जवान लन्ड का मिलन

प्यासी चुत से जवान लन्ड का मिलन

तो फिर वह एक बार झड़ने लगी। और शांत हो गई। तो मुझे झुंझलाहट हुई। कि मैं चोद रहा हूँ और ये शांत हो गई। तो मैं बोला क्या हुआ तो रोमा बोली अब नही मेरी चुत की तूने धज्जियां उड़ा दी इतना देर तक कौन चोदता है। मेरी चुत 3 बार पानी छोड़ दिया और तुम हो कि चोदे जा रहे हो।

तो मैं बोला साली रंडी मुझे प्यासा छोड़ेगी क्या। फिर मैं बोला आज मैं तुम्हारी गांड़ मारूंगा। और लन्ड चुत से निकाल लिया और रोमा जबतक कुछ समझ पाती मैं उसके गोल गांड़ में लन्ड घुसेड़ दिया। लन्ड चुत के पानी से सना हुआ था। साथ ही चुत का पानी उसके गांड़ तक बह के पहले गिला किया हुआ था इस कारण लन्ड एक ही बार मे उसके गांड़ को चीरता हुआ अंदर समा गया।

कैसे हो दोस्तों, उम्मीद करता हूँ मजे में होंगे। https://nightqueenstories.com के सभी पाठकों को मैं तहेदिल से स्वागत करता हूँ। आप सबका प्यार हमे और अच्छी अच्छी कहानियां प्रस्तुत करने को प्रेरित करती है।

दोस्तों मैं नोयडा उत्तरा प्रदेश में में रहता हूँ। यहाँ मैं प्राइवेट कम्पनी में जॉब करता हूँ। सैलरी अच्छी है। बड़े अपार्टमेंट में रहता हूँ। कुल मिलाकर जीवन अच्छी कट रही है। मेरे कम्पनी की एक ऑफिस गुजरात के अहमदाबाद में भी है

मेरा नाम विवेक है। मेरी उम्र 29 साल है, मेरी पर्सनालिटी अच्छी है। एक दिन मेरी कम्पनी मुझे कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद भेज दी। वैसे तो कम्पनी रहने के लिए फ्लैट दी थी। लेकिन अहमदाबाद में ऑफिस से कुछ ही दूरी पर मेरे एक कुलीग के अंकल ऑन्टी रहते थे तो उसने कहा कि फ्लैट में रहोगे तो खाना खुद बनाना पड़ेगा मैं अंकल ऑन्टी से बात करता हूँ कुछ दिनों की बात है वही रह लेना।

कैसे मेरे कुलीग के ऑन्टी ने अपनी चुत की प्यास मेरे लन्ड के पानी से बुझाई

तो मेरे कुलीग ने बात किया तो वे बोले कि हाँ ये सबसे अच्छा रहेगा। और 2 दिन बाद मैं अहमदाबाद पहुँच गया।

फिर अंकल ऑन्टी के घर पहुँच गया। अंकल का नाम रामास्वामी था और ऑन्टी का नाम रोमिला था। वे साउथ इंडियन थे। उनका एक 13 साल का बेटा था जो मुम्बई में होस्टल में रहके पढ़ाई करता था। अंकल एक बिजनेस मैन थे जिनकी उम्र 47 साल था। और ऑन्टी 39 साल की थी लेकिन देखने मे 30 से भी कम की लगती थी। अंकल का बहुत बड़ा बिजनेस था। कुछ ब्रांच विदेशों में भी थे। तो घर मे अंकल ऑन्टी ही रहते थे।

उन्होंने मुझे एक रूम दे दिया था, मैं वहाँ रहने लगा और कुछ ही दिनों में मैं उनसे पूरी तरह से घुल मिल गया। अंकल जी बहुत कम घर रहते थे। वह अक्सर बिजनेस केन्चक्कर में भ्रमण करते रहते थे। जब वो घर आते थे तो मैं और अंकल जी साथ बैठ के पीते थे। तो हमारी और अच्छी बनने लगी थी।

