अंकल कहूँ या जान

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अंकल कहूँ या जान-पापा के दोस्त से मेरी चुत की सील टूटी

मैं घुटनो पर बैठकर उनको प्रोपोज़ कर दी। और आई लव यू बोली। तो वह मुझे उठाए और आई लव यू टू बोले और फिर बाहों में भर के मुझे किस करने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर वह बोले लेकिन कीर्ति तुम अभी छोटी हो। तो मैं बोली आज मैं अठारह की हो गयी हूँ और अब बालिग हो गई हूँ। और जवान भी। तो श्याम मुझे गोद मे उठाए और बेड पर लिटा दिए और फिर मेरे सारे कपडे खोल दिए मैं शरमा रही थी पर वो मेरी चूचियों पर टूट पड़े थे वो मेरी चूचियों को मसलने लगे निप्पल को ऊँगली से मिजने लगे।

और फिर मेरे होठ को चूसने लगे। और फिर वो निचे गए और मेरी पेंटी उतार दी। मैं आज ही झांट साफ की थी इसलिए मेरी चुत बिल्कुल चिकनी थी। वो मेरे दोनों टांगो के बिच में बैठकर पहले मेरी चूत को निहारा फिर दो ऊँगली से चुत को फैलाकर देखने लगे। और बोले जानेमन तुम्हारी चुत में सील है। बिल्कुल बन्द बोतल की तरह। तो मैं बोली इस सीलबंद चुत का मालिक आप हो और आपके लन्ड से ही यह सील टूटेगी।

मेरी ये पहली सेक्स कहानी है पर इससे पहले मैं सिर्फ सेक्स कहानियां पढ़ती थी इस वेबसाइट पर, लेकिन आज मैं आपके लिए एक सेक्स स्टोरी लेकर आई हुई। क्यों की मुझे चुदाई की लत लग गयी है और हूँ अभी अठारह साल की। पर अपने से दुगने मर्द से चुदवाती हूँ कर भी क्या सकती हूँ। जब तक चुत की गर्मी शांत नहीं होती मजा नहीं आता है।

https://nightqueenstories.com के सभी सेक्सी पाठकों को मेरा नमस्कार। दोस्तों मेरा नाम कीर्ति कामिनी है। मैं 18 साल की हूँ। मेरा फिगर भी कुछ खास नही है और मैं दुबली पतली ही हूँ लेकिन मेरी चुत में बहुत आग है। मेरा रंग बिल्कुल दूध की तरह सफेद है। भले मैं दुबली हूँ लेकिन मेरी जिस्म में मेरी चुचियों की कसावट और मेरी करारेदार गांड़ का कोई जवाब नही है ये तो ऊपर की बात हुई। और अंदर की बात ये है कि मेरी चुत 24सो घंटे गीली रहती है मुझे रोज लंड चाहिए होता है। अगर मुझे दिन भर में 10 बार लंड मिले तब भी कम है क्योंकि मैं हर रोज लगभग 6 से 7 बार उँगली या गाजर मूली बैगन से चुत की आग शांत करती हूँ। मैं अभी से पूरी मेच्योर हो चुकी हूँ और माँ डैड की इकलौती संतान हूँ तो मुझे उनसे बेपनाह मोहब्बत भी मिलता है। इसलिए मैं किसी लड़के को जल्दी घास नही डालती। हाँ मुझे बड़े उम्र के आदमी ज्यादा पसन्द हैं क्योंकि मेरी चुत की आग कोई नौशिखिया नही बुझा सकता।

ये कहानी भी मेरी और मेरे से दुगने से भी ज्यादा उम्र के आदमी की है और वो कोई और नही बल्कि मेरे पापा के दोस्त हैं। हाँ दोस्तों सही सुना आपने मैं अपने पापा के दोस्त से चुत की आग बुझाती हूँ। और वो किसी घोड़े से कम नही हैं जब भी मुझे चोदते हैं मेरी चुत को पानी पानी कर देते हैं।

