वाशरूम में रासलीला

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वाशरूम के हवस की रासलीला

हेलो दोस्तों! मेरा नाम आयशा है। पिछले साल में बारव्ही कक्षा में थी। जिस अकैडमी में मैं थी वहा पर सारे नियम सख्त थे। इसके बावजूद मेने मेरे क्रश के साथ सेक्स किया था और वो भी कॉलेज के वॉशरूम में। यही किस्सा आज में आपसे शेयर करना चाहती हूँ।

दरसल उस अकैडमी में बहुत दूर दूर से एडमिशन लेने इसी लिए आते थे क्योंकि यहा का रिजल्ट बहुत ही अच्छा था। यही कारण है कि यहा के कायदे कानून बहुत सख्त थे। क्लास के लड़कों को लड़कियों से बात तक करना मना था। हर जगह कैमरे लगे हुए थे और हर ब्रेक के बाद अटेंडेंस ली जाती थी।

उसी दौरान मुझे एक लड़के से प्यार हो गया, एकदम शिद्दत वाला प्यार। आप पूछेंगे लड़का लड़की का ठीक से बात भी करना मना था, फिर भी प्यार कैसे! अब वो था ही इतना सेक्सी की में फिसल गयी। वैसे मेरा हमेशा से ही पढ़ाई में ज्यादा ध्यान रहता था। हर क्लास में, हर विषय मे टॉप करती थी। मुझे पढ़ाई में कोई मुझसे आगे बढ़े ये बिल्कुल बर्दाश्त नही होता था। और ये जनाब जिनका नाम वंदन है, इनको भी पढ़ाई में बड़ी दिलचस्पी थी। ऐसा कई बार हुआ था कि टीचर के सवाल का हम दोनों एक साथ जवाब देते थे। और जब दोनों में से किसी एक का जवाब गलत निकलता था, तब बाकी सारे लड़के शोर करने लग जाते, चिढाने लग जाते। ऐसा सुनने को आया था कि उसके सब दोस्त उसे मेरे नाम से चिढ़ाते थे।

शुरुवात में मुझे उसपे बहुत गुस्सा आता था। मगर नजाने कैसे मुझे धीरे धीरे आदत लग गयी थी बैठे बैठे उसे देखते रहने की। जैसे वो अपने बाल सहलाता था, क्लास के बाहर सीटी बजाते फिरता था, इस सब पे में मरने लगी थी। उसको ताड़ने के चक्कर मे मेने अपनी जगह तक बदल दी थी – फर्स्ट बेंच से लास्ट बेंच पर। मुझे एहसास होने लगा था कि में उसके बारे में बहुत ज्यादा सोचने लगी थी।

मुझे प्यार पहली बार हुआ था इस लिए में बहुत खुश थी। मगर मेने सोचा था कि बारव्ही कक्षा में है तो अभी सिर्फ पढ़ाई करेंगे। इसीलिए मैंने उसे कोई हिंट नही दी थी। मेने मेरे इस क्रश के बारे में सिर्फ एक सहेली को बताया था। में बस उसके प्यार में शायरी लिखती और कभी कभी अपने आप को सेहला लिया करती थी। उसको बस याद करने से ही मेरी चुत गीली हो जाती थी।

कुछ दिनों बाद मेने एक दिन सोच लिया कि उसे बता देते है, आगे जो होगा देखा जाएगा। इस लिए मेने पूरे दिलसे उसके लिए एक लवलेटर लिख दिया। अगले दिन लंच ब्रेक में मैने उसके बैग में चुपके से वो डाल दिया। मेने सोचा कि या तो ‘हाँ’ कहेगा या मना कर देगा। मगर मेने अगले दो दिन तक इंतजार किया मगर उसका कोई जवाब नही आया। तीसरे दिन मेने देखा कि वो और उसके दोस्त कुछ धीरे धीरे कुछ बड़बड़ कर रहे थे और हस रहे थे। शायद वो मेरी चिट्ठी पढ़ रहे थे और मेरा मजाक उड़ा रहे थे, मेने सोचा।

