चुत बना अमीरी की चाभी

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दुबई के शेखों ने मेरे कुँए से तेल निकाला – चुत बना अमीरी की चाभी

मेरा नाम शाहिस्ता जावेद है मैं मूलरूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली हूँ। और मैं एक कवयित्री हूँ। लेकिन कविता मैं पार्ट टाइम के रूप में करती हूँ। और पेशे से एक कॉलेज में लेक्चरर हूँ। वैसे तो मैं एक बहुत बड़े और अमीर घर से हूँ मेरे वालिद साहब एक बहुत बड़े मौलाना हैं लेकिन मैं लव मैरिज की हूँ इस कारण मेरे मायके वाले मुझसे नाराज हो गए। और मुझे अपने संपत्ति में से एक फूटी कौड़ी कभी नही दिए। यहां तक कि वे सारे सम्बन्ध मुझसे तोड़ लिए। शुरू में मुझे बहुत परेशानी हुई क्योंकि जबसे मैं शादी की उस वक़्त मेरे हस्बैंड बहुत छोटी मोटी जॉब करते थे। लेकिन उनके प्यार ने मुझे अपने घर की सारी जायदाद और सुख सुविधाओं को ठोकर मार दिया। उस वक़्त मैं बी एस सी कंपलीट कर चुकी थी। तो मैं ट्यूशन पढ़ाने लगी और मेरे हस्बैंड पहले से एक छोटी जॉब करते थे। तो हमदोंनो का ठीक ठाक कटने लगा। लेकिन किराए के घर मे रहना थोड़ा महंगा था। लेकिन मजबूरी थी।

और बाद में मेरी चुत ने उन्हें एक कम्पनी में परमानेंट नौकरी दिलवा दिया। दसअसल उस कम्पनी के बॉस मुझे चोदने के बदले मेरे हस्बैंड को नौकरी दिए हैं। लेकिन ये बात आज तक मेरे हस्बैंड को नही मालूम है। खैर इस कहानी को कभी और बताएंगे।

ये कहानी है दुबई ट्रिप की। ये बात तब की है जब मैं काव्यपाठ करने दुबई गई थी। मैं एक एक पैसे केलिए मोहताज हुई थी। और पैसे कमाने के लिए बहुत मेहनत कर रही थी। हमें एक घर और गाड़ी की सख्त जरूरत थी इसलिए मैं जल्द से जल्द अमीर बनना चाहती थी। और उसके लिए मैं कुछ भी करने को तैयार थी।

कैसे मेरी चुत ने मुझे रातों रात करोड़पति बना दिया।

तो फाइनली मैं दुबई की धरती पर कदम रखी। और ये कार्यक्रम ऑर्गेनाइज करने वाले इंडियन और पाकिस्तानी थे। जो दुबई में मिलकर रहते थे। और कार्यक्रम करते थे। उस कार्यक्रम में दुबई के बहुत से रहीस शेख लोग भी आये हुए थे। मैं सोची थी कि दुबई जा रही हूं तो एक दो दिन रुक कर घूम भी लेंगे। इस कारण मैं 3 दिन बाद का वापसी टिकट कराई थी। और फाइनली कविताओं का दौर शुरू हुआ तो मुझे दूसरे नम्बर पर कविता करने का मौका मिला। मुश्किल से 15 मिनट का समय था। इतने देर में मैं कविता खत्म की और बैठ गई। लेकिन मेरी खूबसूरती के साथ कविताएं और गजलों ने कई शेखों के छाती पर छुर्रिया चला चुकी थी।

