बीबी की अदला बदली कर चुदाई का मजा

ये बात तब की है जब मैं ऑस्ट्रेलिया में तैनात था।

 

हेलो दोस्तों, मेरा नाम प्रियांश है। मेरी उम्र 34 साल है। मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। और मैं एक राजदूत हूँ। ये बात तब की है जब मैं मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया में तैनात था। मेरी शादी को 6 साल हो गए हैं। और मेरे 2 बच्चे भी है। मेरी सेक्स लाइफ अच्छी है लेकिन बहुत अच्छी नहीं है। मैं एक जोशीला मर्द हूँ। मेरे लंड की लंबाई 8 इंच है। शादी से पहले मैं बहुत शर्मिला और वर्जिन था। लेकिन शादी के बाद धीरे धीरे मैं बदल गया। अब मैं हर वक़्त रसभरी चूत चोदने के बारे में सोंचता हूँ। लेकिन एक ही चूत को चोद- चोदकर बोर हो चुका हूँ। सेक्स लाइफ अब नीरस जैसी लगने लगी है। मेरी बीवी मुझसे 6 साल छोटी है। परी की तरह खूबसूरत है। छरहरी काया और उसकी चमड़ी किसी अंग्रेज की तरह लाल है। और उसकी गांड तो 38 इंच के जब मटकते हैं तो देखकर सूखे लंड में भी जान आ जाती है। हमारी शादी शुदा जिंदगी मजे से कट रही थी। देश विदेश घूमना। पैसे की कोई कमी नहीं थी। लेकिन एक ही चूत को चोदते रहना बहुत बोरिंग लगने लगा। ऐसा लगता था जैसे शादी को 100 साल हो गए। इसीलिए मैं हर रोज एक नई रसीली चूत चोदने के बारे में सोचने लगा।

 

मैं एक पढ़ा लिखा और देश विदेश-घूमने वाला इंसान हूँ। मुझे बीवी की अदला बदली के बारे में पता था। मैं जानता था कि बड़े घरानों अमीर परिवारों में ये सबकुछ होता है। मैं भी पार्टियों में जाता था और देखता था कैसे लोग एक दूसरे के बीवी से मजे करते हैं। मैं भी इस बारे में सोचने लगा।

 एक दिन मैंने अपनी बीबी तान्या से इस बारे में बात की तो वो भड़क गयी। हमारे बीच 2, 3 दिन तक बात भी नहीं हुई। लेकिन फिर मैंने उसे किसी तरह मनाया और तान्या मुझसे वादा ली कि आज से ऐसी गंदी बात नहीं करोगे। मरता क्या ना करता। जो चूत मिल रही थी उससे भी हाथ धो बैठा था। लेकिन मेरे दिमाग मे ये बात चलते रहती। और मैंने एक दिन मौका पाकर एक बार फिर तान्या से ये बात बोला। पहले तो वो नाराज हो गई लेकिन पहले वो जितना नाराज हुई थी उतना नहीं हुई। फिर कुछ दिन तक  लगातार वो भी ये बात सोचती रही। वो भी तो एक लण्ड से चुदवा-चुदवा के बोर हो गयी थी।  और मैं भी एक ही चूत चोद-चोद के बोर हो गया था। मेरे दिल में ये बात हमेशा चलती रहती थी की मेरी मदमस्त बीबी अगर किसी पराये मर्द से चुदने को तैयार हो जाए तो बदले में मुझे एक नयी औरत चोदने को मिल जाए। समय बीतता गया हम बाहर घूमने जाते थे। मस्ती करते थे। लेकिन अब मैं पूरी तरह बदल चुका था। ना चाहते हुए भी मैं हमेशा एक नई नवेली चूत मारने के बारे में सोचता रहता था। मैं जहाँ कहीं भी जाता था यहाँ तक कि अपनी बीवी के साथ भी जाता था तो लड़कियों औरतों के गांड और चुचियों को आँखों से चोदता रहता था। मुझे भरी बदन की औरतें लड़कियां ज्यादा पसंद हैं। जिनके मोटे जांघ, भारी गांड। और बड़ी चुचियाँ। मैं औरतों में सबसे पहले उनके गांड को ही देखता था। और कल्पना करने लगता था कि ये नंगे होगी तो कितना हॉट लगेगी। इसकी चूत और गांड देखते ही लंड हरकत करेगा। कई बार तो औरतों को देखकर मेरा लंड कहीं भी खड़ा हो जाता था। जो साफ दिखाई देने लगता था। और ये बात दूसरों के साथ मेरी बीवी भी कई बार नोटिस कर चुकी थी।