उस दिन मुझे बहुत ज्यादा बुरा लग रहा था। में घर चली आयी। में इतनी उदास थी कि मैने पढ़ाई ना करने का सोच लिया। शाम की माँ और पापा कुछ काम से बाहर चले गए। अब मुझे पता था कि मेरी उदासी दूर करने के लिए मुझे क्या करना है! मेने तुरंत सारे दरवाजे खिड़कियाँ बंद कर दी। मेने शीशे के सामने खड़े हो कर अपने सारे कपड़े निकाल दिए।

मेरी फिगर एकदम मैन्टेनेड थी। मेने देखा कि मेरी चुचियाँ अब पहले से ज्यादा बड़ी थी और आकर्षक भी। दिखने में भी मैं अच्छी खासी सुंदर थी। मुझे कभी किसी लड़के ने मना नही किया था। और इस वंदन ने मेरे लेटर का जवाब तक नही दिया! में गुस्सा थी मगर में अभी भी उसी के लिए तरस रही थी। मेरा पूरा बदन उसके छुवन के लिए व्याकुल था। मेरे होठ उसके होठों का स्पर्श चाहते थे। मेने आगे बढ़ कर शीशे पर अपने आप को चूम लिया और तभी मेरी आँख से एक आँसू छलक आया।

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में कुछ देर तक अपने नंगे बदन को आइने में देखती रही। फिर में बाथरूम में चली गयी। में खाली बाथटब में बैठ गयी। मुझे ऐसे मास्टरबेट करने में ज्यादा मजा आता था। मेने बाथटब का नल शुरू किया और टांगे खोल कर बैठी रही। जैसे जैसे पानी की लेवल बढ़ने लगी, वो पानी मेरी चुत को छेड़ने लगा। मेरी चुत अब मचलने लगी।

मेने शॉवर हेड अपने हाथ मे ले लिया। पहले अपनी चुचियों पर पानी डाला। और फिर नीचे चुत पर जोरदार पानी की धार छोड़ी। अलसी मजा तब आया जब उंगलियों से मेंने अपनी चुत खोली और अंदर तक पानी का स्पर्श होने लगा। मेंरी चुत धड़कने लगी थी और पैर कमजोर पड़ रहे थे। कुछ ही सेकंड्स में मुझे चरम सुख मिला।

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मेने तुरंत अपनी उंगली से चुत को सहलाना शुरू किया। जोर जोर से हिलाने लगी। और अब मैं सांतवे आसमान पर थी! इस अहसास का पूरी दुनिया मे कोई तोल नही है। मेरी चुत से गरम पानी निकला। मेने थोड़ी देर बाथटब में ही रिलैक्स किया। मुझे पहले से काफी हल्का महसूस हो रहा था। मेने सोचा कि जितना कुश में अपने आप को कर लेती हूँ, वंदन शायद ही कर पाता…मुझे इस खयाल पर बड़ी हसी आयी।

में बाथरुम से बाहर आयी और होम थिएटर पर गाने चला दिये। में फिरसे शीशे के सामने बिना कपड़ों के खड़ी हो गयी। मेरे गाल और चुचियों हल्का हल्का लाल ग्लो कर रही थी। और गीले बदन में मैं और ज्यादा सेक्सी फील कर रही थी। मेने डबल मीनिंग वाले गाने लगा दिए और वैसे ही नाचने लगी। असलियत में, मै जितनी पढ़ाकू थी उतनी ही हवसी भी थी। मैं शीशे में अपनी नंगी कमर हिलाने लगी। मैं इतने जोश में नाच रही थी कि मेरी चुचियाँ हिचकोले खा रही थी। मुझे आज तक इस आईने के अलावा किसी ने नाचते हुए नही देखा था।

थोड़ी देर बाद मेने अपने कपड़े पहन लिए और घर ठीक कर लिया। माँ और पापा जब घर लौट आये तब में पढ़ाई करने बैठ गयी। दो घंटे अच्छसे पढ़ने के बाद मुझे अच्छा लग रहा था। शाम को में बहुत ज्यादा दुख में थी मगर अब मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया था। मेने ठान लिया कि कल वंदन से बात कर ही लूंगी। उसे मुझे जवाब देना ही होगा!