मेरे मम्मी पापा दोनों गवर्मेंट एम्प्लॉयी हैं। और दोनो केंद्रीय मंत्रालय में कार्यरत हैं। अब आप समझ ही गए होंगे कि मैं चुदक्कड़ कैसे हूँ। क्योंकि दिल्ली की लड़कियां 10 साल की उम्र में जवान हो जाती हैं और 12, 13 साल की होते होते लन्ड का स्वाद चख चुकी होती हैं।

मेरे डैड के एक दोस्त हैं जिनका नाम श्याम है वह अक्सर मेरे घर आते हैं। और वो मुझे बचपन से ही बहुत प्यार देते हैं। वह अक्सर घर पर रुकते भी हैं। और मुझे पढ़ाते भी थे। मेरे मॉम डैड आफिस चले जाते थे तब भी वो मेरे घर रहते थे और तब हमदोंनो ही मस्ती करते थे। धीरे धीरे कब मैं उन्हें चाहने लगी पता ही नही चला।

एक 18 साल की जवान लड़की कैसे अपने पापा के दोस्त को दिल दे बैठी और अपनी गर्म चुत की आग उनके लन्ड के पानी से बुझाई

तो फाइनली मैं 18 साल की हो गई और शाम को पार्टी थी लेकिन बस 4 लोगों की मैं माँ पापा और श्याम अंकल। पार्टी का सारा खर्च और अरेंजमेंट श्याम अंकल ने ही किये थे। श्याम अंकल 8वीं मंजिल पर रहते हैं और हमलोग 5वीं मंजिल पर। श्याम अंकल की पत्नी का 5 साल पहले देहांत हो गया है। उनके कोई बच्चे भी नही हैं। वह एक बैंक में अधिकारी हैं। और अकेले ही रहते हैं। इसीलिए उनका ज्यादा समय मेरे घर ही बितत्ता है। उनके बच्चे नही हैं इसलिए वो मुझे ही सबकुछ मानते हैं। और कभी कभी वह कहते थे कि कीर्ति की शादी का सारा खर्च मैं उठाऊंगा। वह बहुत अच्छे हैं शायद इसीलिए वो मेरे दिल को भा गए। वह रोज मेरे लिए चॉकलेट और गिफ्ट लाते थे।

मेरे मम्मी पापा घूमने के बहुत शौकीन हैं इसलिए वो अक्सर दिल्ली से बाहर दूसरे शहर में घूमने जाते हैं। और तब मैं अकेले रहती थी और मम्मी पापा मेरी जिम्मेदारी श्याम अंकल को देकर जाते थे। और हमदोंनो ही घर मे रहते थे।

तो जिस दिन मेरा 18वां जन्मदिन था उस दिन केक कटी हमलोग सब डांस किए और खाना खाए। लेकिन 12 बजे रात को मेरे नानाजी का कॉल आया कि मेरी नानी का तबियत ज्यादा खराब है और वो होस्पिटलाइज्ड है। मेरे नाना नानी के मेरी माँ ही बस एक संतान है। तो मेरे मम्मी पापा फौरन गाड़ी में कानपुर के लिए निकल गए। और पापा श्याम अंकल को बोले कि आप कीर्ति का ख्याल राखिएग और जब तक हमलोग वापिस नही आते आप यही रहिएगा। और वे दोनों चले गए।

चुकी मेरा जन्मदिन था तो श्याम अंकल को मैं बोली कि आप आज मुझे गिफ्ट नही दिए। मैं चेंज कर चुकी थी और सिल्क के नाईट ड्रेश में थी जिसमे मैं बहुत सेक्सी लग रही थी। रात को ब्रा निकाल के सोती हूँ तो जब मैं चेंज की तो ब्रा निकाल दी जिस कारण मेरी चूची की नोक बिल्कुल चाकू के नोक की तरह दिख रही थी।

