ऑफिस टूर पर मेरी चुत की आग बुझी

फिर उसने अपना हाथ मेरी दोनों जांघो के बीच मे जीन्स के ऊपर से ही ले आया और सहलाने लगा। मैं तो घबरा सी गई। और उसका हाथ हटा दिया लेकिन वह बार बार ऐसा करने लगा। मैं भी इसे एन्जॉय कर रही थी। लेकिन फिर भी मैं उसका हाथ हटा रही थी। फिर मैं छोड़ दी। और वह जीन्स के ऊपर से ही मेरे चुत के पास सहलाने लगामैं पैरों को थोड़ा खोल दी। फिर उसने कब मेरी जीन्स की जीप खोल दी मुझे तो पता ही नही चला और वह अंदर हाथ डाल दिया और मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चुत को सहलाने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। और मेरी चुत गीली हो गयी और पैंटी भी भीग गई।

 

कैसे मैं चुत की आग में जलते हुए ऑफिस टूर पर नीरज से चुद गई

 

हेल्लो  nightqueenstories.com के पाठकों मैं अदिति हूँ। मैं अब 31 साल की हूँ और सरकारी नौकरी करती हूँ। 3 साल पहले मेरी शादी हो चुकी है।  लेकिन मेरी ये कहानी आज से 6 साल पहले की है। तब मैं प्राइवेट  सेक्टर में गाजियाबाद में नौकरी करती थी। वैसे तो मेरा बॉयफ्रेंड था जिसे मैं बहुत प्यार करती थी। वो देहरादून में रहता था। और मुझसे मिलने हर 2- 3 महीने में आता था।

 

लेकिन ये कहानी दूसरे लड़के के साथ कि है। मैं जिस फर्म में काम करती थी उसकी कई ब्रांच दिल्ली और नोएडा में थे। जिसमें अक्सर मुझे फोन पर बात करना पड़ता था। तो दिल्ली में एक आफिस में कॉल करती थी उसका अटेंडेंट एक नीरज नाम का लड़का था जो अक्सर कॉल रिसीव करता था। तो हमारी धीरे धीरे बातचीत होते होते दोस्ती जैसी हो गई। हमदोनों ने फिर प्राइवेट नम्बर भी एक्सचेंज किया और कभी कभी ऑफिस के इतर भी बात कर लिया करते थे। नीरज बहुत अच्छा दिखता था।

 

फिर हम एक दो बार रेंडमली घूमने भी गए। जो दिल्ली में ही लोकल में था। अब वो शायद मुझपर लट्टू होने लगा था। मुझे भी अच्छा लगता था लेकिन मेरा बॉयफ्रेंड था इसलिए ज्यादा ध्यान नही देती थी। हम अब हँसी मजाक भी कर लिया करते थे।  ( यह कहानी आप nightqueenstories.com पर पढ़ रहे हैं।)

 

Sex Stories

एक बार हमारे आफिस की टूर नैनिताल जा रही थी। सभी एम्प्लॉयी के लिए गाड़ी भी बुक थी 2 दिन 2 रात का टूर था। 8 फोर व्हीलर थे। लेकिन काफी स्टाफ नहीं गए तो सभी गाड़ी में 2, 3 लोग आराम से बैठ गए।

 

नीरज मेरे जीन्स की जीप खोलकर पैंटी के ऊपर से मेरी चुत सहलाने लगा

मैं जिस गाड़ी में थी उस गाड़ी में आगे एक मेरे सीनियर बैठे थे। और पीछे मैं और नीरज बैठे थे। रात का समय था गाड़ी हाइवे पर दौड़ रही थी। लेकिन तब नीरज को कुछ होने लगा। पहले तो वह मेरा हाथ पकड़ने लगा एक दो बार मेने झटका दी लेकिन फिर भी वह नही माना। और मेरा हाथ पकड़ के सहलाने लगा। और अपना पैर मेरे पैरों में रगड़ने लगा। चुकी गाड़ी में एक सीनियर भी बैठे थे इसलिए मैं कुछ बोल भी नही पा रही थी। रात के अंधेरे में पीछे कुछ नही दिखाई दे रहा था। और नीरज की बदमाशियां बढ़ते जा रही थी।

