ, और सब्र नहीं होता।“

मिनमा जाकर पहलवान के गले लग गई, पहलवान ने कसकरउसे अपनी बाहों में भर लिया और उसकी फोटो और बदन को अच्छे से चूमने लगा।मिनमा भी उस बलवान शरीर परअपनी उंगलियां फिर रही थी, और आंखें बंद करउन एहसासों को महसूस कर रही थी।अचानक पहलवान नेमिनमा का ब्लाउज खोल दियाऔर उसकी जूतियां दुबक कर बाहर आ गई, उन्हें देखकर पहलवान को मानो जैसे नशा चढ़ा और वहमिनमा के निप्पलचूसते हुए, चूचियों कोजोर जोर से दबाने लगा।मिनमा मजे से कराह उठी, वह पहलवान के बालों को खींच रही थी और उसके चेहरे को अपनी चुचियों के बीच दबा रही थी।

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पहलवान में चोदने का जोश बढ़ गया और उसने अपनी लूंगी को खोल दिया, पहलवान का लैंडकाफी बड़ा थालेकिन 19 वर्ष की छोटी उम्र में भी, मिनमा पहलवान का वह लैंड आसानी से अपनी चूत में ले लेती थी।पहलवान नेमिनमा की दोनों टांगों को अपने कंधों परडालाऔरपहले अपना लंडउसकी चूत परमसल ने लगा, मिनमा की चूत गीली हो रही थी और जॉब को काफी गर्म हो गईतो पहलवान ने धीरे से अंदर डालने की शुरुआत की।

मज़े से मिनमा की आंखें बंद हो गई और उसने अपने होठों को अपने दांतो के बीच काट लिया।अपनी दोनों मोतियों को बंद करके, वह जमीन पर पीट रही थी, जैसे-जैसे पहलवान का लैंड उसकी चूत के अंदर बहारहो रहा था।जब दोनों मेंआग अपने चरम पर थीतबमिनमा ने पहलवान से लेटने के लिए कहा और वह पहलवान के ऊपर आ गई, अपनी दोनों टांगों को फैला करमिनमा ने पहलवान का लैंड दोबारा अपनी चुत में ले लियाऔर मजेसे  से ऊपर नीचे फुदकने लगी।मिनमा जोर-जोर से चिल्ला रही थी और पहलवान की कमर पकड़कर उसे सहारा दे रहा था।मिनमा की चूत ने पानी छोड़ दियालेकिन पहलवान अब भी टस से मस नहीं हुआ था, उसने मिनमा को अपने लंड के पासझुकाया और चूसने के लिए कहा।मिनमा जोर-जोर से पहलवान कालंड चूसने लगीऔर हिलाने लगी और बस कुछ ही पलों में पहलवान झड़ गया।पहलवान की सफेदी की बौछार, मिनमा के गोरे जिस्म पर पूरी तरह से फैल गई।

दोनों इस बात से पूरी तरह अनजान थे कि, स्वामी की आंखें छुप-छुपकर उनका यह नजारा टूटी खिड़की से देख रही थी।

चुदाई ख़तम होने के बाद, मिनमा जल्दी से वहा से निकली घर के लिए तब रास्ते में स्वामी ने उसका रास्ता रोका, “मिनमा कहा से आ रही हो तुम? “

“स्वामी अच्छा हुआ तुम मुझे मिल गए, देखो अगर मेरे घर वाले पूछे की में कहा थी तो तुम उन्हें बताना की में तुम्हारे साथ पढ़ाई कर रही थी।मेरे लिए तुम ऐसा करोगे ना स्वामी।“

“हाँ मिनमा तुम्हारे लिए तो में कुछ भी कर सकता हु, लेकिन… “

“लेकिन क्या? “

“मिनमा मुझे पता है तुम उस दूसरे गांव के पहलवान के साथ क्या क्या करती हो, मेने तुम दोनों को कही बार देखा है, में चाहता हु की तुम थोड़ा सा मेरे साथ भी करो।“

“आइओ स्वामी, तू तो बाड़ा कमीना निकला रे।वैसे में जो पहलवान के साथ करती हु तू जानता भी है उसके लिए किस चीज की सबसे ज़यादा ज़रूरत है? “

