पड़ोसी आंटी ने अपनी चुत के साथ अपनी बेटी की कुँवारी चुत फिर मेरी मॉम की चुत दिलवाई। भाग-2

हेलो दोस्तों। कैसे हो आपसब?

जैसा कि आपसब जनते हैं कि मेरा नाम बाबू सिंघानिया है और मैं 21 साल का हूँ। ग्रेटर नोयडा में रहता हूँ।

 

मेरी पिछली कहानी पड़ोसी आंटी ने अपनी चुत के साथ अपनी बेटी की कुँवारी चुत फिर मेरी मॉम की चुत दिलवाई में आपसब ने पढ़ा की कैसे सोनिया आंटी अपनी प्यासी चुत की चुदाई मुझसे करवाई।

 

और अब पढ़िए की सोनिया आंटी अपनी चुत चुदवाने के बाद कैसे अपनी बेटी की चुत मुझे दिलवाई।

 

सोनिया आंटी अपनी चुत चुदवाने के बाद कैसे अपनी बेटी की चुत मुझे दिलवाई।

 

तो दोस्तों सोनिया आंटी की चुत चोदने के बाद मेरी नजर उनकी 18 साल की कमसिन जवान बेटी अनुषा पर थी। जो बिल्कुल सोनिया आंटी की कार्बन कॉपी लगती थी।

दरअसल अब मेरा और सोनिया आंटी का चुदाई का खेल पूरे जोर शोर से चल रहा था। जो रोज 2, 3 बार होता था। कभी उनके घर मे तो कभी मेरे घर मे। सोनिया आंटी को मैं हर जगह चोद चुका था। बाथरूम में, किचन में, बेडरूम में, सोफे पर, डाइनिंग टेबल पर, बालकनी में, गाड़ी में, यहां तक कि सिनेमा हॉल में भी। तो आप सब समझ ही गके होंगे। कि हमारी चुदाई का खेल किस मुकाम पर पहुँच चुका था। हमारी चुदाई अब इतनी खुल्लम खुला हो गया था

की कई बार अनुषा ने भी हमदोनो को चुदाई करते हुए देख ली थी। जो बाद में मुझे पता चला।

 

मेरा और सोनिया की घमासान चुदाई देखकर अनुषा भी चुदासी हो चुकी थी

 

दोस्तों आपसब तो जानते ही हैं कि बड़े और अमीर घरों में शर्म हया नाम की कोई चीज नहीं होती है। सबकुछ खुला होता है। और हर टॉपिक पर सबलोग खुलकर बात करते हैं। तो ऐसे ही सोनिया आंटी और अनुषा के साथ भी संबंध थे वे हर टॉपिक पर खुलकर बात करते थे। यहां तक कि बूब्स, चुत शब्द का भी खुलकर इस्तेमाल करते थे।

 

तो अब हमारी चुदाई अनुषा छुपछुपकर देखने लगी थी। और घमासान चुदाई देखकर वह भी चुदासी हो चुकी थी। उसे भी अब कड़क मोटे लन्ड की चाहत होने लगी थी। और यही चुदासी के कारण वह अपने चुत को अपनी हाथों से रगड़कर चुत की प्यास बुझाने लगी थी। अब मैं और सोनिया जानबूझकर खुले रूप से चुदाई करते ताकि अनुषा देखे। ताकि वह गरम हो। ये हमारी प्लानिंग का हिस्सा था।

 

 

