मकान मालकिन का प्यार

मकान मालकिन ऑन्टी का प्यार।

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम साहिल है मैं मुम्बई में किराए के फ्लैट में रहता हूँ। मेरी उम्र 28 साल है मैं जॉब करता हूँ।

 

ये कहानी मेरी और मेरी मकान मालकिन सुमिता ऑन्टी की है।

मकान मालकिन की चुदाई

सुमिता ऑन्टी 45 साल की हैं और थोड़े भरे बदन की हैं। मुझे बड़ी उम्र के औरतों में ज्यादा इंटरेस्ट है। मैं कभी कभी ऑन्टी को देखता था।

अब मुझे जब से समझ आया है मेरा इंटरेस्ट मेच्योर फीमेल्स में ज्यादा हुआ है।  मुझे बड़ी उम्र और थोड़ी हेल्दी औरतें ज्यादा पसंद हैं। वो कुछ देखने में ज्यादा अच्छी नहीं थी फिर भी मेरे रुचि के क्षेत्र के कारण मैं उसकी तरफ आकर्षित हो रहा था।  उनका घर हमारे फ्लैट के जस्ट सामने ही था।  पर किसी चिज़ की रोक टोक नहीं थी।  लड़की लेके आओ दारू पियो मस्ती करो मालिक कुछ नहीं बोलते थे।

 

तो कभी आंटी सीढ़ियों पे दिखती उनके हाथ में कुछ सामान होता तो मैं उनकी मदद कर देता।  सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त उनके घुटनो में दर्द होता था।  तो कभी कुछ मंगवाना होता तो वो हम में से किसी को बोल देती।

 

उनका कफी समान हमारे फ्लैट में पड़ा था, वो कभी कभी लेने लेने लगभग ट्रांसपेरेंट स्लीवलेस गाउन पहनकर आ जाती थी।  मेरे सारे दोस्त उनका मजाक उड़ाते थे, मोटी-मोटी बोल के लेकिन मुझे वो अच्छी लगती थी।

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कभी कभी नार्मल चिट चैट करने के लिए भी वो मुझे बुलाया करती थी।

कैसे मैंने सुमिता ऑन्टी को मसाज दिया और बदले में मुझे चुत मिली

एक दिन वो हमारे फ्लैट पे आई और कुछ कंप्यूटर पर काम करना था। उसके ऑफिस का काम था।  उन दिनों मैं बीपीओ में डेटा एंट्री बैक ऑफिस में काम किया करता था। अब मैं आईटी इंडस्ट्री में शिफ्ट हो गया हूं।  मेरे दोस्तों ने बताया कि मैं उसकी मदद कर सकता हूं।  मैं रात 1 बजे घर आता था।  शनिवार, रविवार मेरी छुट्टी रहती थी

 

शनिवार सुबह जब मैं वर्क आउट कर रहा था तो बेल बजी, शनिवार को हमारे फ्लैट पर लोग कम रहते थे। 2 लोग जो वर्किंग थे वो मुम्बई से थे,  वो हर शुक्रवार घर निकल जाते थे।

 

और जो कॉलेज के स्टूडेंट थे वो एक तो सोते रहते या कॉलेज या ट्रिप या उनकी गर्लफ्रेंड के साथ बिजी रहते थे। तो उस दिन मैं फ्लैट पर अकेला था।  पहले से ही पासिना से भीगा हुआ था मैं एक बनियान और शॉर्ट्स में था।

 

तो मुझे लगा कचरावाला आया होगा मैंने दरवाजा खोला तो सामने आंटी थी।  बोली क्या कर रहे थे और तुम्हारे इतना पासीना क्यों आया है।  मैंने कहा कुछ नहीं चाची थोड़ा व्यायाम कर रहा था।  तो बोली मुझे भी अपना फैट कम करना है थोड़े एक्सरसाइज मुझे भी सिखा दो।  जैसे की मुझे गोल-मटोल औरते पसंद है मैंने उनसे बोला आप ऐसे ही बहुत अच्छे दिखते हो।  कुछ कम करने की जरूरत नहीं।  फिर वो हसने लगी, और बोली तू सच में पागल है दिखता नहीं मैं कितनी मोटी हो गई हूं।  तो मैंने फ्लर्ट करते हुए कहा मुझे तो ऐसे ही अच्छे लगते हो।

 

फिर वो बोली हाँ तेरे साथ बात करते करते असली काम तो भूल गई मैं। मुझे तेरी मदद चाहिए थी।  मेरे ऑफिस का डेटा एंट्री का कुछ काम है थोड़ा हेल्प कर दो ना प्लीज़। मैंने कहा ठीक है मैं कर दूंगा।

