मस्तानी की मस्त जावानी भाग-1

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कलकत्ता की बदनाम गली और मस्तानी की मस्त जावानी भाग-1

दोस्तों मेरा नाम हीरा है। नाम से आप सब अचंभित मत हो जाना दरअसल मैं सच मे हीरा ही हूँ। मेरी माँ ने मेरा नाम बहुत सोच समझकर रखा था। मैं 23 साल का हूँ और ये कहानी 15 दिन पहले की है। मेरा बेसिकली पुश्तैनी घर नवादा बिहार में है।

मेरी माँ का नाम कमला है। और उनकी उम्र 39 साल है। जब मेरी माँ 16 साल की थी तब मेरी माँ की शादी हो गई थी। और शादी के 6 महीने बाद ही मेरा बाप मेरी माँ को छोड़कर एक रंडी चुदक्कड़ भिखारन को लेकर मुम्बई भाग गया। और तब मैं माँ के पेट मे था। मेरे बाप को भागने के बाद मेरे दादा दादी भी मेरी माँ को घर से निकाल दिए। तब मेरी माँ अपने मायके आ गई। लेकिन वहाँ भी सब ताना देते और माँ काफी परेशान रहने लगी। चुकी मेरे नाना नानी बूढ़े थे और बमुश्किल उनकी अपनी जीवन यापन चल पा रही थी। एक दिन मेरे नानाजी गाँव वालों की गंदी बातें सुनकर परेशान हो गए। और घर आकर मेरी माँ को बहुत भला बुरा कहा और घर से निकल जाने को बोला। मेरी माँ घर से निकल गई। उनके पास मात्र 300 रुपए थे। वह ट्रेन पकड़ी और कलकत्ता आ गई। और इधर उधर काम करके गुजारा करने लगी। और एक दिन एक हरामी आदमी माँ को काम के बहाने अपने घर ले गया और बलात्कार कर दिया। वह 3 दिन तक माँ को बंधक बनाकर रखा और तीसरे दिन 5000 रुपए माँ को दिया और जहाँ से ले गया था वही लाकर छोड़ दिया।

और यही से शुरू हुई एक नया कहानी। अब मेरे माँ के पास 5000 रुपए थे वो अलग बात था कि वह बलात्कार के बदले मिला पैसा था लेकिन किस्मत को शायद यही मंजूर था। और माँ उसी पैसे से फुटपाथ पर श्रृंगार का सामान बेचना शुरू कर दी। और वही त्रिपाल डालकर रहने भी लगी। उसके जैसे सैकड़ो असहाय लोग ऐसे ही फुटपाथ पर रहते थे। हालांकि एक दिन एक पुलिस वाला आया और मेरी माँ के सारे पैसे छीन लिए और सारा सामान तोड़ फोड़ दिया यहां तक कि त्रिपाल भी हटा दिया। तो माँ को वही आदमी याद आया जो उसका बलात्कार किया था और बदले में 5000 रुपए दिया था। माँ उठी रात के 12 बज रहे थे। माँ सीधा उस आदमी के घर पहुँच गई। और जाकर बोली कि उस टाइम तू मेरा बलात्कार किया था आज मैं तुमसे खुद चुदने आई हूँ। क्या चोदेगा मुझे। वह आदमी माँ को घर मे बुलाया। और बोला ठीक है ये ले साड़ी और ब्लाउज सुर जा पहले अच्छे से नहा ले। जब माँ नहाकर बाथरूम से तौलिया पहनकर निकली और जब रेड साड़ी में खुले हुए गीले बालों को लहराई तो वह आदमी देखते ही रह गया।

मेरी माँ किसी फिल्म की हेरोइन लग रही थी। उस रात माँ को वो रात भर चोदा और माँ खुलकर उसे चुदाई का मजा दी। माँ एक रंडी की तरह उसे चुदाई का मजा दी थी। वह खुश हो गया। और माँ को सुबह 5 हजार रुपए देने लगा लेकिन माँ बोली मुझे तुझसे पैसे नही चाहिए बल्कि तेरा जब मन हो तू मुझे चोद सकता है। तुमसे मुझे एक काम चाहिए। वह बोला कैसा काम। तो मेरी माँ बोली मैं किराए पर एक कमरा लेती हूँ। और तू अमीर मर्दों को ढूंढकर लाओ और मैं चुत चुदवाकर पैसे कमाऊंगी। और मेरी कमाई का 25% तुम्हारा।

