ननद भाभी की लेस्बियन चुदाई

ननद भाभी की लेस्बियन चुदाई

लेकिन सोफे पर हमारी चुत की मिलन ठीक से नही हो पा रही थी फिर भी भाभी मेरी चुत पर अपनी चुत रगड़ने की कोशिश कर रही थी।

लेकिन भाभी की चुत मेरे जांघो पर रगड़ खा रही थी तो मैं भी शरीर को ऐंठते हुए अपना चुत भाभी के चुत पर रगड़ना चाहती थी लेकिन यह हो नही पा रहा था। तो भाभी इस बात को समझ गई और फिर वह सीधी हुई और खड़ी होकर मेरा हाथ थाम ली और खिंचकर उठाई। और फिर मेरा हाथ पकड़े हुए अपने बेडरूम में चली गई। और खुद लेट गए। और अपनी टांगे फैला कर बोली किंजल अपना चुत मेरु चुत पर रखो और रगड़ो। मैं भी बिना देती किये अपनी चुत को भाभी के चुत पर रख दी। जैसा कि मैं कई बार लेस्बियन पोर्न में देख चुकी थी। फर भाभी बोली अब रगड़ो। मैं बिना देरी के चुत चुत पर रगड़ने लगी।

मेरे प्यारे साथियों और https://nightqueenstories.com के पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार।

लेस्बियन सेक्स

उम्मीद करता हूँ आप सब अच्छे होंगे। दोस्तों यह कहानी मेरी और मेरी प्यारी सेक्सी भाभी की है। मेरा नाम किंजल है। मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ। मैं 23 साल की हूँ। मैं बहुत खूबसूरत हूँ। 30-26-32 मेरी फिगर है। और हाइट 5.2 है। मेरे घर मे 5 लोग हैं। मैं माँ, पिताजी, मेरे बड़े भाई, और मेरी भाभी।

भाई के व्यस्तता ने कैसे ननद-भाभी को पति पत्नी बना दिया

मेरे बड़े भाई मुझसे 4 साल बड़े हैं। और वो बैंक में अधिकारी हैं। उनकी ऑफिस टाइमिंग बहुत खराब है सुबह 9 बजे घर से निकलते हैं तो रात को 10 , 11 बजे तक आते हैं। मेरे भाई की शादी 6 महीने पहले हुई है। मेरी भाभी भी दिल्ली की ही हैं। मेरी भाभी का नाम स्वाती है। स्वाती एक बिजनेस मैन की बेटी हैं। भाभी बहुत खूबसूरत हैं। और मुझसे हेल्थी हैं। मैं ग्रेजुएशन कर चुकी हूँ और अब घर पर ही रहती हूँ। हम एक जाट फैमिली से आते हैं। तो मेरे पापा मेरे लिए कई सालों से अच्छा लड़का ढूंढ रहे हैं। लेकिन अभी तक पापा का पसन्द का कोई लड़का नही मिला है।

मैं वाशरूम के पास पहुँची तो भाभी के रूम से मुझे कामुक आवाज सुनाई दी

एक दिन मम्मी पापा रेलिटिव में गए हुए थे और भईया आफिस चले गए। मैं और भाभी ही घर मे थे। दिन के करीब 4 बज रहे थे। दोपहर का लंच करने के बाद मैं सो गई थी। और जब 4 बजे उठी तो सुसु करने बाथरूम में जाने लगी। वैसे तो घर मे 4 टॉयलेट है  लेकिन हमलोग ज्यादातर 2 टॉयलेट ही यूज़ करते हैं। तो मैं जैसे ही वाशरूम के दरवाजे के पास पहुँची भाभी की रूम से मुझे कुछ कामुक आवाज सुनाई दी। तो मैं उस ओर बढ़ गई और दरवाजे के पास कान लगाकर समझने की कोशिश करने लगी कि ये कैसी आवाज है। तो मुझे आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. की आवाज सुनाई दी। मैं ये कामुक आवाज सुनकर बेचैन हो गई क्योंकि ये आवाज भाभी की थी। और भईया तो आफिस गए हुए हैं तो फिर भाभी किसके साथ सेक्स कर रही है।