“नहीं, लेकिन तुम मुझे बताओ, जो वह तुम्हे दे सकता है, में उससे कही गुना बेहतर दूंगा। “

“अच्छा? तू अभी बच्चा है स्वामी, लेकिन फिर भी तेरी ज़िद्द पूरी करने के लिए देखते है क्या छिपा हुआ है इन हडियो के बिच।“

मिनमा अपने घर के पीछे बने बगीचे में स्वामी को ले गई और उसकी लुंगी खोल दी।नज़ारा देख कर मिनमा हैरान थी, स्वामी के पास भी पहलवान जैसा ही मोटा और तगड़ा लंड था।मिनमा की आँखे चमक उठी और उसने स्वामी को पीछे के रास्ते से रात में अपने कमरे में आने के लिए कहा।

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स्वामी पुरे दिन मिनमा के सपने देखता रहा और जब रात हुई तो पलंग तोड़ने बिलकुल वक़्त पर पहुँच गया।मिनमा अपने बिस्तर में नंगी ही लेटी हुई थी और स्वामी की आवाज़ सुनकर उसने कहा, “छुप चाप मेरे बिस्तर के अन्दर चले आओ।स्वामी ने अपनी लुंगी खोल दी और अपना खड़ा लंड लिए बिस्तर में घुस गाया।मिनमा ने स्वामी को अपनेऊपर चढ़ा लिया क्युकी वहा शारीरिक रूप से ज़यादाबलवान थी, लेकिन स्वामी के दिमाग़ में कोई और खेल था।वह जल्दी से मिनमा की झंगो के पहुचा और अपनी लम्बी जीब के कमाल से मिनमा की रसीली चुत को ऊपर से नीचे तक माज़े से चाटने लगा।मिनमा ने ऐसा मज़ा तो पहले कभी महसूस नहीं किया था, “ये क्या कमाल कर रहे हो तुम स्वामी बाड़ा माझा दे रहा है।“

“हाँ मिनमा तुम बस माज़े उठाओ।“

स्वामी ने मिनमा की चुत ही नहीं बल्कि उसकी गाँधी के छेद को भी अच्छे से चाटा, जिसकी वजह से मिनमा पानि पानी होगई थी।“स्वामी अब और देर मत कर, चल जल्दी से अपने लंड की ताकत बता दे मेरी चुत को।स्वामी मिनमा के ऊपर आगया और अपना लम्बा लंड उसने मिनमा की चुत पर रखा।चुत काफ़ी गीली थी इसीलिए लंड को अपने आप खाने लगी।स्वामी ने बस फिर हलके से ढाका दिया तो पूरा का पूरा लंड अंदर चला गया।मिनमा की ज़ोर से चीक निकल गई और उसके अम्मा और अप्पा जाग उठे।

वह तुरंत मिनमा के कमरे में आये,  तब तक मिनमा ने स्वामी को अपने पलंग के नीचे छुपा लिया था।“नालायक लड़कि, कौन आया था यहाँ? “

“कोई नहीं आपा, जाओ आप लोग जाकर सोजाओ।बस एक बुरा सपना देखा मेने।“

जैसेही वह दोनों कमरे से निकले, स्वामी भी बहार निकला और मिनमा के मुँह में कपड़ा ठूस कर उसने जम कर मिनमा की चुदाई की।सारी रात स्वामी का लंड मिनमा को बहुत खुश करता रहा और सुबह दोनों थके हरे सोगये।दिकत ये थी की अम्मा और अप्पा जो सुबह जल्दी उठ कर अपने काम काज में लग जाते थे उन्हें भी ये नज़ारा दिखने वाला था।जैसे ही उन्होंने स्वामी को मिनमा के साथ देखा, उन्होंने जादू से दोनों की पिटाई की और स्वामी को वहाँ से भगा दिया।वही मिनमा को कमरे में बंद कर दियाऔर उसकी शादी जल्द से जल्द करवाने की तैयारियों में जुट गए।

