बाप-बेटी की वासना – Part 2

बाप-बेटी की वासना

मेरे प्यारे दोस्तों, और https://nightqueenstories.com के हॉट सेक्सी पाठकों को मेरा नमस्कार।

दोस्तों मैं कविता हूँ। मैं 15 साल की हूँ। और मेरी फिगर 28 की चुचियाँ, 26 की कमर और 32 की गांड़ है। मेरी हाइट 5,4 है। मैं झारखंड के जमशेदपुर में रहती हूँ। मैं 10th स्टैंडर्ड में हूँ। मेरे डैड स्टील प्लांट में अधिकारी हैं। मेरे और पापा के बीच एक दोस्त वाला रिश्ता है। हम बाप बेटी की तरह कभी नही रहे। बल्कि एक दोस्त की तरह रहे हर बात कहना सुनना। मेरे पापा ही तो मेरे सबकुछ थे। और मैं पापा की भी सबकुछ थी। मेरे पापा बचपन से ही मुझे नहलाना धुलाना सर में तेल लगाना कंघी करना। स्कूल के लिए तैयार करना सब पापा ही करते थे। मैं अभी भी पापा के लिए 1 साल की बच्ची ही थी वह सबकुछ मेरा करते थे। बहुत ध्यान रखते थे। मेरे कपड़े तक साफ करते थे। मेरे पीरियड की पैड तक वही लाते थे।

कैसे एक बाप-बेटी के बीच सेक्स- चुदाई के रिश्ते बन गए

ये कहानी मेरे और मेरे डैड का है। यह कहानी एक हफ्ते पहले की है। मेरे डैड का उम्र 36 साल है। उनका नाम अजय है। मेरी मॉम के देहांत 15 साल पहले ही हुआ था। दरअसल मुझे जन्म देने के 1 साल बाद ही उनका एक एक्सीडेंट में डेथ हो गया था। तबसे डैड मुझे परवरिश किये और आज मैं 15 साल की हो गई। मेरे डैड दूसरी शादी नही किये क्योंकि वो मुझसे बहुत प्यार करते हैं। और उन्हें लगता था कि दूसरी औरत मुझे ठीक से अपनाएगी की नही क्योंकि एक शौतेली मॉम शायद ही ऐसा कर पाती है।

चुकी मैं और पापा ही घर मे रह गए थे। तो मैं बचपन से पापा के साथ ही सोती हूँ। लेकिन आज से 3 साल पहले की बात है मैं तब 12 साल की थी। एक रात मेरी 2 बजे नींद खुली तो मुझे लगा पलंग हिल रहा है। मैं घबरा गई कि बिस्तर क्यों हिल रहा है। चुकी कमरे में अंधेरा था तो मुझे कुछ दिखाई नही दे रहा था। लेकिन ये मैं साफ महसूस कर रही थी कि बिस्तर काफी तेजी से हिल रहा है। मैं बहुत ज्यादा डर गई कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा। और डर के मारे मैं वापस चादर से मुँह ढक ली। उसके बाद मुझे नींद नही आई। लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे पापा के उठने का महसूस हुआ और तब बिस्तर भी हिलना बन्द हो गया था। तो मैं धीरे से चादर हटाकर मुँह बाहर की तो लाइट ऑन थी और पापा शायद बाथरूम जा रहे थे। फिर मैं सोचने लगी कि क्या ये मेरा वहम था।

लेकिन मुझे पूरा यकीन था कि बिस्तर हिल रहा था। दूसरे दिन मैं जब स्कूल से वापस आ रही थी तो एक नाईट बल्ब ले ली। और घर आ गई। और घर आकर एक बल्ब निकाल कर नाईट बल्ब लगा दी। क्योंकि कल रात मैं अंधेरे में काफी डर गई थी।

मैंने देखा की पापा अपने लन्ड को हाथों में पकड़कर जोर जोर से हिला रहे थे

और फिर रात को सोते समय अब नाईट बल्ब ऑन करके हम सोने लगे। करीब एक हफ्ते बाद फिर से जब मेरी रात को नींद खुली तो बिस्तर हिल रहा था। मैं फिर से डर गई। लेकिन आज सिर्फ बिस्तर ही नही हिल रहा था बल्कि हहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… आहहहहहहहहहह की आवाजें भी आ रही थी। मैं सोचने लगी की ये कैसी आवाज है।

मैं डर के मारे चादर से मुँह बाहर नही कर रही थी। लेकिन फिर मैं हिम्मत की और बिना हिले डुले चादर को हटाकर सिर्फ आंखे बाहर की तो मैं दंग रह गई। लाल रंग की रोशनी में मुझे साफ दिख रहा था। और मुझे अच्छे से समझ आ गया कि ये आवाज किसकी है और बिस्तर क्यों हिल रही है।