आज मैं कुछ चाहती थी। और मौका भी अच्छा था। क्योंकि अक्ल और मैं अकेले थी। और मैं नोटिस किया कि श्याम मेरे उभरी हुई चुचियों को बार बार देख रहे हैं। तो अंकल फ़िदा हो गए और बोल दिए कीर्ति आज तुम बहुत हॉट लग रही हो। और फिर उन्होंने मुझसे कहा तुमने तो अपने बर्थडे पर मुझे हग भी नहीं किया क्या मैं इतना बुरा हूँ। जब तुम छोटी थी तो मैं तुम्हे गोद मे उठा लेता था और अपने गोद मे रखकर मैं ही तुम्हारा केक काटने में मदद करता था। लेकिन अब तुम बड़ी हो गई हो ना।

मैं बोली आ जाओ हग कर लो और मुझे गोद मे भी उठा लो

तो मैं बोली आ जाओ हग कर लो और अपने गोद में भी उठा लो मैं आपके लिए आज भी वही हूँ। लेकिन हां मैं सच मे बड़ी हो गई हूँ। और हमदोंनो हँसने लगे। तब उन्होंने झट से खड़े हो गए और मुझे अपनी बाहों में कस के भर लिए और मैं भी उनके बाहों में समा गयी। फिर क्या था दोस्तों उन्होंने मुझे गोद में में उठा लिया।

मेरी चुचियों और गांड़ के स्पर्श से वो हॉट हो रहे थे और मैं पानी पानी। हम दोनों का जिस्म एक दूसरे से चिपक गया था रात के बारह बज गए थे घर मे हमदोंनो के शिव कोई था नहीं हम दोनों की साँसे तेज चलने लगी। और हम दोनों कब एक दूसरे को चूमने लगे किस करने लगे पता ही नहीं चला और दोनों आँखे बंद कर एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे।

फिर अलग हुए तो मैं घुटनो पर बैठकर उनको प्रोपोज़ कर दी। और आई लव यू बोली। तो वह मुझे उठाए और आई लव यू टू बोले और फिर बाहों में भर के मुझे किस करने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर वह बोले लेकिन कीर्ति तुम अभी छोटी हो। तो मैं बोली आज मैं अठारह की हो गयी हूँ और अब बालिग हो गई हूँ। और जवान भी। तो श्याम मुझे गोद मे उठाए और बेड पर लिटा दिए और फिर मेरे सारे कपडे खोल दिए मैं शरमा रही थी पर वो मेरी चूचियों पर टूट पड़े थे वो मेरी चूचियों को मसलने लगे निप्पल को ऊँगली से मिजने लगे।

श्याम बोले तुम्हारी चुत तो बोतल को तरह सील पैक है तो मैं बोली इस सीलबंद चुत का मालिक आप हो अपने लन्ड से मेरी सीलबंद चुत को चोदकर सील तोड़ डालो

और फिर मेरे होठ को चूसने लगे। और फिर वो निचे गए और मेरी पेंटी उतार दी। मैं आज ही झांट साफ की थी इसलिए मेरी चुत बिल्कुल चिकनी थी। वो मेरे दोनों टांगो के बिच में बैठकर पहले मेरी चूत को निहारा फिर दोनों ऊँगली से चुत को फैलाकर देखने लगे। और बोले जानेमन तुम्हारी चुत में सील है। बिल्कुल बन्द बोतल की तरह। तो मैं बोली इस सीलबंद चुत का मालिक आप हो और आपके लन्ड से ही यह सील टूटेगी। और फिर लम्बी साँसे लेकर श्याम मेरी चूत चाटने लगे। मैं आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… करने लगी। उसके बाद वो मेरी चूत में एक ऊँगली डालने लगे तो मुझे हल्का हल्का दर्द भी हो रहा था पर अच्छा लग रहा था। मेरी चूत पूरी गीली हो गयी थी। मैं भी उनके लंड को छूना चाहती थी तो पकड़ ली और फिर उन्होंने अपने लंड को मेरी मुँह में डाल दिया मैं चूसने लगी। थोड़े ही देर में उनका लंड बहुत मोटा हो गया था। मेरी साँसे तेज तेज चलने लगी और मैं पागल होने लगी।

