बाप बेटी की वासना

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बाप बेटी की वासना – बाप ने तोड़ी बेटी की सील

पापा के आंखों से आंसू बह रहे थे। पापा को रोता देख मेरी भी आंखों से आंसू बहने लगे। जी कर रहा था अभी जाऊं और पापा के सीने से लग जाऊं। लेकिन मैं ऐसा नही कर सकती थी। क्योंकि पापा नंगे थे। वह शर्मिंदा हो जाते।

फिर मैं अपने रूम में आ गई। और जी भर के रोइ। मुझे तो याद भी नही था मम्मी कैसी दिखती थी। लेकिन मैं भी माँ को मिस करती थी। वेसे तो पापा ने मुझे माँ की कमी महसूस कभी होने नही दिए थे। लेकिन आज उनको रोता देख मेरी रूह तक रो दी थी। मेरे पापा इस दुनिया के सबसे अच्छे इंसान थे। कास की मैं माँ की कमी पूरा कर पाती। और पापा के चेहरे पर मुस्कान ला पाती।

दोस्तों मेरा नाम कविता है। मैं 15 साल की हूँ। और मेरी फिगर 28 की चुचियाँ, 26 की कमर और 32 की गांड़ है। मेरी हाइट 5,4 है। मैं झारखंड के जमशेदपुर में रहती हूँ। मैं 10th स्टैंडर्ड में हूँ। मेरे डैड स्टील प्लांट में अधिकारी हैं। मेरे और पापा के बीच एक दोस्त वाला रिश्ता है। हम बाप बेटी की तरह कभी नही रहे। बल्कि एक दोस्त की तरह रहे हर बात कहना सुनना। मेरे पापा ही तो मेरे सबकुछ थे। और मैं पापा की भी सबकुछ थी। मेरे पापा बचपन से ही मुझे नहलाना धुलाना सर में तेल लगाना कंघी करना। स्कूल के लिए तैयार करना सब पापा ही करते थे। मैं अभी भी पापा के लिए 1 साल की बच्ची ही थी वह सबकुछ मेरा करते थे। बहुत ध्यान रखते थे। मेरे कपड़े तक साफ करते थे। मेरे पीरियड की पैड तक वही लाते थे।

दोस्तों इस कहानी के पिछले पार्ट है -: बाप बेटी की वासना और चुदाई का खेल

कैसे बेटी ने खुद बाप के लन्ड से अपनी कुँवारी चुत की सील तोड़ ली

फिर उसके बाद मैं पूरी रात नही सो पाई। पापा के रोता चेहरा और उनकी आंसू मेरे नजरों से हट नही रहे थे। और मैं भी लगातार रोये जा रही थी। जो दिन भर मेरे जिस्म में मस्ती थी वह अचानक कही गायब हो चुकी थी।

अगले दिन संडे था। इसलिए स्कूल नही जा सकते थे। लेकिन मुझे बहूत सी बातें सुनैना से करने का मन कर रहा था। एक बार सोची उसे घर बुला लूँ। लेकिन फिर नही बुलाई। संडे को पापा का भी रेस्ट रहता था इसलिए वो देर तक सोते थे। मुझे भी नींद आई तो मैं 9 बजे उठी। फिर देखी पापा सो ही रहे हैं वो भी तो रात भर मम्मी को याद कर रोये थे। तो मैं उन्हें नही जगाई और फिर मैं नहाने चली गई। संडे को काम वाली 10 बजे आती थी सो वो भी आ गई। और किचन में खाना बनाने लगी। मैं अपने रूम में थी। लेकिन अब फिर से मेरा मन अशांत होने लगा। और मेरी चुत में कीड़े कुलबुलाने लगे। मैं दरवाजा बंद की और फिर चुत को सहलाने लगी कब मेरी रफ्तार बढ़ गई मुझे पता भी नही चला। और फिर मेरी चुत से रसधार बह निकली। मैं तो निढाल हो गई। अब मुझे चुत रगड़ने में बेइंतहा मजा आ रहा था। फिर पापा 11 बजे उठे और नहा धोकर फ्रेश हो गए। और मुझे बोले बेटा चलो मार्किट चलते हैं। कुछ सामान ले आते हैं। तुम्हे भी कुछ चाहिए तो ले लेना। फिर हम मार्केट गए। और शाम को 4 बजे आए।

मैं घर आते ही अपने रूम में आ गई। पापा फ्रेश होने बाथरूम में चले गए। और वापस आए तो टीवी देखने लगे। तो मैं सारे कपड़े उतार कर सिर्फ गाउन पहनी और बाथरूम में चली गई वहां जाकर एक बार फिर मुठ मारी और चुत से पानी निकालने के बाद वापस आकर कपड़े पहन ली।