दोस्तों जब मैं चादर से आंखे बाहर की तो देखी मेरे पापा का लोअर और अंडरवियर घुटनो के पास था। और वह अपने लन्ड को पकड़ के जोर जोर से हिला रहे थे और हहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… सिसकारियां ले रहे थे। मैं उस समय तक इस सब से अनजान थी सो मैं समझ नही पाई की पापा ऐसा क्यों कर रहे हैं। मैं बस आंखे फाड़ के चुप चाप देखने लगी। वह 3, 4 मिनट तक अपने लन्ड को झोरते रहे और फिर उनका हिलाना तेज हो गया। और दूसरी तरफ पड़ी तौलिया से लन्ड को ढक लिए और जोर जोर से हिलाने लगे। और फिर शांत हो गए। वह 2 मिनट ऐसे ही पड़े रहे।

फिर मैं देखी डैड तौलिया हटाए तो उनका लन्ड चमक रहा था जैसे उसपर कुछ लगा हो। और फिर वह उसी तौलिया से लन्ड को पोछने लगे। मैं समझ नही पाई की वो ऐसा क्यों कर रहे है। अब उनका लन्ड छोटा होने लगा था। लेकिन जिस टाइम वह लन्ड को हिला रहे थे उस समय तो उनका लन्ड बहुत बड़ा था। फिर वह लन्ड को पोछने के बाद अपना अंडरवियर और लोअर ऊपर किए। और बिस्तर से उठ गए और तौलिया बाथरूम में पानी मे भीगा के आ गए। दरअसल मैं जब रोज सुबह उठती थी और स्कूल जाने के लिए नहाने जाती थी तो वह तौलिया रोज ही बाल्टी में भीगा देखती थी लेकिन कभी उसपर उतना गौर नही की। लेकिन आज मुझे सुबह समझ आया कि ऐसा क्यों होता था।

अब मैं रोज यह सब देखने लगी। लगभग हर रोज पापा ऐसा करते थे। वह रोज रात को अपने लन्ड को हिलाते थे। ऐसे ही 1 साल बीत गए। तो एक दिन मैं स्कूल में एक सहेली से मुठ मारने के बारे में सुनी। वह बता रही थी। लड़के कैसे मुठ मारते है। वह बताई की लड़के अपने लन्ड को हाथों से पकड़ के हिलाते हैं और अपने लन्ड का पानी निकालते है। तो मुझे पापा का सीन याद आ गया पापा भी तो ऐसे ही करते हैं। फिर मैं जब स्कूल से घर आई तो मुझे उत्सुकता होने लगी और इस बारे में सोचने लगी। और मैं इस बारे में इंटरनेट पर सर्च करने लगी। मेरे घर पर एक कंप्यूटर था। मैं मुठ मारने के बारे में सर्च करने लगी तो कुछ वीडियोज और कुछ कहानियां भी मिली जो सेम वही थी जो पापा करते थे। अब मैं रोज इस बारे में सर्च करने लगी। और अपन क्लास की उस सहेली से इस बारे में एक दिन बात की मुठ मारने से क्या होता है तो वह हँसते हुए सब बताई उसे सबकुछ पता था। वह चुदाई के बारे में भी बताई जो मुझे भी थोड़ा थोड़ा पता था लेकिन मुठ मारने के बारे में बिल्कुक अनजान थी।

अब मुझे समझ मे आया कि पापा को चुत नही मिलता था चोदने के लिए इसलिए वह मुठ मारते थे

अब मुझे मेरी सहेली की ये सब बातें सुन के अच्छा लगता था। हम अब इस बारे में रोज बात करने लगे। लेकिन मैं अपने पापा के मुठ मारने के बारे में नही बताई। तब मुझे समझ आया कि मेरे पापा को चुत नही मिलता है चोदने के लिए क्योंकि मेरी माँ नही थी। इसीलिए वह अपने लन्ड को ठंढा करने के लिए मुठ मारते है। फिर एक दिन स्कूल में हमदोंनो सहेली बैठे थे। तो मैं उससे बातें कर रही थी हमदोंनो के बीच यही सब बातें चल रही थी। अब उसकी बातें सुनकर मेरे चुत गीली हो जाती थी और मेरे चुत में एक अजीब सा कुछ होता था। उस दिन भी ऐसा ही हुआ मेरी सहेली की बातें सुनकर मेरी पैंटी गीली हो गई। जाहिर था फिर से मेरी चुत से पानी रिस गया था। और जब मैं उस चुत के पानी को छूती थी तो वह चिपचिपा होता था। और मैं जब उसकी स्मेल लेती थी तो बहुत अच्छी स्मेल आती थी। हम उस दिन भि काफी बातें किए। और फिर मैं स्कूल के टॉयलेट में जाकर देखी तो मेरी पैंटी बहुत गीली हो गई थी। फिर मैं झुककर चुत को देखी तो चुत लिसलिसा पानी से भीगा हुआ था। फिर मैं पैंटी से चुत को साफ की। मैं जब चुत को टच करती थी तो मुझे बहुत अच्छा लगता था। मेरी चुत पर हल्की हल्की बाल भी आ चुकी थी।