मैं काव्यपाठ करके बैठी थी। तभी शो के ऑर्गेनाइजर शाहरुख भाई आए और बोले कि कुछ दुबई के लोकल लोग आपसे मिलना चाहते हैं। लोकल का मतलब सुनते ही मै खुश हो गई। क्योंकि मैं जानती थी यहां पर मिलने का मतलब वे बड़े बड़े लोग ही होंगे। तो मैं बोली ठीक है और उनके साथ स्टेज के पीछे चली गई। वहां कुछ शेख खड़े थे। तो बारी बारी सबसे इंट्रोडक्शन हुआ। सभी बहुत खुश हुए। फिर मैं स्टेज पर आकर बैठ गई। थोड़ी देर बाद शो के ऑर्गेनाइजर में से एक जो महिला थी जिसका नाम सूफी था। वह आई और मुझे अपने साथ कॉफी का ऑफर की। तो मैं चली गई और पीछे हमदोंनो के लिए शानदर तरीके से स्वागत हुआ और कॉफ़ी आया। दरअसल सूफी मुझसे कुछ बात करना चाहती थी। सो वह बोली शाहिस्ता जी मुझे आपसे एक बात कहनी है। तो मैं बोली जी कहिए। तो वह बोली दरअसल कुछ शेख को आपका काव्यपाठ बहुत पसन्द आया और वे लोग आपको अपने घर निमंत्रण देना चाहते हैं और आपके साथ डिनर करना चाहते हैं। मैं बहुत खुश हुई लेकिन अपना भाव बढ़ाने के लिए उनसे झूठ बोला की मेरा तो कल वापसी है तो फिर कभी देखेंगे। तो वह कहने लगी। दरअसल वे बहुत अमीर लोग हैं और आपसे मिलने का इच्छा जाहिर कर रहे हैं तो मुझे लगता है आपको मान जाना चाहिए। और दुबई रुककर 2, 3 , दिन घूम भी लीजिए। और दुबई घुमाने का सारी जिम्मेदारी हमारी। सारा खर्च हमारा। तो मैं बोली ठीक है। और उसी रात मेरा कमरा एक आलीशान होटल में बुक कर दिया गया। और काव्यपाठ का कर्यक्रम खत्म होने से पहले ही सूफी मुझे लेकर होटल चली गई। और मुझसे बोली अब आप आराम करिए आप थकी हुई हैं हम सुबह मिलते हैं। तो मैं बोली ठीक है।

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दरअसल मैं बहुत बार सुन रखी थी कि दुबई के अमीर शेख बहुत अय्यास होते हैं और उनको जो पसन्द आ जाता है उसको चोदने के लिए पानी की तरह पैसा बहाते हैं। और एक रात के लाखों रुपए खर्च कर देते हैं। और सूफी की बातों ने मुझे ये भली भांति एहसास करा दिया था की उन शेखों को मेरा काव्यपाठ नही बल्कि मेरी खूबसूरती पसन्द आ गई थी और अब वे मुझे चोदना चाहते थे। खैर जो भी हो मैं इसके लिए तैयार थी। सुबह 8 बजे सूफी का मेरे पास कॉल आया और पूछी आप उठ गई है या और सोना चाहती हैं तो मैं बोली उठ चुकी हूं। आप कहाँ है तो वह बोली मैं 10 मिनट में आपके पास पहुँच जाऊंगी।

और ठीक घड़ी से 10 मिनट बाद वह मेरे दरवाजे पर दस्तक दी। और अंदर आयी। मुझसे पूछी रात कैसी बीती। तो मैं बोली शानदार। फिर वह बोली कि मुझे आपसे कुछ बात करनी है। तो मैं बोली हां बोलिए। तो वह शुरू की। और बोली शाहिस्ता जी सबसे पहले मैं आपको बता दूं दरअसल जो लोग आपसे मिलना चाहते हैं उनको आपकी कविता में कोई दिलचस्पी नही है। बल्कि वो आपके खूबसूरती के दीवाने हो गए हैं और आपको चोदना चाहते हैं और बदले में आपको मुँह मांगी रकम मिलेगी। मैं ये बात तो पहले से जानती थी। लेकिन अनजान बनी। और बोली ये आप क्या कह रही हैं ये असंभव है तो वह मुझे समझाने लगी और बोली आपकी किस्मत बदलने वाली है लाखो रुपए आपको एक झटके में मिल जाएंगे आप 2, 3 दिन में इतना पैसा कमा लेंगी जितना आप इंडिया में जीवन भर मेहनत करके नही कमा पाएंगी। दरअसल मैं उन शेखों के लिए यही काम करती हूँ। और डीलिंग कर उन तक पहुँचा देती हूं। और मैं महीने में करोड़ो रूपये कमा लेती हूँ। क्या आप अमीर नही बनना चाहती। तो मैं बोली कितने लोगों के साथ मुझे चुदवाना है। तो वह बोली लिस्ट तो बहुत लंबी है लेकिन आप एक दिन में 2 लोगो से आराम से चुदवा सकती है। इस तरह 3 दिन में 6, 7 लोगो से चुदवाकर आप लाखो लेकर इंडिया जाइये। बाकी का काम आपको पसन्द आये तो घूमने के बहाने फिर से दुबई आइए और पैसे कमाइए यहां मदद करने के लिए मैं हु ही। आप चाहे तो हफ़्तों रुक कर काम कर सकती है।

