दामाद और सास

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दामाद बना सास के चूत का मालिक

और मैं उसे आजादी के साथ सबकुछ करने के लिए छोड़ दी। उसकी हरकतों ने मुझे बेहद कामुक कर दिया, मेरे तन बदन में आग लग गयी थी अपने आप को रोक नहीं पाई और मैं भी लिप लॉक कर ली। किस करने में उसका साथ देने लगी। और चूसने लगी उसके होठ को और उसके जीभ को। फिर क्या था दोस्तों वो मुझे आराम से सीट पर लिटा दिया और मेरी साडी और पेटीकोट को ऊपर कर दिया, और एक झटके में मेरी पेंटी खींच ली। और फिर मेरे दोनों पैरों को अलग अलग कर के बिच में बैठ गया और लगा मेरी चूत चाटने। ओह्ह्ह्ह पानी पानी हो गयी मैं तो। मेरी चूत गरम हो गयी पानी निकलने लगा और रितेश जोर जोर से मेरी चूत चाटने लगा। मैं उसी दिन ही अपनी चूत की बाल साफ़ की थी तो चुत चिकनी थी। मैं भले चुदवाती नही थी लेकिन 15 दिन में एक बार झांट साफ करती थी। मेरा तो मन कर रहा था जोर से चिल्लाऊ चाट रितेश मेरी चूत जोर जोर से चाट खा जा अपनी सास के चूत को लेकिन मेरे जुबान से एक बोल ना फूटे।

कैसे हो मेरे प्यारे दोस्तों और

https://nightqueenstories.com के पाठकों? उम्मीद करता हूं सभी मजे में होगे।

तो दोस्तों ये कहानी है मेरी और मेरे दामाद के बीच की। मैं अपने आप को खुशनसीब मानती हूं जो मुझे अपने दामाद से वो सुख मिला जो कोई नही दे सकता। मुझे अपने दामाद से चुदवाकर ना सिर्फ मजा आया बल्कि मैं वापिस से जवान हो गई और अब मैं दिखने में भी 30 साल के आस पास और अपनी बेटी को बहन दिखती हूं।

दोस्तों मेरा नाम मधु है, मैं एक 41 साल की वर्किंग वुमन हूं। मेरे हसबैंड का अलीगढ़ में बिजनेस था जो बहुत अच्छा चलता था। लेकिन एक रोड ऐक्सिडेंट में उनका काफी पहले देहांत हो गया, और फिर मैं अपने बेटी के साथ अकेले रह गई। मेरी बेटी बहुत खूबसूरत है, उसका नाम राशि है। और 6 महीने पहले उसकी शादी मैं एक IT इंजीनियर से कर दी। वह बहुत अच्छा लड़का है और उसका नाम रितेश है। वह बैंगलोर में जॉब करता है। तो शादी के बाद रितेश मेरी बेटी को लेकर बंगलोर ही चला गया और मैं अकेली हो गई। और शादी के पहले महीने में ही राशि प्रेगनेंट हो गई।

चूत की आग में जल रही एक विधवा सास कैसे खुद को रोक नहीं पाई और दामाद के लंड चूत में निगल गई

और अब उसका सातवां महीना चलने लगा। तो उसे दिक्कत होने लगा और उसका मन भी अकेले घर में नही लगता था तो वो रितेश को बोली की मॉम को ले आओ मेरी मदद भी कर देगी और मेरा मन भी लग जाएगा। तो रितेश मुझे लेने अलीगढ़ आ गया लेकिन जिस फ्लाइट में हमारा बैंगलोर जाने का टिकट था वह कैंसल हो गया तो हम दिल्ली से बंगलोर के लिए ट्रेन का तत्काल टिकट लिए और जाने लगे। इत्तेफाक से हमें फर्स्ट AC में टिकट मिला था। और फिर हम बस से दिल्ली गए और वहां से ट्रेन में बैठे। शाम 6 बजे का ट्रेन था। फिर हम दिल्ली से भी निकल गए और रात 9 बजे खाना खाए। उस केबिन में सिर्फ मैं और मेरे दामाद रितेश ही था। दोस्तों रितेश एक हंसमुख लड़का था और मेरे से भी अच्छे से बात करता था और मजाक भी। तो मैं भी उससे पूरा खुली हुई थी।

