रैली में गर्म हुई आंटी की चुत

आज मैं आपको बताऊंगा की रैली में मिली एक हसीन खूबसूरत आंटी ने मुझसे कैसे मजे ली। और अपनी चुत की भड़कती आग पर मेरे लंड का पानी डाला। कैसे मैंने आंटी को पटाया या ये कहें कि आंटी ने मुझे कैसे फंसाया और फिर रैली से शुरू हुई मोहब्बत की ज्वालामुखी उनकी बेडरूम तक पहुँच गया।

 

तो देर ना करते हुए। मैं अपना संक्षिप्त परिचय देता हूँ। मेरा नाम साहिल वर्मा है मैं एक बड़े राजनीतिक पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता हूँ। मेरा होम टाउन गोरखपुर है।

 

रैली में मिली वंदना आंटी की चुदाई कि कहानी

 

ये कहानी है मेरे और रैली में मिली एक आंटी की। आंटी का नाम वंदना है। वो गजब की खूबसूरत और सेक्सी महिला हैं।  उनका फिगर 36-30-40 है। हां दोस्तों उनकी 40 इंच की गांड जब चलते समय थिरकती है तो बच्चे बूढ़े सबके लंड में उबाल जाता है। आंटी भी मेरी ही पार्टी की नेता हैं। उनका शहर में बड़ा धाक है। बड़े बड़े लोगों के साथ उठना बैठना। जबरदस्त राजनीतिक पकड़ के कारण पुलिस प्रशासन भी उनसे कांपती है। कोई भी काम चुटकियों में करा देती हैं। इसी कारण उनके पास अथाह धन दौलत भी चुका है।

 

ये वाकया उत्तर प्रदेश की 2017 विधान सभा के चुनाव समय का है। राजनीतिक सरगर्मी पूरे उफान पर थी। और सभी कार्यकर्ताओं का मनोबल भी सातवें आसमान पर था।

 

तो उसी दौरान मेरे विधानसभा गोरखपुर में  मेरे पार्टी के एक बड़े नेता की रैली थी। हजारों की संख्या में भीड़ जुटी हुई थी। और मुझे अपने क्षेत्र का नेतृत्व मिला था। मतलब मुझे अपने क्षेत्र के लोगों को सक्रिय कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में रैली में लोगों को लेकर जाना था। 60 4व्हीलर गाडियों की जिम्मेदारी भी मुझे मिल चुकी थी।

 

रैली के दिन रोड पर जगह नही थी। बहुत ट्रैफिक थी और मैं सभी गाड़ियों में लोगों को बैठाकर रैली स्थल की ओर रवाना कर दिया। और अंत मे मैं भी पहुँचा। मेरे गले मे पार्टी का एक बैज लगा हुआ था।

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मैं इधर उधर टहल के खचाखच भीड़ में लोगों को देख रहा था। तभी मेरी नजर एक खूबसूरत महिला पर पड़ी जिसके बाल छोटे थे, सर पे गॉगल्स लगा हुआ था और ब्लैक रंग की साड़ी में उनका गोरा रंग चमक रहा था। वो किसी अप्सरा की तरह खूबसूरत लग रही थी। मैं तो देखता ही रह गया।

 

फिर मैं उसके पास गया और हाथ जोड़कर नमस्ते किया। वो भी बड़े विनम्रता से हाथ जोड़कर नमस्ते की। फिर मेरे से नाम और कहा रहते हो जैसे नॉर्मली बातें की। बातों ही बातों में मैने कहा कि मैम आप बहुत खूबसूरत हो, और ये ब्लैक रंग की साड़ी आप पर बहुत अच्छी लग रही है। फिर वही पड़ी चेयर पर हमदोनो बैठ गए और बातें करने लगे। मेरा निगाह बार – बार उनकी गोल और बड़ी – बड़ी कड़क चुचियों पर जा रहा था। वो भी नोटिस कर रही थी। और मुस्कुरा दे रही थी। हजारों की संख्या में भीड़ खचाखच भरा हुआ था लेकिन उनसब का परवाह किये बिना हम दोनों एक दूसरे में मशगूल थे।

 

फिर वो बोली की साहिल यहाँ बहुत गर्मी लग रही है। तो मैंने भी कहा कि हां मैम सच मे बहुत गर्मी है। तो वो बोली कि मैं जा रही हूँ बाहर कही फ्रेश हवा लेने। अगर तुम चलना चाहो तो चल सकते हो। मैं भी तैयार हो गया और उठ कर चल दिया। थोड़ी दूर पर एक पेड़ था हम वहाँ गए और पेड़ के नीचे बैठ के बातें करने लगे।

 

बातों बातों में मुझे पता चला कि ये वही वंदना मैडम हैं जिनकी हनक पूरे शहर में है। मैंने नाम तो सुन रखा था लेकिन देखा नही था।

 

फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम्हारी शादी हो गई है

 

मैं- जी मैम मेरी शादी हो गई है

 

वंदना- बच्चे?

 

मैं- बच्चे नही हैं मैम

 

वंदना- अच्छा। कब हुई तुम्हारी शादी

 

मैं- मैम मेरी शादी को 4 साल हो गए

 

वंदना- ओह लेकिन फिर भी अभी तक बच्चे नहीं है। क्यों?