धीरे-धीरे तान्या भी गैरमर्द से चुदने के बारे में सोचने लगी

खैर ऐसे ही सोच सोच के समय निकलता जा रहा था। लेकिन अब तान्या भी थोड़ा खुलकर बातें करने लगी थी। धीरे धीरे मेरी मदमस्त हसीन बीबी भी गैर मर्द से चुदने के बारे में सोचने लगी और मुझे अच्छा फील होने लगा।

चुकी मैं एक दूतावास में था तो मेरी जान पहचान और दोस्ती बड़े बड़े बिजनेसमैन और अमीर लोगों से था जो देश-विदेश में थे। दूतावास में काम करने के दरम्यान ही एक अमीर भारतीय बिजनेसमैन जो कि ऑस्ट्रेलिया में ही रहकर हीरों का व्यापार करता था, उससे मेरी गहरी दोस्ती हो गई थी। उसका नाम विष्णु गर्ग था, और वो 40 साल का था और सुगर का मरीज था। उसकी लव मैरिज हुई थी। तो उसकी बीवी उससे उम्र में बड़ी थी और वो 44 साल की थी। लेकिन देखने में 30 साल की जवान खूबसूरत और फिट दिखती थी। विष्णु के कोई बच्चे नहीं थे।

एक दिन उसकी बीवी की जन्मदिन थी, और वो छोटा सा पार्टी कर रहा था। लेकिन बहुत ज्यादा मेहमान को नहीं बुलाया था। उसने हमें अपने घर पर डिनर के लिए आमंत्रित किया। और हम तैयार होकर उसके घर पहुँच गए। वहां पहुँचने पर पता चला कि उसने सिर्फ हमदोनो पति-पत्नी को निमंत्रित किया था। और जब भाभीजी अंदर से हॉल में आई तो मैं तो हैरान रह गया। ब्लैक जालीदार साड़ी में क्या गजब की खूबसूरत लग रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे कोई अप्सरा जमीन पर उतर आई हो। मैं तो एकटक देखता रह गया। और ये बात मेरी बीवी नोटिस कर ली। पतली स्ट्रिप की ब्लाउज में उसकी गोरी और गुदाज बांहें देखकर मेरा तो लंड खड़ा होने लगा था। जैसे तैसे मैं नजरें हटाया लेकिन ये वाकया तान्या के साथ मेरी दोस्त की मदमस्त बीवी स्वाति ने भी नोटिस कर ली थी।

विष्णु ने मुझे बताया था कि वो कॉलेज के दिनों में बहुत बड़ा इश्कबाज था। लेकिन बिजनेस में व्यस्त रहने और फिर सुगर की बीमारी ने उसकी सेक्स लाइफ को नीरस बना दिया था। लेकिन अब भी वो चूत मारने को उतावला रहता था, हालांकि वह ज्यादा देर चोद नही पाता था। जल्दी थक जाता था।

एक दिन मैं अपनी बीवी तान्या के कुछ हॉट फोटो उसे भेजा और लिखा कि इसे खाना चाहते हो तो उसने झट से रिप्लाई किया कि जरूर। ऐसी चीज को तो भगवान भी चोदना चाहेगा। साला वो तो मेरे से भी हरामी निकला था।

विष्णु का एक्सीडेंट होना और मेरा स्वाति के और करीब जाना

एक दिन विष्णु घर से ऑफिस जा रहा था। तभी उसकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कुछ देर तो वह बेहोश था लेकिन फिर जब होश आया तो वहां मौजूद लोगों में से एक को उसने कहा कि मेरे फ़ोन में आखिरी डायल नम्बर पर बता दो। और फिर वो बेहोश हो गया। मेरे पास उसी के नम्बर से कॉल आया। तो मैं भागे-भागे गया। और मैं तभी एम्बुलेंस को भी कॉल कर दिया था। मुझे पहुचते तक एम्बुलेंस भी वहाँ पहुँच चुकी थी। फिर मैं अपनी गाड़ी वहीं खड़ा कर एम्बुलेंस में बैठकर विष्णु के साथ हॉस्पिटल गया।

