देवर संग सुहागरात

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शादी शौहर से और सुहागरात मनाई अपाहिज देवर से

फिर उसके मनाने से मैं मान गई मेरी चूत में तो पहले से आग लगी हुई थी। सो मैं बोली ठीक है भेज दो मेरे देवर को। फिर वह चली गई और उसके जाने के 5 मिनट बाद ही वह अपने भाई को लेकर आई जो एक पैर से विकलांग था। और वह नाटा भी था मैं पहली बार उसे देखी थी। मैं हैरान हुई कि ये तो ऐसे है फिर मेरे चूत की आग कैसे बुझा पाएगा कही चुत का सत्यानाश ना हो जाए।

फिर मेरी ननद बोली कि भाभी आज सुहागरात इनके साथ ही मनाओ और फिर वह चली गई। वह लंगड़ाते हुए मेरे पास आया उसका नाम अकबर था। वह आते ही बिस्तर पर बैठ के मुझे लेटा दिया और मेरे होंठो पर किस करने लगा। उसकी हरकतों से मैं समझ गई कि वह लंगड़ा जरूर है लेकिन है मर्द और वह पहले से चूत चोद चुका है। और फिर वह जल्दी जल्दी अपना कुर्ता पायजामा उतार दिया अब वह सिर्फ निकर में था। और मेरे भी कपड़े उतारने लगे। उसकी हरकतें ऐसे थी मानो वह चूत का भूखा हो। और देखते ही देखते मुझे नंगा कर दिया। और वह मेरी गीली चूत को एकटक आँखे फाड़कर देखने लगा। और फिर वह मेरे पैरों को फैलाकर चूत पर मुँह रख दिया। मुझे बहुत मजा आया था सो मैं कमर उछाल दी थी और वह जीभ को रगड़ रगड़ के चूत चाटने लगा।

https://nightqueenstories.com/ के सभी पाठकों को मेरा सलाम। मेरा नाम शबाना है और मैं दिल्ली में रहती हूँ मेरे अब्बू एक प्रतिष्ठित मौलवी हैं। और हमारे पास अथाह पैसा है। मैं अपने अम्मी अब्बू की इकलौती संतान हूँ क्योंकि मुझे पैदा करने के बाद अब्बू हिंजड़ा हो गए मतलब वे बच्चे नही पैदा कर सके। इसका कारण था उनका एक्सीडेंट। एक बार दिल्ली के बाहर हाइवे पर उनका एक्सीडेंट हो गया वो एल महीने हॉस्पिटल में रहे वो तो भला हो पैसों का हमारी अमीरी ने उन्हें बचा लिया। और मौलवी होने के चलते देश विदेश से मदद भी आया। वह तो ठीक हो गए लेकिन उनके शरीर के कमर से नीचे का हिस्सा पैरालाइज हो गया। तब मैं मात्र 1 साल की थी। और इस तरह मैं अपने अम्मी अब्बू की इकलौती संतान रह गई। खैर इसीलिए मेरे अम्मी अब्बू मुझे बहुत मानते हैं। मैं पढ़ने लिखने में भी बहुत अच्छी थी तो मेरे अब्बू ने मुझे अच्छे से पढ़ाया लिखाया और आज मैं एक बड़ी न्यूज एजेंसी में बड़े पोस्ट पर हूँ। करोड़ो के पैकेज पर काम कर रही हूँ। साथ ही मैं अपने इंटरनेशनल कम्युनिटी की मेम्बर भी हूँ जिस कारण मुझे देश विदेश में खूब सम्मान मिलता है। और पूरी दुनिया मे घूमने का मौका भी मिलता है।

मेरे अब्बू ने पैसों के लालच में एक अपाहिज से मेरी शादी करवा दी जो हिंजड़ा था लेकिन शौहर की कमी कैसे मेरे देवर ने मेरी चूत चोद के पूरा किया

दोस्तों ये तो हुई मेरे प्रोफेशन की बात लेकिन यह कहानी मेरे शुरुआत समय की है। तब मैं मात्र 14 साल की थी और पढ़ाई कर रही थी। और तभी मेरे अब्बू ने अपने एक दोस्त इमरान के बेटे फैय्याज से शादी कर दिया। लेकिन मेरा पढ़ाई नही रुका और कंटिन्यू चलता रहा।