श्याम का मोटा लन्ड मेरी चुत को चिर दिया था और मेरी चुत से खून की धारा बहने लगी

फिर श्याम बोले कि तैयार हो तो मैं बोली अब मुझसे भी नही रहा जा रहा मेरी चुत की सील अपने लन्ड से तोड़ दीजिए। इतना सुनते ही उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अलग अलग किया अपना मोटा लंड मेरी चुत पर लगाया और फिर जोर से धक्का मारा मेरी तो जान निकल गयी और जैसे लगा सांस भी बंद हो गई। उनका लन्ड मेरी चुत को चीरकर मेरी चुत में समा चुका था। मेरी चुत से खून बहने लगा था। फाड़ दिया था मेरी चुत को। और फिर वो एक और जोरदार शॉट मारे और मेरी चुत में उनका पूरा लन्ड समा गया। मेरी आँखों से आंसुओ की धारा फुट पड़ी। तो श्याम बोले मेरी जान तुम्हे दर्द हो रहा है मैं लन्ड बाहर निकाल लेता हूँ तो मैं झट से उन्हें बाँहो में भर लिया और बोली नही बेबी मैं बर्दास्त कर लुंगी। मैं कई कहानियों में पढ़ी थी कि दर्द बस उसी समय होता है जो हो चुका था और अब मजे ही मजे होंगे। तो मैं बोली आप चोदिये तो वह चोदने लगे और 5, 6 धक्कों के बाद ही मुझे मजा आने लगा। और मेरे मुँह से कामुक सिसकारियां फूटने लगी और कहने लगी। आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. चोदिये बेबी चोदिये उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह बेबी….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. मुझे बहुत मजा आ रहा आप फाड़ दीजिए मेरी चुत आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… फक हार्ड बेबी फक हार्ड चोदिये मुझे आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. चोदिये बेबी चोदिये फक जान फक फक माइ पुसी बेबी फक माई पुसी उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह बेबी….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. याच बेबी फक हार्ड माई किंग फक मुझे बहुत मजा आ रहा आप फाड़ दीजिए मेरी चुत आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…

वह जोर जोर से चोद रहे थे और चोदते हुए बोले मेरी जान तुम अपनी माँ से भी ज्यादा चुड़क्कड़ और गर्म हो तेरी चुत बहुत मजेदार है उनकी यह बातें सुनकर मैं हैरान हुई और उनसे पूछ ली क्या आप मेरी माँ को भी चोदते हो क्या तो श्याम बोले तुम्हारी माँ तो मेरे लंड की दीवानी है वह रोज मेरे से चुदती है और उसकी चुत कि प्यास मेरे हि लंड से बुझती है। तुम्हारे पापा का लन्ड बहुत छोटा है और सुगर की वजह से अब वो महीने 2 महीने में ही एकाक बार चोद पाता है। वो भी बस डालकर हिला के शांत हो जाता है। श्याम की ये बात सुनकर मैं और भी सेक्सी हो गयी और जोर जोर से उनसे चुदवाने लगी। और कहने लगी आज से माँ बेटी दोनो आपकी लन्ड की दीवानी हुई फाड़ दो मेरी चुत। वह मुझे 40 मिनट तक चोदे पहली चुदाई में ही मेरी जान निकाल दिए। मैं 6 बार झड़ चुकी थी। लेकिन वो तो शुरुआत था। उस रात वो मुझे 5 बार चोदे और फिर सुबह 7 बजे तक हम चुदाई किये। वो अलग अलग पोजिशन में मुझे चोद के थका दिए थे। फिर हम नंगे एक दूसरे के बाहों में सो गए और 12 बजे उठे। और अगले 6 दिन तक हम ऐसे ही ताबडतोड चुदाई करते रहे।

अब श्याम और मैं रोजाना चुदाई करते हैं कभी मेरे घर मे कभी उनके घर मे।

दोस्तों इस रिश्ते को क्या नाम दूँ आपसब कमेंट करके बताना। और जल्द ही एक और नई मजेदार कहानी में मिलते हैं।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है दोस्ती और चुदाई

तो आप सब अपना ख्याल रखिएगा। कोविड का सिचुएशन है तो अपना विशेष ख्याल रखिएगा। नमस्कार।

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3 thoughts on “अंकल कहूँ या जान

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