विष्णु के सर पर गम्भीर चोट लगी थी। काफी खून बहा था। उसके सर में 11 टांके लगे थे। मैंने स्वाति को भी कॉल करके बता दिया था और हॉस्पिटल का लोकेशन भेज दिया था। स्वाति आते ही विष्णु से चिपक गयी और रोने लगी। डॉक्टर्स ने मुझसे उसे बाहर ले जाने को कहा। मैं स्वाति को बाहर ले गया। वो मेरे कंधों पर सर रखकर रोने लगी। मैंने स्वाति को चुप कराया उसके आँसू पोछे और उसे समझाया कि सब ठीक हो जाएगा विष्णु जल्द ठीक हो जाएगा। 10 दिन बाद विष्णु को अस्पताल से छुट्टी मिली।

विष्णु को ठीक होने में लगभग 1 महीने लगे। इस दौरान उसे अस्पताल ले जाने का काम मैं ही करता था। उसके बाद हमलोगों का उनसे रिश्ता और गहरा हो गया। मेरी बीवी तान्या भी विष्णु और स्वाति का खूब सेवा की। स्वाति और विष्णु गुजरात के रहने वाले थे। चुकी हम विदेश में थे इसलिए विष्णु और स्वाति के बहुत करीबी वहां और कोई नहीं था। इस दौरान मैं स्वाति को चोदने के बारे में सोचने लगा।

अब हमारा अक्सर एक दूसरे के घर आना जाना होने लगा। हम छुटियाँ मनाने भी साथ जाने लगे। तभी एक दिन मैंने विष्णु को एक बार फिर पुरानी याद दिलाया और उसे अपनी बीवी से बात करने और उसे राजी करने को बोला। उसने मुझसे पूछा कि क्या तान्या इसके लिए तैयार है। मैंने कहा मैं उसे मना लूंगा। फिर एक दिन विष्णु और स्वाति ने हम दोनों मियां बीवी को घर पर डिनर के लिए बुलाया। हम दोनों सही समय पर उनके घर पहुँच गए।

खाने के टेबल पर एक तरफ विष्णु बैठा था तो दूसरी तरफ मैं और तान्या। स्वाति खाना परोस रही थी। खाना परोसने के बाद स्वाति विष्णु के बगल में जाकर बैठ गई। तभी विष्णु ने बोला कि आज स्वाति प्रियांश के साथ बैठकर खाना खाएगी और तान्या तुम इधर आ जाओ। और फिर उठकर दोनों वैसे बैठ गए। हमने खाना खाया। मैंने तो स्वाति को अपने हाथों से भी खिलाया और फिर काफी रात हो गई। तो विष्णु ने कहा कि चलो अब आराम करते हैं मैंने भी कहा कि ठीक है। उसने स्वाति को कहा कि तुम जाकर प्रियांश को कमरा दिखा दो। और तब तक तान्या मेरे साथ कुछ गपशप कर लेगी।

स्वाति ने मुझे इशारा किया और हम दोनों सीढ़ियों से ऊपर जाने लगे। ऊपर पहुचकर स्वाति ने एक कमरा खोला और अंदर गयी फिर उसने मुझे अंदर आने को कहा। मैं तो हैरान रह गया था। इस पूरे कमरे में रोमांटिक और सेक्स करते हुए फोटो चारो तरफ लगे हुए थे। कमरा बहुत खूबसूरती से सजाया गया था। स्वाति ने कहा कि ये तुम्हारे लिए है। तुम्हारी पसन्द की हर चीज मौजूद है यहां। तुम जैसे चाहो उसे इस्तेमाल कर सकते हो। और वो एक आँख दबा दी। मैं समझ गया कि आज क्या होने वाला है। मैंने भी बिना देर किए बोला यहां पर जो भी चीज है सब इस्तेमाल करने की इजाजत है मुझे। वो बोली बेशक। जैसा चाहो।  और मुस्कुरा दी। मैंने भी उसे बाहों में भर लिया। और जोर से भींच लिया। वो भी मुझे कस के पकड़ ली। मैंने उसे आई लव यू बोला। उसने भी आई लव यू टू बोला।