तो हुआ ये की शुरू से ही मैं चुदाई के प्रति बहुत सोचती थी। मेरा भी मन बहुत चुदवाने का करता था। मैं जब 10 साल की थी तब पहली बार अपनी अम्मी को पड़ोस के सूर्यदेव अंकल से चुदवाते देखी थी। और तब से मैं रोज छुप छुप के अम्मी को चोदवाते देखने लगी। वह बहुत चुदक्कड़ हो चुकी थी। अब्बू 24 घंटे मस्जिद में ही रहते थे। वह दिन में थोड़ी देर के लिए घर आते थे। उनकी नपुंशक्ता ने मेरी अम्मी को रंडी बना दिया था।

मेरी अम्मी के कई गैर मर्दो से चुदाई के संबंध बन चुके थे। इसी कारण मेरे चुत में कीड़ा कुलबुलाने लगा था। मैं पहली बार 12 साल की उम्र में चूत को रगड़ के पानी निकाली थी। और मुझे तब इतना मजा आया कि मैं रोज कई कई बार चूत को रगड़ने लगी। और यही कारण था कि मैं 12 साल की उम्र में 18 साल की लगने लगी। मेरी चुचियाँ बड़ी बड़ी हो गई। मेरे चूत पर बाल आ गए। मेरा शरीर भर गया। मैं किसी कमसिन जवान की तरह बन चुकी थी।

मेरी अम्मी भी ऐसे ही चुदवाते समय जोर जोर से चिल्लाती थी

मेरी स्कूल में कुछ सहेलियां ज्यादा उम्र की थी। और वे सब चुदाई के बारे में जानती थी और रोज चुदाई की बातें किया करती थी ये सुनकर मुझे भी बहुत मजा आता था। एक दिन एक सहेली चुत में गाजर से चुदाई की बात बोली तो मैं समझ नही पाई की यह कैसे होगा और घर आने के बाद मैं मोबाइल में नेट पर इस बारे में सर्च करने लगी तो मुझे कुछ वीडियो दिखाई दिया जिसमे औरतें अपनी चुत में गाजर से चोद रही थी और जोर जोर से चिल्ला रही थी। शायद उनको बहुत मजा मिल रहा था। क्योंकि मेरी अम्मी भी चूत चोदवाते समय ऐसे ही जोर जोर से चिल्लाती थी। मैं कई वीडियो देखी सबमे कोई बड़ा तो कोई पतला गाजर से चोद रही थी।

उस रात मेरे चुत में हद से ज्यादा कीड़े कुलबुलाने लगे। और मैं अपने चूत में उँगली डालने की कोशिश करने लगी लेकिन मुझे दर्द हो रहा था। इसलिए उँगली अंदर नही डाल पा रही थी फिर मुझे एक आईडिया सुझा और उठ के किचन में गई। और फ्रीज में पड़ी सबसे पतली गाजर ढूढने लगी। तो एक गाजर दिखा जो लम्बा था लेकिन वह पतला था। फिर मैं उसे निकाली और एक कटोरी में तेल निकाली और लेकर रूम में आ गई। और अपनी कपड़े उतार कर बिस्तर पर आ गई। और उस गाजर में अच्छे से पूरा तेल चभोड़ दी। और ढेर सारा तेल अपने चूत पर भी लगाई।

पतला गाजर चाकू की तरह मेरी चूत को चीर दिया था और मैं तड़पने लगी

मैंने एक सहेली से सुना था कि मर्द जब चोदते हैं तो पूरा झटके में लन्ड चूत में घुसा देते हैं तो जो दर्द होना रहता है हो जाता है फिर मजा आता है। तो मैं भी ठान ली कि गाजर को झटके में ही चुत में डाल दूँगी जो होगा देखा जाएगा। और फिर मैं लेट गई और दोनों पैरों को फैलाई और घुटनों को फोल्ड कर ली। और बड़ी हिम्मत कर के पहले चूत के दाने पर गाजर को अच्छे से रगड़ी जब मेरे चूत में हद से ज्यादा सनसनी बढ़ गई तो चूत के छेद पर गाजर लगाई अपने आँखों को बंद की और एक हाथ से तकिये को जोर से भींच ली। और 5 तक काउंट करने लगी और जैसे ही 1 पर पहुँची पूरी जोर से गाजर अपने चूत में ठेल दी।