 

अब मैं परेशान हो गई कि क्या मेरे घर मे कोई और आया हुआ है। मैं दरवाजे को पुश की लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। लेकिन शायद ये बात भाभी को पता चल गई कि दरवाजे पर कोई है। तो भाभी आवाज दी, किंजल क्या तुम। बाहर हो, लेकिन मैं झट से दबे पांव अपने रूम में आ गई और मोबाइल में व्यस्त हो गई। भाभी बाहर आई और मुझे रूम में देखकर वापिस चली गई।

उस दिन पूरी दिन पूरी रात मेरे दिमाग मे घूमता रहा कि आखिर माजरा क्या था। क्या सच मे मेरे घर मे कोई पराया मर्द था। क्योंकि मैं किसी को आते जाते नही देखी थी। रात को 10 बजे भईया घर आए और हमसब खाना खाकर अपने अपने रूम में चले गए। लेकिन मेरे दिमाग मे कुछ और था सो मैं आज रात कुछ क्लीयर करना चाहती थी। करीब आधे घंटे बाद मैं अपने रूम से निकली और दबे पांव भाभी के रूम के दरवाजे कैंपस पहुच गई।

भाभी-भईया से चुदाई करने को कह रही थी

और नीचे बैठकर कीहोल से देखने की कोशिश की तो मुझे साफ दिखाई दिया दोनो बिस्तर पर थे। भईया सोए हुए थे। और भाभी बैठी हुई थी। भाभी भईया से चुदाई करने कह रही थी और भईया बोले कि मैं थक गया हूँ मुझे नींद आ रही सोने दो। भाभी इस बात पर गुस्सा हो गई और भईया को कहने लगी रोज तो तुम थक कर ही आते हो तो क्या हमारे बीच सिर्फ नाम के पति पत्नी का ठप्पा लगा हुआ है।

 

फिर मैं वापस आ गई। और सोचने लगी कि क्या भईया भाभी के बीच रिश्ते ठीक नही हैं क्योंकि आजतक कभी भी ऐसा देखकर नही लगा कि ऐसा कुछ है।

ननद और भाभी की लेस्बियन चुदाई

सुबह हुआ और फिर वही भईया आफिस चले गए। लेकिन मैं भाभी पर नजर बनाए हुए थी। कल की घटना और रात की। भईया भाभी की बातों ने मुझे मजबूर कर दिया था। डिंबके 12 बज रहे थे। काम खत्म करके भाभी अपने रूम में चली गई थी मैं भी अपने रूम में आ गई। और ये देखने की कोशिश करने लगी कि कोई आता है कि नही।

भाभी अपने चुत को मसलने लगी और चुत में उँगली डालने लगी

आधा घंटा बित चुका था तो मेरे से रहा नही गया तो मैं उठी और भाभी के रूम के पास गई लेकिन अंदर से कोई हलचल नही हो रही थी। और मैं घुटनो पर बैठकर की होल से अंदर  देखने लगी। भाभी बिस्तर पर थी। और वो अपनी चुचियाँ दबा रही थी। और आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… कर रही थी। मैं शॉक्ड हो गई। क्योंकि कल भी यही आवाज थी। फिर देखते देखते भाभी अपने सारे कपड़े उतार दी। और पूरी नंगी हो गई। भाभी के चुत पर एक भी बाल नहीं थे।

फिर भाभी अपने चुत को मसलने लगी और फिर चुत में उँगली डालने लगी। पहले तो वह धीरे धीरे उँगली कर रही थी लेकिन 3, 4 मिनट बाद उनकी रफ्तार तेज हो गई। और अब वह बहुत तेजी से चुत में उँगली अंदर बाहर कर रही थी और उनके मुँह से आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…

