पापा के दोस्त के साथ पहली चुदाई का मजा।

विशाल अंकल ने मुझे कहा कि सुमन तुम बहुत हॉट हो। तुम्हारे अंदर गजब की सेक्स अपील भरी है। और मैंने भी कहा कि अंकल आप भी बहुत सेक्सी हो तो उन्होंने कहा कि अंकल नही सिर्फ विशाल बोलो। बेड पर मैं तुम्हारा सिर्फ विशाल हूँ। मैंने भी झट से कहा। कि विशाल आप बहुत सेक्सी बहुत हैंडसम हो। इतना सुनते ही उन्होंने मुझे  बेड पर लिटा दिए और धीरे धीरे कर सारे कपड़े उतार फेंके। मैंने भी उनके कपड़े उतारने में मदद की। जब मैं पूरी नंगी हो गई तो शर्मा रही थी मेरी गोरा बदन दूधिया रोशनी में चमक रही थी। विशाल मेरे कड़क गोल मटोल चुचियों पर टूट पड़े और बारी बारी से कभी चूसते और अपने मुठ्ठी में लेकर जोर जोर से दबाते। मेरे निप्पल को अपनी उंगलियों के चुटकियों से मसल रहे थे। मैं तो पागल हो चुकी थी।

हेलो दोस्तों मैं हूँ सुमन। मेरी उम्र 22 वर्ष है। लेकिन जब मैं पहली बार चुदी (पहली बार चुदाई)थी, वो भी पापा के दोस्त के साथ चुदाई तो मेरी उम्र 18 साल थी। मेरा रंग दूधिया सफेदी है। हम अपने माँ-बाप के दो संताने हैं। मेरे भाई बचपन से मेरे नाना जी के यहाँ रहता है। और मैं मम्मी-पापा के साथ रहती हूँ। इसलिए मैं पापा की चहेती हूँ। मेरे पापा मुझसे बहुत प्यार करते हैं। वो मेरी हर डिमांड मांगने से पहले ही पूरी कर देते हैं।

मैं UP की एक छोटे शहर की रहने वाली हूँ। लेकिन वह छोटा शहर को मिनी मुम्बई कहते हैं। क्योंकि वह इंडस्ट्रियल एरिया है। जहाँ पर बड़े-बड़े प्रॉपर्टी वाले लोग रहते हैं। फैक्ट्री की कॉलोनियां तो मुम्बई से भी फ़ास्ट और खुला है। यहां विदेशों की तरह खुलापन है। जो मुम्बई को भी पीछे छोड़ता है।

तो चलिए मैं अपनी चुदाई की सच्ची घटना (पापा के दोस्त के साथ चुदाई) आपको बताती हूँ। मेरा बदन मेरी माँ की तरह भरा हुआ है। मेरी हाइट 5’2 इंच है। मेरी फिगर 32-26-34 है। जो 34 मेरी गांड मेरी हिप्स मेरी कूल्हे की साइज है। मेरी चुचियाँ बिल्कुल कड़क हैं। और मेरी जांघें तो बिल्कुल चिकनी और मोटी हैं। मुझे शॉर्ट्स और मिनी स्कर्ट पहनना बहुत पसंद है। मैं अक्सर नाभि के ऊपर तक शार्ट टॉप पहनती हूँ। और जब मैं हाफ पैंट-शॉर्ट्स पहनती हूँ तो मेरी चिकनी मोटी जांघो को देखकर जवान क्या बूढ़े भी पागल हो जाते हैं।

मेरे पापा एक इंजीनियर हैं। और कम्पनी में सीनियर पोस्ट पर हैं। इसलिए वो घर मे कम और कम्पनी में ज्यादा रहते हैं। यहाँ तक कि महीने में 20 दिन वो कम्पनी के दूसरे ब्रांच जो देश भर में मौजूद हैं वहाँ के दौरे पर रहते हैं। तो अक्सर घर मे मैं और मम्मी ही रहते हैं। मेरे पापा के दोस्त मेरे पापा से 12 साल छोटे हैं। उनका नाम विशाल है। वह एक सरकारी डॉक्टर हैं। उनका घर मेरे घर से बिल्कुल पास में है। वह सांवले हैं लेकिन बहुत हैंडसम हैं। वह लगभग रोज ही मेरे घर आते हैं और देर रात तक रुकते हैं। वह अक्सर रात का खाना मेरे घर ही खाते हैं।