 

ऑन्टी बोली एक घण्टे में तैयार हो जाओ मेरे ऑफिस चलना पड़ेगा। फिर हम ऑटो से निकले आंटी ने बिना आस्तीन की पंजाबी सफेद पोशाक पहना था।  मस्त मोटी गांड और बूब्स दिख रहे थे।  फिर ऑटो में मैं उसके थोड़ा पास ही बैठ गया।  तो वो बताने लगी अंकल की पोस्टिंग मुंबई हो गई है और उसका बेटा बाहर जाने वाला है, तो अब से वो अकेले ही होगी।

 

फिर हम बात करते करते उसके ऑफिस पहुँच गए। शनिवार होने के कारण उसके ऑफिस में ज्यादा लोग नहीं थे।  तो उसने बताया की काम क्या करना है और मैं डेटा एंट्री में लग गया।  वो मेरे साइड में बैठ कर देख रही थी। बहुत पास बैठी थी।  मैंने जान बूझ के थोड़ा कोहनी इधर उधर हिलाया और उसके कोहनी को टच किया।  उसने  कुछ प्रतिक्रिया ही नहीं दिया तो मैं वैसा ही बैठा रहा।  फिर हम काम खतम कर के घर आ गए। ऑन्टी फिर अपने फ्लैट में बुलाके चाय पिलाया, और बैठ के अपने घुटनो को दबाने लगी।

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मैंने पूछा बहुत दर्द है क्या तो बोली। हा तकलीफ तो बहुत होती है।  क्या कर सकते हैं। दवा चल रहा है डॉक्टर ने बोला है ठीक हो जाएगा। मैंने कहा आपको कोई अच्छा मसाज देने वाला चाहिए। अगर आप कहो तो मैं कर दूं।  मुझे मसाज करने आता है।  लेकिन वो कुछ नही बोली और हम फिर कुछ इधर की बात हुई, और फिर मैं व्यस्त हो गया। और लगभग एक महिना मैं बीत गया।  एक रविवार मैं ऐसे ही किताब पढ़ने बैठा था तो बेल बजी।  मेरे दोस्त ने दरवाजा खोला।  तो आंटी मेरे लिए पूछ रही थी। दोस्त ने आवाज लगाके मुझे बुलाया।  आंटी ने कहा साहिल सिलेंडर लगाना है थोड़ा हेल्प कर दोगे क्या।

 

काम करने के बाद। ऑन्टी बोली, तुम बैठो मैं कॉफ़ी लेकर आती हूँ, कॉफ़ी के साथ ऑन्टी नमकीन भी ले आई। हम साथ बैठ के पी रहे थे। तो ऑन्टी बोली तुम हमें उस दिन कुछ मसाज करने बोल रहे थे।  कोई पहचान में है क्या जो अच्छा मसाज करे मेंरे घुटनो में।  मैं खुश हो गया।  मैंने कहा आंटी ढूंढ़ने की क्या जरूरत, जब मैं हूं।  उस वक्त वो घर में अकेली थी।  बोली कितना समय लगेगा।  तुम्हारे अंकल शाम में वापस आने वाले हैं उससे पहले हो जाएगा क्या।  मैंने कहा 2 घंटे काफी है।  तो बोली अभी कर दोगे क्या बहुत दर्द हो रहा है।  मैने बोला ठीक है। फिर वो बोलि कौन सा तेल लगाओगे।

 

मैंने कहा आपके पास कोई दर्द निवारक तेल होगा।  वो ले आइए हम उनके बेडरूम में चले गए।  उसने अपना नाइटी घुटनो तक उठाई और लेट गई उनकी गोरी टांगे बहुत सेक्सी लग रही थी।

 

फ़िर मैंने थोड़ा बिना तेल के हाथ घुमाके धीरे से मालिश किया और पुछा कहा कहा दर्द है।  फ़िर ऑयल लगाके धीरे धीरे मसाज स्टार्ट किया, उनकी बिना बालों वाली चिकनी गोरी टांगों को देखकर मैं एक्साइटेड हो रहा था। मैं अपने आप को बमुश्किल कंट्रोल किए जा रहा था। और मेरा लन्ड खड़ा होने लगा

 

अब मेरा लन्ड शॉर्ट्स में खड़ा साफ दिख रहा था। और ऑन्टी मेरे खड़े लन्ड को देखे जा रही थी।  मैंने थोड़ा नाइटी और उठाया।  उसके जांघो तक।  उसने अपनी आखें बंद कर ली, मैं अपनी उंगलियां जांघों पर घुमा रहा था।  क्या गर्म भरी हुई गोरी जांघें थीं। और दोनो जांघों के बीच में बहुत ही गरम लग रहा था। और मैंने जांघो के अंत तक मसाज करने लगा।