मैं मोर्निंग 9 बजे ऑफिस चला जाता था और शाम 6 बजे वापस आता था। लेकिन मैं कुछ दिनों से नोटिस कर रहा था ऑन्टी मुझे चोरी चोरी देखती थी। उनकी नशीली आँखे मुझे भी बहुत अच्छी लगती थी। वैसे तो ऑन्टी सांवली थी लेकिन उनके नैन नक्श और शरीर की बनावट देखकर फरिश्ते का भी मन डोल जाए।

वैसे तो अंकल ऑन्टी दोनों मुझे बहुत प्यार से ख्याल रखते थे, न कोई पाबंदी न ही किसी तरह का कोई रोकटोक था। पूरा घर अपना जैसा था।, कभी भी किचन में जाओ कुछ भी खाओ मुझे कोई बोलने वाला नहीं था दोनो मुझे घर का सदस्यअन्ते थे। वो दोनों नेचर में बड़े अच्छे थे।

एक दिन शाम को मैं ऑफिस से घर आया तो आंटी ने दरवाजा खोला फिर में फ्रेश होकर हॉल में बैठ गया और टीवी देखने लगा। और अंकल दिन में ही विदेश निकल गए थे। घर मे सिर्फ ऑन्टी ही थी। फिर मैंने आंटी से पूछा कि अंकल कहाँ गए, तो ऑन्टी कातिल मुस्कान के साथ बोली कि वे विदेश गए हैं। वहां की कम्पनी में कुछ काम पड़ गया था।

रात का खाना रोमिला आंटी खुद बनाती थी। क्योंकि वो नौकरानी को 6 बजे छुट्टी दे देती थी। अंकल जी ऑन्टी के हाथ का खाना पसंद करते थे। तो रात में डिनर ऑन्टी बनाई। जब वो खाना बना रही थी तो मैं भी किचन में चला गया और बोला ऑन्टी मैं भी मदद करता हूँ आप अकेले क्यों बना रहे मैं भी अकेले बोर हो रहा हूँ। बताइए मैं क्या करूँ तो ऑन्टी बोली विवेक तुम मुझे ऑन्टी मत बोला करो। मैं तुम्हसे ज्यादा बड़ी नही हूँ। और तुम्हारी जुबान से ऑन्टी अच्छा नही लगता है तुम मुझे नाम से रोमा बोला करो। सबलोग मुझे प्यार से रोमा ही बुलाते हैं। तो मैंने कहा मैं आपको नाम से बुलाऊंगा तो अंकल को बुरा लगेगा। तो रोमा बोली अंकल के सामने ऑन्टी कहना। लेमिन ऐसे तो रोमा बोल सकते हो। मैंने कहा ठीक है रोमा। तो रोमा बहुत खुश हुई और मुझे गले से लगाती हुई बोली। ठीक है आज से हम अच्छे दोस्त हैं। मैं भी बोला हाँ हम अच्छे दोस्त हैं।

और फिर मैं बोला रोमा बताओ मुझे मैं क्या काम करूँ। तो रोमा बोली कुछ मत करो यही बैठो मैं कर लुंगी। और हमदोनों बातें भी कर लेंगे। टाइम पास हो जाएगा। और रोमा बोली रुको मैं चेयर लाती हूँ। तो मैंने रोमा का हथनपकड के रोक लिया और बोला तूम खाना बनाओ मैं यही स्लैब पर बैठ जाता हूँ कुर्सी की जरूरत नही है। फिर रोमा का मैं हाथ छोड़ दिया।

हमने ढेर सारी बातें की। आज रोमा बहुत खुश लग रही थी।

फिर रात को करीब 9 बजे मैं और रोमा डिनर किए। और फिर मैं टी.वी देखने लगा और रोमा किचन साफ करने लगी। वहां से किचन साफ दिखता था। तो मैं बार बार रोमा का पिछवाड़ा देख रहा था। रोमा का 40 इंच का पिछवाड़ा बहुत टाईट और बिल्कुल गोल था। पतली कमर होने के कारण रोमा का गांड़ और ज्यादा चौड़ा लगता था। वो परमाणु बम से भी ज्यादा खतरनाक दिखती थी।

रोमा भी अपना काम करते-करते बार-बार मेरी तरफ प्यासी निगाहो से देख रही थी तो मैं भी समझ रहा था। फिर वो किचन साफ करके आयी और मेरे पास आकर टी.वी देखने बैठ गई, वो सलवार पहनी हुई थी और दुपटा नहीं पहना था.