 

अब वह कभी कभी मेरे गालों पर किस कर लेता था। फिर उसने मेरी जांघो पर हाथ रख दिया। मेने झटक दिया। लेकिन वो इसी तरह कई बार किया। 4, 5 बार तो मैं हटा दी। एक बार तो मैं उसके हाथों में चिकोटी भी काट दी। लेकिन वह नही माना। अब वह धीरे धीरे मेरे जांघो को सहलाने लगा। और बीच बीच में कस के दबा भी रहा था। अच्छा तो मुझे भी लग रहा था। लेकिन मैं ये सब नही चाहती थी।

 

फिर उसने अपना हाथ मेरी दोनों जांघो के बीच मे जीन्स के ऊपर से ही ले आया और सहलाने लगा। मैं तो घबरा सी गई। और उसका हाथ हटा दिया लेकिन वह बार बार ऐसा करने लगा। मैं भी इसे एन्जॉय कर रही थी। लेकिन फिर भी मैं उसका हाथ हटा रही थी। फिर मैं छोड़ दी। और वह जीन्स के ऊपर से ही मेरे चुत के पास सहलाने लगामैं पैरों को थोड़ा खोल दी। फिर उसने कब मेरी जीन्स की जीप खोल दी मुझे तो पता ही नही चला और वह अंदर हाथ डाल दिया और मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चुत को सहलाने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। और मेरी चुत गीली हो गयी और पैंटी भी भीग गई।

 

फिर एक ढाबा आ गया और हम वहां रुककर खाना खाएं। वहां से हमारा स्टेशन ज्यादा दूर नही था। तो हम खाना खाए और गाड़ी में आकर बैठ गए। फिर बातचीत करते हुए आधे घंटे में पहुँच गए।

 

चुकी काफी स्टाफ नहीं आए थे इसलिए सबको होटल में आसानी से एक लोग या 2 लोग करके कमरा मिल गया। मैंने भी सर से बोला तो एक सिंगल कमरा मिल गया। मैं थकी हुई थी इसलिए सोना चाहती थी। रात के करीब 12 बज गए थे। तो मैं रूम में गई और सो गई। सुबह करीब 8 बजे मेरी तब नींद खुली जब नीरज आके दरवाजा खटखटाया।

 

नीरज ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और बोला मैम आप बहुत सुंदर हो

फिर मैंने दरवाजा खोला तो नीरज अंदर आ गया और मैं बाथरूम में नहाने जाने लगी और नीरज को बोली कि तुम जाओ मैं तैयार हो के आती हूँ। वह जाना नहीं चाहता था। उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया। और बोला मैम आप बहुत सुंदर हो। मैन झटका और बोला क्या कर रहे हो पागल होंगे हो जाओ यहाँ से मैं तैयार हुके आती हूँ। फिर वह चला गया।

 

फिर हम कैम्प करने चले गए। दिनभर इधर उधर घूमे। नीरज भी मेरे साथ दीन भर घुमा। हमने बोटिंग भी किया। लेकिन हमारी बात कम ही हुई क्योंकि काफी लोग थे। फिर हम शाम को होटल आ गए। और मैं जब अपने कमरे में आ रही थी तो नीरज बोला मैम मैं रात को रूम में आऊंगा। मैंने बोला क्यों, तो उसने बोला कि कुछ बात करनी है। फिर मैं बिना कोई जवाब दिए चल दी।

