तो माँ-बेटे की चुटफाड़ की सच्चाई जानने के लिए मिलते हैं अगले भाग में। तब तक के लिए दीजिए इजाजत। ………

कल रात, मैं और मेरा साथी पहली बार किसी सेक्स पार्टी में गए थे। और ऐसा लगा जैसे किसी दूसरे दुनिया में हमारा स्वागत किया गया हो। मेरे लिए यह अब भी सपने जैसा है।  क्योंकि मेरे वास्तविक दुनिया में सहजता, सरलता, समानता, और गंभीरता जैसी चीजें हैं, लेकिन इस दूसरी दुनिया में सबकुछ निचोड़कर कहीं दूर फेंक दिया गया था।

प्रिय मित्रों

मैं हूँ निक्की और मेरा साथी डेविड। यह कहानी बीती रात की सच्ची घटना है।

मैं बिल्कुल थक चुकी हूँ। और सोना चाहती हूँ लेकिन कल रात की रोमांचकारी घटना मेरे दिमाग मे बार बार घूम रहा है जो मेरे जिंदगी का सबसे सुखद अनुभव था। इसलिए मैं आप सब से इसे साझा करना चाहती हूँ। मुझमे थकान है इस वजह से अगर मैं इसे पिरोने में कोई गलती करती हूँ तो आपसब मुझे माफ़ करना।

तो चलिए चलते हैं।

कल रात, मैं और मेरा साथी पहली बार किसी सेक्स पार्टी में गए थे। और ऐसा लगा जैसे किसी दूसरे ब्रह्मांड में हमारा स्वागत किया गया हो। मेरे लिए यह अब भी सपने जैसा है।

मैं आमतौर पर खुद को एक वेश्या के रूप में वर्णित नहीं करती। लेकिन मेरा राय है कि वक़्त के साथ-साथ खेलना रोमांचकारी अनुभव देता है। लेकिन यह मेरे कामुक अनुभवों का बड़ा हिस्सा नहीं है।  मैं और मेरा पति हर पल कुछ नया करने के लिए उत्सुक रहते हैं।  हमने पार्टी के लिए अपने टिकट खरीदे, लेकिन पार्टी की पूरी गाइडलाइन का अध्ययन करने के बाद लगा जैसे कि यह एक कोई बहुत बड़ा परीक्षा का विषय जैसा है। लेकिन हमदोनों ने खुद को भरोसा दिलाया की हम इसे कर सकते हैं।

पार्टी ऑर्गेनाइजर के तरफ से मिले गाइडलाइन में ड्रेस कोड सख्ती से पालन करने को कहा गया था। और ऐसे कपड़ों की एक लंबी सूची थी जिनकी अनुमति नहीं थी और उसे सख्ती के साथ पालन करने को कहा गया था। आयोजक की तरफ से ड्रेस कोड को सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई थी। और कहा गया था कि अगर कोई पोशाक नियमों का पालन नहीं करता है तो उन्हें पार्टी से निसंकोच दूर कर दिया जाएगा। मेरे और मेरे साथी के पास कोई एडल्ट पार्टी के लिए कपड़े नहीं थे।  इसलिए पार्टी से पहले के हफ्तों में विचारों और संगठनों के लिए इंटरनेट पर खोज करने में घंटों बिताए।  बहुत ढूंढने के बाद, मैंने डेटेक्स में एक चमकदार लाल कट-आउट ड्रेस खरीदी।  यह किसी भी अन्य कट-आउट पोशाक के विपरीत था जिसे मैंने पहले कभी भी अपने जीवन मे नही पहना था। इस पोशाक में मेरे पूरे चुचियाँ और मेरे गोल मटोल और भारी चूतड़ (गांड) दिख रहे थे।