अगले दिन मेने अपना फेवरेट ड्रेस पहना। ऊपर एक फ्रॉक जैसा टॉप था और नीचे लेगिंग्स पहन ली। कॉलज जाते ही मेने उसे अकेले में मिलने का प्लान बनाया। मेरे पास उसकी एक बुक थी। उसके पहले पन्ने पर मैने लिख दिया “बात करनी है तुमसे। लंच ब्रेक में हो सके तो बाकी सब से पहले आ जाना क्लास में!” ये लिख कर मेने उसके पास गई औऱ बुक लौटाते वक्त उसे इशारा से पहला पन्ना दिखा दिया।

मेरे जाने के बाद उसने पढ़ा होगा। अब मुझे इन्तेजार था लंच ब्रेक का। मेने सोच लिया था कि उससे क्या कुछ बोलना है और कितना डाँटना है। फिर लंच ब्रेक आया। में सहेलियों के साथ बाहर चली गयी। मेने टैंक के पास खड़े रहकर पानी पी लिया। गेट की ओर देखा तो सारे लड़के कैंटीन की ओर जा रहे थे। मेने सोचा आज खाना नही खाऊँगी। पहले ही क्लास में बैठूंगी उसके आने तक। मे क्लास की ओर चली आयी।

क्लास के दरवाजे पर और चौंक कर खड़ी हो गयी। वंदन खाना खाने के लिए गया ही नही था। एकदम कोने में एक टेबल पर बेठा हूआ था। मेरे अंदर जाते ही उसने लाइट ऑफ करदी ताकि कैमरे में हम दोनों ना दिखे। क्लास में अब सिर्फ हम दोनों थे। में जैसे जैसे उसके करीब जा रही थी मेरे दिल की धड़कने तेज हो रही थी। उसने कहा “बोलो आयशा, क्या हुआ?” उस वक्त मुझे बोलने को कुछ सूझ नही रहा था। मेरी आँखों मे पानी भर आया।

मेंने कहा “वंदन में तुमसे प्यार करती हूँ। इसी लिए मेने वो लवलेटर तुम्हे लिखा। तुम जवाब तक नही दे सके मुझे?” उसने कहा “कोनसा लेटर?” उसके सवाल ने मुझे हैरान कर दिया। उसने तुरंत कहा “एक मिनिट…तुम…तुम मुझसे प्यार करती हो? में भी तुमसे प्यार करता हूँ मगर कैसे बोलू समझ नही पा रहा था। और मुझे कोई लेटर नही मिला…” वो सोचने लगा और मैने तुरंत उसके करीब जाकर उसे किस कर लिया। वो चौंका और उसने मुझे बाहों में ले लिया। मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नही था।

हम दोनों पाँच मिनिट तक किस करते रहे। में खुशी से पागल हो रही थी। अनजाने में मेरा हाथ उसके शर्ट के अंदर चला गया और मेने उसकी पीठ को छुआ। वो रुका और बोला “सुनो! कही और चले?” में जवाब दिए बगैर भागने लगी। हम दोनों को पता था कहा जाना है। टैंक के पास से हम दोनों विरुद्ध दिशा में भागने लगे। ऊपरी मंजिल पर एक ओर लड़को का वाशरूम था और दूसरी ओर लड़कियों का वाशरूम। और बीचमे एक पैसेज था जहासे जो दोनों वाशरूम को जोड़े हुए था।