वह आदमी बिना कोई सोचे तैयार हो गया। मेरी माँ उसे शख्त हिदायत दी थी ग्रहक मोटा पैसा वाला ही लाना। जो कम से कम 5000 एक बार का दे सके। और मेरी माँ का गंदा बिजनेस चल निकला। मेरी माँ रोज 30, 40 हजार रुपए कमाने लगी। लेकिन 3, 4 महीने बाद ही मुझे माँ के पेट मे 7 महीने हो गए। और अब मेरी माँ रोज एक 2 बार ही बड़ी मुश्किल से चुदवा पाती थी। लेकिन फिर भी कम नही था। और फाइनली 9 महीना पूरा होने से पहले ही मेरा जन्म ऑपरेशन के जरिए हुआ।

मैं माँ के लिए किसी हीरे से कम नही था इसलिए माँ मेरा नाम हीरा रख दी। और अगले 1 महीने बाद जब माँ पूरी तरह रिकवर हो गई। तो फिर से माँ का वही बिजनेस चल निकला और इस बार माँ का रेट बढ़ चुका था। और 10 हजार एक ग्राहक से लेने लगी। और पूरी रात ग्राहक के साथ जाने का 20 से 50 हजार लेने लगी। अगले 1 साल में ही माँ करोड़पति बन गई। और 18 साल की उम्र में कलकत्ता की सबसे बड़ी रंडी भी। पूरा कलकत्ता माँ को चोदने को बेताब रहने लगा। और एडवांस बुकिंग होने लगी।

जब मैं 3 साल का हुआ तो माँ मुझे हॉस्टल में डाल दी। और पूरे कलकत्ता में कई बिजनेस शुरू कर दी। लेकिन जिस बिजनेस से वह आगे बढ़ी थी उसे नही छोड़ी। और धंधा चलता रहा। समय तेजी से बित रहा था और अब मैं 15 साल का हो गया और 11वी में चला गया। एक साल बाद मैं 12वीं पास किया तो माँ मुझे दिल्ली पढ़ने के लिए भेज दी। और दिल्ली में ही मेरा मन लग गया। मेरे पास अथाह पैसे माँ भेजती थी। इसी दौरान मुझे मॉडलिंग का आईडिया आया। और मैं मॉडलिग शुरू कर दिया। अब मुझे खुद कलकत्ता जाने का मन नही करता था। माँ ही कभी कभी दिल्ली आ जाती थी मुझसे मिलने।

दोस्तों जैसे जैसे मैं मॉडलिंग करता गया मैं अय्याश भी बनता गया। और रोज नई नई चुत चोदने का रसिया बन गया। वेसे तो मेरी दिल्ली में कई गर्लफ्रेंड बन चुकी थी लेकिन फिर भी मैं ज्यादा उम्र वाली सेक्सी औरतों को चोदने में ज्यादा मजा लेने लगा। और इसके लिए मैं अक्सर रंडी हायर करने लगा। मैं बिना चुदाई के एक दिन भी नही रह पाता था।

एक दिन हॉस्पिटल से कॉल आया मेरी माँ बीमार थी। वो हॉस्पिटल में थी तो मैं फ्लाइट से उसी दिन कलकत्ता आ गया। उन्हें जॉन्डिस हुआ था। फिर 2 दिन बाद माँ को हॉस्पिटल से छुट्टी मिला। अब मैं और माँ घर रहने लगे। मैं माँ का देखभाल करता था। माँ भी बहुत खुश थी। अब माँ खुद चुदवाने का धंधा छोड़ चुकी थी। और एक कॉल गर्ल की एक टीम तैयार कर लेती थी और उससे पैसा कमाती थी। और भी कई लीगल बिजनेस थे।