विशाल अंकल जब भी आते हैं मेरे लिए चॉकलेट लेकर आते हैं। वह मेरे अच्छे दोस्त की तरह थे। वह मम्मी के भी अच्छे दोस्त की तरह थे। इसलिए हमलोग साथ मे खूब हंसी मजाक किया करते थे। वह मुझे बहुत अच्छे लगते थे। शायद मैं धीरे धीरे उनसे प्यार करने लगी थी। इसलिए जब वो मेरे घर नहीं आते थे तो मैं उदास सी हो जाती थी, मुझे हमेशा उनका इंतजार रहता था।

ईसी दौरान मेरा जन्मदिन आने वाला था। मेरे पापा घर पर नही थे। मेरे जन्मदिन की तैयारी एक हफ्ते पहले से ही चल रही थी। सारा अरेंजमेंट विशाल अंकल ही किए थे। पापा भी जन्मदिन के दिन ही आने वाले थे। तो मम्मी ने पूरी लिस्ट बना ली थी किस-किस को पार्टी में बुलाना है। लेकिन मैं भीड़-भाड़ में पार्टी करने के बजाए। सिर्फ अपने परिवार संग ही जन्मदिन मनाना चाहती थी। तो मैंने मम्मी को बताया। तो मम्मी पापा को कॉल करके बताई तो पापा भी सहमत हो गए।

अब धीरे धीरे मैं विशाल अंकल के तरफ कुछ ज्यादा ही आकर्षित हो चुकी थी। वह जब मुझे देखते थे मुझसे बातें करते थे तो मुझे बहुत अच्छा लगता था। जन्मदिन से एक दिन पहले अंकल ने मुझसे पूछा कि सुमन तुम्हे जन्मदिन पर क्या तोहफा चाहिए। तो मैंने कहा कि मुझे कोई गिफ्ट नही चाहिए। बस आप मेरे घर रोज आया करो मेरे लिए यही गिफ्ट होगा। वह हैरान हो गए और सोचने लगे कि मैंने ऐसा क्यों बोला। फिर उन्होंने कहा कि मैं तो रोज आ जाऊंगा लेकिन तुम बताओ जन्मदिन पर क्या गिफ्ट चाहिए। मैने फिर से मना किया और बोली कि कुछ भी नही। बस मैंने जो कहा वही गिफ्ट है।

अगले दिन सुबह पापा का कॉल आया कि वह नहीं आ पाएंगे। क्योंकि कम्पनी में कुछ इमेरजेंसी आ गई है। मैं और मम्मी तो उदास ही हो गए।

शाम के 7 बज चुके थे मैं और मम्मी विशाल अंकल का इंतजार कर रहे थे। पता नहीं क्यों लेकिन आज मुझे विशाल अंकल का बेसब्री से इंतजार था। लेकिन यह इंतजार बढ़ता जा रहा था करीब 9 बजे विशाल अंकल आए वो ब्लू शर्ट और स्लेटी फॉर्मल ट्राउजर में बेहद हैंडसम लग रहे थे। मैं और मम्मी तो देखते ही रह गए। मैं ब्लैक कलर की जिन्नीदार गाउन पहना हुआ था जिसमें मेरे गुदाज गोरी बाहें चमक रही थी। उन्होंने पहले मम्मी को फिर मुझे गले लगाया। न जाने मुझे क्या हुआ और मैं जोर से उनसे लिपट गई। वह भी मेरे पीठ पर हाथों से जोर से दबाए मेरी कड़क चुचियों में उनकी चौड़ी छाती का एहसास पाकर हलचल पैदा हो गई। फिर हम अलग हुए और मिलकर केक काटा मैं पहले विशाल अंकल को केक खिलाया फिर मम्मी को। विशाल अंकल भी मुझे केक खिलाए और तब मैं उनकी आँखों के गहराई में देखा। उन्होंने मेरे लिए एक टाइटन की खूबसूरत लेकर आये थे। वो गिफ्ट मुझे बहुत पसंद आई।