पार्टी के दिन मैं घबरा गई थी कि मेरा पोशाक बहुत अधिक खुला होगा। क्योंकि इससे पहले मैंने कभी इतना खुला पोशाक नहीं पहना था जो सिर्फ नाम का ही था।  और इसलिए शरीर को कुछ हद तक कवर करने के लिए मैंने एक योजना तैयार की।  मैंने अपने चुचियों को ढकने के लिए ढेर सारी चमकती और सस्ते, लेकिन दिखने में महंगे गहनों का प्रयोग की। और चालाकी से कुछ रंगों के सहारे मैंने अपने निपल्स को रंग दिया और उन्हें खुला छोड़ दिया। और मैंने ऊँची एड़ी के जूते पहने। जो मेरी लंबाई को बढ़ा रहा था। और मैंने खुद को अलग और आकर्षक दिखाने के लिए भारी मेकअप किया। और आँखों के बोल्ड बनाने के लिए एक बिल्ली मास्क का उपयोग की।

मेरे साथी डेविड ने बनियान के जैसा भारी चमड़े का पोशाक पहना जो देखकर किसी लोहे जैसा लग रहा था। और भारी काले जूते पहना। और कमर के नीचे भी वही काले चमड़े का लेकिन स्टील से जड़े हुए पोशाक जो की आगे से स्ट्रिप की तरह लटक रहा था। देखने मे वह बिल्कुल भद्दा लेकिन बोल्ड और आकर्षक था।

हम अपनी गाड़ी के बजाए टैक्सी में जाने का प्लान बनाया। क्योंकि कई बार गाड़ी पहचान में आ जाती है। जो हम नहीं चाहते थे। इसलिए घर से निकलने से पहले हमदोनों ओवरकोट पहन लिया। और टैक्सी लेकर अपने बियर बार तक गए। और फिर जैसे ही हम गेट पर पहुँचे हमने कोट को उतार कर अपने हाथों में ले लिया। वहाँ पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने हमारे कोट को रख लिया और हमें हमारी सेक्सी ड्रेस में अंदर जाने की स्वीकृति दी। और उस पोर्च से हॉल के अंदर तक जाने तक मेरे दिमाग मे सैकड़ो सवाल आए और गए। मैं रोमांचित भी थी और थोड़ा नर्वस भी। क्योंकि ये मेरे जीवन का पहला ऐसा अनुभव था।

जैसे ही हम अंदर प्रवेश किये मेरा दिल जोर से धक से किया क्योंकि वहाँ पर बहुत सारे लोग थे। जो ज्यादातर या तो नंगे थे या फिर हमारी ही तरह बोल्ड और भड़काऊ ड्रेस में थे। जिसके अंदर से लड़कियों के निप्पल और गांड साफ तौर पर दिख रहे थे। मैं इतने लोगों के सामने इतने कम कपड़ो या ड्रेस में पहली बार मौजूद थी।  मुझे नहीं पता था कि कहाँ देखना है!  मेरे चारों ओर विभिन्न अवस्थाओं में लोग थे।  विस्तृत वेशभूषा में सभी आकार के सभी उम्र के मर्द औरतें थी। यह सेक्स पार्टी करने वाले जैसे लोगों के लिए जन्नत जैसा था।  वहाँ मौजूद लोगों को देखकर मुझे एहसास हुआ कि मैं नाहक ही आकर्षक दिखने के बारे में सोचकर तैयार हुई थी और घबरा रही थी। मेरी पहले की चिंताएँ अब हँसने योग्य थीं।

पार्टी में मौजूद कुछ लोग बातें कर रहे थे और ड्रिंक ले रहे थे।  कुछ नाच भी रहे थे। हॉल में मस्त मधुर लेकिन कामुक म्यूजिक की आवाज कानो तक गूंज रही थी।  मैं बार में गया और एक तरफ खड़ी थी। जबकि डेविड शायद वाशरूम गया। और मैं उसका इंतजार करने लगी। तभी मेरे सामने एक जोड़े आए जो ऊपर से बिल्कुल नंगे थे और दोनों के कमर पर सिर्फ उनके लंड और चूत को छुपाए हुए पट्टी थे। वे दोनों मेरे पास आकर रुक गए। दोनों ने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा। और आदमी ने मुझसे बोला कि तुम बहुत सुंदर हो। और साथ मे उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं तुम्हरी चुचियों को चूम सकता हूँ।  मैं मुस्कुराते हुए बोली कि हाँ क्यों नही। और उसने मेरे निप्पल को मुँह में लेकर चूस लिया। और दूसरे चूची पर किस किया। और अपने एक हाथ पीछे ले जाकर मेरे गांड को मसल दिया।  ये सुखद एहसास था। ये पहली बार था जब मैं इतने लोगों के सामने अपनी चुचियों पर किस करने के लिए किसी को इजाजत दी।  उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया और फिर वे चले गए।