रात को हम खाना खाए। फिर पापा बोले स्टडी करनी है या सोवोगी तो मैं बोली अभी कुछ देर स्टडी करूँगी। तो पापा बोले ठीक है। लेकिन ज्यादा देर मत जागना नही तो तबियत खराब हो जाएगी।

पापा के हाथ मे मम्मी का फोटो था और वो लन्ड को फोटो पर लगाकर जोर जोर से मुठ मार रहे थे और कह रहे थे हाँ हनी मैं तुम्हे जोर जोर से चोद रहा हूँ

और फिर पापा अपने रूम में चले गए। और मैं अपने रूम में। पहले तो मैं रूम बन्द करके गाउन उतारकर नंगा हो गई। और फिर से एक बार मुठ मारी।

और करीब 12 बजे मुझे लगा कुछ हो आ रहा है। फिर मैं धीरे से दरवाजा खोलकर बाहर निकली तो पापा के रूम से आवाज आ रही थी और ये आवाज हहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. आहहहहहहहहह.. जान …. आआआहहहहहहह इरर्राहहहहहहहहहहहहहह…… आहहहहहहहहहहहहहहह…… की थी आज भी पापा के कमरे का लाइट ऑन था तो मैं हल्का सा पर्दा हटाई और देखी तो दंग रह गई। पापा के हाथ मे मम्मी का फोटो था। और वह फोटो पापा अपने लन्ड पर सटाए हुए थे। और जोर जोर से मुठ मार रहे थे और कह रहे थे आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. हनी ये लो हनी ये लो मैं तुम्हे चोद रहा हूँ हनी चोद रहा हूँ। उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह बेबी….. हाँ हनी मैं जोर जोर से तुम्हे चोद रहा हूँ हाँ मैं तुम्हारी चुत फाड़ रहा हूँ। याह बेबी यस बेबी यस आई लाइक योर पुसी बेबी।

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…

यह नजारा देखकर मेरी चुत में भी कीड़े कुलबुलाने लगे। साथ ही पापा की तड़प मुझे परेशान भि कर दी थी। मैं भी अपने चुत को रगड़ने लगी।

उधर पापा अब झड़ने वाले थे उनकी शरीर ऐंठने लगी थी। और रफ्तार जोर पकड़ ली थी।

और फिर पापा बोले उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… क्या हनी मेरे लन्ड का पानी तुम पीना चाहती हो ओह जान ठीक है जान ठीक है मैं तुम्हे अपने लन्ड का गाढ़ा स्वादिष्ट पानी पिलाता हूँ हनी जल्दी से मुँह खोलो जान ये लो हनी ये लो आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… और पापा का लन्ड से निकला हुआ पानी मम्मी के फोटो पर गिरने लगा। पापा अपने लन्ड का सारा पानी मम्मी के फोटो पर गिरा दिए थे। और फोटो से नीचे बह रहा था पानी। पापा ऐसे कर रहे थे जैसे मम्मी को चोद रहे हों। शायद वह दोनो चुदाई करते समय ऐसे ही बोलते रहे होंगे।

फिर मैं आहिस्ता आहिस्ता रूम में आकर अंदर से लॉक कर ली। और बिस्तर पर लेट कर चुत रगड़ने लगी। और पापा का लन्ड मेरे आँखों के सामने दिख रहा था। तो मैं पापा को ही इमेजिन करके मुठ मारने लगी। आज मुझे चुत रगड़ने में कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा था। तभी मैं झड़ने लगी। और मेरा चुत पानी छोड़ दिया। लेकिन मुझे तृप्ति अभी नही मिली थी। इसलिए मैं चुत को रगड़े ही जा रही थी। और 2, 3 मिनट बाद दुबारा से मेरा चुत पानी छोड़ने लगा। अब जाकर मेरी चुत ठंढाई।

और फिर मैं गाउन पहनी और दरवाजा खोल दी और सो गई। सुबह 6 बजे मुझे पापा जगाने आए। और बोले बेटा स्कूल नही जाओगी क्या। लेट हो गई उठो। तो मैं बोली पापा आज मैं नही जा रहा थोड़ा सर दुख रहा। तो पापा बोले ठीक है फिर आराम करो। और फिर मैं 8 बजे उठी। तो पापा तैयार हो गए थे। तो पूछे बेटा अब तबियत कैसी लग रही है। डॉ पास ले चले क्या। तो मैं बोली नही पापा अब ठीक है सर दर्द। फिर बोले कि ठीक है मैं ऑफिस जा रहा हूँ। और वो चले गए। उनके जाते ही मैं मुठ मेरी। उस दिन मैं 6 बार दिन भर में मुठ मारी।