पापा भी आने वाले थे तो रेडवाईन के साथ अन्य ड्रिंक भी था। तभी मम्मी म्यूजिक लगा दी और हम सब डांस करने लगे। थोड़ी देर बाद विशाल अंकल 3 ग्लास में रेडवाईन पोर किये और एक मेरे मम्मी को दिए और एक मुझे देने लगे लेकिन मैंने आजतक कभी कोई ड्रिंक को हाथ भी नही लगाया थ। तो मैंने मना किया। लेकिन विशाल अंकल बोले कि आज का दिन तुम्हारा है तुम्हे आजादी है बेझिझक लो। फिर भी मैंने मना किया लेकिन मम्मी बोली कि बेटा ले लो। थोड़ा ही सही पी लो। तो मैंने ले लिया और हम सब मिलकर डांस के साथ पीने लगे। विशाल अंकल मम्मी के साथ बाहों में डांस कर रहे थे। और ऐसे ही बीच बीच मे पीते थे। मैं तो बस एक ही ली लेकिन फिर विशाल अंकल दूसरी ड्रिंक बना दिए। मैंने मना किया तो वो रेडवाईन ही फिर से मुझे दिए। मम्मी और विशाल अंकल काफी पी चुके थे। फिर मम्मी खाना लगाने चली गई और तभी मैं विशाल अंकल का हाथ पकड़ ली और डांस के लिए बोली। फिर मैं उनके बाहों में क्लोज डांस करने लगी। करीब 10 मिनट डांस करने के बाद मैं बहुत एक्साईटेड थी। तभी मम्मी बोली कि खाना रेडी है। हम खाने लगे। लेकिन मम्मी और विशाल अंकल खाने के साथ पी भी रहे थे। खाना खत्म होने तक मम्मी को काफी नशा हो गया था। वह तो टेबल पर ही सर रखकर सोने लगी। लेकिन विशाल अंकल और मैं उन्हें बेड पर ले गई और उन्हें सुला दिया। फिर हम भी फ्री हो गए।

करीब 12 बज चुके थे। तो विशाल अंकल बोले कि मैं अब जा रहा हूँ तुम मम्मी का ख्याल रखना। तो मैंने कहा काफी लेट हो गया है आज यही रुक जाइए वैसे भी मम्मी काफी पी चुकी हैं। अगर रात में उनकी तबियत गड़बड़ हुई तो प्रॉब्लम होगा। वो मान गए। और गेस्ट रूम में सोने चले गए। मैं भी अपने रूम में आ गई। और चेंज की। मैं बस शॉर्ट्स और टी शर्ट में हो गई।

लेकिन करीब 1 घंटे तक इंतजार के बाद मुझे नींद नहीं आयी तो मैं विशाल अंकल के रूम में गई। वो भी जाग रहे थे। उन्होंने मुझे देखा तो बोला कि जाग रही हो। मैंने कहा नींद नहीं आ रही है तो वो बोले कि नींद तो मुझे भी नही आ रही है फिर मैं उनके बिस्तर पर बैठ गई और बातें करने लगे। काफी देर बाद मेरे से रहा नहीं गया तो मैंने विशाल अंकल को प्रोपोज़ कर दिया। पहले तो वो हैरान हुए फिर वो भी आई लव यू टू बोले। मैं उनके सीने से लग गई। वो भी मुझे जोर से भींच लिए। उनका स्पर्श पाकर मेरा जवान बदन में सिहरन दौड़ गया। और फिर वो मुझे हल्के से ढीले किए और मेरे होंठो पर अपना होंठ रख दिए। मैं तो पागल सी हो गई। और मैं भी किस करने में उनका साथ देने लगी। कभी उनका जुबान मेरे मुँह में तो कभी मेरा जुबान उनके मुंह मे एक दूसरे को चूस रहे थे। फिर धीरे धीरे हम दोनों काफी गर्म हो गए।

विशाल अंकल ने मुझे कहा कि सुमन तुम बहुत हॉट हो। तुम्हारे अंदर गजब की सेक्स अपील भरी है। और मैंने भी कहा कि अंकल आप भी बहुत सेक्सी हो तो उन्होंने कहा कि अंकल नही सिर्फ विशाल बोलो। बेड पर मैं तुम्हारा सिर्फ विशाल हूँ। मैंने भी झट से कहा। कि विशाल आप बहुत सेक्सी बहुत हैंडसम हो। इतना सुनते ही उन्होंने मुझे  बेड पर लिटा दिए और धीरे धीरे कर सारे कपड़े उतार फेंके। मैंने भी उनके कपड़े उतारने में मदद की। जब मैं पूरी नंगी हो गई तो शर्मा रही थी मेरी गोरा बदन दूधिया रोशनी में चमक रही थी। विशाल मेरे कड़क गोल मटोल चुचियों पर टूट पड़े और बारी बारी से कभी चूसते और अपने मुठ्ठी में लेकर जोर जोर से दबाते। मेरे निप्पल को अपनी उंगलियों के चुटकियों से मसल रहे थे। मैं तो पागल हो चुकी थी।