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Office sex

पहले तो मैं नहाई फिर मेरा नीचे जाने का मन नही था तो मैं खाना रूम में ही आर्डर कर दी। और खाकर लेट गई। रात के करीब 11 बजे नीरज का मैसेज आया कि मैम दरवाजा खोलो मैं बाहर हूँ। मैंने भी रिप्लाई किया कि अभी जाओ सुबह आना मैं थक गई हूँ। मुझे नींद आ रही है। लेकिन उसके रिकवेस्ट करने पर दरवाजा खोल दी। ( यह कहानी आप nightqueenstories.com पर पढ़ रहे हैं।)

 

 

और आकर मैं बेड पर लेट गई। वह खुद ही दरवाजा अंदर से लॉक किया और आकर बेड पर बैठ गया। उसने हालचाल पूछा और दिन के बारे में पूछा। फिर वो भी मेरे बगल में लेट गया। फिर अचानक  से उसने मुझे अपने पास खींच लिया और मुझे किस करने लगा मैं हटाई और बोली कि क्या कर रहे हो। बात करना था तो बोलो क्या बात है और जाओ यहाँ से मुझे नींद आ रही है। तो उसने मेरी आँखों मे एकटक देखा और फिर मुझे किस करने लगा। मैं भी कल रात के उसकी हरकत से काफी उत्तेजित हो गई थी। फिर मैंने भी उसे किस करने में मदद की। 5 मिनट तक हम एक दूसरे को किस करते रहे।

 

 

मैं अब काफी गर्म हो गई थी

फिर वो उठा और मुझे भी खींचकर बिठा दिया और मेरी टॉप निकालने लगा मैं मना की एक दो बार मना करने के बाद वो आखिर मेरा हाथ ऊपर कर टॉप निकाल ही दिया अब मैं लाल रंग की ब्रा में थी फिर हमदोनो एकदूसरे को कीस करने लगे और वो कब मेरी ब्रा का हुक खोल दिया पता ही नही चला फिर ब्रा को अलग किया और मेरे बूब्स को बारी बारी चूसने लगा। फिर वो मुझे लेटा दिया और मेरी चुचियों को दबा दबाकर चूसने लगा मैं अब काफी गर्म हो गई थी।

मेरा विरोध करने के बजाए सहयोग पाकर उसके हौसले बढ़ गए और उसने मेरी जीन्स की बटन खोल दी और नीचे खिंचने लगा लेकिन मैं पकड़ ली और बोली कि नहीं बस इतना ही नीचे कुछ भी नहीं करने दूंगी। बस हो गया अब तुम जाओ यहाँ से। फिर वो मेरी जीन्स के अंदर हाथ डाल दिया और पैंटी के ऊपर से मेरी चुत को सहलाने लगा मेरी पैंटी गीली हो चुकी थी। क्योंकी उसकी हरकतों से मेरी चुत भी चुदासी हो चुकी थी। मैं मना करती रही लेकिन वह सिर्फ नाम का ही विरोध था। फिर वो नीचे गया और मेरी पैंटी सहित जीन्स को खींच दिया। मेरी जीन्स और पैंटी घुटनों से नीचे चले गए। लाइट ऑन थी तो मैं अपने हाथों से अपनी चुत को ढक ली। वो मेरी जीन्स और पैंटी को पैरों से निकाल दिया। और मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगा। मैं मना कर रही थी फिर वो मेरे पूरे शरीर को चाटने लगा अब मैं भी अकड़ने लगी और उसके सर में उंगलिया फिराने लगी। फिर वो नीचे गया और मेरी दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ कर फैला दिया और अपना मुँह चुत पर लगा दिया। उसकी होंठो और जुबां की स्पर्श पाकर मैं तो उछल गई। मैं पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी। अब मेरी मुँह से सिसकारियां सिसीईईईजीईईईईई……. ससीईईईईईईईईईईईईकीईईई………. आह हहहहहहहहहहहहहहह …… ओह्हहहहहहहहहहहहहहहहहनिकलने लगी। करीब 10 मिनट तक वो मेरी चुत चाटता रहा। और फिर मेरे चुत से गर्म लावा बहने लगा मैं नीचे से चुत उठाने लगी और वो सारा पानी पी गया। मैं शांत हों चुकी थी। फिर वो ऊपर आया और मुझे किस करने लगा।

