बारिश वाली रात दोस्त के माँ के साथ

हेलो दोस्तों मुझे हमेशा से बड़ी उम्र की औरतें आकर्षक लगती हैं। मैं अक्सर अपने आस पास के आंटियों के बारे में सोचकर मुठ मारता हूँ। जब भी मैं घर से बाहर जाता हूँ लड़कियों को कभी नहीं देखता चाहे वह कितना ही खूबसूरत क्यों ना हो। मैं भाभी, आंटी, दादी या अन्य कोई भी महिला हो मेरी नजरें सबसे पहले उनकी गांड पर पड़ती है। मुझे औरतों के मोटी और भरी हुई गांड बहुत पसंद आता है। मैं उनके पूरे शरीर को निहारता हूँ। बड़ी, बड़ी चुचियाँ, मस्त बड़े बड़े चूतड़, और नाभि से नीचे बंधी हुई साड़ी। काले लंबे बाल और बैकलेस ब्लाउज इन सब मे हॉट खूबसूरत सेक्सी लगती आंटियों को मैं चोदने का विचार बनाने लगता हूँ। और फिर वही जब चूत ना मिले तो मुठ मार लेता हूँ।

ये चुदाई की कहानी आज की बीती रात की है। मेरे और मेरे बेस्ट फ्रेंड राहुल की माँ अंजली की चुदाई की है। आज मैं आपको बताने वाला हूँ कि कैसे मैं अपने दोस्त की माँ को चोदा और वो भी मजे ले लेकर खूब चुदवाई।

जवान लंड और अधेड़ चूत

हेलो दोस्तों मेरा नाम आर्यन है और मैं 24 साल का जवान हैंडसम लड़का हूँ। कसरती बदन 5, 8 इंच लम्बा और सांवला हूँ। मैं कानपुर में रहता हूँ। यही जॉब करता हूँ। किराए के मकान में रहता हूँ। मेरा दोस्त राहुल दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ता है वहीं हॉस्टल में रहता है। उसके पिताजी सरकारी नौकरी करते हैं और वो भी दिल्ली में ही रहते हैं। अंजली आंटी भी कानपुर में एक कॉलेज में प्रोफ़ेसर हैं इसलिए वो यहीं रहती हैं। अंकल जी कभी कभी कानपुर आते हैं। जबसे राहुल दिल्ली गया है तबसे आंटी अकेले ही रहती हैं। एक दिन राहुल दिल्ली से कानपुर आ रहा था। तो मुझे कॉल किया कि गाड़ी लेकर रेलवे स्टेशन आ जाना रात के करीब 2 बजे उसकी ट्रेन कानपुर पहुँची। बरसात का मौसम था और बहुत तगड़ी बारिश हो रही थी। पूरा शहर पानी पानी हो रखा था। रात की वजह से ट्रैफिक तो ज्यादा नहीं थी लेकिन रोड पर पानी भरा हुआ था इसलिए हमें काफी परेशानी हो रही थी। रोड के गड्ढे का पता नहीं चल रहा था। ऐसे ही एक जगह गड्ढा था, मैं ड्राइव कर रहा था।

और अचानक उस गड्ढे में गाडी का पहिया गया और उसमे से निकले नुकीले रॉड ने सीधे मेरे टायर के अंदर घुस गया। गाड़ी तो झटके में निकल गई लेकिन टायर पंचर हो गया। बारिश बहुत तेज हो रही थी फिर मैंने गाड़ी साइड में लगाकर टायर चेंज किया इसी में मैं और राहुल पूरी तरह भीग गए। जैसे तैसे हम घर पहुँचे। आंटी हमारा वेट कर रही थी। फिर उन्होंने हमें चेंज करने को बोला। आंटी ने मुझे अंकल जी की लोअर और टी शर्ट दी। फिर आंटी कॉफ़ी और हलवा लेकर आई साथ मे नमकीन भी।

 

 

 