उनका लंड मेरे चूत पर रगड़ खा रहा था। और फिर वह मेरे होठ को चूसने लगे। इसके बाद नीचे जाने लगे और नाभि में अपनी जबान से चाटने लगे। मैं तो उनके बालों में उंगलियां फिराने लगी। यह पहली बार था जो मुझे ऐसा एहसास मिल रहा था। फिर वह और नीचे गए और मेरे दोनों टांगो को पकड़कर ऊपर उठाया और फैला दिया। मैंने आज ही अपने चूत के बाल (झांट) साफ किये थे तो मेरी गोरी चिकनी चूत देखते ही वो पागल हो गए। और फिर विशाल मेरे दोनों टांगो के बिच में बैठकर पहले मेरी चूत को देखा उनकी आंखों में गजब की चमक के साथ प्यास झलक रही थी।

फिर उन्होंने दो उँगलियों से मेरे चूत को फैलाया और बोला कि सुमन तुम्हारी चूत बहुत खूबसूरत है। तुम्हारी चुत बिल्कुल शीलबन्द है। आज मैं तुम्हारी शीलबन्द चूत को चोदकर फाड़ दूँगा। मैं तो मदहोशी में थी। बस उनकी बातें सुनी कोई प्रतिक्रिया नहीं किया। लेकिन मेरे कमर हिल रहे थे। फिर वो मेरे चूत में एक उंगली डालने लगे।  मुझे हल्का दर्द भी हो रहा था लेकिन बहुत मजा भी आ रहा था। विशाल मेरी चूत से ऐसे ही थोड़ी देर खेलने के बाद नीचे झुके और मेरी चूत पर अपनी जुबान रख दिये। ओह माय गॉड ऐसा अहसास मुझे कभी नही मिला था। मेरी चूत से होते हुए पूरे बदन में आग धधक गई। फिर वो अपनी जुबान से मेरे चूत को चाटने लगे। अब उनकी भी और मेरी भी सांसे तेज तेज चलने लगे थे। मेरी चूत की खुशबू उन्हें पागल कर दी थी।

मैं आहहहहहहहहह आहहहहहहहह आहहहहहहहहह आहहहहहहहह आहहहहहहहह करने लगी साथ ही मेरे जुबान से काफी तेज सिसकारियां फुट रही थी। मेरी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। फिर ऐसा लगा जैसे मुझे कुछ हो रहा है और अचानक से मेरे कमर तेजी से हिलने लगे। और मैं विशाल के सर को जोर से अपने चुत पर दबाने लगी। वो भी और जोर जोर से मेरी चुत चाटने लगे। तभी मेरे चूत से ढेर सारा पानी बहने लगा कुछ पानी बिस्तर पर गिरा तो कुछ विशाल अंकल पी गए।

ये मेरे जीवन का पहला इतना अच्छा एहसास था। फिर विशाल ऊपर आए और मुझे किस करने लगे। मेरी चूत के पानी की खुशबू उनके मुँह से आ रही थी। उनका लंड फिर से मेरे चूत पर रगड़ खा रहा था। तभी मैं हाथ नीचे कर उनके लंड को पकड़ ली । उनका लंड काफी मोटा और लंबा था। मै पहली बार किसी मर्द के लंड को पकड़ी थी। मैं उनके लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी। तभी वो ऊपर आये और मेरे सर के नीचे तकिया लगाए। फिर वो लंड को मेरे मुँह में डाल दिया। मैं भी बिना देर किए उनके गर्म कड़क मोटे लंबे लंड को चूसने लगी। पापा के दोस्त के साथ चुदाई अपने आप मे रोमांचक है।

अब वो भी बहुत गर्म हो चुके थे और उठकर बेड के नीचे गए। मुझे बेड के किनारे खींचा और मेरे दोनों टांगो को अपने कंधे पर ले लिए और एक हाथ से मेरे टांग को पकड़े और एक हाथ से अपने लंड को पकड़कर मेरे चूत के छेद पर सेट किये। मैं तो पागल हो चुकी थी। और तभी उन्होंने जोर से धक्का मारा और उनका लंड का सुपाड़ा मेरे चूत को चीरते हुए अंदर समा गया और वो जोर से दबाए रहे। मैं तो छटपटाने लगी बहुत दर्द हो रहा था लेकिन विशाल जोर से मेरे टांगो को पकड़े थे जिससे मैं उनका लंड अपने चूत से निकाल नहीं पाई। फिर तभी वो एक और करारा प्रहार किए और समूचा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। उनका मोटा लंड मेरी चूत को चीर दिया था। मेरे आंखों से आंसू आ गए। और इसी तरह विशाल मेरे चूत में लंड डाले 2 मिनट तक शांत रहे। अब मुझे थोड़ा आराम मिला था। फिर उन्होंने अपना लंड बाहर खींचा उसपर खून लगा हुआ था। और खून मेरे चूत से रिसकर मेरी गांड को भिगोते हुए बिस्तर तक फैल गया था। फिर विशाल ने पूरी जोर से एक और झटका मारा और जोर जोर से चोदने लगे। थोड़ी देर बाद मुझे भी बहुत मजा आने लगा।