फिर मैं बोली एक बार का कितना मिलेगा वो बोली आप स्पेशल हैं तो मैं आपको 5 लाख दिलवा दूँगी। आप आराम से 1 करोड़ रुपये 3 दिन में कमा लेंगी। मैं तैयार हो गयी। सूफी ने कहा कि आपके पास 1 घण्टे का समय है आप तैयार हो जाइए मैं खुद आपको लेकर चलूंगी। और वह एक कॉल की और 5 मिनट में ही मेरे सामने ब्रान्डेड सेक्सी कपड़ो का संग्रह मौजूद था। 2 लड़कियां थी जो फैशन डिजाइनर थी और मुझे तैयार करने आई थी। और सूफी जाने लगी और बोली मैं 1 घंटे में वापस आती हूँ। मेरे मन मे चीनी के बोरे घुलने लगे थे।

सूफी जब 1 घण्टे बाद वापस आयी तो एक बार तो वो मुझें पहचानी भी नही क्योंकि मैं स्वर्ग की अप्सरा से कम नही लग रही थी। ये सच है दोस्तों आज से पहले मैं इतनी खूबसूरत कभी नही दिखी थी मैं खुद खुद को देखकर हैरान थी। फिर हम एक लैम्बोर्गिनी में बैठे और गाड़ी चल पड़ी मेरे साथ सूफी भी मौजूद थी। और फाइनली हम एक आलीशान होटल जैसे घर मे पहुँच गए। जब गाड़ी रुकी और मैं गाड़ी से उतरी तो उस पैलेस को देखकर अचंभित हो गया तब मुझे एहसास हुआ कि मैं सस्ते में चुदने आ गई थी जबकि मैं 20 लाख भी डिमांड करती तो वो शेख आसानी से मुझे दे देता। खैर अब तो सौदा हो चुका था।

मैं भी ठान ली थी कि आज मैं अपनी चुत के ऐसा जौहर दिखाउंगी की शेख आजीवन मेरा गुलाम बन के रह जाएगा। और सूफी मुझे लेकर एक लिफ्ट से 7वें मंजिल पर गई। और गैलरी में चलते हुए एक कमरे के बाहर गई और अपने फ़ोन से एक कॉल की। दरवाजा खुल गया और हम अंदर प्रविष्ट हुए। क्या बताऊँ दोस्तों आप कल्पना नही कर सकते कि दुबई के शेख कैसी लक्जरी जीवन जीते हैं। उस कमरे में दीवार तो दिख ही नही रहा था। और फर्श और बिस्तर पर सुई के नोक बराबर भी जगह नही था पूरा कमरा गुलाब के पंखुड़ियों से सना पड़ा था। और खुशबू सिर्फ गुलाब की थी। सूफी बोली शाहिस्ता आज से तुम्हारी जीवन बदलने वाली है इसे तुम कैसे गोल्डन ओपोर्चुनिटी में बदलती हो तुमपर निर्भर करता है।

ध्यान रहे। तुम्हारी कामयाबी और नाकामी कि शुरुआत है ये। और वह चली गई। मैं दुल्हन की तरह सजी हुई थी। तभी एक शेख रूम में अंदर आया वह 7 फिट का मर्द था और बिल्कुल फिट था। उसके सर पर शेखों वाला क्राउन था। वह हिंदी अच्छे से जानता था। और बोला इले हबीबी मोहतरमा तू तो बिल्कुल एटम बम लगती तेरे जैसी सुंदरी तो मैं आज तक नही देखी।

शेख का 10 इंच का लन्ड जब मेरी चुत में गया तो ऐसा लगा जैसे मेरी चुत को किसी ने अंदर तक चाकू से चिर दिया