और तब तक डेविड भी वहां आ चुका था। और मैंने जब डेविड को ये बात बताया तो वह हैरान हो गया।  तब हमें एहसास हुआ कि लोग नाईट क्लब, बियर बार, एडल्ट पार्टी, सेक्स पार्टी जैसे पार्टियों में जाने को बेताब क्यों रहते हैं। वहां का खुलापन उन्हें आकर्षित करती है। एक नाईट क्लब में आकर सीधे तौर पर पूछ सकते हैं कि वे क्या चाहते हैं?  यह बहुत अधिक ईमानदारी भरा लगता है। इस पार्टी में आने से पहले हमारी दुनिया बिल्कुल अलग थी। और अचानक से ऐसे बदलाव की कल्पना करना बहुत रोमांचकारी था। बेशक की समान जीवन से ये कोसो दूर था लेकिन एक सुखद आनंद देने वाला।

हमने चारो ओर घूमकर देखा। लोग भरे थे। और एक तरफ जहां लोग पीने का आनंद ले रहे थे तथा सम्मोहक संगीत की धुन बज रही थी। हॉल के अलावा, नृत्य और मनोरंजन के लिए भी एक कमरा था जो यकीनन वैसे जोड़े के लिए था जो अकेले में नाचना और चुदाई का आनंद लेना चाहते थे। उस कमरे में भी वही धुन बज रहा था जो हॉल में।  एक व्यक्तिगत लेकिन मेहमाननवाजी के लिए कमरा था। और कुछ कमरे जोड़े के लिए थे, जहाँ जोड़े रोमांस और शारीरिक सुख चुदाई सेक्स के

आनंद में लिप्त हो सकते थे। वह कमरे यकीनन काफी उत्तेजित, अलग-अलग पोज में चुदाई, किस करते जोड़ो के पोस्टर और सेक्स टॉयज से सुसज्जित थे। जिसे देखते ही हमारे मन मे चुदाई करने के लिए मन हिचकोले खाने लगा। लेकिन हमने तय किया कि रात लंबी थी और हम किसी भी जल्दी में नहीं थे। हम जिंदगी की इस पहली मनमोहक पल को खुलकर जीना चाहते थे और यादगार बनाना चाहते थे।

इसलिए हमने थोड़ा नाचकर पिया। लोग हमारा सहयोग कर रहे थे। तथा हमारे प्रति बहुत स्माइली और मिलनसार थे और हमने थोड़ी देर के लिए छोटी-छोटी बातें कीं। “क्या आपका पहली बार है यहाँ?” मुझे तुम्हारे कपड़े बहुत अछे लगे! आदि…

एक जोड़े ने हमें चुदाई का ऑफर

एक जोड़े ने तो हमें खुलकर एक दूसरे के साथ चुदाई करने के लिए पूछा जो उसका मतलब हमारी अदला बदली से थी।