एक टाइट नाईट सूट पहनी हुई थी। जिसमे उसका कसा हुआ बदन साफ झलक रहा था।

मैं रोमा के गोल मटोल चूतड़ों को पकड कर मसल दिया

थोड़ी देर बाद रोमा मुझे बोली विवेक दूध पिओगे। तो मैंने कहा कि हाँ मुझे दूध बहुत पसंद है। तो वो कातिल मुस्कान के साथ किचन में गई। ऐसा लगा जैसे वो मुझे निमंत्रण दे रही हो। फिर मुझसे भी रहा नहीं गया और मैं भी पीछे-पीछे किचन में चला गया अब वो मेरे लिए दूध गर्म कर रही थी और अब वो मुझे किचन में देखकर मुस्कुराने लगी थी और अपनी जीभ होंठो पर घुमाने लगी थी मैं भी हिम्मत करके रोमा के बिल्कुल पास गया और धीरे से मेरे दोनों हाथ उसकी गोल-गोल गांड पर रख दिए और उसे ज़ोर से मेरी तरफ खींचा तो वो शर्माकर बोली कि विवेक क्या कर रहे हो?

तो मैंने कहा कि कुछ नहीं कर रहा हूँ। फिर रोमा ने मुझे धक्का देकर अपने से अलग किया और बोली कि विवेक ये ठीक नही है तुम दूर रहो। मैं उम्र में तुमसे काफी बड़ी हूँ। तो मैंने भी झट से कहा लेकिन हमदोनों दोस्त हैं और दोस्ती में उम्र नही देखी जाती। दोस्ती बराबर होती है।

फिर में रोमा को बाँहो में लिया और उसके होंठो पर अपना होठ रखकर किस करने लगा।

अब वो धीरे-धीरे मेरी बाँहों में पिघलने लगी। अब मैं धीरे धीरे उसके कपड़े निकालने शुरू किए तो रोमा खुद ही अपने कपड़े उतारने में मेरी मदद करने लगी।

अब मैं पूरी बेशर्मी पर उतर आया था। और बोला रोमा रानी मैं जानता हूँ तू मुझसे चुदवाना चाहती है। और मैं जबसे आया हूँ तेरे मुँह से लार टपक रहा है।

रोमा मेरे लंड को देखकर बोली बाप रे इतना बड़ा लन्ड होता है क्या

तो वो बोली कि विवेक आज से पहले मैंने तुम्हारे अंकल के सिवाय किसी और से नहीं चुदवाया है। फिर मैंने कहा कि एक बार मेरा लंड का स्वाद चख लोगी तो अंकल को भूल जाओगी। और सिर्फ मैं ही तुम्हारे दिल का दिलरुबा बन जाऊंगा।

ये सुनकर ही रोमा मेरा टीशर्ट उतारने लगी। और फिर मेरे लोअर में हाथ डाल दी। और लंड बाहर निकाल ली। मेरा लन्ड उसके मुट्ठी में नही आ रहे थे। तो उसने आश्चर्य से बोली विवेक तुम्हारा हथियार तो किसी मिसाइल की तरह है। बाप रे इतना बड़ा भी लन्ड होता है तो मैं बोला क्यों अंकल का भी तो होगा। तो रोमा बोली तुम्हारे अंकल का तो इससे आधा होगा। तो मैं बोला सच बताना रोमा अंकल का लन्ड भी छोटा है और अंकल अक्सर बाहर ही रहते हैं और तुम अभी बिल्कुल जवान हो तो तुम अपनी चुत को ठंडा कैसे करती हो तो रोमा बोली क्या बताऊँ। मैं इस मामले में बदकिस्मत हूँ। तुम्हारे अंकल से मुझें कभी शारीरिक सुख नही मिला। मैं चुत मे उँगली करके अपनी चुत की प्यास बुझाती हूँ।

