दोस्ती और चुदाई

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दोस्ती और चुदाई

हेलो दोस्तों! मेरा नाम स्नेहा है और ये मेरी अपनी कहानी है…पिछले एक साल से में सिंगल हूँ मगर मेरी सेक्स लाइफ एकदम मजेदार है।

दरअसल में हमेशा से ही एक शांत और सुशील लड़की थी। मेरा एक बॉयफ्रेंड था मगर मेने कभी उसके साथ शारीरिक संबंध नही बनाया। सेक्स तो दूर की बात है, मेने उसे कभी किस भी करने नही दिया। और शायद इसी लिए हमारा ब्रेकअप हो गया। में उसे बहुत प्यार करती थी मगर में उसे खुश नही रख पाई। उसके जाने के कुछ दिन बाद मेने पहली बार एक पॉर्न मूवी देखी। तब मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था। मगर कुछ दिनों बाद मुझे पॉर्न पसंद आने लगा था।

अब जब भी में अपनी रूम मैं अकेली होती थी तब में पॉर्न देखा करती थी। लगभग रोज ही में अपने कपड़े उतारती और अपने आप को सहलाती। अपनी चूत को उपर उपर से घिसने में मुझे बहुत मजा आता था। मेरी जवानी अब मेरा पागलपन बन गई थी। लेकिन कभी कभी अपने एक्स बॉयफ्रेंड की याद आने पर मुझे अकेलापन महसूस होता था।

मेरा एक सबसे अच्छा दोस्त था जिसका नाम अथर्व था। वो बिल्कुल मेरे जैसा था, शांत स्वभाववाला। मगर वो बहुत हैंडसम था । हम एक ही क्लास में थे। हमारी दोस्ती गहरी थी मगर हम सिर्फ काम की बाते करते थे। में उसे कभी कभी मेरे फ्लैट पर बुलाती थी जहा हम साथ में पढ़ाई करते थे। एक दिन जब में पॉर्न देख रही थी तब दरवाजे की आवाज आई।

मेने कुछ पहना हुआ नही था, तो मेने जलदी से अपना स्लीवलेस गाउन पहन लिया और ऊपर से जैकेट डाल लिया। हॉल में गयी तो देखा की अथर्व अंदर आ रहा था। उसके पास मेरे फ्लैट की एक चावी मेने रखने को दी थी। मे उसे मेरी रूम में लेके गई और हम पढ़ने बैठ गए। उसका ध्यान पढ़ाई में था मगर में अभी भी हॉर्नी थी। हम मेरे बेड पर बैठे थे। इस हालत में, अथर्व मेरे इतने करीब था कि मेरी चूत गीली हो रही थी। अथर्व के बारे में मैने उस तरह पहले कभी नही सोचा था।

अथर्व को पढ़ाई की हमेशा टेंशन रहती थी। तो मेंने उससे कभी कोई उम्मीद नही की थी। पर मुझे इस बात का पूरा यकीन था कि उसने भी तब तक किसी के साथ सेक्स नही किया था।

उस दिन बहुत गर्मी थी शायद तो उसने अपने शर्ट के दो बटन खोल दिये। ये देख कर मुझे बेचैनी होने लगी थी। मेरे सारे अरमान जागने लगे थे और मेरी चूत भी मचलने लगी थी। मेने थोड़ी देर सोचा और ठान लिया कि आज में अथर्व के साथ कुछ तो मजेदार जरूर करूँगी…

उसे छेड़ने के लिए मे फ्रिज से एक केला लेकर आयी और छिलका निकालके पूरा केला अपने मुह में डाल लिया। वो मुझे देख के भी अनदेखा कर रहा था। मेने उससे पूछा “अथर्व तुम्हे केला खाना पसंद है?” वो बोला “हाँ मगर इतना भी नही” तो मैने कहा “हाँ ज्यादा तर लड़कियों को केले बहुत पसंद होते है” तो उसने मेरी और देखा और बोला “हाँ! बड़े केले” हम दोनों ही इसपे खूब हँसे। चुदाई वाले जोक पे वो इतना हँसा तो मैने सोचा मौका सही है, धीरे धीरे हम फ्रेंड्स विथ बेनिफिट्स बन सकते है….

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मेने उससे कहा “आज बहुत गर्मी है ना अथर्व?” जैसे ही उसने मेरी तरफ देखा मेने अपना जैकेट निकाल दिया। मेने अब सिर्फ वो गाउन पहना था। उसने कहा “हाँ यार बहुत ही गर्मी है।” मेने आगे झुक कर उसके शर्ट का एक और बटन निकाल दिया। उसे ये थोड़ा अजीब लगा पर वो फिरसे किताब में देखने लगा। तो में उसके सामने जाके बैठी और झुक कर उसके किताब में देखने लगी। क्युकी मेने गाउन के अंदर कुछ नही पहना था मेरी चुचियाँ आधी दिख रही थी। उसने जैसे ही किताब से ऊपर देखा, उसे मेरी चुचियाँ दिखी…ठीक उसकी आँखों के सामने। और वो हलकासा शर्मा के पीछे सरक गया।