अब मेरी चूत भी थोड़ी ढीली हो गई थी। उनका लंड तेजी से अंदर बाहर हो रहा था। और फिर अब मैं गांड उठा उठा कर विशाल के लंड को अपनी चूत में लेने लगी। वो जोर जोर से धक्के मारने लगे। वो पूरे वेग से मेरी चूत चोद रहे थे। और मैं भी गांड उठा उठा के चुदवा रही थी। अब  पुरे कमरे में आहहहहहहहह आहेहहहहहहहह ओह्ह्हहहहहहहहह ओह्हहहहहहहहह ओह्हहहहहहहहह आउचच ओफ़्फ़्फ़फ़फ़फ़फ़फ़ की आवाज निकल रही थी। पूरा कमरा मदमस्त आवाज से गूंज रहा था।। मेरी सिसकारियां जोर जोर से मेरे मुंह से निकल रही थी। अब मैं चिलाने भी लगी थी। चोदो विशाल जोर से चोदो । चोदो मेरे चूत को।फाड़ दो चूत। आप मेरे अंकल नहीं मेरे राजा हो चोदो मुझे। अंकल भी कह रहे थे। तुम भी बहुत सेक्सी हो। मेरे लंड को बहुत मजा आ रहा है। तुम्हारी टाइट चूत मेरे लंड को पकड़ रखा है। ऐसा लग रहा है जैसे कोई मुठ्ठी में मेरे लंड को पकड़ रखा है।

फिर विशाल अंकल कहने लगे तुम तो अपनी माँ से भी ज्यादा चुदक्कड़ हो सुमन। इतना मजा तो कभी तुम्हारी माँ के चूत में भी नहीं आया। मैं हैरान रह गई ये सुनकर। फिर मैंने पूछा कि क्या आप मेरी माँ को भी चोदते हो क्या ? तो वो बोले की तुम्हारी माँ तो मेरे लंड की दीवानी है। हर रोज वो मेरे लंड से चुदती है। मेरे बिना लंड खाए उसे चैन नहीं मिलता है। वो कहती है तुम्हारे पापा का लंड बहुत छोटा है और वो बस 5,7 धक्कों में ही झाड़ जाते हैं। इसीलिए तुम्हारी माँ मुझसे चुदती है। इतना सुनकर मैं और भी सेक्सी हो गई। तभी मेरे चूत के अंदर से लावा बाहर आने लगा मैं चिल्लाने लगी चोदो विशाल मैं झड़ रही हूँ चोदो जोर से। वो और जोर से चोदने लगे। मैं भी कमर उठा उठा कर चुदने लगी। फिर ढेर सारा पानी मेरे चूत से बाहर आ गया। फिर करीब 15, 20 धक्कों के बाद वो भी मेरे चूत में ही अपने लंड का सारा पानी निकाल दिया। उस रात करीब 3 बार वो मुझे अलग अलग पोज में चुदाई की। सुबह होने वाले थे इसलिए मैं अपने कमरे में आ गई।

 

अब मैं रोजाना किसी न किसी तरह मम्मी से नजरें बचा के चुदती हूँ। मम्मी अक्सर जब किचन में होती है तो मैं उनसे चुदती हूँ।

 

मैं जब जनसे पूछी की आप  मम्मी की चुदाई कब करते हो ? तो वो बोले कि जब तुम कॉलेज चली जाती हो या कहीं घूमने गई होती हो। या कभी रात को जब तुम सो रही होती हो।

 

तो कैसा लगा दोस्तों मेरी चूत की पहली चुदाई की कहानी कमेंट करके जरूर बताना।

 

और हाँ मैं और मम्मी एक साथ विशाल अंकल से कैसे चुदी ये जानने के लिए तैयार रहना। मैं जल्दी ही अपनी मम्मी के साथ चुदाई की कहानी लेकर आऊंगी। तब तक के लिए दीजिए इजाजत।।।

 

नोट-: इस कहानी में सभी नाम काल्पनिक हैं।

 

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