उनका नाम रंजीत और नैंसी था। हमने रंजीत और नैन्सी से बात करना शुरू किया।  वह शांत और आत्मविश्वासी थे, लेकिन नैंसी मेरी ही तरह शर्मीली और विनम्र थी, और हमदोनों को वह बहुत प्यारी लगी।  हमारा बातचीत का दायरा बढ़ा अब हम खुलकर चुदाई से संबंधित बातें करने लगे। माहौल धीरे धीरे गर्म हो गई। और मैंने उनसे कहा कि मुझे तारीफ सुनना और दूसरों को तारीफ करने बहुत पसंद है, और मुझे खुश करना अच्छा लगता है। रंजीत ने पूछा कि क्या वह मुझे छू सकता है, मैंने अपनी गांड को हिलाकर उसको आमंत्रित किया।  इस मनमोहक दुनिया मे खुद के लिए प्यार को देखा। जबकि एक अनजान और अजीब आदमी ने खुशी से मेरे नंगे गांड को टटोला और उसे सहलाते हुए मेरे गुदाज बांहों को किस कर लिया।।

 

रंजीत ने पूछा कि क्या हम उनके साथ युगल के कमरे में जाना चाहेंगे। डेविड और मैं एक दूसरे को देखा और सहमति में सिर हिलाया।  हम चारों युगल कमरे की तरफ बढ़ गए। कमरे के पास ही 2 सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे जो डोरमेन का भी काम कर रहे थे। हमारे हाव भाव देखकर ही वो समझ गए थे कि हम खुशी से जा रहे हैं इसीलिए वो हमसे अपनी जोड़ी साबित करने के लिए कुछ नहीं बोला।  और फिर हम युगल के कमरे में प्रवेश किए। हाँ उस कमरे में प्रवेश के लिए एक दूसरे को उनके सामने किस करना जरूरी था जो एक नियम बनाया गया था। और हमने कमरे में प्रवेश करने से पहले ऐसा किया। रंजीत ने मुझे और डेविड ने नैंसी को किस किया। रंजीत ने तो अपने हाथों से जोर से मेरे गांड को मसलते हुए जोरदार चांटा मारा। जो यकीनन दर्द से भरा लेकिन आनंदमयी था।

कमरा चुदाई करते जोड़ों के कामुक आवाज से ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे वहां असंख्य पॉर्न मूवी प्रसारित हो रही हो।, कमरे में मध्यम रोशनी थी जो यकीनन माहौल को और कामुक बना रही थी। और हमारे सामने एक लंबा से सोफा पड़ा था जो लगभग खाली ही था।  पुरुषों ने अभिवादन के साथ नैंसी और मुझे बैठने के लिए कहा।  मैं थोड़ा नर्वस महसूस कर रही थी। और खुद को सहज करने के लिए पूछा, “तुम्हें क्या पसंद है? और  आप क्या नापसंद करते हैं?  तुम ठीक तो हो न? लेकिन शायद मुझे चुप कराने के लिए रंजीत ने मुझे किस किया।

लेकिन यह चुम्बन बहुत अच्छा था। उसके मुंह से एक माउथ स्प्रे की बहुत अच्छी खुशबू मैने महसूस की।  हमारी अंगुलियों ने एक-दूसरे के शरीर को टटोला।  मैं समलैंगिक नहीं हूँ ना ही मैंने कभी किसी के साथ लेस्बियन सेक्स किया था। लेकिन मैं कुछ नया करने के लिए उत्सुक थी। और मुझे खुदपर बिस्वास था की ऐसा करने के लिए मैं पूरी तरह से तैयार और उतावली हूँ। और फिर रंजीत ने मेरे कान के पास आकर फुसफुसाया कि नैंसी को चाटना बहुत पसंद है। और संकेतों को मैं समझ गई।

मैं नैंसी के सामने झुक गया और उसने अपनी चमड़े की पतलून खोलकर नीचे सरका दी। वह उसे पूरा नहीं उतारना चाहती थी,  उसने मुझसे कहा कि वह उन्हें पूरी तरह से नहीं उतार सकती क्योंकि उन्हें दोबारा पहनने में बहुत समय लगता है।  मैं ये सुनकर थोड़ी हँसी। और जीवन के पहली चुनौती के लिए उठ खड़ी हुई।  और वो सोफे के सहारे आगे की ओर झुक गई और मैं पीछे से उसकी कमर को पकड़ कर उसके गर्म चूत को चाटने लगी। उसकी चूत लसलसा पानी से भरा बहुत गर्म था। और उसके अंदर से मदहोश करने वाली महक मेरे नाकों में प्रवेश कर रहे थे। मैंने उसके सुंदर गांड के छेद को भी चाटा। यह मेरे जीवन का एक अभूतपूर्व एहसास था, जो मैंने समान सेक्स के साथी मतलब किसी लड़की  के साथ आनन्द लिया।