गुलाबी साडी में स्वाति भाभी हूर की परी लग रही थी। उसकी गोल गोल चुचियों के उभरे हुए दाने ब्लाउज के ऊपर से चाकू की नोक की तरह लग रही थी। मैं ब्लाऊज़ के ऊपर से ही उनकी कड़क चुचियों को मसलने लगा। और उसे जोर जोर से किस करने लगा।  स्वाति भाभी को भी मजा आने लगा। मैंने बिना किसी संकोच के उनकी बड़ी 2 चूचियों को मसल रहा था। और वो भी मजे लेकर सिसकारी ले रही थी। उनके मुँह से आहहहहहहहहहहहहहहहह ओहहहहहहहहहहहहहह की आवाज आने लगी थी। वो जोर से सिसकारियां लेने लगी। फिर मैंने उसकी साड़ी को खोल दिया। और फिर एक ही झटके में उसकी पेटीकोट के नाड़े को खींच दिया। जिससे उसकी पेटीकोट जमीन पर गैर गई। मैं सरप्राइज हो गया। वो बिल्कुल जवान लग रही थी। उसका बदन दूध की तरह सफेद था। लाल ब्रा और पैंटी में उसकी जिस्म मानो रति लग रही थी। फिर मैंने स्वाति को गोद मे उठाया और बेड पर पटक दिया। वो बोली आहहहहहहहह हहहहहहह बेबी आराम से अब तो मैं तुमसे चुदे बिना नही जाऊंगी।

फिर मैंने स्वाति को पलट कर पीछे कर दिया, और ब्लाउज के फीते को खींच दिया। जो कि ब्रा ही थी।  और अपनी गीली जुबां से उनकी पीठ को चाटने लगा वो तो पागल सी होने लगी और पूरे बदन को ऐंठने लगी। और मैं उसकी ब्रा के स्ट्रिप दोनों तरफ खींच दिए। स्वाति का पूरा बदन चमक गया मैं गीली जुबान से चाटने के साथ होंठो से किस भी कर रहा था और दांतों से हल्का काट भी रहा था। स्वाति तो मानो ज्वालामुखी की तरह तपने लगी और जोर जोर से आहहहहहहहहह उहहहहहहहहहहहहहहह की आवाज करने लगी।

मेरा लण्ड लोहे की तरह बिलकुल सख्त हो चुका था। और क़ुतुब मीनार जैसा खड़ा हो गया था। मेरा 8 इंच का बड़ा सा लण्ड स्वाति के चूत में समाने को उतावला हो रहा था। लेकिन मैं जल्दी में नही था। मैं तो चुदाई का असली आनंद लेना चाहता था। फिर मैं उसे सीधा किया और उसकी चुचियों को मुँह में लेकर पीने लगा। वो मेरे सर को पकड़ कर लगातार सिसकारियां भर रही थी। और बड़बड़ा रही थी कि पियो मेरे चुचियों को। बहुत दूध भरे हैं इसमें पूरा दूध पी जाओ।

फिर मैं स्वाति के ऊपर आ गया और दोनों तरफ पैर करके घुटनो पर हो गया। और फिर स्वाति की चुचियों को दोनों हाथों से पकड़ा, उन्हें समेटकर एक जगह कर दिया। और फिर मैं अपने मोटे लम्बे लण्ड को स्वाति की चुचियों के दरारों में घुसेड़ने लगा। और चोदने लगा उनकी चुचियों को। स्वाति को ये एहसास पहले कभी नहीं मिला था। विष्णु ने कभी उसकी चुचियों को नही चोदा था। स्वाति को नया सुखद एहसास मिल रहा था। आज पहली बार उनकी चुचियों को वो भी कोई पराया मर्द चोद रहा था। वो चिल्लाने लगी आहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहह हहहहहहह ओहहहहहहहहहहहहहहहहह बेबी क्या मजा दिया है तुमने। आज तो मुझे चुदाई का असली आनंद जीवन मे मिल रहा है। चोदो मेरी चुचियों को। वो चीला रही थी वो मेरे राजा ऐसी आनंद मुझे अपने जवानी में कभी नही मिले। चोदो मेरी चुचियों को। बहुत परेशान करता है मुझे। चोदो मेरे राजा। चोदो जोर से। मैं भी दनादन उनकी चुचियों को चोदने लगा।