मैं और सोनिया उसी के घर के किचन में चुदाई कर रहे थे।

तो एकदिन मैं और सोनिया उसी के घर के किचन में चुदाई कर रहे थे। और अनुषा यह सब छुपके देख रही थी। उसके बाद वो अपने रूम में गई और सारे कपड़े उतार के नंगे हो गई। और बेड पर दोनों टांगे फैलाकर अपना चुत रगड़ने लगी। उसकी आँखें बंद थी। और तभी सोनिया उसके रूम में गई अनुषा को तो पता भी नहीं चला और वो अपने चुत को जोर जोर से रगड़ने में मस्त थी। यह सब करीब 8, 10 मिनट तक चला और जब अनुषा का चुत ढेर सारा पानी छोड़ दिया तो सोनिया बोली कि यह क्या कर रही हो। अनुषा तो घबरा कर सॉरी बोलने लगी। और चादर खींच के ओढ़ ली। फिर सोनिया उसके पास गई और बोली बेटा यह सब क्या था। ऐसा क्यों कर रही थी। ये तो गलत है। तो अनुषा रोने लगी। और बोली सॉरी मॉम मुझसे रहा नहीं गया तो गलती से मैं ऐसा कर दी।

 

फिर सोनिया उससे बात करने लगी और बोली कि कोई बात नहीं बेटा इस उम्र में यह सब होना लाजिमी है तुम्हारी कोई गलती नहीं है। और फिर उससे पूछने लगी कि ऐसा कब से कर रही हो। तो अनुषा धीरे धीरे सबकुछ बताने लगी कि माँ जबसे आप और बाबू चुदाई करने लगे हैं। मैं छुप चूप के देखती थी और मेरे से रहा नहीं जाता था तो अपनी चुत रगड़ के शांत करती थी। ( यह कहानी आप nightqueenstories.com पर पढ़ रहे हैं)

 

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अनुषा तुम्हे अब रगड़ के चुत शांत करने की जरूरत नहीं है।

फिर सोनिया अनुषा को गले से लगा ली। और बोली अनुषा तुम्हे अब रगड़ के चुत शांत करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जो माँ का है वो बेटी का भी है। क्या तुम बाबू से अपनी चुत चुदवाना चाहोगी, तो वो हैरान हो गई और बोली कि लेकिन मॉम वो तो आपका….

 

तभी सोनिया उसकी बातों को काटते हुए बोली कि अनुषा मैने कहा ना जो मेरा है वो तेरा भी है। आखिर तुम भी तो जवान हो। और मैं अच्छे से जानती हूँ कि इस उम्र में चुत में आग कितनी बढ़ जाती है। तुम्हारी चुत की आग बाबू बुझा सकता है। तो अनुषा बोली लेकिन बाबू इसके लिए तैयार होगा। तो सोनिया बोली कि बाबू तो तेरी सीलबंद चुत फाड़ने के लिए कबसे मरा जा रहा है।

दरअसल हम पहले से जानते हैं की तुम हमे छुप छुप कर चुदाई करते  हुए देखती हो। इसीलिए हम और भी बिना दरवाजा लगाए चुदाई करते थे। और आज जो किचन में हम चुदाई कर रहे थे जानबूझ के ही कर रहे थे ताकि तुम देख सको।

 

 

और फिर सोनिया ने अनुषा को सारी चीजें बताकर समझाई और सिखाई की कैसे क्या करना है। और अगले दिन की प्लानिंग की और उस दिन वो मार्केट चली गई।

 

जब मैं आँखे खोला तो देखा अनुषा मेरे लंड को पकड़ के चूस चाट रही है

 

दिन के करीब 1 बज रहे थे। और मैं गहरी नींद में सो रहा था। लेकिन जब मेरी नींद खुली तो मुझे एहसास हुआ कि मेरे लंड को कोई चूस रहा है। जब मैं आँखे खोला तो देखा अनुषा मेरे लंड को पकड़ के चूस चाट रही है। वह ब्लैक रंग की शार्ट गाउन में थी। तभी मैं उसे पकड़ा और अपने ऊपर खींच के उसके होंठो को चूसने लगा वह भी मेरे होंठो पर किस करते हुए भरपूर साथ देने लगी। करीब 10 मिनट तक हम किस करते रहे फिर मैं बोला, की साली तू तो अपनी माँ से भी ज्यादा रंडी निकली। सीधे लण्ड चूसने लगीतो वो भी बेशर्मी भरे शब्दों में बोली कि साले सिर्फ माँ को ही चोदेगा। बेटी भी तो लण्ड की भूखी है। ले आज चोद ले अनुषा का सीलबंद चुत।