अगले कुछ क्षण शरीर, उंगलियों और स्वाद और कामुक आवाज का एक ऐसा दौर था जो यकीनन मेरे लिए एक बहुत सुखद एहसास थ। जिसे मैंने बड़ी ही उत्सुकता और मस्त होकर जिया।  हमने चुदाई नहीं की, लेकिन हम ऐसे ही चरमसुख को प्राप्त कर रहे थे। डेविड आगे से नैंसी के मुंह मे अपना गर्म लंड से उसके मुँह को चोद रहा था। और नैंसी भी उसके लंड को अपने मुँह में कभी पूरा अंदर ले रही थी तो कभी उसके लटकते दोनों गोटियों को चाट और चूस रही थी। रंजीत मेरे बगल में खड़ा था और उसका मोटा लंड मेरे हांथ में था। मैं नैंसी के साथ-साथ  कभी-कभी उसके लंड को भी लॉलीपॉप की तरह मुंह मे लेकर चूस रही थी।  और वो मदमस्त होकर मेरे बालों में अपनी उंगलियां फिरा रहा था। फिर अचानक नैंसी ने अपनी कमर पीछे की तरफ कर और एक हाथ से मेरे सर को पकड़ कर दबा दिया और फिर वो ढेर सारा पानी मेरे मुंह मे छोड़ने लगी। मैं भी तेजी से उसके गीले चूत को जुबान से चाटने लगी और फिर वो शांत हो गई। फिर मैं उठी और झुक गई। नैंसी मेरे पीछे जा चुकी थी और उसने अपना हरकत शुरू किया। मैं रंजीत के सख्त लंड को जोर-जोर से चाट कर ऊपर नीचे कर रही थी और फिर उसका रफ्तार बढ़ गया और रंजीत के लंड का गर्म लावा मेरे मुंह मे भर गया। और फिर वह शांत हो गया। कुछ ही पल बाद मेरी भी चूत पानी छोड़ चुकी थी। मैं भी झड़ चुकी थी। लेकिन डेविड का लंड से अभी भी पानी नहीं निकला था। फिर मैं और नैंसी दोनों नीचे बैठ गए और बारी-बारी से डेविड के लंड को चूसना चाटना और जोर जोर से हिलाने लगी। जब अपने मुट्ठी में लेकर उसे जोर जोर से हिला रही थी तो गीलापन की वजह से बहुत कामुक और मदहोश कर देने वाली फच-फच की आवाज आ रही थी। और एक पल ऐसा भी आया जब डेविड ने फव्वारा छोड़ दिया। और इस तरह हम सबने बारी बारी से बिना लंड को चूत में डाले ही चरमसुख को प्राप्त कर लिया था।

चुदाई और सेक्स पार्टी का नया शुरुआत

अब हमसब कुछ ताजी हवा लेना चाहते थे। इएसलिए करीब आधे घंटे बाद हम वहां से बाहर निकल गए। हमने फिर से एक-एक पैग साथ मे पिए और थोड़ी देर बातचीत करते रहे इसी दरम्यान हमने नंबरों का आदान-प्रदान किया और अलविदा कहा।

फिर अचानक मुझे याद आया कि मैंने कुछ लाया है। जो आने से पहले ही प्लानिंग किया था।

फिर मैंने रंजीत और नैंसी को रुकने को बोला, और मैंने अपने बैग से कुछ ब्रेसलेट निकाले और एक-एक उन्हें दे दिया। और फिर मैंने दोनों को किस किया और कहा मेरे जीवन के पहले आनंदमयी अद्भुत योगदान के लिए धन्यवाद। उन्होंने भी हमे धन्यवाद दिया। और फिर हम अलग अलग चले गए।