उसने कहा “स्ने…स्नेहा… तुम कुछ और क्यूं नही पेहेन लेती?” तो मेने उसे पूछा “क्यूं मेने तो सुना था कि लड़कों को ये फल पसंद होते है” मेने अपनी चूची को हाथ लगाते हुए कहा। ऐसी डबल मीनिंग बाते किसी लड़के के साथ मे पहली बार कर रही थी पर उसका चेहरा देख के बड़ा मजा आ रहा था। मेने किताब उठा कर टेबल पर रख दी और उसके पास सरक गयी। मेने अपना हाथ उसने सीने पर रखा और उसके और करीब चली गयी। अपने हाथ उसके सीने पर सहलाते हुए मेने उसे कहा “आज पढ़ाई छोड़ के कुछ और करे?”

वो बिना कुछ बोले सिर्फ मेरी तरफ देख रहा था। फिर उसने कहा “शायद मुझे अब घर जाना चाहिए” और वो उठने लगा। मेने उसे फिर नीचे बिठाया और उसका हाथ अपने हाथ मे ले लिया। मेने उसे कहा “अथर्व, तुम आज बहुत सेक्सी लग रहे हो…हम दोनों अछे दोस्त है और सिंगल भी है। तो हम एक दूसरे के करीब क्यूं नही आ सकते?” उसने बोला “स्नेहा तुम आज ऐसा बर्ताव क्यूं कर रही हो?” वो मुझसे आँखे तक नही मिला रहा था। मगर में अब कोई बहाना सुनना नही चाहती थी। तो मैने उसका हाथ मेरे गर्दन तक लाया और फिर मेरे सीने पे। उसने एकदम से मेरी एक चूची कस कर पकड़ ली!

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अब मेरी खुशी का कोई ठिकाना नही था। पर अचानक उसने अपना हाथ निकाल लिया और उठ कर भागते हुए चला गया। में कुछ समज नही पायी। में चाहती थी कि मेरी चूत को आज उसके लण्ड का पानी मिले, मगर उसने तो मेरी सारी इच्छाओं पर पानी फेर दिया था। में वैसी ही लेटी रही…

कुछ देर में वो मुस्काते हुए वापिस आया और उसके हाथ मे कंडोम था। मेने कहा “ये सारे शांत और सुशील लड़के ऐसे होते है क्या?” तो उसने जवाब ना देते हुए मुझे चूमना शुरू कर दिया। वो मेरी पहली किस थी!

हम दोनों ही जोश में आ गए थे। चूमते चूमते मेने उसका शर्ट निकाल दिया। और फिर पैंट भी खोलनी चाही। तभी वो रुका और बोला “तुम्हे बड़ी जल्दी है मेरे कपडे उतारने की?” तब तक में उसकी पैंट उतार चुकी थी। फिर उसने मेरा गाउन कमर तक सरकाया और मुझे धकेल के बेड पे सुला दिया। उसने मेरी चिचियों को पकड़ा और बोला “यार में कई दिनों से तुम्हारे बूब्स को देखना चाहता था, खूबसूरत हो तुम!” वो पागलों की तरह मेरी चुचियाँ को चूम रहा था। मेने बेडशीट कस कर पकड़ ली।

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फिर उसने मेरी कमर को चाटना चालू किया। मुझे गुदगुदी हो रही थी इस लिए में हसने लगी। तो वो रुक और मेरी आखों में देखने लगा। और उसने एकदम से मेरा गाउन पूरा निकाल लिया। अब मुझे अचाणक शर्म आने लगी थी। मेने जल्दी से अपना हाथ उठाके लाइट का स्विच बंद कर दिया। बस हलकी हलकी रोशनी थी। वो बेड पर चढ गया और उसके दोनों घुटनों के बीच मे मेरी नंगी कमर थी। और उसने मेरे दोनों हाथ भी पकड लिये।

मेरी गर्दन, मेरे ओठ, मेरी चुचियाँ हर जगह वो चुम रहा था। मेने कभी सपने में भी नही सोचा था कि अथर्व मुझे इतना मजा देगा। वो एक हाथ से मेरी चुत को सहलाने लगा। और मेरी आवाजे निकल ने लगी…

आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई…..

उसने मेरी दोनों टांगो को उपर किया और मेरी चुत को चाटने लगा। में बहुत मचल रही थी। मेने अपनी उँगलियाँ उसके बालों में डाली और अपनी चुत को उसके हवाले कर दिया।

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फिर वो उठा और उसने लाइट ऑन कर दी। उसने कहा “में तुम्हारे नंगे बदन को देखने का मौका गवाना नही चाहता…” तो मैने कह दिया “अब तो ये मौका तुम्हे बार बार मिलेगा…बस आज मेरी चुत की प्यास बुझा दो मेरे हीरो!” वो जैसे ही मेरे सामने आया में उठ गई और मेने उसकी अंडरपैंट निकाल दी। उसका खड़ा लंड मेने अपने मुह मे ले लिया। उसकी सिसकियाँ निकल रही थी।

मेरे टेबल पे टोमेटो केचप रखा हुआ था। में उसे छेड़ना चाहती थी। मेने बोतल का ढक्कन निकाल के मेरी चुत और चुचियाँ पे बहुत सारा केचप डाल दिया। वो समझ गया। वो मेरा बदन चाटने लगा। चाट चाट के उसने मेरी चुत साफ कर दी..