बारिश में भीगने की वजह से मुझे छींक आने लगी थी। तो आंटी गर्म पानी लेकर आई और विक्स डालकर मुझे भाप लेने को बोली। थोड़ी देर बाद मुझे कुछ आराम मिला। और फिर बात करते करते 5 बज चुके थे। उस दिन संडे था। और रात में कोई भी सोया नही था तो सबको नींद आने लगा।

 

फिर हम सब सो गए। करीब 12 बजे मेरी नींद खुली। तो आंटी जगी हुई थी लेकिन राहुल सो रहा था। तो आंटी मेरे लिए कॉफ़ी और सैंडविच ले आई उसमें मैंने नास्ता किया और हम बातें करने लगे। मैं आंटी के बारे में बता दूं अंजली आंटी 41 साल की हैं। गोरा बदन छरहरी काया गजब की खूबसूरत। लाल लाल होंठ। उनके साइज 34-28-36 है। आंटी जब मेरे पास बैठी थी तो उनके चुचियों पर मेरी नजर गई थी। 34 साइज की दूध की तरह सफेद चूची चॉकलेटी कलर की टाइट गाउन में बेहद कड़क और खूबसूरत लग रही थी। आंटी जब उठकर जा रही थी तो मैंने देखा उनकी 36 की भारी गांड क्या गज़ब की थिरक रही थी। मेरा तो मन किया कि अभी पकड़ के मसल दें। टाइट गाउन में उनकी कसी हुई चूतड़ बहुत हॉट लग रहे थे। ऊपर से गोरे बदन पर डार्क चॉकलेटी कलर की गाउन में आंटी किसी हूर से कम नहीं लग रही थी।

 

करीब 1 घंटे बाद राहुल भी उठ गया। फिर हम सबने लंच किया और बातें गपशप करने लगे। फिर मुझे नींद आने लगी तो मैं सोने चला गया। मुझे बहुत गहरी नींद आयी थी।  करीब शाम को 7 बजे मैं उठा तो देखा घर मे सिर्फ आंटी हैं।, मैंने पूछा कि ऑन्टी राहुल कहाँ है, तो वो बोली बेटा, वो अपने बुआ के घर मिलने चला गया । वो तुम्हे भी ले जाना चाहता था लेकिन सो रहे थे इसलिए अकेले ही चला गया। अब वो कल ही आएगा।

 

 

तो मैंने कहा की ऑन्टी तो मैं भी अब चलता हूँ। शाम हो गई है बारिश भी हो रही तो देर लगेगा घर पहुचने में। तो ऑन्टी कहने लगी, पागल हो गए हो। देख रहे हो कितनी तेज बारिश हो रही है। कल भीग कर आये हो। वैसे ही तुम छींक रहे थे। फिर से भीगे तो तबियत खराब हो जाएगी। कहीं नही जाना है। रात को रूक जाओ। ये तुम्हारा भी घर है कोई अनजान नही हो।  मैं भी अकेली हु मन लग जायेगा, ऑन्टी जबरदस्ती करने लगी कि बारिश में मैं तुम्हे कहीं नहीं जाने दूंगी। अगर कल आफिस भी जाना होगा तो यहां से भी जा सकते हो। तो मैं भी मान गया। और बोला कि ठीक है आंटी आप जैसा कहें।

 

मैं कभी कभी ड्रिंक करता था। और आंटी भी कभी कभी अंकल के साथ ड्रिंक करती थी। तो घर मे शराब की कुछ बोतलें अक्सर रखा रहता था। हम बैठकर ऐसे ही बातें कर रहे थे। तो आंटी बोलीं की बेटा भीगने की वजह से  तुम्हे जुखाम हो चुका है। अगर तुम पीते हो तो घर मे ड्रिंक रखा हुआ है कभी कभी तुम्हारे अंकल आते हैं तो पीते हैं। अगर तुम चाहो तो उसे ले सकते हो। शरीर को थोड़ा गर्माहट मिलेगा तो जुखाम में आराम मिलेगा। मैंने कहा आंटी मैं आज तक अकेले कभी पिया नहीं। तो वो बोली दवा समझकर पी लो। तो मैंने कहा अगर आप साथ दो तो मैं पी लूंगा। वो बोली मैं तुम्हारे अंकल के साथ कभी कभी थोड़ा पीती हूँ। लेकिन तुम्हारे साथ नहीं पी सकती।  तुम अकेले ही ले लो। तो मैंने भी थोड़ा रिक्वेस्ट किया तो आंटी मान गई और खुद ही बोतल और 2 ग्लास उठा ले आई। और बोली ये लो। तो मैंने कहा आंटी आज आप ही पैग बनाइए ना ऐसे तो मैं कभी कभी पिता हूँ तो खुद बनाता ही हूँ। लेकिन किसी औरत के हाथ का बना पैग नही पिया। वो हसने लगी और बोली तुम बहुत बदमाश हो। उनकी स्माइल तो गजब की लाजवाब थी। रेड होंठो पर रेड लिपिस्टिक के बीच उनकी मोतियों जैसी दांत बहुत खूबसूरत लग रही थी। हम काफी पी चुके थे।