फिर मैंने रंजीत और नैंसी को रुकने को बोला, और मैंने अपने बैग से कुछ ब्रेसलेट निकाले और एक-एक उन्हें दे दिया। और फिर मैंने दोनों को किस किया और कहा मेरे जीवन के पहले आनंदमयी अद्भुत योगदान के लिए धन्यवाद। उन्होंने भी हमे धन्यवाद दिया। और फिर हम अलग अलग चले गए।

लेकिन डेविड ने मुझे ऐसे देखा जैसे उसके मन मे हजारों सवाल हो कि ये ब्रेसलेट कहाँ से आया। मैं उसकी जज्बात को समझते हुए कहा कि मैं जब पार्टी में आने की तैयारी कर रही थी तभी मैंने ये ब्रेसलेट लिया था। मुझे लगा सेक्स पार्टी के लिए शायद ये सामान्य रूप से काम आएगा। क्योंकि अलविदा कहने के लिए कुछ देकर अलग हुए जाए तो आगे भी उस सुखद एहसास को फिर से जिया जा सकता है।

फिर थोड़ी देर हम अकेले बातचीत करते रहे। लेकिन अब हमदोनों अलग होकर सेक्स पार्टी का लुत्फ उठाना चाहते थे। और अपने पहले सेक्स पार्टी को रोमांचकारी बनाना चाहते थे। फिर हम दोनों अलग हुए। और ब्रेसलेट मैं अपने साथ लाई क्योंकि इस ब्रेसलेट को लेकर मेरे दिमाग में कुछ खुराफात आयी। जो मैंने सोचा कि इस सेक्स पार्टी में इसका इस्तेमाल किया जाए और रोमांच का आनंद लिया जाए। अब मैं पूरी तरह से खुल चुकी थी मतलब बेशर्म बन चुकी थी। सारे झिझक दूर हो चुके थे। कुछ तो शराब ने भी अपना असर दिखाया था।

 

मेरे चूचियाँ बिल्कुल खुले थे क्योंकि मैं ऊपर का पोशाक उतार दी थी।  और नीचे सिर्फ मेरी चूत को ढकने वाला थोंग था। जो पीछे से बिल्कुल नजर नही आ रहा था। शराब ने मुझे बहका दिया था मेरे अंदर उतेजना थी। मैं अब जमकर चुदाई करना चाहती थी। फिर मैं चिल्लाकर पूछी की यह ब्रेसलेट किसे चाहिए। और उत्तर में तमाम हाथ ऊपर उठ गए। लेकिन मैंने कहा की इस ब्रेसलेट को पाने के लिए एक शर्त है जैसा कि एक गेम। मैंने ब्रेसलेट पर अलग अलग कुछ लिखा और लोगों से चुनने को कहा उसमें जो लिखा होगा उसे करना पड़ेगा। पहले ने एक ब्रेसलेट उठाया और उसमें था नंगा। तो उसे नंगे होकर आगे झुकना पड़ा और मैंने उसके गांड पर जोर से एक चाबुक मारा। इसी तरह एक नए घुड़सवारी की ब्रेसलेट चुना और फिर मैं उसके ऊपर बैठ गई और चाबुक से कई बार मारा जैसे घोड़े को दौड़ाते वक़्त मारते हैं। फिर एक ने जो ब्रेसलेट चुना वह रोमांचकारी था क्योंकि उसमें मुझे अगले के लंड को चूसना था। और फिर मैंने उसके लंड को चूसी। वह पल बहुत मजेदार था लेकिन ये झट से खत्म हो गया।