अब पापा के प्रति मेरा नजरिया बदलने लगा था। मैं रोज उन्हें मुठ मारते देखने लगी। और उनकी लन्ड को इमेजिन कर मैं भी अपनी चुत को रगड़ के प्यास बुझाने लगी। अब मैं पोर्न मूवी भी देखने लगी। और https://nightqueenstories.com पर सेक्स कहानियां पढ़ने लगी। इस साइट की सभी कहानियां मैं पढ़ चुकी हूँ। लेकिन हैरान तब हुई जब मुझे इस साइट पर एक बाप बेटी की चुदाई की कहानी मिली। और फिर मैं सर्च करने लगी तो और भी बाप बेटी की चुदाई की कहानियां मिली। मैं सभी कहानियां पढ़ी। अब मैं नियमित रूप से इस साइट पर सेक्स कहानियां खासकर बाप बेटी की चुदाई कहानियां पढ़ती हूँ।

अब मैं पापा के साथ कुछ अलग बर्ताव करने लगी। और पापा के सामने कुछ ऐसा करती की उनकी निगाहें मेरी चुचियों पर पड़े। मैं पर्दा हटाकर अपने रूम में नंगी होकर कपड़े चेंज करने लगती। पापा शुरू में तो इग्नोर करते लेकिन बाद में वह भी ये सब देखने लगे। मैं कभी कभी बाथरूम में अंदर से लॉक किये बिना नहाती और पापा आ जाते। और मुझे नंगा देख लेते।

और फिर धीरे धीरे 2 साल बीत गया। अब मैं 15 साल की हो चुकी थी। मैं मन से पूरी तरह जवान हो चुकी थी। मुझे अब चुदाई का हरेक चीज पता था। बस बाकी था तो चुत में लन्ड लेना।

एक दिन पापा बाथरूम से निकलते वक्त गिर गए। मैं स्कूल जाने के लिए तैयार हो चुकी थी। लेकिन पापा गिर गए तो मैं उन्हें उठाकर बेडरूम में लायी उनके पैरों कोहनी और कमर में ज्यादा चोट लगी थी।

मैं मूव का स्प्रे की। और हीटर ऑन करके सिकाई करने लगी। लेकिन उनको बहुत पेन हो रहा था। फिर मैं उनके ऑफिस में कॉल की। तो 10 मिनट में ही डॉक्टर आ गए। और दर्द का इंजेक्शन लगाए। थोड़ी देर बाद उन्हें आराम मिलने लगा। तो डॉ बोले कि चोट ज्यादा लगी है लेकिन फ्रैक्चर शायद नही है। वेसे एहतियात के लिए एक्सरे करा लीजिए। और डॉक्टर बोले मैं 10 बजे एम्बुलेंस भेज दूँगा आप हॉस्पिटल आ जाइयेगा। तो पापा बोले कि नही एम्बुलेंस मत भेजिएगा खामखाह हल्ला हो जाएगा। मेरी ऑफिस की गाड़ी है मैं उसमे चला आऊंगा।

फिर डॉ चले गए। मैं भी स्कूल नही जा पाई थी। फिर 10 बजे पापा हॉस्पिटल गए। और 12 बजे आये मैं पूछी की क्या हुआ पापा एक्सरे में क्या आया तो वो बोले कि सब ठीक है बस थोड़ी चोट है। कमर में ज्यादा चोट है 2, 3 दिन रेस्ट के लिए बोला है और दवा दिया। और मालिश करने और सिकाई करने बोला है।

फिर पापा खाना खाए और दवा खा के सो गए। और शाम के 7 बजे उठे। फिर रात में हम 9 बजे खाना खाए। और मैं बोली पापा चलिए मैं मालिश और सिकाई कर दूं। पापा कपड़े उतार के अंडरवियर पर हो गए और तौलिया लपेट लिए।

मैंने ढेर सारा थूक हथेली पर लिया और पापा के लन्ड पर चभोड़ दिया और लन्ड अपनी चुत पर लगाकर एक जोरदार शॉट नीचे की तरफ मारा पापा के लन्ड ने मेरी चुत को चीर दिया था