मैं तो पहले से तैयार बैठी थी और उसे कोई मौका नही देना चाहती थी सो मैं उठी और उसके कंधे को पकड़कर लटक गई और उसके होंठो को चूसने लगी। वह उम्मीद नही किया था कि मैं ऐसा कुछ करूँगी। वह भी मेरे होंठो को चूसने लगा। और एक झटके में मेरे कपड़े फाड़ डाले और दूसरी तरफ उछाल दिया। मेरे जिस्म पर अब सिर्फ लाल रंग की ब्रा और पैंटी बची थी। तो उसने मेरी चूची को ऊपर से भरा से बाहर खिंच लिया और मुँह में ले लिया मैं जोर से उसके सर को पकड़ के अपने चूची पर दबाई। और हाथ नीचे ले जाकर लंड पकड़ ली। दोस्तों जैसे ही मैं उसका लन्ड पकड़ी डर गई। उसका लन्ड 10 इंच से भी ज्यादा का था। मैं सोचने लगी कि मैं गलती तो नही कर दी। कही पैसे के चक्कर मे मेरी जान ना चली जाए इतने बड़े लन्ड से। लेकिन फिर मैं हिम्मत दिखाई और उसके कपड़े उतारने लगे। और फाइनली मैं उसे नंगा कर दी। और अपनी ब्रा के साथ पैंटी भी उतार दी। दोस्तों जो लडकिया मुझे तैयार करने गई थी उनसे मैं स्पेशल डिमांड करके अपनी चुत पर भी मेकअप करवाई थी। जिससे मेरे चुत चमक रहे थे। और मैं नीचे गई और उसके लन्ड को चूसने लगी। मैं ऐसा कला दिखा रही थी जिसकी आप भी कल्पना नही कर सकते। मैं ऐसी रंडिपन दिखा रही थी जिससे अल्लाह भी पागल हो जाता। फिर शेख मुझे उठाया और गोद मे उठा लिया मैं भी उसके कमर पर पैर लपेट दी और वह नीचे से अपने 10 इंच के लन्ड को मेरी चुत पर लगाया। और मेरी चूतड़ों को पकड़ कर इतना जोर से नीचे किया कि उसका लन्ड मेरी चुत के साथ बच्चेदानी तक को चीर दिया। मुझे ऐसा दर्द हुआ मानो किसी ने मेरी चुत में चाकू घुसेड़ कर चिर दिया हो।

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लेकिन मैं उस दर्द को भूल गई और आंखों में आंसू लिए उसे किस करने लगी और खुद ही उसके लन्ड पर कमर उठा उठा के लेने लगी। बहुत दर्द हो रहा था मुझे लेकिन अगले 8, 10 धक्कों के बाद उसका लन्ड आसानी से मेरी चुत में जा रहा था और मैं दर्द के बावजूद आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहह

चिलाकर उसका हौसला बढ़ा रही थी। वह पागलों की तरह मुझे चोद रहा था। फिर वह मुझे नीचे उतारा और झटके में पीछे कर दिया और बिस्तर के पास धकेल दिया। मैं बिस्तर को पकडी ही थी कि वो मेरे दोनो पैरो को पकड़ा और ऊपर उठा लिया मैं हवा में तैर गई बस मेरे हाथ ही बिस्तर को पकड़ के सहारा लिया था। और उसने मेरे चुत में सटाक से लन्ड घुसेड़ दिया और चोदने लगा। मैं भी आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहह करके चुदवाने लगी। वह किसी राक्षस से कम नही था। और अलग अलग स्टाइल में पूरे डेढ़ घंटे तक मुझे चोदा। मैं पहली बार देखी थी कि किसी मर्द का लन्ड पानी छोड़ने के बाद भी ठंडा नही हुआ और लगातार 3 बार पानी छोड़ा। फिर भी उसका लन्ड खड़ा का खड़ा था। शायद किसी दवा का कमाल था। जो आज वह राक्षस शेख मुझे हिलाकर रख दिया था। फिर वह अगले 1 घंटे तक मेरी गांड़ मारी मैं भी उसे ऐसा जन्नत दिखाई की वह मेरा गुलाम हो गया। और जाते समय वह मुझे एक मोटा लगभग 400 ग्राम का सोने का चैंन दिया। और वही बैठे बैठे 25 लाख रुपया मेरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। मैं किसी और शेख के पास जा नही पाई और वही मुझे लगातार 3 दिन तक चोदता रहा। और 5 करोड़ से भी ज्यादा रुपया दिया। और दुबई में एक घर मेरे नाम खरीदा। अब मेरा इंडिया आने का मन नही कह रहा था। फिर मैं अलग अलग शेख के पास 7 दिन रही और चुत और गांड़ मरवाई। और इन 7 दिनों में 3 घर दुबई में मुझे मिल गए। और अकूत संपत्ति मिला। सूफी की बात मुझे याद आई और उसकी दी हुई सलाह मुझे धनवान बना दिया। अब मैं दुबई में शान से रहती हूँ। वहां की पॉलिटिक्स और सरकार में अहम रोल निभाती हूँ। हर फैसले में मेरा दखल होता है। और यह कमाल मेरी चुत गांड़ और चुदाई की कला का है।

दोस्तों यह कहानी आपको निशनदेह पसन्द आएगी | और हम आपको बेहतरीन सेक्स कहानियां प्रदान करना जारी रखेंगे ।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “तोहफा में मिला बुआ का सीलबंद चुत – भाग-2″

तो आप सब अपना ख्याल रखिएगा। कोविड का सिचुएशन है तो अपना विशेष ख्याल रखिएगा। नमस्कार।

 

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