अब मैं थोड़ा और पीना चाहती थी इसलिए अलग गई। और एक जाम पी और इधर उधर देखने लगी मुझे किसी ऐसे की तलाश थी जो अब मेरी जांघो के बीच चूत मे लगी आग को अच्छे से बुझा सके और मैं खुशी खुशी उसके साथ चुदाई का आनंद ले सकुं। आखिरकार मुझे एक अधेड़ उम्र का आदमी देख रहा था फिर हमारी नजरें मिली और वह पास आया और मुझसे ड्रिंक के बारे में पूछा। मेने ना में जवाब दिया फिर उसने मुझे किस करने की इजाजत मांगी और मैने हामी भरा। फिर उसने मुझे किस किया और अपना एक हाथ मेरी जाँघों पर सरका दिया और फिर रुक गया, इससे पहले कि वह धीरे से अपनी उँगलियाँ मेरे चूत में धकेलता।  मेरी सांस मेरे शरीर से निकल गई।  मैं पूरी तरह से सनसनी, संगीत, नृत्य के नशे में थी। लेकिन वह थोड़ा शर्मिला था। फिर उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं जोड़ो के कमरे में जाना चाहता हूं लेकिन मैंने विनम्रता से मना कर दिया। क्योंकि मैं अब सबके सामने चुदना चाहती थी लेकिन वो सबके सामने सहज नही था। फिर वो चला गया। लेकिन अब मुझे डेविड की कमी महसूस होने लगी थी। और फिर मैं डेविड को ढूंढने लगी। और अंततः मैंने डेविड को ढूंढ लिया और उसे अपने पास बुला लिया।  हम एक-दूसरे के शरीर, एक-दूसरे की सांसों, एक-दूसरे के पसीने को महसूस करते हुए साथ में डांस करने लगे।

मैं अब अंदर ही अंदर सुलग रही थी। शराब का नशा और चूत की गर्मी ने मुझे पागल कर दिया था। चारों तरफ शराब बह रही थी। कुछ महिलाएं बिल्कुल नंगे नृत्य कर रही थीं, तो कुछ किसी की लंड तो कोई लसलसी रसीली चूत को चाट रही थी। डेविड को यह बहुत पसंद आ रहा था। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।!  एक महिला एक आदमी की सवारी कर रही थी और उसे ऐसे मार रही थी जैसे वह घोड़ा हो। और डांस फ्लोर के अंधेरे कोनों में हम कुछ बिना सोचे-समझे इसे देख सकते थे। फिर हम भी बिल्कुल नंगे हो गए।

अगले कुछ घंटों में सवेरा होने वाला था और साथ ही पार्टी भी खत्म होने वाली थी। हमदोनों को अब थकान महसूस होने लगी थी। लेकिन पार्टी खत्म होने से पहले हम दोनों ही अलग अलग किसी के साथ जमकर चुदाई करना चाहते थे। मैं डांस फ्लोर पर किसी का लंड चूसना चाहती थी।  फिर हम एक बार फिर से अलग हुए ताकि किसी साथी का साथ पा सकें।

और फिर मेरी नजरें एक ऐसे व्यक्ति पर पड़ी जो अकेला नृत्य कर रहा था। मैं उसके पास गई।  मैंने हैलो कहा और हम साथ मे डांस करने लगे।  उसने मुझे बताया कि उसे रंजय कहते हैं।  मैंने एक गहरी साँस ली और फिर उसके कान में फुसफुसाया और कहा, “क्या मैं आपका लंड चूस सकती हूँ, लेकिन डांस फ्लोर पर। और उसने कहा की हाँ क्यों नहीं। हम एक दूसरे के बाहों में बाँहे डाले डांस फ्लोर पर गए जहां सबकी निगाह थी। और फिर मैंने रंजय के पैंट के जीप को खोलना चाहा तो उसने पैंट को उतार दिया अब वह बिल्कुल नंगा था। उसका लंड पहले से ही सख्त हो चुका था।  और मैं फर्श पर बैठ गया और फिर