फिर खाना खाकर हमारा बातचीत जारी रहा। और रितेश मजाक करते हुए बोला, मम्मी जी आजकल की ज़िंदगी ऐसी है की एन्जॉय खूब करने चाहिए। अब आप खुद ही अपना देख लो जब से पापा जी चले गए आपको जवान छोड़कर, आप जीना ही भूल गई। और आप उदास सी रहती हो, जीना भूल गई हो जबकि अभी आपकी उम्र ही कितनी है इस उम्र में तो शहर की लड़किया शादी भी नही करती और ऐस मौज करती हैं। पर आप इसी उम्र में एक सासु माँ बन गए हो, और 2 महीने बाद नानी भी बन जाओगी। मैं तो यही कहता हु खूब एन्जॉय कर लो,असली जिंदगी जियो, जो चले गए उनकी याद में खुद को परेशान मत कीजिए। रितेश मुझे समझा रहा था, पर दोस्तों सच तो ये है की मैं भी ऐसी ही ज़िंदगी चाहती हूँ जैसा की रितेश कह रहा था, मैंने कहा हां रितेश आपका बात तो सही है पर समाज भी कुछ चीज होती है, अगर लोग देखेंगे की मैं फैशन कर रही हूँ, तो कहेंगे की देखो यह विधवा होकर फैशन करती है, इसको अपने पति का कोई गम नही है। मैं भी चाहती हूँ ज़िंदगी को सही से जीने के लिए पर समाज के डर से ही मैं कुछ नहीं कर पाती हूँ।

तो रितेश बोल उठा आप बस मेरी दोस्त बन जाओ मेरी सासु माँ नहीं, फिर देखो, मैं आपको जीने सिखा दूंगी और समाज तो कुछ भी बोलता है वे गलत ही बोलते हैं तो क्या जीना छोड़ दे आदमी। आप तैयार तो हो आपको खूब मजे कराऊंगा घुमाऊंगा, बैंगलोर में तो 60 साल की महिलाएं भी क्लब जाति हैं, पार्टी करती हैं, और 25 साल के लड़के को बॉयफ्रेंड बना के घूमती हैं। मैं भी आपको अच्छे अच्छे कपडे पहनाऊंगा और समंदर किनारे बीच पर घुमाऊंगा। ये सब सुनकर मेरे मन में हलचल सा होने लगा क्योंकि वो मेरे ख्वाब को ही बोल रहा था मैं ऐसी ही ख्वाब देखती थी लेकिन ये ख्वाब बस ख्वाब ही रह गया।

तो मेरे मन में भी उत्सुकता जागी और मैंने कहा ठीक है, तुम जैसा चाहो वैसा ही करते हैं। तो रितेश बोला प्रॉमिस मैं बोली प्रॉमिस तो रितेश बोला ऐसे नहीं और वो खड़ा हो गया, और फिर वो बोला मुझे बाँहों में भरकर प्रॉमिस करो, मैं भी खड़ी हो गयी, और गले लगाते हुए प्रॉमिस बोली। लेकिन उसके गले लगते ही मेरे शरीर में एक अजीब सी सनसनी दौड़ गई। यह सनसनी मुझे अपने हसबैंड से मिलता था। उधर रितेश के इरादे कुछ और थे, वो मेरे पीठ को सहलाने लगा और ब्रा को मेहसूस करने लगा। मैं कुछ नहीं बोली और उसके सीने से चिपकी रही। क्योंकि उसकी हरकत मुझे भी अच्छी लगी थी। फिर क्या था दोस्तों रितेश मुझे छोड़ ही नहीं रहा था, ट्रैन में बिलकुल सन्नाटा था और मेरे जिस्म में चिंगारी दौड़ने लगी थी। फिर रितेश ने लाइट बंद कर दीया। अब केबिन में अन्धेरा हो गया और वो मेरे होठ पर अपना होठ रख दिया। सालो बाद ये एहसास पाकर मैं निढाल सी होने लगी। फिर धीरे धीरे उसका हाथ मेरी बड़ी बड़ी और कड़क चूचियों पर चला गया और सहलाते सहलाते वो मसलने लगा। और मैं विरोध ना कर पा रही थी।