की आवाजें आ रही थी। कुछ ही देर में भाभी झाड़ गई। और शांत हो गई। यह सब देखकर मेरे भी चुत में खुजली होने लगा। और फिर मैं धीरे से वहाँ से उठी और अपने रूम में आ गई। और सोचने लगी कि इसका मतलब भईया भाभी को खुश नही कर पा रहे हैं।

 

और फिर मैं भी अपनी शॉर्ट्स उतार दी और चुत में उँगली कर चुत की पानी निकाल दी। वैसे तो मैं भी रोज 2, 3 बार चुत में उँगली करती थी। लेकिन आज भाभी को चुत में उँगली करता देख मैं कुछ ज्यादा ही चुदासी हो गई थी।

 

हमदोनों ननद भाभी वैसे तो खूब मस्ती करते थे। और सारी बातें शेयर भी करते थे हमदोनों एक दोस्त की तरह थे। तो शाम को 4 बजे भाभी जब रूम से आई तो थोड़ी उदास जैसी थी। तो मैं पूछ ली कि भाभी क्या हुआ तबियत ठीक नही है क्या उदास क्यो हो। तो भाभी टालने लगी लेकिन मैं भी जिद करके पूछने लगी। फिर बोली कि भईया ने कुछ बोला है क्या। बोलो ना क्यों उदास हो तो वो रोने लगी और मुझे गले से लगा ली। इस तरह इमोशनल होने की वजह से मैं भी थोड़ी इमोशनल हो गई। और भाभी को संभालते हुए उन्हें चुप कराया और फिर पानी लेकर उन्हें दिया।

तुम्हारे भईया हफ्ते दस दिन में कभी मेरी चुदाई करते हैं

और फिर मैं भाभी से पूछी की बताओ क्या हुआ आप दोनों झगड़ा किये है क्या। तो भाभी बोली कि तुम्हारे भईया को सिर्फ काम और आफिस दिखाई देता है वो कभी मेरे बारे में नही सोचते। आखिर मेरी क्या गलती है जो मुझे सजा दे रहे हैं। तो मैं बोली कि क्या हुआ ऐसा क्या हुआ है। बताइए तो भाभी सहज हुई। और बोली कि तुम्हारे भईया अच्छे हैं लेकिन वह मेरे साथ बहुत कम सेक्स करते हैं। हफ्ते 10 दिन में कभी करते हैं वो भी बस शुरू हो जाते हैं और अपना काम करके सो जाते हैं। वो मेरे बारे में कभी नही सोचते। तो मैं बोली कि भाभी आप क्या बोल रही हो ऐसा कैसे हो सकता है। तो भाभी बोली कि ये सच है पिछली बार वो मेरे साथ 1 हफ्ते पहले सेक्स किये थे। और शादी के बाद शायद ही ऐसा कभी हुआ हो कि मैं सेक्सयूअली संतुष्ट हुई हूँ।

 

अब भाभी पुरी खुल चुकी थी और बोली अब मेरे से रहा नही जा रहा है। तो मैं बोली भाभी अगर ऐसा है तो फिर आप बिना सेक्स के कैसे राह रही हो। तो बोली कि किंजल तुम्हे पता है जब औरत को मर्द से खुशी नही मिल पाती तो वह अपने उंगलियो का ही साहरा लेटाई है मैं भी पिछले 6 महीने से अपनी उंगली से ही चुत की प्यास बुझा रही हूँ लेकिन कब तक मैं उँगली से चुत की प्यास बुझाऊंगी। और भाभी रोने लगी।