ओह अल्लाह मैं तड़प गई थी और चाकू की तरह गाजर मेरे चूत को चीर दिया था। और मैं वैसे ही चूत में गाजर को छोड़कर बिस्तर को भींच ली। गाजर अभी भी चूत में ही था। मुझे इतना दर्द हो रहा था कि मैं तड़प रही थी लेकिन फिर भी बर्दाश्त कर रही थी। 2 मिनट तक वैसे ही रही और फिर हिम्मत कर के गाजर को एक झटके में बाहर खिंच दी। दोस्तों मैं देखी तो गाजर पूरा लाल हो रखा था उसपर खून लगा हुआ था और जब मैं उठ कर चूत को देखी तो मेरे चूत से नदी की तरह खून बह रहा था जो मेरी गांड के छेद को भी पूरा लाल कर दिया था। कुछ खून का खतरा चादर पर भी फैल चुका था।

मुझे चूत में अभी भी बहुत पीड़ा हो रहा था। और मेरा चूत का सील टूट चुका था। खैर अब तो जो होना था हो चुका था। और 5 मिनट तक मैं कुछ नही की और फिर धीरे धीरे गाजर फिर से चुत में डालने लगी पहले हल्का हल्का थोड़ा डाल के आगे पीछे कर रही थी। फिर मैं हिम्मत करके फिर से तेजी से गाजर चूत में ठेल दी इस बार आधा से ज्यादा गाजर मेरी चूत में घुस चुका और बहुत दर्द हुआ लेकिन यह दर्द जल्दी ही कम हो गया और मैं धीरे धीरे गाजर अंदर बाहर करने लगी अब मुझे दर्द की जगह मजा आने लगा, तो हाथ भी तेजी से चलने लगे। अब मैं जोर जोर से गाजर से अपनी चूत को चोदने लगी। और अगले 20 मिनट तक ताबड़तोड़ लगातार चोदी और एक के बाद एक 4 बार मुझे चरमसुख प्राप्त हुआ। अब मैं 12 साल की उम्र में पूरी तरह जवान बन चुकी थी। और मेरे मन मे 20 साल की औरत जैसी फिलिंग आने लगी थी। https://nightqueenstories.com

अब तो ये सिलसिला ऐसा चला की मैं रोज 7, 8 बार चूत में गाजर मूली डालने लगी। और अब मोटे मोटे गाजर मूली बैगन मेरे चूत में जाने लगे। ऐसे ही 2 साल बीत गया और मेरे अब्बू मेरे निकाह की बात चला दिए। और अपने दोस्त के बेटे से मेरी शादी करवा दिए। लेकिन दोस्तों मेरी किस्मत फूटी हुई थी क्योंकि जो मेरा शौहर मिला था वह अपंग था वो लोग 2 भाई एक बहन थे लेकिन दोनों अपंग थे। मेरे शौहर मुझसे 22 साल बड़े थे। उनके पास भी अथाह पैसा था इसीलिए मेरी अब्बू मेरी शादी एक ऐसे मर्द से करवा दिए जो पैसे से अमीर था बाकी शरीर से हिंजड़ा था।

और ये बात मुझे उस रात पता चली जब मैं निकाह के बाद विदा होकर उसके घर गई। मैं तो चुदवाने के लिए उसका इंतजार कर रही थी लेकिन करीब 1 घंटे बाद मेरे शौहर के जगह उसकी बहन रुखसाना आयी और मेरे से बात करने लगी मैं अपने शौहर के बारे में पूछी तो वह बोली कि उनकी तबियत ठीक नही है और आज वो ऊपर सो गए हैं। तो मैं बहुत उदास हो गई। फिर रुखसाना मुझे अपने बातो मे फसाने लगी और बोली भाभी आज आपकी सुहागरात है लेकिन भाईजान की तबियत ठीक नही है इसलिए मुझे अच्छा नही लग रहा है। इसलिए आप कहें तो मैं एक बात कहूँ तो मैं बोली कि बोलो। तो वह बोली कि आप चाहे तो भाई जान की कमी मेरे छोटे भईया पूरा कर सकते हैं। आप उनके साथ ही सुहागरात मना लीजिए। तो मैं गुस्सा हो गई। लेकिन बस दिखावे का ही।