अब मुझे दिल्ली से आए 10 दिन बीत चुके थे मतलब मैं 10 दिन से चुत नही मारा था। जिस कारण मैं थोड़ा उदास रहने लगा था। लेकिन मेरी उदासी को माँ भांप गई। और मुझसे बोली क्या बात है तुम उदास उदास आजकल दिखाई दे रहे हो। तो मैं बोला नही माँ ऐसा नही है। लेकिन माँ समझ चुकी थी मेरी उदासी का कारण। शाम के 4 बजे थे उस टाइम तो माँ एक फोटो कवर लायी और मुझे पकड़ा दी। और बोली इसमें से देख लो और जो पसन्द आये वो बताओ। उस कवर में 25 फोटो थे जो कि 15 साल की लड़की से लेकर 60 साल की बुढ़िया लेकिन हसीन की फोटो थी।

माँ मेरी उदासी देख समझ गई कि मुझे चुत चाहिए और फिर वह सबसे मशहूर रंडी को मेरे लन्ड की प्यास बुझाने के लिए बुला ली

उसमे एक फोटो था हरे रंग की साड़ी वाली महिला की हर फोटो के साथ उसमे एक बायो भी था और उसमें उस महिला का नाम मस्तानी था। दरअसल उसकी असली नाम रुखसाना था लेकिन वह रंडी की दुनिया मे मस्तानी के नाम से मशहूर थी। और उम्र 43 साल था। वह एक कोलकत्ता की बड़े बिजनेस मैन की वाइफ थी। वो खुद करोड़पति थी लेकिन चुत चुदवाने की शौकीन थी इसलिए रंडीबाजी करती थी। और एक रात का 4 से 5 लाख लेती थी। और गांड़ मरवाने का 10 लाख लेती थी। वो भी बिना कंडोम के वो नही चुदवाती थी। मतलब वो बहुत प्रिकॉशन लेती थी।

जब मैं उसे पसन्द किया तो मेरी माँ बोली शाबास बेटे मुझे तुमसे यही उम्मीद थी। तुम्हे पता है यह औरत प्रोस्टीच्यूशन की दुनिया की आज की सबसे महंगी खूबसूरत और स्मार्ट रंडी है। माँ उसके बारे में मुझे पूरा बताई। फिर माँ उसे डायरेक्टली कॉल लगाई और बोली कि आज रात बुक हो कितना लोगी तो वो बोली आज रात मैं नही आ सकती मेरा हस्बैंड घर मे ही रहेगा। तो माँ बोली हस्बैंड को कहां क्या करना है ये तुम्हारी प्रॉब्लम है तुम बुक हो और आ रही हो। और कुछ घंटों के लिए नही बल्कि पूरी रात के लिए। फिर वो पूछी कितना मिलेगा तो माँ बोली मुंह मांगी मिलेगा। बस तुम उसे खुश करने में कोई कसर मत छोड़ना। क्योंकि तूम जितना मर्दों के बिस्तर गर्म पूरे जीवन मे की होगी उसका 10 गुना ज्यादा चुत मार चुका है। तो वह बोली सिर्फ आगे या पीछे भी। तो माँ बोली शरीर मे जितनी छेद है सबकी कीमत बताओ। वह कही नही छोड़ने वाला और पूरी रात में तुम्हारा कचूमर निकाल देगा। तो वह बोली ऐसा है क्या। ऐसे मर्द के लिए तो मैं पूरी रात फ्री सर्विस देने को तैयार हूँ। बोल जाना कहाँ है। तो माँ बोली मेरे घर ही सर्विस देना है। तो वह बोली फिर तो सच मे आज मेरा कचूमर बनने वाला है। फिर वह बोली मैं 10 बजे आऊंगी तो माँ बोली ठीक है।

रात के 9 बजे मैं और माँ डिनर किए माँ मेरे कमरे को किसी दुल्हन की तरह सजवाई थी मानो मेरा सुहागरात हो। और ठीक 10 बजे घर की बेल बजी। माँ दरवाजा खोलने गई और जब आयी तो उनके साथ वही फोटो वाली महिला थी।