 

फिर आंटी बोली बेटा अब मैं खाना बनाने जा रही हूं। तो मैंने बोला आंटी रहने दो क्यों परेशान हो रही हो। बाहर से आर्डर कर देते हैं। तो उन्होंने बोला कि नहीं बाहर तो रोज खाते हो। आज जब यहाँ हो तो मेरे हाथों का खाओ। अब वो भी जरा मजाक करने लगी थी। फिर वो उठकर किचन में चली गईं। थोड़ी देर बाद मैं भी बोर होने लगा तो मैं भी उठकर किचन में पहुँच गया। आंटी का गांड मेरी तरफ था वो किचन में जाने से पहले गाउन चेंज कर ली थी। अब वो ब्लैक कलर की जालीदार टाइट गाउन पहने हुए थी। जिसमें से उनकी गोरी चूतड़ और रेड कलर की पैंटी साफ दिख रही थी। मैं तो हैरान यह गया। वह  बहुत हॉट सेक्सी लग रही थी। मैं काफी देर तक उनके गांड को घूरता रहा। फिर आंटी पीछे मुड़ी तो मुझे देखकर बोली अरे बेटा तुम। क्या हुआ मन नही लग रहा क्या। मैंने कहा मैं अकेले बोर हो रहा था तो आ गया। अब मैं भी आंटी के बगल में खड़ा हो गया। आंटी के बदन से बहुत अच्छी परफ्यूम की खुशबू आ रही थी। फिर मैंने कहा मैं भी आपको मदद करता हूँ। खाना बनाने में। बताइए मेरे लिए क्या आदेश है। तो वो बोली कि कुछ नही। बस बन ही गया है। तुम बैठो। चेयर ले आओ। तो मैंने कहाँ चेयर की क्या जरूरत और मैं उनके पास किचन के स्लैप पर बैठ गया। और बातें करने लगे। उनके बड़े बड़े बूब्स जालीदार गाउन में से साफ दिख रहे थे। मेरी तो नजरें नही हट रही थी। उनकी गोरी गुदाज बाहें बिल्कुल खुली हुई थी। काले बाल और लाल लिपिस्टिक वो साक्षात रति लग रही थी। फिर रात के करीब 10 बजे हमने खाना खाया और फिर हम सोफे पर बैठकर TV देखने लगे।

 

तभी जोर से बादल गरजा और बिजली कड़की ऐसा लगा जैसे घर पर ही बिजली गिरी।  अंजली ऑन्टी चीख कर मुझसे लिपट गई, मैं भी डर गया था। करीब 20-25 सेकंड तक ऐसे ही हम एक दूसरे में लिपटे रहे। तभी मुझे उनकी कड़क और बड़ी बड़ी चूचियों का एहसास हुआ और मेरा लंड खड़ा हो गया।

 

फिर आंटी मुझसे अलग हुई और बोली बेटा ये बारिश का मौसम बहुत डरावना है। आज तो जैसे प्रलय ही आ रहा है।

 