 

ऑन्टी मेरे खड़े लन्ड को देखे जा रही थी।  जैसे ही मैंने उन्हें उल्टा होने को कहा उसने अपनी नाइटी कमर तक ऊपर कर ली। क्या खूबसूरत मोटी गांड थी।  मैं तो पागल हो गया था।  मैंने जान बूझ के बहुत बार अपने लन्ड को उनकी जांघो में टच कर रहा था।  वो कुछ नहीं बोल रही थी।  थोड़ी देर बाद बोली बहुतबहुत धन्यवाद बेटा।  बहोत आराम मिला।  अब जाओ तुम।  मैं वहा से आके सीधा बाथरूम में गया और मुठ मारा। तब जाके लन्ड शांत हुआ।

 

पूरा एक हफ्ता उसे इमेजिन कर के ऑन्टी के नाम का मुठ मारता रहा।  नेक्स्ट वीकेंड फिर से ऑन्टी ने मुझे अपने घर पर डेटा एंट्री करने बुलाए। और काम खत्म होने के बाद ऑन्टी बोली लास्ट वीकेंड बड़ा अच्छा लगा तुम्हारी मसाज से। तुम सच मे बहुत अच्छा मसाज करते हो। फिर से कर दोगे क्या?

 

मैं और खुश हो गया और बोला हाँ ठीक है मैं कर देता हूँ।

 

फिर हम उनके बेडरूम में चले गए।  वो बोली आज पीठ (बैक) में बहुत दर्द है थोड़ा पीठ (बैक) भी मसाज कर देना।  मैं तो और खुश हो गया…तो उसने अपनी नाइटी गले तक उठाली।  बेड पर एक बड़ा सा तौलिया बिछाया।  और उसमे अपने बूब्स को कवर कर के सो गई।  उसकी मस्त मोटी जांघे और बड़ी सी गांड, मस्त मोटी चूत देख कर मैं पागल हो रहा था.. उनकी गांड पर एक छोटी सी पैंटी थी।  शायद उनकी पुसी चुत क्लीन थी।  फिर मैं उसके पैरों के दोनो साइड पर अपने पैर रख के बैठा।  मेरा खड़ा लन्ड उसके गांड को टच कर रहा था।

 

मैने उसे पूछा। आंटी ये ब्रा की पट्टी खोल दूं क्या? मसाज करने में आसन होगी।  उसने कहा ठीक है।  फ़िर मैं उसकी कमर और पीठ पर मसाज कर रहा था और मेरा लन्ड उसकी गांड पर रगड़ रहा था।

 

आंटी बोली तुम्हारा जींस पैंट मेरे वहा घिस रहा है मुझे तकलीफ होती है उसे उतार दो प्लीज।  मैं शॉक हो गया। मैंने अपने खड़े लन्ड को देखते हुए कहा आंटी नहीं उतार सकता। फिर ऑन्टी हँसने लगी और बोली नॉर्मल बात है उतार दो।  फिर मैंने पैंट उतार दिया। मेरा लन्ड पूरी तरह से खड़ा था और ऐसा लग रहा था अब मेरी इनर वियर फाड़ के लन्ड बाहर आ जाएगा।

 

फिर मैं अच्छे से मसाज करने लगा चाची के पीठ पर। कभी कभी उसके बूब्स के साइड को भी टच कर देता था।  उसने शायद नोटिस किया। फिर बोली अब इतना हो ही गया है तो पूरे शरीर की मालिश कर दे, और उठ के नाइटी निकाल दी और सीधी लेट गई।  उसके बड़े बड़े मस्त हॉट बूब्स और नाइस बेली सामने थे।  मैं पागलों की तरह देखे जा रहा था, वो बोली कर ना यहा मसाज।  मैं उसके चुचियों पर हाथ घुमाने लगा।  वो आखें बंद कर के एन्जॉय कर रही थी। मुझे भरे बदन की महिलाएं बहुत पसंद हैं। मैं जब भी किसी महिला को देखता हूँ तो सबसे पहले उसकी मोटी जांघो और बड़ी सी गांड़ को देखता हूँ।

ऑन्टी ने मेरे लन्ड को पकडा और चुत पर रगड़ने लगी

मैं उसके दोनो टांगों के साइड में मेरे पैरों को डाल के बैठा था, जैसे ही उसके गरम चुत को मेरा लन्ड टच हुआ, पैंटी के ऊपर। उसने सीधा लन्ड पर हाथ डाला और चुत पर रगड़ने लगी, मैं पहले से ही पागल हो चुका था। मैं झुककर उनको किस किया।, और उसकी आँखों में देखते देखते अपने होंठ उसपर रगड़ने लगा।  बूब्स और उसकी पूरी बॉडी पर मेरे हाथ घूम रहे थे। मैं उनके बूब्स को किस किया। उनकी बूब्स के दाने बहुत मोटे हो चुके थे।

 

फिर उन्होंने कहा बेटा अब रहा नहीं जा रहा मुझे चोद दे।

 

आह क्या गरम मस्त थी उसकी चुत थी।  मैंने अपना लन्ड उसके चुत पर रगड़ा। उसकी क्लिटरिस बड़ी सी थी। फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चुत के छेद पर लगाया और जोर का धक्का मारा। मेरा पूरा लन्ड उनकी चुत में चली गई।

ऑन्टी की चुदाई

वो कराहने लगी..ओह्ह्ह्ह्ह बेबी.  मम्मम्म चोदो।

आआहहहहहहहहहहहहहह….. साहिल मेरी जान चोदो.  आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।  मारो मेरे राजाआआहहहहहहहहहहहहहह…….. जोर जोर से चोदो मेरे शेर….. चोदो राजा चोदो…. चोदो मेरी चुत……. फाड् दो मेरी चुत को… मेरी चुत को चोद के भोसड़ा बना दो….ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. बहुत दिनों बाद मर्द का लन्ड मिला है मेरी जान चोदो।.  आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।  मारो मेरे राजा आआहहहहहहहहहहहहहह…….. जोर से झटके मारो… आहहहहहहहहहहहहहहह…… बेटा कितना अच्छा चुत चोदता है तू। ……ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. साहिल मेरी जान चोदो…………तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है…. मेरी बच्चेदानी में धक्का मार रहा है। आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. बहुत बड़ा लंड है तुम्हारा… ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. साहिल…  आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।  मारो मेरे राजाआआआ हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से झटके मारो… आहहहहहहहहहहहहहहह…… बेटा कितना अच्छा चुत चोदता है तू। ……ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. ओह मेरी जान चोदो.  आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।  मारो मेरे राजाआआआ हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से झटके मारो… अंदर तक धक्का मार रहा है……

 

मेरा लन्ड पानी छोड़ने ही वाला था तभी ऑन्टी बोली। चोदो साहिल मेरा चुत फिर से झड़ने वाला है। ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. साहिल aaahhhhहहहहहहहह मेरी जान चोदो.  आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।  मारो मेरे राजाआआआ हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से झटके मारो… आहहहहहहहहहहहहहहह…… बेटा कितना अच्छा चुत चोदता है तू। ……ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. ओह मेरी जान चोदो.  आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत।  मारो मेरे राजाआआआ हहहहहहहहहहहहह…….. जोर से झटके मारो… और फिर मैं और ऑन्टी एकसाथ झड़ गए। ऑन्टी की चुत रस से पूरा भर गया।

मैं ऑन्टी के चुत में लन्ड डाले उनके ऊपर लेट गया। हमदोनों की साँसे बहुत तेज चल रही थी।

अब हमें जब भी मौका मिलता है, हम दोनों चुदाई करते हैं।

अंकल का पोस्टिंग कही बाहर हो गया तो वो वहां चले गए, और उनका लड़का पढ़ने कही चला गया। अब ऑन्टी बिल्कुल अकेले रहती हैं।

फिर ऑन्टी मुझसे बोली कि बाकी सभी लड़कों से फ्लैट खाली करवा देती हूँ। वहां सिर्फ तुम अकेले रहो। ऑन्टी ने एक दिन सभी लड़कों से बोला कि फ्लैट खलिबकर दो। मैं फैमिली वाले को रेंट पर देने वाली हूँ। फिर सभी लड़के चले गए। अब मैं पूरे फ्लैट में अकेले रहता हूँ और कभी अपने फ्लैट में तो कभी ऑन्टी के घर मे हमारी चुदाई चलती है।

किराया तो नाम का है ऑन्टी अब मुझपर बहुत खर्च करती है और मुझे ऐसे भी देती है। वो अब मेरी रखैल की तरह रहती है।

 

हमें उम्मीद है कि आपको हमारी कहानियाँ पसंद आयी होगी और हम आपको बेहतरीन सेक्स कहानियां प्रदान करना जारी रखेंगे ।

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तो आप सब अपना ख्याल रखिएगा। कोविड का सिचुएशन है तो अपना विशेष ख्याल रखिएगा। नमस्कार।

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