 

इतना सुनते ही मैं पागल हो गया। और उसे नीचे किया और मैं बैठ के उसकी शार्ट गाउन को उतार दिया। वो चुदने के लिए बिल्कुल तैयार हो के आयी थी। क्योंकि वो गाउन के नीचे ब्रा पैंटी कुछ भी नहीं पहनी थी। उसकी चुत बिल्कुल साफ चिकनी थी। आज ही वज चुत का बाल साफ की थी। क्या बताऊँ दोस्तो उसकी चुत पर एक भी निशान नहीं थे। बिल्कुल गोरी और चिकनी चुत थी। और एकदम छोटी सी अंदर छिपी हुई उसके चुत के दाने अंदर ही थे। फिर मैंने उसकी चुत पर अपना मुँह रख दिया। ऐसा करते ही वो पागल हो गयी और मेरे सर को पकड़ के जोर से अपने चुत पर दबाई और अपना कमर उचका दी।

 

और फिर मैंने सोनिया के बाद उसकी जवान कमसिन बेटी अनुषा को भी चोद दिया

 

मैं भी उसके चुत को चाटने लगा। नीचे से ऊपर तक चाटने लगा अब उसकी चुत के दाने फूलकर मोटे होने लगे और बाहर ऊपर की ओर आने लगे। धीरे धीरे उसकी चुत पूरी तरह से गीली हो गई। अब वो चुत की आग में पूरी तरह जल रही थी। उसकी चुत चाटते हुए करीब 20 मिनट हो चुके थे। वह अब बिन पानी मछली की तरह तड़प रही थी। मैं भी समझ गया कि अब वह चुदने के लिए पूरी तरह तैयार है। मैंने अपना अंडरवियर उतारा और अपने मोटे लन्ड को उसकी गीली चुत पर सेट कर धक्का मारने की कोशिश किया लेकिन उसकी चुत तो मानो सीमेंट से पैक थी। लन्द अंदर जा ही नहीं रही थी।

 

फिर मैंने ढेर सारा थूक अपने लण्ड पर लगाया। और अनुषा के चुत पर भी ढेर सारा थूक दिया। और उँगलियों से चारो तरफ फैलाया।  ( यह कहानी आप nightqueenstories.com पर पढ़ रहे हैं)

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और उसकी दोनों टांगो को पकड़ कर अपने कंधे पर रखा और फिर मैं आगे की ओर झुक गया। इतना झुक गया कि उसके पैर उसके चुचियों में टच हो गए और उसकी चुत बिल्कुल ऊपर गयी। फिर मैं एक हाथ नीचे ले जाकर लंड को उसकी चुत पर सेट किया। वो तो सिहर गई। और सससीईईईजजीईईईईई सस्सीईईईईईईकीईईईईईईकीईईई की आवाज करने लगी। फिर मैं थोड़ा लंड को चुत के उपर ही रगड़ा और फिर उसके चुत के छेद पर सेट करके रुक गया। वह भी कसमसा रही थी। और फिर अचानक से मैंने एक ऐसा जोरक प्रहार किया कि मेरा लंड का बड़ा सा सुपाड़ा उसकी चुत में घुस गया। वो तो चीख गईं और कहने लगी निकालो बाबू बहुत दर्द हो रहा है। मैं मर जाएंगी मुझे नहीं चुदवाना है। निकालो जल्दी से। और अपने पैरों से धक्का देने लगी लेकिन मैं जोर से दबाया हुआ था। और वैसे ही करीब 2 मिनट तक पड़ा राह।