तभी मैंने कहा कि आंटी मुझे थोड़ा और पीने का मन कर रहा है। तो वो बोली ठीक है मैं लाती हूँ। फिर वो लेकर आई लेकिन ग्लास एक ही था तो मैंने कहा की एक और लाओ आप भी थोड़ा तो लो साथ मे पीना अच्छा लगता है। तो वो ले आयी। मैंने जानबूझकर डार्क पैग बनाया थ। हम फिर से 3 पैग पी लिए। हम दोनों के अंदर अब नशा सवार हो चुका था। और वो नशा धीरे धीरे बदन का नशा बन गया। तभी आंटी बोली बेटा तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है तो मैंने कहा थी लेकिन पिछले साल ही उसकी शादी हो चुकी है। तो वो बोली कि तुम बहुत हैंडसम हो। तुम जिस लड़की के लाइफ पार्टनर बनोगे वो बहुत खुशनसीब होगी। मैंने भी कहा कि आंटी आप भी बहुत खुबसूरत हो आज तक मैंने ऐसी खूबसूरत औरत कभी नहीं देखा। तो वो बोली मैं तुम्हे अच्छी लगती हूँ तो मैने कहा आप सच मे बहुत अच्छी हो। बहुत सेक्सी लगती हो आप। इतना बोलते ही वो मुझे सीने से लगा ली। उनकी चुचियाँ मेरे छाती में दब गई। और ये एहसास पाकर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। मैंने भी आंटी को जोर से अपनी बाहों में दबा लिया। और फिर आंटी के होंठो पर अपना होंठ रख दिया। और किस करने लगा वो भी मेरा साथ देने लगी।

 

लाल होंठ और उनकी गर्म सांसे मुझे और मदहोश कर दिया, और उनकी गरम गरम तेज चलती हुई साँसे मुझे और भी दीवाना बना दिया। तभी मैंने उनकी बूब्स को हाथों में पकड़ के जोर से दबाने लगा। करीब 5 मिनट तक हम एक दूसरे को किस करते रहे। और मैं उनकी चुचियों को दबाते रहा।

फिर हम खड़े हो गए और ऐसे थोड़ी देर किस करते रहे फिर मैं आंटी को गोद मे उठाया और बेड पर ले जाकर पटक दिया। वो बिन पानी मछली की तरह बेड पर तड़प गई। मैं उनके ऊपर  गया और उनकी जालीदार गाउन को उतारने लगा वो मदद की और खुद ही गाउन उतार दी। रेड ब्रा और पैंटी में उनका कसा हुआ बदन देखकर मैं हैरान हो गया। फिर मैं उनके ब्रा और पैंटी को भी उतार दिया। क्या गजब के गोल बूब्स थे। पतली कमर के बीच गहरी नाभि और भी सेक्सी लग रहे थे। अब मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए थे। उनकी हल्की बालों वाली चूत देखकर मैं पागल हो गया मेरे से अब रहा नहीं जा रहा था।

 

और मैं ऑन्टी के ऊपर चढ़ गया और उनके पुरे बदन को अपने जीभ से चाटने लगा। वो  बेडशीट को अपने मुट्ठी में भींच रही थी और अपने बदन को मरोड़ रही थी। और अपने होठ को दांत के अंदर पिस रही थी।, मैंने उनके चुचियों को मुंह में लेके पिने लगा, फिर आंटी मुझे नीचे कर दी और 69 कंपोजिशन में आ गयी। वो मेरे लंड को चूसने लगी, और मैं उनकी चूत को चूसने और चाटने लगा। उनकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी। करीब 10 मिनट तक हम ऐसे ही एक दूसरे के चूत लंड को चूसते रहे तभी आंटी अपना चूत मेरे मुंह पर जोर जोर से रगड़ने लगी। और ढेर सारा पानी छोड़ दी। मैं भी सारा पानी पी गया। चूत का पानी बहुत टेस्टी था।

 

 