मैं पहले उनके कोहनी पर फिर कमर पर मूव से मालिश किया। फिर मैं पापा को सीधा होने को बोली। और फिर आखिरी में पैरों में मालिश करने लगी। उनके घुटनो में ज्यादा चोट लगी थी। मैं जब उनके पैरों में मालिश कर रही थी तो उनके अंडरवियर में उभार आना शुरू हो गया। मैं उसे नोटिस कर ली तो मैं अब पापा के जांघो पर दबाने लगी। जांघो से घुटनों तक मैं अच्छे से दबा रही थी। अब पापा का लन्ड पूरा खड़ा हो गया। मैं जब जाँघों पर दबाती तो उंगलिया उनकी अंडरवियर के अंदर भी हल्की कर देती। और उनकी अंडकोष में मेरी नाखून और उंगलिया टच हो जाते। अब पापा का लन्ड ऊपर नीचे होने लगा और मैं अब और अंदर तक उंगलिया ले जाने लगी। पापा की आंखे बंद हो चुकी थी। और पापा का खड़ा लन्ड देखकर मेरी चुत भी गीली हो गई।

तभी मैं पापा के अंडरवियर में हाथ डाल दी और उनके लन्ड को पकड़ ली और हिलाने लगी। शायद पापा भी इसी का इंतजार कर रहे थे। इसलिए वो विरोध नही किये ना कुछ बोले बस सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई… करने लगे। तो मैं उनका अंडरवियर उतार दी। और पैरों से अलग कर दी। और उनके लन्ड को जोर जोर से हिलाने लगी। पापा अब और तेज तेज मोन करने लगे।

तो मैं उठी और पापा के दोनो तरफ पैर करके नीचे बैठी और अपने हाथों से पैंटी को एक तरफ की जिससे चुत बाहर आ गया। और पापा का लन्ड पकड़ के चुत पर लगा ली। मेरी चुत तो पहले से गीली थी। लेकिन मुझे लगा पापा का लन्ड सूखा है तो मैं ढेर सारा थूक हथेली पर ली और उनके लन्ड पर चभोड़ दी। और लन्ड चुत के मुंह पर लगा ली। और एक जोरदार शॉट नीचे की तरफ मारी। पापा का लन्ड मेरी चुत को चीर दिया था। मुझे बहुत पीड़ा हुई लेकिन फिर भी मैं उफ तक नही की और दर्द पी गई। और फिर एक और करारा शॉट मारी और उनका लन्ड मेरी चुत को फाड़ते हुए जड़ तक समा गया। मेरे आंखों में दर्द से आंसू आ गए। लेकिन मैं हिम्मत नही हारी। और मैं थोड़ा ऊपर हुई तो देखी मेरे चुत से खून रिस कर पापा का लन्ड लाल कर दिया था। लेकिन मैं धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी। मुझे अभी भी बहुत दर्द हो रहा था। लेकिन अब मेरी दर्द कम होने लगा। और 8, 10 धक्कों के बाद मुझे मजा आने लगा। अब मैं जोर जोर से चोदने लगी। और हमदोंनो के मुँह से सिसकारियां और सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…

की आवाज आने लगी। मैं 20, 25 मिनट तक लगातार चोदते रही। इस दौरान मैं 4 बार झड़ चुकी थी। मैं अब पापा का झड़ने का इंतजार कर रही थी। और कुछ देर बाद पापा के कमर नीचे से ऊपर होने लगा। मैं समझ गई। और मैं भी रफ्तार बढ़ा दी। और पापा भी झड़ गए।

तो मैं पापा के ऊपर ही लेट गई। पापा का लन्ड मेरे चुत में ही था। कुछ देर बाद मैं साइड में लेट गई। तो पापा मुझे आई लव यू बेटा बोले। मैं भी आई लव यू टू डैड बोली।

और इस तरह बाप बेटी की चुदाई शुरू हो गई। उस रात हम 3 बार चुदाई किए। अगले दिन पापा दवा लेकर आए। और हम दिन भर चुदाई करते रहे। फिर रात में भी जम के चुदाई किए। अब हम दोनों पति पत्नी की तरह एक दूसरे के बाँहो में नंगे ही सोते हैं।

तो दोस्तों ये थी बाप बेटी की चुत लन्ड की मिलन की कहानी। और बाप से बेटी की चुदाई की दास्तान। आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना। मैं आप सब कमेंट का इंतजार करूँगी। और कहानी को शेयर जरूर करना। पसंद आये तो लाइक करना मत भूलना। https://nightqueenstories.com ऐसी ही मजेदार कहानियां लेकर आता रहेगा। और आपसब के चुत और लन्ड का गर्म पानी बाहर निकलता रहेगा। आपसब अपना ख्याल रखना। नमस्कार।

 

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One thought on “बाप बेटी की वासना

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