फिर मैं नीचे आया और उसकी दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ दिया और ऊपर करके फैला दिया। उसकी चिकनी चूत बिल्कुल लाल थी। एक भी बाल नहीं थे। और उसकी चूत से मदमस्त खुशबू मेरी नाकों में समा रही थी। उसकी चूत के दाने बहुत बड़े थे और फूलकर सख्त हो गए थे और बाहर की ओर आ गए थे। उसकी चूत से लगातार लसलसा पानी बाहर आ रहा था। और चूत बिल्कुल चमक रहा था। फिर मैंने उसकी चूत पर मुँह रख दिया उसकी चूत किसी भट्ठी की तरह धधक रही थी। मैने उसके चूत के दाने को अपने होठों से पकड़कर ऊपर की ओर खीचना शुरू कर दिया। वह पागल हो गई। और मेरा सर पकड़ के अपने चूत पर दबाने लगी। मैं भी जोर जोर से उसकी चूत को चाटने लगा। करीब 20 मिनट चाटने के बाद वो खुद बोली कि मेरे राजा क्या सारा पानी ऐसे ही निकाल दोगे। अब अपनी लंड को मेरी चूत में घुसेडो।  मैने भी बिना देर किए उसकी आज्ञा का पालन किया और अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। गर्म चूत में जब गर्म कड़क लंड गया तो स्वाति पागल हो गई। वो चीखने लगी। अब देर मत करो मेरे राजा। चोद दो मुझे जल्दी से। मैने भी जोरदार धक्कों के साथ चोदना शुरू कर दिया। अब वो चीला रही थी। चोदो मेरे राजा चोदो। फाड़ दो मेरी प्यासी चूत। सालों से मेरी चूत प्यासी है। चोदो जोर से। ओह हहहहहहहह हहहहहहह हाँ आई लाइक दिस। चोदो। मैं प्यासी हूँ मेरी चूत तुम्हारे लंड खाने को कबसे बेताब था। आज मै पूरा  निगल लुंगी इसे। विष्णु ने कभी इतना नहीं चोदा वो यो 4, 5 झटकों में ही झड़ जाता था। कभी मुझे चरमसुख नहीं दिया। आज तुमने मुझे जिंदगी का सच्ची चुदाई का एहसास दिलाया। चोदो चोदो जान चोदो। मैंने भी स्वाति को अपने बाहों में दबोच के घण्टों चोदा। उस रात स्वाति को मैंने 5 बार चोदा। उनको मैं पूरी तरह से तृप्त कर दिया था। मैंने उनको चरम सुख का आनंद दिया था जिससे वो आजतक वंचित थी।

फिर अगले दिन जब मैं अपनी बीबी तान्या को लेकर घर आया तो उसने बताया की विष्णु का तो कल रात खड़ा ही नही हो रहा था। बड़ी मुश्किल से विष्णु ने मेरी बीवी को बस एक बार चोदा था।

मैं अपने आप को खुशकिस्मत मान रहा था कि एक 44 साल की जवान औरत ने मुझे चुदाई का वो आनंद दिया जो मुझे आजतक अपने बीवी से भी नहीं मिला था। मैंने पूरी रात में स्वाति को 5 बार चोदा था। अगले दिन भी मेरा लण्ड सुजा था और उसमे दर्द हो रहा था।…….

तो कैसा लगा मेरी चुदाई का अनुभव जरूर बताइएगा। अब मुझे दीजिए इजाजत मैं फिर से एक बार आपसबके सामने एक नया अनुभव लेकर आऊंगा।…….

नोट-: इस कहानी में सभी नाम काल्पनिक हैं। इस कहानी के पात्रों से अन्य किसी का कोई संबंध नहीं है।।

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