क्या बताऊँ दोस्तों वह सच मे किसी कयामत से कम नही थी। वह साड़ी में आई थी। वह 6 फिट कि लम्बी महिला थी। और कत्थे कलर की साड़ी पहनी थी। उसकी साड़ी नाभि से बिल्कुल नीचे थी। और उसकी कमर पर एक सोने की मोटी चेन बंधी हुई थी। उसका चेहरा बिल्कुल गुलाबी था। और शरीर पर चर्बी नाम की तो चीज ही नही थी। थी तो बस उसकी गोल चुचियाँ और चौड़े कूल्हे।

मैं जब उसे एकटक देख रहा था तो माँ मेरी तरफ देखी और मुझे हैरान देख मुस्कुरा दी। फिर माँ उससे बोली रुखसाना आज का तुम्हारा ग्राहक यही है। रुखसाना बोली तुमने सच बोला था आज सच मे मेरा कचूमर निकलने वाला है। मेरी भी नजर पारखी है। और फिर दोनो हँसने लगे। वह आई और सीधे मेरी गोद में बैठ गई। और मेरे होंठो को अपनी जीभ निकाल के चाट दी। दोस्तों मैं अपनी जिंदगी में इतनी चुत चोदा था लेकिन ये स्टाइल और अदाएं कभी नही पाया था। उसकी इस हरकत ने मेरे समूचे बदन में बिजली दौड़ा दी।

मैं माँ की तरफ देखा तो माँ मुस्कुरा दी। और बोली जरा आराम से रुखसाना नाजुक कली तुमदोनो ही हो। फिर वह मेरे होंठो पर अपना जुबान फिराते हुए बोली हाय मैं रुखसाना हूँ आज की आपकी शराब। जितना चाहो जैसे चाहो पी लो। फिर वह बोली आपका नाम क्या है। तो मैं बोला मेरा नाम हीरा है। तो वह झट से बोली सच मे तुम हीरा हो। जिसने भी तुम्हारा नाम रखा है वह इस दुनिया का सबसे ज्यादा पारखी नजरों का इंसान है। जो तुम्हे जन्म से ही पहचान गया था।

और फिर वह बोली आप क्या पीना ज्यादा पसन्द करते हैं तो माँ बोली सब यही पूछ लेगी। तुमलोगों का सेज कही और सजा है। फिर माँ उसे बोली आओ मेरे साथ और फिर वह उठकर माँ के पीछे पीछे चली गई। माँ उसे अपने रूम में ले गई। और समूचा वार्डरॉब खोल दी। और बोली पसन्द करो इनमें से कौन सा पहनोगी।

उस वार्डरोब में एक से एक बढ़कर कपड़े थे और सभी डिजायनर थे। हरेक कपड़ा लाखों रुपए का था। उसमें से एक लाल रंग की सोने की तार से जड़ी एक गाउन थी। उसे रुखसाना ने पसन्द किया। और फिर माँ बोली जाओ नहा लो और तैयार हो जाओ। वह नहाने गई तो माँ मेरे पास आई और बोली बेटा तुम तैयार हो ना। तो मैं मुस्कुरा दिया। तो माँ समझ गई कि मैं चोदने को बेताब हूँ। मेरा तो लन्ड रुखसाना के हरकतों से ही खड़ा हो चुका था जो उभार साफ दिख रहा था। जिसे माँ ने भी अच्छे से देख लिया था और मुस्कुरा दी थी। फिर माँ मुझे एक दवा दी। और बोली लो इसे खा लो। यह पूरी रात तुम्हे घोड़े की तरह बनाये रखेगा। तुम चाहे जितना बार झड़ जाओ लेकिन थकोगे नही और ना ही तुम्हे तैयार होने के लिए सोचना पड़ेगा।

और फिर माँ मेरा हाथ पकड़ी और उस कमरे में ले गई जहाँ सेज सजा हुआ था।…………

दोस्तों कहानी का बाकी का हिस्सा अगले भाग में पढ़िए ……….

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