और फिर मेरी नजरें एक ऐसे व्यक्ति पर पड़ी जो अकेला नृत्य कर रहा था। मैं उसके पास गई।  मैंने हैलो कहा और हम साथ मे डांस करने लगे।  उसने मुझे बताया कि उसे रंजय कहते हैं।  मैंने एक गहरी साँस ली और फिर उसके कान में फुसफुसाया और कहा, “क्या मैं आपका लंड चूस सकती हूँ, लेकिन डांस फ्लोर पर। और उसने कहा की हाँ क्यों नहीं। हम एक दूसरे के बाहों में बाँहे डाले डांस फ्लोर पर गए जहां सबकी निगाह थी। और फिर मैंने रंजय के पैंट के जीप को खोलना चाहा तो उसने पैंट को उतार दिया अब वह बिल्कुल नंगा था। उसका लंड पहले से ही सख्त हो चुका था।  और मैं फर्श पर बैठ गया और फिर

मैं ज्वालामुखी की तरह तप रही थी। मुझे भरपूर चुदाई चाहिए था जो मेरे जिस्म मेरे चूत की गर्मी को शांत करता। फिर मैं नीचे आयी और डेविड को ढूंढा। वह एक महिला का पीछे से गांड को चाट रहा था। और फिर वह महिला अचानक से उछलने लगी और फिर शांत हो गई। उसकी चूत पानी छोड़ दिया था।

मैं डेविड के पास गया उसका हाथ पकड़ा और एक दीवार की तरफ बढ़ गया। डेविड का लंड भी पूरी तरह से आजाद था। और बिल्कुल कड़क होकर ऊपर नीचे हो रहा था। मैं झट से दीवार पर हाथों के सहारे हल्का आगे झुक गई और एक पैर को वहाँ पड़े स्टूल पर रख दिया और फिर मैं एक हाथ पीछे करके डेविड के लंड को अपने पीछे से लगाया। जो मेरी चूत के छेद पर बिल्कुल सही लगा था। फिर उसने जोत का झटका मारा और जोर जोर से चोदने लगा। मैं तो कबसे तड़प रही थी। अब मेरे मुहँ से आहहहहहहहह हहहहहहह ओहहहहहहहहहहहहहहह की आवाजें आने लगी। मैं भी अपने गांड को आगे पीछे कर पूरा लंड अपने चूत में ले रही थी। और चीला रही थी। चोदो डेविड चोदो। चोदो जोर से। फ़क में बेबी फक मि। फक में हार्ड माय किंग। फाड़ दो मेरी चूत। चोद चोद कर धज्जियाँ उड़ा दो मेरी बुर का। आहहहहहहहह हनी बहुत मजा आ रहा है। चोदो मुझे। जोर से हनी जोर से चोदो। और फिर लगातार 15-20 मिनट तक हम चुदाई करते रहे। तत्पश्चात मेरी चूत ने रसधार छोड़ दिया। जो नीचे टपक रहा था। और फिर डेविड भी झड़ने लगा। वह जोर जोर से अपना लंड आगे पीछे करने लगा। इसी के साथ वह मेरे चूत में सारा रास निकाल दिया। उसकी लंड के गर्म पानी ने मुझड तृप्त कर दिया।

 

आज मैं अपने आपको जाना, और आज पहली बार किसी बह्मांड की रानी की तरह महसूस कर रही थी। मैंने डेविड का हाथ पकड़ा और बाहर आ गई हमने कोट लिए और उसे पहना और टैक्सी लेकर घर आ गए। हमने जीवन का अनमोल सुखद एहसास पाकर लौटा था।

दोस्तों। अब मैं अगली सेक्स पार्टी के लिए कितना बेताब हूँ इसका कल्पना नही कर सकती।

तो जल्द ही आप सब से अपना अगला अनुभव साझा करने आऊंगी। तब तक के लिए। आप सब मुठ मारते, चूत चाटते, और लंड चूसते रहिए। धन्यवाद।।….

नोट:  इस कहानी में सभी नाम काल्पनिक हैं, लेकिन कहानी बिल्कुल सत्य है। जिसे मैंने जिया है।

धन्यवाद।

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