बहन और भाई की चुदाई की कहानी

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बिमार बहन को भाई का लंड और चुदाई का सुख मिला।

मेरे सभी साथियों और https://nightqueenstories.com के सभी प्यारे पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। कैसे हो दोस्तों, मुझे पूरी उम्मीद है आपसब अच्छे होंगे। दोस्तों मेरा नाम रमण है और मैं मूलरूप से बिहार के बेतिया का रहने वाला हूं। लेकिन पिछले 26 साल से हम पठानकोट में रह रहे हैं, हमारा कपड़ो का मिल है। पापा का कारोबार अच्छा चलता है।

मैं एक अपर मिडिल क्लास से हूं। मेरे पापा का बिजनेस है। मॉम हाउसवाइफ हैं। मेरे घर में हम 4 लोग हैं, मॉम डैड के अलावा मैं और मेरी बड़ी बहन प्रतिमा है। प्रतिमा मुझसे 3 साल बड़ी है। हमारे घर में सभी लोग सुंदर हैं। और मेरी मॉम और मेरी बहन तो हद से ज्यादा गोरी और सुंदर हैं। हमदोनो भाई बहन पढ़ाई में अच्छे हैं और कभी फेल नहीं हुए। मेरी दीदी मुझे 2 क्लास सीनियर थी तो वह 12वी के बाद दिल्ली जाने का फैसला की और जेएनयू में एडमिशन ले ली। और हॉस्टल में रहने लगी। इधर 2 साल बीत गए और मेरा भी 12th कंप्लीट हो गया। तो मैं भी दिल्ली जाने का फैसला किया तो मॉम डैड तैयार हो गए और फिर मैं भी जेएनयू में एडमिशन ले लिया। लेकिन मेरे पापा चाहते थे की मैं हॉस्टल के बजाए बाहर रहूं, क्योंकि उन्हें जेएनयू के हॉस्टल का आबोहवा पसंद नहीं था। तो फाइनली पापा डिसाइड किए की वो एक फ्लैट दिल्ली में ले रहे हैं और हम दोनो भाई बहन वहीं रहेंगे। और फिर दिल्ली में पापा फ्लैट ले लिए।

बहन दवा से नहीं बल्कि अपने भाई के लंड के इंजेक्शन से ठीक हुई भाई बहन की ताबड़तोड़ चुदाई

चुकी मेरी दीदी फाइनल ईयर में पहुंच चुकी थी और उसका इरादा पीजी के बाद पी एच डी करने का था तो दीदी और हम अपने फ्लैट में शिफ्ट हो गए। जब हम इस नए फ्लैट में रहने आए तो वहां पर हमारी जरूरत का हर सामान पापा ने लेकर रख दिया था। मेरा और प्रतिमा दीदी का अलग-अलग बेडरूम था। चुकी यह फ्लैट 3बीएचके था तो कोई प्रोब्लम नही होने वाला था। एक रूम पापा और मॉम के लिए भी था की कभी कभी वे आएं तो आराम से रह सकें। हॉल के अन्दर टीवी, सोफा भी था, और किचन में भी सब कुछ सैट हो गया था। पूरा घर साफ और खूबसूरत सजाया हुआ था। हमे यहां रहने में बहुत अच्छा लग रहा था। चुकी दीदी को खाना बनाना आता था इसलिए वह खाना बना लेती थी। मेरी और प्रतिमा दीदी की बहुत अच्छी बनती थी, हम एक दोस्त की तरह थे लेकिन कभी कोई गलत विचार या नजरिया नहीं था।

फिर अचानक एक दिन प्रतिमा दीदी की तबीयत खराब हो गई, मैं दीदी को हॉस्पिटल लेकर गया और दवा दिलवा कर घर आ गए। आते समय मैं एक जगह टैक्सी रोकवाकर जूस और कुछ फ्रूट ले लिया था। तो घर आने के बाद मैं जूस को थोड़ी देर फ्रीज में रख दिया और थोड़ा ठंडा होने के बाद दीदी को जूस पीने के लिए दिया लेकिन दीदी जूस पीने के लिए भी मना करने लगी थी। वो कुछ खाई भी नहीं थी, और खाली पेट दवा देना भी ठीक नहीं था। तो मैं जबरदस्ती उसे बिस्कुट खिलाया और एक सेव भी खिलाया और फिर जूस भी पिलाया। फिर मैंने उसे दवाई दिया और उसे आराम करने को बोला। और मां को कॉल करके बताया कि प्रतिमा दीदी की तबीयत खराब है, फिर मां ने दीदी से बात की। और वो आने बोली तो दीदी मना कर दी की पापा वहां अकेले हो जायेंगे मैं ठीक हूं और भाई यहां है ही। फिर मां ने मुझसे कहा कि तुम अपने दीदी का ध्यान रखना। जब तक तबीयत सही नहीं हो जाती, तब तक मां ने हम दोनों को कॉलेज जाने से मना कर दिया, तो मैं बोला ठीक है।