भाभी की प्यासी चुत

तो फिर मैं भाभी को गले से लगा लिया और बोली भाभी सब ठीक हो जाएगा। आप परेशान मत हो। भाभी मेरे गले से लग के खूब रोइ। और फिर चुप हो गई। लेकिन शायद उनको मेरु जिस्म की गर्मी ने उनके बदन में हलचल मचा दी थी। तो उन्होंने अचानक मेरी होंठो पर होठ रख दी। और मेरे होंठो को चूसने लगी। मैं समझ भी नही पाई और भाभी मुझे जोर जोर से किस करने लगी फिर मैं खुद को उनसे अलग की और बोली भाभी क्या कर रही हो मैं तुम्हारी ननद हूँ पति नहीं मैं भी आपकी तरह एक लड़की हूँ मर्द नहीं।

अब भाभी पूरी मस्ती में आ चुकी थी और मेरी चुचियों को मुँह में लेकर पीने लगी

तो भाभी सॉरी बोली और बोली कि किंजल महीनों बाद आज किसी जिस्म की गर्मी का एहसास मुझे हुआ है। तो मैं बहक गई थी। फिर भाभी मायूस होने लगी। तो मेरे से देखा नही गया और मैं भाभी के होंठो पर अपना होठ रख दी और उन्हें किस करने लगी। भाभी भी अब पूरे जोश में आ गई और मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंठो का रसपान करने लगी। हमदोनों 8, 10 मिनट तक रक दुसरो को किस किये और फिर भाभी नीचे हुई और मेरे टॉप को निकाल दी और मेरी ब्रा को भी निकाल दी और मेरे कड़क चूची को मुँह में ले ली। और चूसने लगी। भाभी अब पूरे मस्ती में आ चुकी थी। वह बारी बारी मेरे चुचियों को पी रही थी और मसल रही थी। मेरी चुचियाँ अब और बड़ी और कड़क हो चुकी थी। निप्पल बड़े हो चुके थे। और फिर देखते देखते भाभी नीचे हो गई और मेरे शॉर्ट्स को उतार दी। और फिर मेरी पैंटी को भी।

और फिर वो मेरी टांगो को फैलाकर अपना मुँह मेरे चुत पर रख दी। मेरी चुत भी बिल्कुल चिकनी थी क्योंकि मैं मॉर्निंग में ही नहाते समय चुत की बाल साफ की थी। और भाभी मेरी चुत को चाटने लगी और मेरे भी मुँह से आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…

की आवाजें आने लगी।

भाभी अपनी टांगे फैलाकर बोली किंजल अपनी चुत मेरी चुत पर रखो और जोर जोर से रगड़ो

फिर भाभी सीधी हुई और अपना गाउन उतार दी। वह गाउन के नीचे ब्रा पैंटी कुछ भी नही पहनी थी। तो उनकी जिस्म बिल्कुल नंगी हो चुकी थी। अब हमदोनों के जिस्म पर एक धागा तक नही था। फिर भाभी मुझे और अच्छे से लेटने का इशारा की और मेरी चुत पर अपनी चुत रख दी। लेकिन सोफे पर हमारी चुत की मिलन ठीक से नही हो पा रही थी फिर भी भाभी मेरी चुत पर अपनी चुत रगड़ने की कोशिश कर रही थी।

 

लेकिन भाभी की चुत मेरे जांघो पर रगड़ खा रही थी तो मैं भी शरीर को ऐंठते हुए अपना चुत भाभी के चुत पर रगड़ना चाहती थी लेकिन यह हो नही पा रहा था। तो भाभी इस बात को समझ गई और फिर वह सीधी हुई और खड़ी होकर मेरा हाथ थाम ली और खिंचकर उठाई। और फिर मेरा हाथ पकड़े हुए अपने बेडरूम में चली गई। और खुद लेट गए। और अपनी टांगे फैला कर बोली किंजल अपना चुत मेरु चुत पर रखो और रगड़ो। मैं भी बिना देती किये अपनी चुत को भाभी के चुत पर रख दी। जैसा कि मैं कई बार लेस्बियन पोर्न में देख चुकी थी। फर भाभी बोली अब रगड़ो। मैं बिना देरी के चुत चुत पर रगड़ने लगी।