अब अनुषा को थोड़ा आराम मिला और मैं अचानक से एक और प्रहार किया और मेरा लंड अनुषा के चुत को चीरते हुए आधा अंदर घुस गया। उसके आंखों से आँसू निकल गए और कहने लगी बहुत दर्द हो रहा प्लीज निकाल लो। मैं मर जाऊंगी। मेरे से नही सहा जा रहा। फिर 2 मिनट तक मैं ऐसे ही पड़ा रहा अब अनुषा को भी दर्द दूर हो गया था तब मैं अपना कमर धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा। करीब 8, 10 धक्का ऐसे ही हल्का हल्का लगाता रहा अब अनुषा को भी मजा आने लगा था। और फिर अचानक से मैं पूरा जोर से धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चुत में समा गया। वह जोर से चिल्लाई लेकिन तभी मैं अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया। और उसकी मुँह से गूँ गूं को आवाज दब के रह गई। और फिर जब मैं लन्ड बाहर निकाला तो मेरा लण्ड खून से सना हुआ था। और उसकी बुर से खून की धार नीचे गांड से होते होए बेडसीट पर फैल गए। उसकी चुत की सील टूट चुकी थी।

फिर मैं उसके चुत में लंड डाला और चोदने लगा।अब मैं थोड़ा तेज गति से चोदनी लगा। थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा तो वो भी कमर को नीचे से हिलाने लगी। अब मैं पूरी जोर से चोदनी लगा। अनुषा आह हहहहहहहहhhhhhhjhjhhhh करने लगी। और कहने लगी चोदो बाबू चोदो। फाड़ दो मेरी चुत। जैसे मेरी माँ को चोदते हो उसी तरह जोर जोर से चोदो। आज मैं तुम्हारी रंडी बन गई। और वह तो अपनी माँ से भी ज्यादा चुदक्कड़ निकली अब वो नीचे से पूरी तेजी से कमर उछाल रही थी। और मुझे गाली देने लगी। कि साला हरामी माँ बेटी दोनों को चोदता है। छोड़ साले मेरी माँ को।चोदने वाला भड़वा चोद उसकी बेटी को बुर को भी। फाड़ दे बाबू फाड़ दे अपनी गर्लफ्रेंड की बेटी की बुर को। बहुत दिनों से चुदाई देख रही थी। बहुतचुट रगड़ी हूँ आज मेरी चुत की पूरी प्यास बुझा दे अपने मोटे लौड़े से चोद aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ohhhhhhhjhh yaeahhhhhhhhh baby  चोदो मेरी चुत फाड़ो मेरी बुर aaahhhhhhhhhhhhhhhh जान aaaaaaaaaajhhhhhhhhhhhhhh चोदो। और अब वो और जोर से गांड उचकाने लगी। और फिर उसकी चुत पानी छोड़ने लगी। ऐसा लग रहा था जैसे गर्म पानी निकल रहा हो उसके चुत से। अब वो थोड़ा शांत हुई।

 

 

लेकिन मैं चोदे जा रहा था करीब 5, 7 मिनट और चोदने के बाद मुझे लगा अब मेरा लंड पानी छोड़ देगा। तो मैं लंड बाहर निकाला और उसकी मुंह मे दे दिया और उसकी मुँह को चोदने लगा 3, 4 धक्कों में ही मेरा लंड गाढ़ा वीर्य अनुषा के मुँह में उगलने लगा। अनुषा पूरा माल पी गई और चाटकर अच्छे से लंड को साफ की। उसके बाद फिर हमने एक और राउंड की चुदाई की। अब मैं रोज माँ बेटी को साथ मे चोदता हूँ।

 

दोस्तों मेरी मॉम भी तो अभी जवान हैं। और मेरे डैड बूढ़े भी हो गए हैं। और वो तो हमेशा बाहर ही रहते हैं।

 

तो ईस कहानी पड़ोसी आंटी ने अपनी चुत के साथ अपनी बेटी की कुँवारी चुत फिर मेरी मॉम की चुत दिलवाई।

 

का अगला भाग

 

कैसे सोनिया आंटी ने मुझे मेरी मॉम की प्यासी चुत दिलवाई के अगले भाग-3 में बताऊंगा तो आपसब दिल थामकर रहना।

 

और कहानी को जरूर शेयर करना। और हाँ कमेंट करके बताना की मेरी कहानी आपको कैसी लगी।

 

नोट: कहानी के सभी पात्रों के नाम काल्पनिक हैं।

 

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