उसने मुझे उठा लिया और चलने लगा। मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि वो मुझे कहा लेजा रहा था। फिर उसने मेरे पैरों से बाथरूम का दरवाजा खोल दिया और मुझे उतार दिया। मेरे बाथरूम में एक बड़ा सा शीशा था। हम दोनों ही उस शीशे के सामने नंगे खड़े थे। मैने शॉवर ऑन किया और हम एक दूसरे को छूने लगे। में उसके चेहरे पर हाथ घुमाया। उसने मुझे उधर टेबल पर बिठा दिया। में अपनी टांगे फैला के बैठ गयी। उसने अपना गिला खड़ा लण्ड मेरी चुत पे रगड़ना चालू किया। में फिर मचलने लगी। मुझसे अब रहा नही जा रहा था। मेने उसे मेंरी चुत में उसका लण्ड डालने को कहा। और उसने तुरंत डाल दिया। अंदर बाहर अंदर बाहर उसने मुझे खूब चोदा। मेंरी जोर जोर से सिसकियाँ निकल रही थी

आहहहहहहहहहहहहहहहहह…..

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. और जोर से

आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह… तेज तेज।… उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई…..

मेरी चुत को बस तबाह कर दो आज…

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह …..

मेरी इस आवाज से वो और जोश में आ रहा था। उसने अपने हाथ से मेरी चुचियाँ पकड ली। वो मेरी चुचियाँ को दबा रहा था। और साथ ही मेरी चुदाई कर रहा था। और में चिल्लाए जा रही थी

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह….

अथर्व…उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. राजजजाआआआ चोदो मेरी चुत।… आआआहहहहहहह और जोर से..जोर से ओह मेरे हीरो आआआहहहहहहह

आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. मेरे राजा…राजाअअअअअअअ।। चोदो मेरी चुत।… आआआहहहहहहह जोर से..। आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह…..

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कुछ वक्त बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए। थोड़ी देर में हम ने साथ मे नाहा लिया और हॉल में आके सोफे पे बैठ गए। ऐसा लग रहा था मेरे सारे अरमान पूरे हो गए हो। पर में अभी पूरी तरह से संतुष्ट नही हुई थी।

तो मैने टीव्ही ऑन कर दिया और पॉर्न फ़िल्म लगा दी। कुछ ही मिनटों में मैं फिरसे हॉर्नी हो गयी थी। मेने टीव्ही बन्द कर दिया। एक रस्सी से मैने अथर्व के हाथ पीछे बांद दिये। फिर में अथर्व के सामने ऐसे खड़ी हो गयी की मेरी गांड अब उसके चेहरे के बिकुल आगे थी। मेने अपनी पैंटी उतार दी और अपनी नंगी गांड को उसके आगे नचाना शुरू किया। अथर्व का चेहरा बिल्कुल बंधे हुए शेर की तरह लग रहा था जो मेरी गांड का शिकार करना चाहता था।

फिर में उसके गोद मे जाके बैठ गयी। उसका खड़ा लंड मुझे महसूस हो रहा था। वो अपने मुह से मेरे शर्ट के कॉलर को खीच रहा था। मेने उसे खड़ा कर के उसकी पैंट फिर उतार दी तो उसने कहा “स्नेहा तुम्हे तो मेरी पैंट उतारने मे बहुत ही मजा आता है…बस अब और सहा नही जाता, मेरे हाथ खोल दो!!!” मेने भी तरस खाके उसके हाथ खोल दिये और तभी किसीने डोरबेल बजाई…

हमने दोनो ने ही सिर्फ ऊपर के कपड़े पहने हुए थे तो मेने बस आधा दरवाजा खोला। बाहर एक औरत खड़ी थी। वो किसीका पता पूछ रही थी। मेने वो पता पढ़ने के लिए अपना हाथ आगे किया पर पिछेसे अचानक अथर्व ने अपना हाथ मेरी चुत में डाल दिया। वो ऐसे सेहला रहा था कि में ठीक से खड़ी भी नही हो पा रही थी। मेने जैसे तैसे उस औरत को पता बताया और दरवाजा बंद कर दिया। अथर्व ने इस हरकत से अपना बदला ले लिया था। उसने फिर वही दरवाजे में मुझे खूब चोदा।

तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी! ऐसे मे और मेरे दोस्त ने एक दूसरे के फ्रेंड्स विथ बेनिफिट्स बन गए…आगे भी वो मेरे फ्लैट पर आता रहा और मुझे खूब मजा देता हैं।

अगर ये कहानी पढ़ कर आपको मजा आया तो लाइक और कमेंट जरूर करे।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “वर्जिन हिना की ट्रेन में चुदाई” |

धन्यवाद।

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