 

 

आखिर में मैं चुत में आग के आगे हार ही गई और नीरज से चुद गई

अब मैं फिर से गर्म होने लगी तो वो समझ गया और नीचे जाकर मुझे डॉगी स्टाइल में होने को बोला मैं चुत के आग में इतनी जल रही थी कि मना नहीं कर पाई। और बैठकर आगे झुक गई। वह मेरे पीछे से अपना लंड मेरी चुत पर लगाया और मेरी कमर पकड़ के तेज झटका मारा उसका पूरा लंड मेरी चुत में चला गया। चुकी मैं अपने बॉयफ्रेंड से अक्सर चुदती थी तो ज्यादा प्रॉब्लम नहीं हुआ। फिर वह चोदने लगा। अब उसकी रफ्तार के साथ मेरी भी गांड पीछे की तरफ जाने लगी। पूरा कमरा आहहहहययययहाहायययहहहह….. uhhhhhhhhhhhhhh sssssssssss sisisisisisis…… से गूंजने लगा। करीब 7, 8 मिनट बाद मेरी चुत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया। मैन देखा कि मेरी चुत से पानी बहकर बेड पर गिर रहा है। लेकिन निरज तेज तेज चोदे जा रहा था।

 

फिर मैंने बोला अब तुम ऊपर आके चोदो। मैं लेटती हूँ। और मैं लेट गई। वह फिर से मेरे पैरों को फैलाया और लण्ड घुसा के चोदने लगा। अब मेरे मुँह से अचानक से निकलने लगा चोदो नीरज, चोदो। जोर जोर से चोदो। ooohhhhhhhh aaaaaahhhhhhhhhhh aaaaaaaaahhhhhhh नीरज चोदो बहुत मजा रहा है। hard fuck niraj fuck hard. Oooohhhhhhhhh yeaahhhhhhhhhhh. और मैं फिर से झड़ने लगी तो मेरा गांड अपने आप ही उछलने लगा। और मैं फिर शांत हो गई। कारण 8, 10 धक्कों के बाद नीरज भी झड़ने वाला था। तो उसने मुझसे पूछा कि लंड का पानी कहाँ निकालूँ। तो मैंने कहा मैं पिऊँगी और फिर वो झटके में लंड चुत से खींचा और मेरी मुँह में डाल के चोदने लगा इसी के साथ गर्म वीर्य उसके लण्ड ने मेरी मुंह भर दिए मैं सारा पानी पी गई। और फिर उसके लंड को चाटकर अच्छे से साफ की। फिर वो मेरे बगल में आ के लेट गया। ( यह कहानी आप nightqueenstories.com पर पढ़ रहे हैं।)

 

करीब 15, 20 मिनट हम बात किये इस दौरान एक दूसरे की नंगे जिस्म ने हमे फिर से गर्म कर दिया। और फिर से हमने चुदाई की।

 

उसके बाद नीरज उठकर कपड़े पहनने लगा तो मैं उठी और उसके पकड़े पकड़ के फेंक दिए और बोली कि कहाँ जाओगें। जब ही गए हो तो अब पूरी रात मेरे चुत का मजा लो। उस रात नीरज मेरी चुत को 3 बार चोदा

 

और एक बार मेरी गांड मारा। मैं पहली बार गांड मरवाई बहुत दर्द हुआ लेकिन मेरी कोल्ड क्रीम ने मेरी गांड की चुदाई आरामदायक बनाने में अहम भूमिका निभाया।

 

तो ये था मेरा ऑफिस टूर पर मेरी चुत की आग बुझी कहानी।

दोस्तों मेरी कहानी कैसी लगी कॉमेंट करके जरूर बताना। और हाँ स्टोरी को शेयर जरूर करना।

 

मिलते हैं फिर अगली चुदाई की कहानी में। तब तक के लिए नमस्कार।।

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