फिर मैंने दीदी से कहा की दीदी तुम आराम करो, अगर कुछ चाहिए हो तो मुझे कॉल करना या आवाज दे देना। और फिर मैं अपने रूम में आ गया। फिर मुझे कब नींद आ गया पता ही नही चला। शाम 5 बजे मेरा नींद खुला तो देखा दीदी सो रही है, फिर मैं चाय बनाया और दीदी को जगाया और चाय दिया। तो दीदी भावुक हो गई और थैंक्यू बोली। तो मैंने कहा दीदी इसमें थैंक्यू की क्या बात है, तुम भी तो रोज मुझे चाय पिलाती हो, खाना बनाती हो मेरे कपड़े वाश करती हो, तो आज तुम्हारी तबीयत खराब है तो मैं इतना तो कर ही सकता हूं। इतना बोल कर मैं उसके पास ही बिस्तर पर ही बैठ गया। और मैंने उससे पूछा, अब कैसी तबीयत है? दीदी ने बताया की बहुत ज्यादा आराम नही है मेरे शरीर में अभी भी बहुत दर्द है। मैंने उससे कहा एक खुराक और दवा खाने के बाद शायद अच्छा लगे। तो वो बस हां में सर हिलाई और चुप रह गई। मैं समझ रहा था उसे बहुत तकलीफ हो रही है लेकिन मेरे परेशान होने की वजह से बोल नहीं रही है।

फिर शाम हो गई और रात का खाने के लिए मैं उससे पूछा तो वो बोली मेरा खाने का मन बिल्कुल नहीं है, तो मैं बोला की दवा के लिए खाना तो पड़ेगा ना और ऐसे कमजोरी भी आ जाएगी इसलिए बोलो क्या ऑर्डर करूं तो वो बोली सिंपल कुछ ऑर्डर कर दो लेकिन मैं बहुत थोड़ा खाऊंगी। तो मैं सिंपल खाना ऑर्डर कर दिया।

फिर रात 8 बजे खाना खाने के बाद मैंने दीदी को दवाई खिलाया और कहा की अब तुम आराम करो, और मैं जाते-जाते उससे कहा कि कुछ काम हो तो फोन करना या फिर आवाज लगा देना मैं आ जाऊंगा। फिर वो ठीक है बोली और मैं हाल में आ गया और टीवी देखने लगा। फिर दीदी आवाज दी की अभी तक सोया नही क्या तो मैं बोला की दीदी मैं दिन में सो गया था, अभी नींद नहीं आ रही है, तुम्हे टीवी की आवाज से दिक्कत हो रहा है तो बंद कर देता हूं, तुम आराम से सोवो तुम्हारी तबीयत खराब है। तो दीदी ने कहा कि मेरा पूरा शरीर दुख रहा है, सर भी दर्द कर रहा है तो मुझे नींद नहीं आ रही है, दवा से अभी तक कोई फायदा नही हुआ है। तो मैंने दीदी से कहा- क्या मैं तुम्हारी कोई मदद कर सकता हूं? तो वो बोली नहीं तुम परेशान मत हो। तो मैं बोला यार दीदी यहां कोई और नहीं है तुम्हारी मदद करने के लिए बोलो मैं क्या करूं।