में गर्ल्स वाशरूम पहुंची और आगे से वंदन भी भागता हुआ आया। हमने एक दूसरे को कसकर गले लगाया और फिरसे किस कर लिया। हमने सारे दरवाजे अंदर से बंद कर लिया। जाहिर सी बात है वाशरूम में कैमरा लगे हुए नही थे। में एक दरवाजा बंद कर रही थी कि पीछे से वंदन ने मुझे पकड़ लिया और गर्दन पर चूमने लगा। में बेचैन हो रही थी। उसने मेरे टॉप की पीछे से चैन खोल दी। मुझे हल्की सी शर्म आयी।

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उसने मेर टॉप आगे की ओर झुका कर निकाल दिया। मेने अपने हाथों से अपनी चुचियाँ ढक ली और आँखे बंद कर ली। उसने मुझे माथे पर चूमा। मुझे सुकूम ही सुकून महसूस हो रहा था। मेने अपनी बाहे खोली। उसने अपना शर्ट निकाल दिया। नीचे उसका शर्ट उल्टा कर के बिछाया और में उस पर बैठ गयी। मेरा मूड भी अब चुदासी हो गया था। वो नीचे बेठा और मेरी चुचियाँ चुसने लगा। मेरी आहे निकलने लगी…

आहहहहहहहहहहहहहहहहह…..

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….

लंच ब्रेक खत्म होने को अभी वक्त था। मेने बड़ी बेशर्मी से अपनी लेगिंग्स उतार दी। और तभी उसने उसकी जीन्स उतारी। उसने उसका लंड अंडरवियर से निकला और मैने हाथ मे ले लिया। में उसके लंड को हिलाने लगी और फिर चुसने लगी। उसका बड़ा लंड देखते ही मेरी चुत गीली होने लगी थी। में और रुक नही सकती थी। मेने अपनी पैंटी को हाथ से एक बाजू सरकाया और उसके लंड को मेरी चुत पर रगड़ने लगी।

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उसने फिर एकदम से उसका पूरा लंड मेरी चुत के अंदर डाल दिया। मे जोर से आह निकली। उसने मेरे मुह पर हाथ रखा और लंड अंदर बाहर करता रहा। मेरी चींखें चालू रही…

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह……

वंदन!!!चोदो मुझे और जोर से…

उममहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. चोदो मेरी चुत वंदन… आआआहहहहहहह और जोर से..जोर से ओह मेरे हीरो आआआहहहहहहह

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मेरी आवाज से वो और जोश में आ रहा था। और में खुशी से अपनी चुदाई का मजा लेती रही।

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह…… बहुत तड़पी हूँ मै वंदन तुम्हारे लिये। तुमही बुझा सकते हो मेरी प्यास।

आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह

उममहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईसससीई…

और फिर हम दोनों साथ ही झड़ गए। नीचे बाकी लड़के लड़कियों की आवाज आने लगी थी। ब्रेक खत्म होने को आया था। हम दोनोंने जल्दी जल्दी कपड़े पहन लिए। उसकी शर्ट थोड़ी मैली हो गयी थी। मेने पानी डाल कर साफ कर दी। हम दोनों ने फिर से एक दूसरे को चूम लिया और वीकेंड को बाहर मिलने का वादा किया। दोनों फिर अपने अपने रास्ते से भाग गए और किसीको खबर तक नही हुयी।

आज दोनों ने खाना नही खाया मगर भूख दोनों की मिट गयी – दिल की भी और शरीर की भी! मेने जितना सोचा था वंदन ने मुझी उससे कई ज्यादा संतुष्ट किया था, और वो भी बहुत कम समय में। इस दिन के बाद हमारा चक्कर चालू हुआ। हम पढ़ाई में भी आगे रहे और चुदाई में भी। इश्क़ हो तो हमारे जैसा!

तो एक थी दोस्तों मेरी प्यारभरी चुदाई की कहानी वो भी कॉलेज वाशरूम में। अगर ये कहानी पढ़ कर आपको मजा आया तो लाइक और कमेंट जरूर करे।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “गर्लफ्रेंड की बहन का चुत मिला तोहफे में

धन्यवाद।

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