फिर वो सीधी हुई और मुझे किस करने लगी मैं भी भरपुर साथ दे रहा था। वो फिर से गर्म हो चुकी थी फिर आंटी मेरा लंड पकड के अपनी चूत में डाल ली उनकी चूत किसी भट्ठी की तह गर्म था। और जोर जोर से चोदने लगी. वो जोर जोर से चीला रही थी और सिसकारियां ले रही थी। उनके मुंह से आहहहहहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह उफ़फ़फ़फ़फ़फ़उफ़ आहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहहहहह की आवाजें आ रही थी। और बोल रही थी बहुत मजा आ रहा है। मेरी जान मेरे राजा तुम्हारा लंड बहुत कड़क और मोटा है। मैंने आजतक इतना मोटा लंड से नहीं चुदी थी। आज तूने मुझे तृप्त कर दिया। मेरी चूत को फाड़ दिया तुम्हारा लंड। ओहहहहहहहहह ओहहहहहहहहहहहहहहहह ओहहहहहहहहहहहहहहहह मेरे शेर। बहुत मजा आ रहा है। बहुत मजेदार चुदाई है यह। मेरे जीवन का पहला ऐसा चुदाई। , मजा आ गया, मजा आ गया, आहहहहहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहहह ऐसा जवान लंड तो आज मेरी तक़दीर बदल दी. आहहहहहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहह ,

 

फिर आंटी बोली बेटा अब तुम ऊपर आकर मुझे चोदो। और वो बिना लंड को बाहर निकाले नीचे हो गई अब मैं जोर जोर से चोदने लगा। अब वो और चिलाने लगी कि चोदो बेटा चोदो मेरी चूत , तुम बहुत अच्छा चोदते हो। ऐसे ही जोर जोर से चोदो मेरी जान। आहहहहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहहहह आहहहहहहहहहहहहहहह बेटा चोदो बेटा चोदो। फाड़ दो मेरी चूत। मेरी चूत का जनाजा निकाल दो। वो नीचे से जोर जोर से गांड को उछाल रही थी। इस दौरान आंटी करीब 3 बार झाड़ चुकी थी। वो जब भी झड़ती थी मुझे कस के दबोच लेती थी और नीचे गांड उछालने लगती थी। कारण 40 मिनट के चुदाई के बाद मेरा भी लंड गर्म लावा छोड़ने वाला था मैंने कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो आंटी बोली बेटा मेरे चूत को अपना लंड का गर्म पानी पिलाओ बहुत दिन से ये चूत प्यासी है। और इसी के साथ मैं झड़ने लगा और आंटी ये देख मुझे जोर से पकड़ के दबाने लगी। और अपना गांड उछालने लगी। और कहने लगी चोदो बेटा सारा पानी मेरे चूत में निकाल दो। मैं झड़ चुका था और आंटी के ऊपर निढाल हो के

लेट गया हमदोनो एकदूसरे को बाहों में भींचे हुए थे। हमारी सांसे बहुत तेज चल रही थी दोनों हांफ रहे थे।

 

करीब 5,  7 मिनट बाद आंटी मुझे अपने ऊपर से हटाई और उठकर खड़ी हो गई वो बाथरूम जाने लगी तो मैंने देखा उनकी चूत से मेरे लंड का पानी और उनकी चूत का पानी मिक्स हो के टपक रहा था।

 

उस रात मैं अंजली आंटी को 5 बार चोदा।  सुबह मैं आफिस नहीं गया और कॉल करके छुटी ले ली। करीब 8 बजे तक हम नंगे एक दूसरे के बाहों में सोते रहे।

 

फिर मैं मेडिकल गया और सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाई ले के आया। मेरे लंड में दर्द हो रहे थे और सूज भी गया था इसके बावजूद मैं उन्हें दिन भर चोदा। बाथरूम में भी शावर के नीचे और बाथटब में हम चुदाई किए। शाम तक उनकी चूत भी सूज गई थी। फिर हल्के गर्म पानी से वो मेरे लंड और अपनी चुत की सिकाई की थोड़ा आराम मिला। और फिर पूरी रात वही चुदाई का सिलसिला चलता रहा।

 

तो कैसी लगी मेरी अंजली की चूत की चुदाई। कमेंट कर के जरूर बताना। जल्दी ही मैं एक और चुदाई की कहानी लेकर आऊंगा।

 

नोट- यह कहानी सच्ची घटना है लेकिन सभी नाम काल्पनिक हैं।

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