और भाभी की मुँह से आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… चोदो किंजल ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. किंजल.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।   चोदो किंजल हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से रगड़ो जोर से अपनी चुत मेरी चुत पर रगड़ो.. चोदो मेरी जान आहहहहहहहहहहहहहहह…… मेरी रानी कितना अच्छा चुत चोदती है तू। ……ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. मेरी गुड़िया…  मेरी जान चोदो.  आआआहहहहहहह रगड़ के फाड़ दो मेरी चुत।  कमर उठा उठा के मारो झटके.. मेरी बाबू चोदो जोर से हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से झटके मारो… आहहहहहहहहहहहहहहह… तू तो मर्द से भी अच्छी चोदती है बेबी….. चोदो किंजल चोदो…. चोदो मेरी चुत……. फाड् दो मेरी चुत को… मेरी चुत को चोद के भोसड़ा बना दो….ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. बहुत दिन से प्यासी है मेरी चुत। चोदो ना जान तेजी से रगड़ो।… अपनी भईया की कमी पूरा करो। ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. किंजल.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।   चोदो राशि हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से रगड़ो जोर से अपनी चुत मेरी चुत पर रगड़ो..

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मेरे भी मुँह से लगातार आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… की आवाजें आ रही थी | लेकिन भाभी पूरे जोश में थी और बड़बड़ा रही थी| चोदो मेरी जान आहहहहहहहहहहहहहहह…… मेरी रानी कितना अच्छा चुत चोदती है तू। भाई की कमी बहन पूरा कर रही है चोदो बेबी चोदो……ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. मेरी गुड़िया…  मेरी जान चोदो.  आआआहहहहहहह रगड़ के फाड़ दो मेरी चुत।  कमर उठा उठा के मारो झटके.. मेरी बाबू चोदो जोर से हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से झटके मारो… आहहहहहहहहहहहहहहह…….. चोदो बहन चोदो…. चोदो मेरी चुत……अपनी भाभी को चोदो जोर से.. . फाड् दो मेरी चुत को… मेरी चुत को चोद के भोसड़ा बना दो….ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. बहुत दिन से प्यासी है मेरी चुत। जोर से रगड़ो अपनी चुत मेरी बुर पे….

 

बेबी मैं दुबारा झड़ने वाली हूँ चोदो जोर से… रगड़ो जोर से…. । बहुत प्यासी थी मेरी चुत। मैं गई रानी गई। मेरी चुत पानी छोड़ने वाली है.. मारो जोर से ..  रगड़ो जान चुत रगड़ो…

 

मेरी भी चुत दुबारा से झड़ने वाली थी तो मैं भी रफ्तार तेज कर दी और आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहहहहहहहहह.. उँहहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. किंजल.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।   चोदो किंजल हहहहहहहहहहहहह……. करते हुए हमदोनों एकसाथ झड़ने लगे।

 

और फिर हम दोनों के चुत ने एकसाथ रस छोड़ दिये।

 

मैं भाभी के ऊपर लुढ़क गई। हमदोनों की सांसे बहुत तेज चल रही थी। भाभी मुझे जोर से भींचते हुए बोली। किंजल आज तुमने महीनों की मेरी चुत किंप्यास बुझा दी। तुम बहुत अच्छी हो। मेरी चुत कई महीने बाद इतना पानी छोड़ी है।

आज से हमदोनों ननद भाभी नहीं बल्कि पति पत्नी हैं। तुम मेरी पति हो। और फिर भाभी मुझे किस करने लगी। कुछ ही देर बाद एक बार फिर से हमदोनों लेस्बियन सेक्स किये।

 

तो दोस्तों यह ननद भाभी की लेस्बियन चुदाई आपसब को कैसी लगी? मुझे कमेंट करें। और कहानी को लाइक और शेयर करें। और चुदाई की मस्तीभरी अन्य कहानियों के लिए https://nightqueenstories.com पर बने रहें।

 

तो मिलते हैं किसी और सेक्स कहानी में। नमस्कार।।

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