और फिर वो बिना देर किए नीचे बैठ गई। और मेरे लन्ड को मुँह मे लेकर चूसने लगी। और बोली मैं ऐसे ही बड़े और तगड़े लन्ड की हमेशा कल्पना करती थी। और फिर से अपने मुँह में लेकर पागलों की तरह मेरे लन्ड को चूसने लगी।

विवेक मुझसे अब बर्दास्त नही हो रहा अपना मोटा लन्ड मेरी चुत में डालो और फाड़ दो मेरी चुत

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। करीब 5 , 7 मिनट तक वह मेरे लन्ड को और अंडकोषों को चुस्ती और सहलाती रही। फिर मैं रोमा को उठाया और किचन के स्लैब पर बैठा दिया। और मैं अपनी उंगली को उसकी चूत में डालकर हिलाने लगा, अब वो तो मानो पागलों की तरह अपनी कमर हिलाने लगी। वो लगातार अपनी गांड ऊपर उठा रही थी अब उसे बड़ा मज़ा आ रहा था, अब रोमा एक पल के लिए भी नहीं रह सकती थी। फिर उसने ज़ोर से चिल्लाकर बोली विवेक अब मुझसे बर्दास्त नही हो रहा अपना ये मोटा लन्ड डाल दे मेरी चूत में। और फाड़ डाल मेरी इस प्यासी चुत को। फिर ये सुनकर में भी पागल हो गया और मैंने मेरा लंड उसकी चूत पर रख दिया और हिलाना चालू किया।

मानो रोमा सदियों की प्यासी थी मानो उसे जीतेजी स्वर्ग नसीब हो गया था। और अपनी गांड को आगे पीछे कर मेरा पूरा लंड अपने चुत में ले रही थी और बोल भी रही थी चोदो ज़ोर-ज़ोर से चोदो….

 

आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii .. और जोर से चोद मुझे… चोद मुझे मेरे राजा।।। ..आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iफाड़ डालो मेरी चूत को, बहुत मज़ा आ रहा है, iiसससीईईईईईईiii आज मुझे रंडी बना ले अपनी .. और जोर से चोद.. आह फाड़ डाल मेरी चुत। आहहहहहहहहह मेरे राजा… आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii .. और जोर से चोद चोद मुझे।।। ..आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii आज मुझे रंडी बना ले अपनी .. और जोर से चोद.. आह फाड़ डाल मेरी चुत। आहहहहहहहहह मेरे राजा… चोदो जोर से……. आहहहहहहहहहहहहह पूरे ताकत से चोदो…. मेरी चुत को फाड़ डालो…..

आज जी भरकर चोदो मुझे आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii

आज सारी रात चोदो आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii .

और में ज़ोर-ज़ोर से झटके मारते गया।

फिर कुछ देर के बाद वो शांत पड़ गई, तो मैंने कहा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि मैं थक गई। वो 2 बार झाड़ चुकी थी और हमारी चुदाई पिछले 30 मिनट से चल रहा था।

फिर मैं रोमा को गोद मे उठाया मेरा लन्ड अभी भी उसके चुत में ही थी। और उसे ऐसे ही उठाकर ले गया। और बिना लन्ड को निकाले सोफे पर ले जाकर पटक दिया और चोदना शुरू किया।