 

मैं- मैम वो क्या है कि मेरी वाइफ ज्योति को थायरॉइड की प्रॉब्लम है इस वजह से बच्चा रुकता नही है। और अगर रुकता भी है तो महीने 2 महीने में अपने आप मिस कैरेज हो जाता है।

 

वंदना- यह तो बहुत दुख की बात है।

 

वंदना मेरी निजी जिंदगी में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी ले रही थी।

 

वंदना – तो क्या ज्योती का थॉयरॉइड का इलाज चल रहा है

 

मैं- हां इलाज तो पिछले 3 साल से कंटिन्यू चल रहा है।

 

वंदना अब काफी खुल के बात करने लगी। और मेरे सेक्स लाइफ के बारे में पूछने लगी।

 

वंदना- साहिल एक बात पूछे

 

मैं- जी मैम पूछिए ना

 

वंदना- मैंने सुना है कि जिन औरतों को थाइरॉइड का प्रॉब्लम होता है वे काफी सुस्त रहती हैं। मतलब सेक्स में ज्यादा एन्जॉय नही करती हैं। ना ही सेक्स के लिए जल्दी तैयार होती हैं। क्या ये सच है

 

मैं- जी मैम ये सच है

 

वंदना – तो क्या तुम्हारी वाइफ भी ऐसी ही है। वो भी सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी नही दिखाती? तुम्हारी सेक्स लाइफ कैसी है?

 

मैं थोड़ा शर्मा गया और चुप रहा , तो वो फिर से बोली कि शर्माओ मत तुम बताओ जो सच है। अपनी प्रॉब्लम शेयर करने से मन हल्का होता है।

 

मैं – जी मैम ज्योति कभी भी सेक्स के लिए तैयार नही होती, उसका तो सेक्स करने का इच्छा होता ही नहीं है। और मैं जब पहल करता हूँ तो बड़ी मुश्किल से तैयार होती है। लेकिन बिल्कुल बेमन से।

 

वंदना- ओह माय गॉड। तो फिर तुम कैसे रह लेते हो। इस उम्र में तो सेक्स की बहुत चाहत होती है। हर दिन कई बार मन सेक्स करने के लिए तैयार हो जाता है।

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फिर कुछ देर हमारे बीच खामोशी रही। फिर वंदना ने ही बोला। तो मतलब तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड भी होगी। जिसके साथ तुम अपनी सेक्स डिजायर को शांत करते होगे। मैं वंदना की इतनी सेक्सी बातें सुनकर पुरा गर्म हो गया। और मेरा लंड पैंट के अंदर ही खड़ा हो गया। मैं फॉर्मल पैंट पहना हुआ था जिसमे लंड का उभार साफ दिखने लगा था। तो वंदना की नजर जैसे ही मेरे लंड पर पड़ी वो मुस्कुरा दी। और बोली लगता है तुम एक्साइट हो रहे हो। मैं शर्मा गया और चुप ही रहा। फिर वंदना बोली की तुमने बताया नहीं क्या तुम्हारी गर्लफ्रेंड है।

 

मैंने कहा नहीं मैम मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। अब तक मैं भी थोड़ा खुल चुका था और मैंने भी पूछ लिया

 

मैं- मैम आपके हस्बैंड क्या करते हैं?

 

वंदना-  मेरे हस्बैंड दुबई में रहते हैं। वो वहाँ एक कम्पनी में मार्केटिंग मैनेजर हैं।

 

मैं- और आपके बच्चे?

 

वंदना- मेरी एक 19 साल की बेटी है जो अमेरिका में पढ़ती है।

 

मैं- मैम आपकी शादी लव मैरिज थी या अरेंज मैरिज

 

वंदना- मेरे मम्मी-पापा अपनी पसंद के लड़के से 19 साल की उम्र में ही मेरी शादी कर दिए थे। और शादी के एक साल बाद ही मेरी बेटी पूजा का जन्म हो गया था।

 

मैं – आपके हस्बैंड कितने दिनों में घर आते हैं

 

तो वंदना उदास हो गई और करीब 30 सेकंड रुकने के बाद बोली। कि मेरे हस्बैंड का जॉब मार्केटिंग से रिलेटेड है इसलिए उन्हें छुट्टी नही मिलती, वो साल में या 6 महीने में एक बार 15 दिन या एक महीने के लिए आते हैं। वंदना के खुल के बात करने से अब मेरा भी हौसला बढ़ गया था तो मैंने भी पूछ लिया।

 

मैं- मैडम जब सर साल भर तक आपसे दूर रहते हैं तो आप सेक्स की इच्छा कैसे शांत करती हैं? आप भी तो अभी बिल्कुल जवान हैं, देखने मे बिल्कुल 25, 30 साल की लगती हैं। मेरी इस बात से वो खुश भी हुई और उदास भी। फिर वो बोली, हां मेरा भी सेक्स करने का बहुत मन होता है लेकिन क्या करें, इच्छाओं को दबाना पड़ता है।

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मैं- मैम आप किसी से अफेयर क्यों नहीं कर लेतीं

 

वंदना – नही मैं ऐसा नही कर सकती। चाहे कुछ भी हो मैं अपने हस्बैंड को धोखा नही देना चाहती।

 

इनसब बातों ने मेरे लंड में और उफान ला दिया था। और मेरा लंड ऊपर नीचे हो रहा था। जिस पर वंदना का बार – बार निगाह जा रहा था। और उसकी बातों और चेहरे की एक्सप्रेशन से साफ झलक रहा था कि अब वो भी गर्म हो चुकी है। फिर वंदना बोली कि गर्मी यहाँ भी बहुत लग रही है। चलो गाड़ी में चलते हैं AC चला लेंगे और बातें भी होती रहेगी। फिर हम उठे और जाने लगे। तो मेरे लंड का उभार पैंट के अंदर साफ दिखाई दे रहा था। वंदना ने देखी और मुस्कुरा दी।

बाकी का हिस्सा अगले भाग में पढ़िए। की कैसे मैं वंदना आंटी के घर जाकर उसकी चुत की चुदाई की।

 

तो मिलते हैं रैली में गर्म हुई आंटी की चुत के अगले भाग – 2 में।

 

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