फिर दीदी बोली अगर तुम्हे नींद नहीं आ रही है तो मेरे पास आकर बैठो ना हम बात करेंगे तो शायद मुझे अच्छा लगे। तो मैं दीदी के पास चला गया। थोड़ी देर हम बातें करते रहे, फिर प्रतिमा दी को टॉयलेट जाना था, तो दीदी उठने लगी, लेकिन उनको दर्द से थोड़ी तकलीफ हो रही थी तो मैं सहारा दिया और उसको उठाया और बाथरूम तक लेकर गया और मैं उन्हें वहां छोड़कर वापस आ गया। थोड़ी देर बाद वो आवाज दी तो मैं ले आया और लेटा दिया। लेकिन उनकी हाव भाव से मैं समझ गया की उन्हें बहुत तकलीफ है। तो मैंने कहा दीदी अगर आपको ज्यादा तकलीफ हो रही है तो मैं आपका शरीर दबा दूं या ऑयल से मालिश कर दूं तो वो बोली की तुम परेशान मत हो दवा खाई हु ना सुबह तक ठीक हो जायेगा। लेकिन मैं बोला की आप बहुत बीमार हो मैं आपके हाथ पैर में मालिश कर देता हूं शायद आपको उससे आराम मिल जाए। फिर मैं ऑयल लेकर आया और बोला लाओ मैं मालिश कर देता हूं। और उनकी हाथ का मालिश करने लगा।

थोड़ी देर में उसे अच्छा लगा तो अब मैं उसके पैर की मालिश करने बोला और मालिश करने लगा। वह कैप्री पहनी थी जो घुटनों तक था तो मैं घुटनों तक उनका पैर का अच्छे से मालिश किया। और तब मैं महसूस किया की उन्हें अच्छा लग रहा है, फिर मैं उनका सर गोद में लेकर मालिश करने लगा लेकिन उनकी सर के टच होने से मेरा लंड बिलकुल खड़ा हो गया और फुफकारने लगा और शायद यह बात उनको भी एहसास हुआ। उन्हें अब आराम मिलने लगा था। फिर वो बोली की भाई बहुत आराम मिला, बस बॉडी में ज्यादा दर्द है। तो मैं झट से बोला की आप आराम से लेट जाओ मैं आपका बॉडी दबा देता हूं। फिर वह उल्टा लेट गई और मैं उनका बॉडी दबाने लगा। मैं उनकी बड़ी बड़ी चुटड़ों को भी दबा रहा था जिससे मुझे बहुत आनंद आ रहा था। अब मेरा लंड और ज्यादा खड़ा हो गया।

लेकिन इस दौरान मुझे लगा की दीदी भी गर्म होने लगी है, क्योंकि उसकी सांसे तेज चलने लगी थी। और शरीर ऐंठने लगी थी। फिर मैं बोला दीदी आप कपड़े उतार दो ताकि मैं आपकी पूरी बॉडी का मालिश कर दूं तो दीदी बोली ठीक है मुझे उठाओ फिर मैं उनको सहारा देकर उठाया और वो फिर बोली की तुम उस साइड देखो मैं कपड़े उतारकर तौलिया लपेट लेती हूं। फिर वह कपड़े उतार दी और लेटकर तौलिया ओढ़ ली। फिर मुझे बोली अब तुम मालिश कर सकते हो। तो मैं बोला तौलिया हटाओ तभी तो मालिश करूंगा। तो वो बोली पागल हो क्या ऐसे करो मैं कोई कपड़ा नहीं पहनी हूं। तो मैं बोला यार ऐसे कैसे होगा तो वो बोली ठीक है पहले लाइट ऑफ कर दो। और फिर मैंने लाइट ऑफ कर दी, और पूरे कमरे में अंधेरा छा गया। दोस्तों कमरे में अंधेरा और सिर्फ एक तौलिया से शरीर ढके हुए मेरी जवान कुंवारी बहन एकदम नंगी थी।

अब मैं दीदी की चूत की मालिश करने लगा और चूत में उंगली डालकर अंदर बाहर करने लगा तो वो सिहर गई

फिर मैं उनकी मालिश करने लगा। लेकिन अंधेरे की वजह से बहुत दिक्कत हो रहा था तो मैं बोला दीदी अंधेरे में कुछ दिख नही रहा कैसे मालिश करूं तो वो बोली की ठीक है अच्छा लाइट ऑन कर लो। तो मैं झट से लाइट ऑन कर दिया। और जैसे ही उसकी बदन पर मेरा नजर पड़ा मैं पागल हो गया वो बिस्तर में नंगी गजब की सेक्सी लग रही थी। उसकी गांड क्या गजब के कयामत ढा रहे थे। फिर मैं उसकी मालिश करने लगा और वो मस्ती में आने लगी। उसके बदन में मेरे हाथो की जादू ने उसे भी पागल कर दिया था। अब मैं ज्यादातर उसके गांड पर मालिश करने लगा और बार बार अपना हाथ उसकी अंदर जांघो पर फिसलाने लगा। और कभी कभी उंगलियां उसकी चूत में टच करने लगा। जिससे वो काफी ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी। और वह अब अपने पैरों को भी फैलाने लगी ताकि मेरी उंगलियां उसके चूत में अच्छे से टच हो सके। और मैं यह समझ गया। अब मैं उसकी दोनो जांघो के बीच मालिश करने लगा और अच्छे से उसकी चूत को टच करने लगा। तो उसकी मुंह से मादक सिसकारियां निकलने लगा। और अब उसकी चूत बहुत अधिक गिला हो चुका था।