वह फिर से जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दी। आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii .. और जोर से चोद मुझे… चोद मुझे मेरे राजा।।। ..आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iफाड़ डालो मेरी चूत को, बहुत मज़ा आ रहा है, iiसससीईईईईईईiii आज मुझे रंडी बना ले अपनी .. और जोर से चोद.. आह फाड़ डाल मेरी चुत। आहहहहहहहहह मेरे राजा… आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii .. और जोर से चोद चोद मुझे।।। ..आहहहहहहहहहहहहहहहहहः ओहहहहहहहहहहहहहहहहह iiiसससीईईईईईईiii आज मुझे रंडी बना ले अपनी .. और जोर से चोद.. आह फाड़ डाल मेरी चुत। आहहहहहहहहह मेरे राजा… चोदो जोर से……. आहहहहहहहहहहहहह पूरे ताकत से चोदो…. मेरी चुत को फाड़ डालो…..

तूने मेरी चुत की धज्जियां उड़ा दी इतनी देर तक कौन चोदता है

तो फिर वह एक बार झड़ने लगी। और शांत हो गई। तो मुझे झुंझलाहट हुई। कि मैं चोद रहा हूँ और ये शांत हो गई। तो मैं बोला क्या हुआ तो रोमा बोली अब नही मेरी चुत की तूने धज्जियां उड़ा दी इतना देर तक कौन चोदता है। मेरी चुत 3 बार पानी छोड़ दिया और तुम हो कि चोदे जा रहे हो।

तो मैं बोला साली रंडी मुझे प्यासा छोड़ेगी क्या। फिर मैं बोला आज मैं तुम्हारी गांड़ मारूंगा। और लन्ड चुत से निकाल लिया और रोमा जबतक कुछ समझ पाती मैं उसके गोल गांड़ में लन्ड घुसेड़ दिया। लन्ड चुत के पानी से सना हुआ था। साथ ही चुत का पानी उसके गांड़ तक बह के पहले गिला किया हुआ था इस कारण लन्ड एक ही बार मे उसके गांड़ को चीरता हुआ अंदर समा गया।

पहले तो वो चिल्लाई और फिर थोड़ी देर के बाद उसे भी मज़ा आने लगा। अब मैं जितनी तेजी से चोद रहा था वो भी अपनी गांड ऊपर कर-करके मरवा रही थी। फिर मैंने कहा कि देखा कितना मज़ा आ रहा है? तो वो बोली कि हाँ बे साले चोद मेरी गांड़। तेरे अंकल ने आज तक मेरी गांड नहीं मारी, तू पहला मर्द है जिसको मेरी ये गांड नसीब हुई है और मेरी गांड को तेरा ये लंड नसीब हुआ है। तेरे लन्ड ने मेरे गांड़ का उद्घाटन कर दिया। अब से मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ।

फिर थोड़ी देर के बाद मेरा पानी उसकी गांड में ही निकल गया और उसकी पूरी गांड मेरे पानी से लबालब भर गई।

उस रात हम 3 बार चुदाई किये और ऐसे ही नंगे एक दूसरे के बाँहो में चिपककर सो गये। दिन में करीब हम 9 बजे उठे और एक बार फिर से चुदाई किए। और फिर बाथरूम में गए और शावर के नीचे भी हमने एकसाथ नहाते हुए चुदाई किया।

मैं 2 महीना वहां रुका और इन 2 महीनों में मैं उसे 200 बार से ज्यादा चोदा। अब रोमा मेरी लन्ड की दीवानी बन चुकी है। वो फ्लाइट से दिल्ली आती है और हम रात भर चुदाई करते हैं और फिर वो वापस चली जाती है। मैं भी अक्सर अहमदाबाद जाता हूँ और रोमा को खूब बजाता हूँ।

रोमा अब मेरे ऊपर खुलकर धन दौलत लुटाती है।

तो दोस्तों यह कहानी कैसी लगी मुझे कमेंट करके जरूरर बताएं। और अगर आपकी कोई डिमांड हो तो मुझे बताएं मैं आपके इच्छानुसार कहानी लेकर आऊंगा। और भी मजेदार कहानियों के लिए https://nightqueenstories.com पर बने रहें।

अपना ख्याल राखिएग। नमस्कार।

 

 

100% LikesVS
0% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *