रसदार चूत मिला तोहफे में

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पड़ोसन ऑन्टी के साथ उनकी सहेली की रसदार चूत मिला तोहफे में: ग्रुप सेक्स

https://nightqueenstories.com/ के सभी सेक्सी पाठको को मेरा सादर नमस्कार। कैसे हो आप सब, उम्मीद करता हूँ अच्छे होंगे।

दोस्तों मेरा नाम विक्की कौशल है। वो फिल्मो वाला नही, सेक्स का खिलाड़ी वाला। मैं असली सेक्स का खिलाड़ी हूँ। और ये मैं नही आप जैसे गर्म चूत वाली चुदक्कड़ आंटियां कहती हैं।

पति से दूर रह रही एक जवान महिला की प्यासी चूत कैसे मेरे लंड के चुम्बक के पास खिंची चली आयी

मैं राजस्थान बाड़मेर से हूँ। लेकिन जोधपुर में रहता हूँ। और स्टडी करता हूँ। और 23 साल का गबरू जवान लड़का हूँ। वैसे दिखने में तो हूँ मैं थोड़ा चॉकलेटी लेकिन चुदाई में रॉकस्टार हूँ। मुझे मिशनरी सेक्स पोजीशन बहुत कम पसन्द है। और अतरंगी और हार्डकोर चुदाई में मुझे बहुत मजा आता है और इसी में मुझे महारत हासिल है।

यह कहानी है मेरे और मेरे पड़ोस में रहने वाली 35 साल की सीखा ऑन्टी और उनकी 27 साल की सहेली रेखा का। सीखा ऑन्टी दुबली पतली लेकिन बिल्कुल फिट औरत हैं। और बहुत खूबसूरत हैं। उनकी चुचियाँ तो नार्मल साइज के हैं लेकिन कमर बिल्कुल पतली और गांड बेहद चौड़े। जो बिल्कुल दिल के आकार के हैं। जो बूढ़ों के छुहाड़े की तरह सूखे लन्ड में भी हलचल मचा देता है। ऑन्टी के पति का नाम अशोक है जो एक प्राइवेट कंपनी में हैं। और पूरे देश मे उनका ट्रांसफर होते रहता है। बड़ी मुश्किल से वह 6 महीना या साल भर एक जगह रह पाते हैं। और इसी कारण वह फैमिली अपने पास नही रखते और बच्चों के पढ़ाई के लिए जोधपुर में फैमिली को रखे हैं। और खुद 5,6 महीने में घर आते हैं।

सीखा ऑन्टी की एक सहेली हैं रेखा जो एक क्लर्क हैं और उनकी उम्र 27 साल है। लेकिन अभी वो कुँवारी हैं। खैर रेखा के बारे में बाद में बात करेंगे।

सीखा ऑन्टी के पति दूर रहते हैं इस कारण उनकी चूत प्यासी रहती है। अब जिस चूत को रोज 5 बार लन्ड चाहिए उसे 6 महीने में 2, 4 दिन के लिए लन्ड का पानी मिलेगा तो चूत तो पगलाया ही रहेगा। सीखा ऑन्टी हमेशा कामुक रहती हैं। और मुझसे अच्छे से बात करती हैं। मेरे घर उनका आना जाना है और मेरी माँ और सीखा ऑन्टी बहुत अच्छे दोस्त बन चुके हैं। सीखा का ड्रेसिंग सेंस बहुत अच्छा है और वो बिल्कुल फिट कपड़े पहनती हैं। यहां तक को वो घर मे भी गाउन या टॉप और पायजामा बिल्कुल फिट और अच्छे से पहनती हैं। जिस कारण वो और भी ज्यादा सेक्सी लगती हैं। वो जब भी मेरे घर आती तो उनकी आधी खुली चुचियाँ और उनकी दिल की आकार वाली गांड पे ही मेरा नजर रहता था। जिस कारण मुझे कई-कई बार उनके नाम का मुठ मारना पड़ता था।

सीखा ऑन्टी जानती थी की मैं उसकी चुचियो और गांड को निहारता हूँ इसीलिए वह अपनी गांड और मटका के चलती थी

सीखा भी इस बात को जानती थी कि मेरी नजर उनकी गांड पर हमेशा टिकी रहती है। शायद उनको भी ये अच्छा लगता था। इसीलिए वो मेरे सामने जब भी आती थी तो गांड को और मटका के चलती थी।

एक दिन मैं कॉलेज से आया तो मेरे घर पर ताला लटक रहा था। तो मैं पड़ोस में सीखा ऑन्टी के घर गया और उनसे पूछा तो वह बोली कि तुम्हारे मम्मी पापा गांव गए हैं। और चाभी मेरे पास रख गए हैं। और बोले हैं की तुम उनसे कॉल पर बात कर लेना। सीखा उस दिन एक काले रंग की जालीदार गाउन में थी और अंदर कुछ भी नही पहनी थी मतलब उनकी चुचियाँ साफ दिख रही थी। और ये देखते ही मेरा लन्ड उफान मारने लगा। लेकिन जैसे ही ये बात मैं सुना कि माँ पापा गांव गए हैं मेरे होश उड़ गए। और जितना तेजी से मेरा लन्ड गुस्से में आया था उतनी ही तेजी से वह मुरझा भी गया। क्योंकि मुझे शंका होने लगी कि अचानक वे गांव क्यों चले गए। और मुझे पता तक नहीं।

दरअसल मेरे पापा बहुत स्ट्रिक्ट हैं। और मुझे मोबाइल कॉलेज में नही ले जाने देते। ताकि पढ़ाई डिस्टर्ब ना हो। तो ऑन्टी मुझे चाभी दी और बोली की बात कर लेना। और फ्रेश हो के आ जाओ तुम्हारा खाना यही बना है। जब तक तुम्हारे मॉम डैड नही आ जाते तुम यही खाओगे। तुम्हारी मॉम मुझे जिम्मेदारी देकर गई हैं।

खैर मैं अपने घर मे आकर सबसे पहले कॉल किया तो माँ बोली कि तुम्हारे दादाजी का देहांत हो गया है तो अब हमलोग 15 दिन बाद ही वापस आएंगे। तुम अपना ख्याल रखना और सीखा ऑन्टी को मैं बोलकर आयी हूँ तुम्हारा खाना वही बनाएगी।

खैर मैं थोड़ी देर दादाजी के गम में रहा और सोचता रहा। और एक घंटे हो गए। तो सीखा ऑन्टी आयी और बोली कि तुम ठीक तो हो मैं खाना खाने बुलाई थी तुम आये नही तो मुझे आना पड़ा। तो मैं बोला की ऑन्टी मुझे खाने का मन नही हो रहा। मैं शाम को ही खाऊंगा। तो ऑन्टी मेरे बगल में बैठ गई और मेरा हाथ पकड़ के बोली कि बेटा मैं समझ सकती हूँ लेकिन तुम परेशान मत हो। तुम्हारे दादाजी की उम्र भी तो हो गई थी। फिर वह काफी देर तक मुझसे बात की और तब मैं थोड़ा अच्छा फील करने लगा।

फिर ऑन्टी मेरा हाथ पकड़ के उठाई और बोली अब चलो खाना खाते हैं मुझे भी बहुत भूख लगा है। फिर मैं उनके साथ चल दिया।

सीखा ऑन्टी के जालीदार गाउन के अंदर नंगी चुचियों पर मेरा नजर गया तो मेरा लंड उछलने लगा

ऑन्टी अभी भी वही जालीदार गाउन पहनी हुई थी। और फिर से जब उनकी चुचियों पर मेरी नजर गई तो मेरा लन्ड 90 डिग्री पर आकर सलामी मारने लगा मैं डाइनिंग टेबल पर बैठा हुआ था। जिस कारण सीखा की नजर तो मेरे उभरे हुए लोअर पर नही जा रहा था लेकिन वो समझ गई थी की मेरी नजर उनकी टाइट चुचियो और जालीदार गाउन के नीचे लाल रंग की पैंटी पर है। ऑन्टी की एक लड़की थी जो कि स्कूल गई हुई थी। और इस समय ऑन्टी और मैं बस 2 ही लोग घर मे थे।

फिर ऑन्टी मेरे सामने टेबल पर बैठ गई और हम खाना खाने लगे। लेकिन मेरा नजर बार बार उनकी चुचियो पर जा रही थी। मेरा लंड तो पूरा जोश में था। लेकिन अब सीखा के जिस्म में भी तनाव बढ़ने लगा था। और बार बार वह अपना पैर मेरे पैरों में टच कर रही थी। जैसे तैसे मैं खाना खाया। फिर ऑन्टी प्लेट उठाने के बहाने अपनी कड़क चुचियाँ जोर से मेरे कंधे में रगड़ दी। क्या बताऊँ दोस्तों मेरे जिस्म में तो हजार वॉल्ट का करंट दौड़ गया। फिर सीखा प्लेट लेकर किचन में चली गई। और मैं उठकर हॉल में आ गया और सोफे पर बैठकर tv देखने लगा। मेरा लन्ड अभी भी पूरे जोश में था। फिर सीखा आई मैं देखा वह बहुत खुश है और मुस्कुरा रही है। मैं तो समझ गया था को वह भी मजे ले रही है और चुदवाने के मूड में है। और वह आकर बिल्कुल मेरे बगल में बैठ गई। उसकी जिस्म से एक मदहोश कर देने वाली खुशबू मेरे नाक में गई तो मेरा लन्ड और जोर जोर से ऊपर नीचे होने लगा। तभी सीखा अपना हाथ मेरे लन्ड पर रख दी। और मेरे आँखों मे देखते हुए मुस्कुराने लगी। मानो जैसी उसकी आँखें चीख चीख कर कह रही हो, आओ विक्की मेरी गर्म चूत में अपना मोटा लन्ड डाल के मेरी चूत फाड़ डालो।

अब मुझसे भी बर्दाश्त नही हुआ तो मैं एक झटके में सीखा को अपने बाहों में जकड़ लिया और उसके होंठो पर अपना होंठ रख दिया। वह भी मुझे जोर से भींच ली और मेरे होंठो को जोर जोर से चूसने लगी। और मेरे लंड को मसलने लगी। मैं भी गाउन के ऊपर से ही उसकी चुचियो को मसलने लगा। तो वह सिसकारियां लेते हुए बोली विक्की बेडरूम में चलो।

जैसे ही मैं पानी रिस रहे सीखा के बिना बालों वाली चूत पर मुँह रखा वह स्प्रिंग की तरह कमर उछाल दी

तो मैं बिना देरी किये उसे गोद मे उठाया और उसकी होंठो का रसपान करते हुए बेड पर ले जाकर पटक दिया। वह बिन पानी मछली की तरह तड़प रही थी। फिर उसने मुझे अपने ऊपर खिंचा और जोर जोर से किस करने लगी। फिर मैं उसे उठाया और उसके गाउन को निकाल कर फेंक दिया। दोस्तों उसकी दूध की तरह सफेद चुचियो पर ब्राउन कलर के गहरे निप्पल बहुत सेक्सी लग रहे थे।

मैंने बिना देर किए उसकी लाल रंग की पैंटी को भी निकाल दिया। कसम से मैं क्या बताऊँ उसकी बिना बालों वाली चिकनी चूत से रिसते हुए पानी को देखकर मैं आउट ऑफ कंट्रोल हो गया। और उसकी चूत पर मुँह रख दिया। ऐसा करते ही वो अपना कमर ऐसे उछाली मानो स्प्रिंग लगी हो। और उतनी ही तेजी से वह मेरे सर को चूत पर दबाई थी। मैं भी कहाँ पीछे रहने वाला था उसकी चूत के दाने को होंठो से पकड़ के ऊपर की ओर खींचने लगा वह तो पागल ही हो गई। और आहहहहहहहहहहहहहहह….. आहहहहहहहहहहहहहहह… सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईई…. करते हुए मेरा सर पकड़कर अपनी चूत मेरे मुँह पर रगड़ने लगी। मैं लगातार उसके चूत को चाटे जा रहा था। https://nightqueenstories.com/

करीब 5 मिनट बाद उसकी कमर तेज तेज हिलने लगी और फिर उसके चूत से किसी पम्प की तरह प्रेशर से नमकीन पानी निकलकर मेरे मुँह में जाने लगा। बहुत सारा पानी निकला था। और मैं पूरा पानी पी गया और जोर जोर से उसके चूत को चाटते रहा। थोड़ी देर शांत रहने के बाद वो झटके में उठी और मेरे टी शर्ट उतार दी और धक्का देकर सुला दी। और एक झटके में मेरा लोअर और अंडरवियर उतार दी। जैसे ही अंडरवियर उतरा मेरा 6 इंच का लंड काले नाग की तरह फनफनाने लगा। वह हैरान होते हुए बोली बाप रे तुम्हारा लन्ड तो किसी लोहे जैसा सख्त है। और वह मेरे लन्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी।

करीब 5,7 मिनट वह मेरे लंड को चूसी और तभी मेरा लन्ड उसके मुँह में ही रस छोड़ दिया। वह पूरा रस चाट चाट के पी गई। और सीधा होते हुए बोली, साले अगर इतनी जल्दी मेरे चूत में झड़े होते तो मैं तुम्हारा खून कर देती। और हँसने लगी। फिर वह बोली मैं जानती थी तु अभी जवान और नादान भी है इसलिए कंट्रोल नही कर पाएगा। इसीलिए मैं खुद चाहती थी कि तू एक बार पहले ही पानी छोड़ दे। ताकि जब लन्ड चूत में जाए तो घंटो तक मुझे चोद सके।

फिर वह उठी और बिस्तर के नीचे उतकर आगे झुकी और अपनी चूत को फैलाकर गांड को हिलाकर मुझे दिखाने लगी। उसकी चूत अंदर से बिल्कुल लाल था। और उसके छेद बिल्कुल छोटी सी दिख रही थी मानो अभी बिल्कुल कुँवारी चूत हो। फिर वह बाथरूम जाने लगी और बोली अभी आती हूँ। चलते हुए उसके गांड जैसे dj पर डांस कर रहे हों ऐसे थिरक रहे थे। 5 मिनट बाद जब वह वापस आयी तो उसकी चूत चमक रही थी।

और बिस्तर पर आते ही वह मेरे सीने से लग गई और मुझे भिचते हुए आई लव यु विक्की बोली। मैं भी आई लव यू टू ऑन्टी बोला। तो वह बोली ऑन्टी नही मैं तुम्हारी शिखा हूँ। जब भी हम अकेले होंगे तुम मुझे सीखा कह के ही बुलाना। मैं फिर से झट से आई लव यू शिखा डार्लिंग बोला। तो वह भी आई लव यू टू जानेमन बोली। फिर हम एक दूसरे को किस करने लगे। और मैं उसकी चुचियो को भी मसल रहा था। करीब हम 10 मिनट तक एक दूसरे को किस किये तभी कॉल बेल बजा तो अचानक सीखा मुझसे अलग हुई और घड़ी में टाइम देखी तो 3.30 बज चुके थे। वह चिल्लाते हुए बोली, मर गए मेरी बेटी वंदना आ गई। जल्दी से कपड़े पहनो। बाकी बाद में करेंगे। और हमदोनो जल्दी जल्दी कपड़े पहनने लगे। फिर भी 5, 7 मिनट तो बीत ही चुके थे। और फिर मैं हॉल में सोफे पर बैठ के tv देखने लगा और सीखा दरवाजा खोली तो वंदना घूरते हुए बोली इतना देर में क्यों दरवाजा खोली मैं कबसे बेल बजा रही थी। तो वह में में में में करते हुए बोली कि मैं बाथरूम में थी।

लेकिन उसे शक हो चुका था की कोई गड़बड़ है। और इस तरह हमारी लन्ड और चूत की प्यास अधूरी ही रह गई। फिर सीखा थोड़ी देर बाद आई तो मैं उसे बाहों में भर लिया लेकिन वह धक्का देते हुए अलग हुई और बोली। वंदना देख लेगी। अब बाकी रात में करेंगे।

तो दोस्तों बाकी का कहानी और असली चुदाई की कहानी अगले भाग में बताऊंगा। की कैसे मैं सीखा को रात में चोदा और फिर कैसे उसी रात उसकी सहेली रेखा का चूत फाड़ डाला।

कहानी का अगला भाग होगा- सीखा के चूत से रेखा के चूत तक का मेरे लन्ड का सफर। तो मिलते हैं अगले भाग में। https://nightqueenstories.com/

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “नौकरानी का गर्म चूत”

नमस्कार।

धन्यवाद।।

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