तकरीबन 4 साल बाद, मिनमा की शादी काफ़ी अच्छे घर में हो चुकी थी और स्वामी का राज़ बस उसी के दिलमें रह गया था।एक दिन जब मिनमा मइके आई तो उसने देखा की काफ़ी कुछ बदल चूका था, न चाहते हुए भी कही ना कही मिनमा की नज़रे स्वामी को ढूंढ रही थी।

अगले दिन सुबह जब वह पानि भरने गई तो उससे उसकी पुरानी सहेलियां मिली जिनसे बात करने के बाद मिनमा को पता चला की स्वामी अब भी वही अपने पुराने घर में ही रहता हैऔर किसी से भी मिलता जुलता नहीं।मिनमा को उसपर बहुत दया आई और उसने अपनी सहेलियों को स्वामी का राज़ बता दिया।सभी लड़कियां हैरान थी ये बात सुनकरऔर इस बात का विश्वास करना उनके लिए आसान नहीं था, इसीलिए मिनमा ने कहा, “आज में तुम लोगो को खुद दिखाउंगी इस स्वामी का कमाल।“

मिनमा और उसकी सहेलियां सभी स्वामी के घर पहुचे, बाकि सारी लड़कियां घर के इर्द गिर्द छुप गई और मिनमा स्वामी से मिलने घर के भीतर गई।स्वामी ने जैसे ही मिनमा को देखा, उसे अपनी आँखो पर विश्वास नहीं हुआ।मिनमा का खूबसूरत शरीर अब और भी मांसल, आकर्षित होगया था।स्वामी का दिल जितना खुश था मिनमा को देख उतनी ही छलांग उसका लंड भी लगा रहा था।मिनमा ने हालचाल को देख अपना पल्लू गिराया और स्वामीके पास जा कर खड़ी रही, स्वामी ने उसके कपडे निकले और सारे बदन को चूमते हुए स्वामी ने मिनमा को बिस्तर पर लेटा दिया।स्वामी और मिनमा कोऐसे देख करगांव की बाकी औरतों से रहा नहीं गया और वह सारी की सारी अपने कपड़े खोलकर स्वामी और मिनमा के सामने आ गई।ऐसा नजारा देखकर स्वामी बहुत ज्यादा हैरान था, पहले तो वह घबरा गया लेकिन मिनमा ने उसे आश्वासन दिया कि वह सारी औरतें वहां बस स्वामी से चुदवाने आई थी।अपनी किस्मत का तारा इस तरह चमकता हुआ देख स्वामी ने मौके पर चौका मारा और सभी औरतों के साथ रासलीला बनानी शुरू कर दी।

दो औरते झुक कर स्वामी का लंड चूस रही थी और मिनमा अपनी जीब से स्वामी की जीब को टटोल रही थी।स्वामी के हाथ मिनमा की चूचियों को दबा रहे थे।स्वामी ने कुछ पल बाद अपनी ऊँगली मिनमा की चुत में दाल दी और उसे अंदर बहार करते हुए मिनमा को काफ़ी ज़यादा मज़े देने लगा ।तब सारी औरतों ने मिलकर स्वामी को लेटा दिया और एक एक कर उसके लंड पर बैठने लगी।खुली आँखो से अनोखा ख्वाब सा नज़ारा देख स्वामी मज़े से रसीली चुत मार रहा था।मिनमा ने अचानक औरतों को रोका और उन्हें कहा, “तुम लोग इस तरह स्वामी से रोज़ रोज़ चुदवा सकते हो लेकिन में कल अपने गांव चली जाउंगी।स्वामी को आज पहले बस मेरी चुत में झड़ने दो, उसके बाद तुम सारे माज़े उठा लेना।मिनमा जल्दी से अपनी गीली और बालो वाली चुत खोल कर स्वामी पर चढ़ गई।स्वामी के मोटे लंड ने मिनमा को जम कर चोदा और चुत के अंदर ही झड गया।

एक वो दिन था और एक आज का दिन है, स्वामी अब एक स्वामी जी के भैंस में बहुत सी गांव की कन्याओ का भला कर चूका है और कभी कभी, मिनमा भी आशीर्वाद लेने आजाती है।

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सुक्रिया |

 

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