और मैं उसे आजादी के साथ सबकुछ करने के लिए छोड़ दिया। उसकी हरकतों ने मुझे बेहद कामुक कर दिया, मेरे तन बदन में आग लग गयी थी अपने आप को रोक नहीं पाई और मैं भी लिप लॉक कर ली। किस करने में उसका साथ देने लगी। और चूसने लगी उसके होठ को और उसके जीभ को। फिर क्या था दोस्तों वो मुझे आराम से सीट पर लिटा दिया और मेरी साडी और पेटीकोट को ऊपर कर दिया, और एक झटके में मेरी पेंटी खींच ली। और फिर मेरे दोनों पैरों को अलग अलग कर के बिच में बैठ गया और लगा मेरी चूत चाटने। ओह्ह्ह्ह पानी पानी हो गयी मैं तो। मेरी चूत गरम हो गयी पानी निकलने लगा और रितेश जोर जोर से मेरी चूत चाटने लगा। मैं उसी दिन ही अपनी चूत की बाल साफ़ की थी तो चुत चिकनी थी। मैं भले चुदवाती नही थी लेकिन 15 दिन में एक बार झांट साफ करती थी। मेरा तो मन कर रहा था जोर से चिल्लाऊ चाट रितेश मेरी चूत जोर जोर से चाट खा जा अपनी सास के चूत को लेकिन मेरे जुबान से एक बोल ना फूटे।

अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर पाई और बोल पड़ी रितेश अब और मत तड़पाओ घुसा दो अपना लंड मेरी चूत में और फाड़ डालो मेरी प्यासी चूत को

रितेश अब ऊपर आया उसकी साँसे तेज तेज चल रही थी। उसने पहले मेरे होठ को खूब चूसा। फिर ब्लाउज के हुक खोल दिया और ब्रा भी निकाल दिया अब मेरी चूचियां पीने लगा मेरे निप्पल को दांतो से चबाने लगा और मेरे बदन को सहलाने लगा, और मैं सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई.. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई करने लगी

धीरे धीरे करके वो अपना कपड़ा भी उतार चुका था और नंगा हो चुका था। अब मेरे से बर्दाश्त नहीं हुआ और मैं बोल पड़ी, अब मैं पागल हो गयी थी मैंने कहा रितेश अब और मत तड़पाओ वरना मेरी जान निकल जायेगी अब अपना लंड मेरे चूत में डाल दो। लेकिन वह बोला मम्मी जी क्या जल्दी है, आज मैं आपको पूरा मजा दूंगा और फिर वह अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया, मैं रितेश की लंड चूसने लगी, मोटा लंबा लंड जैसे ही मैं मुँह में ली मैं और भी कामुक हो गयी मेरी कामुकता भड़क गयी, मेरी चूत की चुदास बढ़ गई, मैं होश खो दी और मैं अपने गले से भी नीचे तक उसके तगड़े लंड को लेने लगी मुझे वर्षों बाद लंड चूसने को मिला था यह मुझे बहुत अच्छा लगा।

अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकती थी तो मैं बोली अब मुझे चोद दो रितेश, और मत तड़पाओ, रहम करो मेरे पे। और उसने भी तुरंत ही मेरे पैरों को अलग अलग किया और अपना मोटा लंड मेरी चुत की मुँह पर लगाया और जोर से घुसा दिया। ओह्ह्ह्हह मजा आ गया था दोस्तों उसके मोटे लंड को पाकर मैं निढाल हो गई थी। अब उसने जोर जोर से धक्के देते और मेरी चूचियां मसलते हुए चोदने लगा। मैं भी पुरे जोश में आ गयी थी, फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह, हाफ हार्ड बेब फक हार्ड सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह…..फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह, हाफ हार्ड बेब फक हार्ड आहहहहहहहहह.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत। चोदो हहहहहहहहहहहह…….. जोर से आहहहहहहहहहहहहहहह……