उसकी चूत बिलकुल गुलाबी था। इधर मेरा भी लंड बिलकुल लोहे की तरह सख्त हो चुका था। और दीदी की सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई की सिसकारियों ने मेरा और बुरा हाल कर रखा था। अब मैं दीदी की चूत में उंगली डालने लगा तो दीदी और जोर जोर से सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई करने लगी।

मैं पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डालने लगा लेकिन अंदर नही गया तो मैं उन्हें सीधा किया और पूरा लंड डालकर जोर जोर से चोदने लगा

अब मेरे से भी रहा नही जा रहा था। और मैं समझ गया था की दीदी भी चाहती है की मैं उन्हें चोदूं। तभी मैं अपना कैप्री और बनियान उतार दिया। और दीदी के पैरों को और ज्यादा चौड़ा किया और अपना लंड उनकी चूत में डालने की कोशिश करने लगा तो दीदी सिहर गई और सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससईईईईईईसससीईईईईईई बहुत तेजी से करने लगी। लेकिन मेरा लंड सिर्फ उनकी चूत में टच हो रहा था अंदर नही जा पा रहा था।

फिर मैं दीदी को सीधा किया तो दीदी भी कोई विरोध नहीं की और मैं उनकी गांड के नीचे तकिया लगाया जिससे उनकी चूत ऊपर हो गई। और फिर मैं उनकी पैरों को अपने कंधो पर रखा और अपना लंड उनकी चूत पर लगाकर एक जोर का धक्का मारा और मेरा आधा लंड उनकी चूत में आसानी से चला गया। तो मैं समझ गया की दी पहले भी चुदवा चुकी है। और फिर एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया अब मैं जोर जोर से उनको चोदने लगा और वो जोर जोर से सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई.. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससईईईईईईसससीईईईईईई करने लगी। और नीचे से कमर उछालने लगी। अब उनको और ज्यादा मजा आने लगा तो वह खुद को रोक नहीं पाई और चिल्लाने लगी ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह हहहहह आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह सससीईईईईईई.. और जोर से चोद चोद मुझे..आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह सससीईईईईईई अपने दीदी को रंडी बना ले अपनी, और जोर से चोद.. आह फाड़ डाल मेरी चुत। आहहहहहहहहह मेरे भाई अपनी बहन को चोदकर तृप्त कर दो आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह सससीईईईईईई.. और जोर से चोद, चोद मुझे भाई.. आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह सससीईईईईईई आज मुझे रंडी बना ले अपनी .. और जोर से चोद.. आह फाड़ डाल मेरी चुत। आहहहहहहहहह मेरे राजा… चोदो जोर से……. आहहहहहहहहहहहहह पूरे ताकत से चोदो…. मेरी चुत को फाड़ डालो….. मैं भी जोर जोर से दीदी को चोदे जा रहा था। वो भी गांड उठा उठा के धक्के दे रही थी और मैं ऊपर से पूरा जोर से प्रहार कर रहा था बस कमरे में आहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहह उफ़फ़फ़फ़फ़फ़फ़फ़ आहहहहहहहहहहहहह की आवाजें गूंज रही थी। आधे घंटे की चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। और वो तो 4 बार झड़ी। उसकी सारा दर्द गायब हो गया। और उसी दिन से हमारा चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया अब तो हम दोनो भाई बहन पति पत्नी की तरह रहने लगे रोज चुदाई और रात को चुदाई के बाद नंगे एक दूसरे के बाहों में चिपक कर सोना।

तो दोस्तों कैसी लगी ये भाई बहन की चुदाई कहानी। मुझे कमेंट करके बताना और कहानी को शेयर करना मत भूलना।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “18 साल के भतीजे से ठंडी करवाई प्यासी चूत

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