फिर उसके मनाने से मैं मान गई मेरी चूत में तो पहले से आग लगी हुई थी। सो मैं बोली ठीक है भेज दो मेरे देवर को। फिर वह चली गई और उसके जाने के 5 मिनट बाद ही वह अपने भाई को लेकर आई जो एक पैर से विकलांग था। और वह नाटा भी था मैं पहली बार उसे देखी थी। मैं हैरान हुई कि ये तो ऐसे है फिर मेरे चूत की आग कैसे बुझा पाएगा कही चुत का सत्यानाश ना हो जाए।

अकबर 8 इंच का बड़ा लन्ड मेरी चूत में उतार दिया जो मेरी बच्चेदानी तक को हिला दिया

फिर मेरी ननद बोली कि भाभी आज सुहागरात इनके साथ ही मनाओ और फिर वह चली गई। वह लंगड़ाते हुए मेरे पास आया उसका नाम अकबर था। वह आते ही बिस्तर पर बैठ के मुझे लेटा दिया और मेरे होंठो पर किस करने लगा। उसकी हरकतों से मैं समझ गई कि वह लंगड़ा जरूर है लेकिन है मर्द और वह पहले से चूत चोद चुका है। और फिर वह जल्दी जल्दी अपना कुर्ता पायजामा उतार दिया अब वह सिर्फ निकर में था। और मेरे भी कपड़े उतारने लगे। उसकी हरकतें ऐसे थी मानो वह चूत का भूखा हो। और देखते ही देखते मुझे नंगा कर दिया। और वह मेरी गीली चूत को एकटक आँखे फाड़कर देखने लगा। और फिर वह मेरे पैरों को फैलाकर चूत पर मुँह रख दिया। मुझे बहुत मजा आया था सो मैं कमर उछाल दी थी और वह जीभ को रगड़ रगड़ के चूत चाटने लगा। और मुँह से सिसकारियों का अंबार फुट पड़ा सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई.. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई

और फिर वह अपना निकर उतारा तो मैं हैरान रह गई वह भले अपंग था लेकिन उसका लन्ड 8 इंच का था। बहुत बड़ा और मोटा लन्ड था उसका मैं तो खुश हो गई।

और फिर वह अपना लन्ड मेरे चूत पर लगाया तो मैं ढेर सारा थूक अपने चूत और उसके लन्ड पर लगा दी। और तभी एक जोरदार प्रहार किया और उसका पूरा लन्ड मेरी चूत में चला गया। खैर मुझे जरा भी दर्द नही हुआ क्योंकि मेरी चूत तो पूरी बुलन्द दरवाजा बना हुआ था। अब वह मुझे चोदने लगा उसका कड़क लन्ड सच मे मुझे बहुत मजा दे रहा था। और मैं उसका हौसला बढ़ाने के लिए चिल्लाने लगी फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह, हाफ हार्ड बेब फक हार्ड सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह…..फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह, हाफ हार्ड बेब फक हार्ड आहहहहहहहहह.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत। चोदो हहहहहहहहहहहह…….. जोर से आहहहहहहहहहहहहहहह……

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह….फक मि देवर जी फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह, हाफ हार्ड बेब फक हार्ड फक माइ पुसी बेब फक ओह देवर जी यु आर सो नाइस उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. इरर्राहहहहहहहहह.. चोदो मेरी जान चोदो…. आआआहहहहहहह चोदो मेरी चुत। चोदो इरर्राहहहहहहहहहहहहहह…….. फक मि डार्लिंग फक मि। आहहहहहहहहहहहहहहहहह, मेरी ऐसी गंदी बातों ने उसपर जादू किया था और वह और जोर जोर से मुझे चोदने लगा। अब मैं भी नीचे से जोर जोर से कमर उछाल उछाल के लन्ड चूत में लेने लगी। वह अपाहिज पूरा मर्द था और पूरी बिस्तर हिला दे रहा था। उसका बड़ा लन्ड मेरे बच्चेदानी तक को झकझोर रहा था। चुदाई को आधे घण्टे हो चुके थे। और फिर उसका लन्ड गर्म गाढा लावा मेरी चुत में छोड़ने लगा।

दोस्तों वह मुझे तृप्त कर चुका था मैं 6 बार झड़ी थी और पहली बार जीवन मे ऐसी मजा पाई थी।

तो इस तरह मेरी सुहागरात शौहर के बजाए अपाहिज देवर से मनी। 

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “ट्रेन का चुदाई भरा सफर”

धन्यवाद।

अस्लामवालेकुम।।

 

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