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह….फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. इरर्राहहहहहहहहह.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत। चोदो इरर्राहहहहहहहहहहहहहह…….. फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह, हाफ हार्ड बेब फक हार्ड फक माइ पुसी बेब फक ओह रितेश यु आर सो नाइस हैंडसम हंक उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. फक हार्ड स्वीटहार्ट डीप फक फक माय जूसी पुसी हनी फक हार्ड यु आर बुल बेब फक माइ पुसी उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… .सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह बेबी….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. फक मय पुसी किंग ओह माइ किंग ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहह मैं 3 बार झड़ चुकी थी, और शायद मेरे जीवन का यह पहला चुदाई था जब मैं 3 बार एक साथ ऑर्गेज्म हासिल की थी। और अभी भी रितेश दनादन मुझे चोदे जा रहा था। और उसकी चुदाई देख के तो यही लग रहा था की अभी वो मुझे 15,20 मिनट और चोदेगा। मतलब साफ था मैं असली मर्द से आज चुद रही थी। जीवन में पहली बार असली मर्द से चुदाई करवा रही थी। फिर वह बोला मम्मी जी आप ऊपर आकर चोदोगी क्या तो मैं बोला ठीक है, तो वह नीचे हुआ और मैं उसके लंड को अपनी चूत में डाली और ताबड़तोड़ चुदाई करने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। करीब 10 मिनट मैं ऐसे ही चुदाई की और फिर मैं 1 बार झड़ चुकी थी और मुझे थकान लगने लगा तो मैं बोली रितेश अभी तुम्हारा पानी आने में कितना बाकी है मैं थक गई अब और नहीं चोद पाऊंगी। तो वह बोला आप उतरिए और फिर वह मुझे घोड़ी बनने बोला और मैं सीट पकड़ के घोड़ी बन गई और पीछे से वह मेरे चूत में लंड घुसा दिया और मेरी चूत चोदने लगा मुझे जन्नत मिल चुका था सो मैं चिल्लाने लगी

मैं उसको ऊपर आ के चोदने बोली और मैं लेट गई। और उसे सामने से लंड डालने बोली वह मेरे चूत में लंड डालकर मेरे पर लेट गया और चोदने लगा मैं भी चिल्ला चिल्ला कर उससे चोदवाने लगी आहहहहहहहहह.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत। चोदो हहहहहहहहहहहह…….. जोर से आहहहहहहहहहहहहहहह……

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और फिर हम एक दूसरे के साथ नंगे चिपक गए एक ही सीट पर। फिर हम दोनो एक दूसरे को चूमते हुए सहलाने लगे। और उस रात हम 3 बार चुदाई किए और नंगे एक दूसरे के साथ चिपक के सो गए। और सुबह 8 बजे नाश्ता वाला नॉक किया तो हमारी नींद खुली और रितेश उठकर अपना कपड़ा पहना और नाश्ता ले लिया और फिर वह अंदर से केबिन लॉक कर लिया। मैं अभी भी पूरे नंगे थी और ब्लैंकेट ओढ़े हुए थी मेरी आंखो में चमक थी।

और फिर बंगलोर पहुंचते तक रितेश मुझे चोदता ही रहा और मैं भी उससे चूत फैला फैला के चुदवाती रही।

मेरे प्यारे दोस्तों कैसी लगी मेरी चुदाई की दास्तान। मुझे पता है लौंडों का लंड से पानी अपने आप झड़ गया होगा यह पढ़ के, और लड़कियों और चाचियों मुझे मालूम है तुमलोग अपनी चूत में उंगली करके चूत सूजा दी होगी।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “बुआ की बेटी का सील खोला

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