और मैंने देखा पापा के लन्ड से पिचकारी की तरह कुछ सफेद गाढ़ा चीज निकला वह काफी दूर तक गया था

अब मैं रोज पापा को मुठ मारते हुए देखती थी। उस दिन भी पापा रात को 1 बजे मुठ मारने लगे। बिस्तर हिलने के कारण मेरी नींद खुल गई। तो मैं हल्का चादर हटाकर देखी तो पापा जोर जोर से लन्ड को झोर रहे थे। और हहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई… कर रहे थे। फिर वह उठ गए और बिस्तर से नीचे उतरकर खड़े हो गए। उनका लन्ड आज साफ दिखाई दिया। बहुत लंबा और मोटा लन्ड था पापा का। पापा जोर जोर से लन्ड हिला रहे थे और उनके मुँह से हहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…

हहहहहहहहहहहहहहहह…. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…

की आवाजें निकल रही थी तभी मैं देखी पापा एक हाथ से बेड को पकड़ लिए और रफ्तार बढ़ा दिए। वह अब और जोर जोर से हिलाने लगे। लेकिन आज वह तौलिया नही लिए बल्कि ऐसे ही हिलाए जा रहे थे। और तभी मैं देखी पापा जोर जोर से ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. ओहहहहहहह हहहहहहह…… करने लगे और उनका लन्ड से पिचकारी की तरह सफेद कुछ निकलने लगा पहली बार तो काफी दूर तक गया था। वह बिल्कुल सफेद गाढ़ा जैसा कुछ निकला था। अब पापा शांत हो गए और बिस्तर पर बैठ गए। वे अभी भी उसी हालत में थे। उनका लन्ड अब सिकुड़ने लगा था। फिर वह 2, 3 मिनट वेसे ही चुपचाप पड़े रहे। उनकी सांसे तेज चल रही थी। फिर पापा खड़े हो गए। और अपना लोअर ऊपर किये तब तक उनका लन्ड सिकुड़ कर बहुत छोटा हो गया था। फिर वह बाहर गए मुझे लगा वह बाथरूम गए हैं तो मैं झट से उठी और पापा के लन्ड से निकले हुए चीज को फर्श पर देखने लगी। मैं जब बिस्तर से उतरी तो मेरे पैरों में मानो कुछ गर्म लसलसा चीज लग गया। मैं समझ गई कि ये वही चीज है। फिर मैं नीचे झुककर फ़र्श पर पडे उस गाढ़ा सफेद चीज को अपने उंगलियो से छुई तो वह बिल्कुल चिपचिपा था। तभी मुझे लगा पापा वापस आ रहे हैं तो मैं झट से बिस्तर पर आकर लेट गई। और आंखे बंद कर ली। लेकिन मुँह चादर के अंदर नही की। फिर पापा आए तो मैं हल्की ऑंख खोलकर देखी तो वह नीचे बैठकर उस चीज को कपड़े से पोछ रहे थे। और फिर वो वापस बाथरूम में चले गए और उस कपड़े को वही छोड़कर आ गए।

मैं अपने उंगलियो पर लगे उस चीज को सूंघी तो बहुत अच्छी स्मेल थी। और चिपचिपा था। फिर मैं अपने उंगलियो को अपने शॉर्ट्स में पोछ दी।

अगले दिन मैं स्कूल गई तो वही सहेली से हमारी इनसब टॉपिक पर बात होने लगी। तो मेरी सहेली मुझसे पूछी की तू कभी किसी की रियल लन्ड देखी है। तो मैं मना कर दी लेकिन बोली कि हां मैं इंटरनेट पर देखी हूँ। फिर मैं उससे पूछी की तु कभी किसी कि लन्ड देखी है तो वह मुस्कुरा दी और ना में सर हिलाई। लेकिन उसके हाव भाव से मैं समझ गई कि यह जरूर किसी का लन्ड देखी है। फिर मैं बोली कि बता न किसका देखी है। तो वह बोली यार मैं कैसे बताऊँ। तो मैं बोली बता न यार क्या तू मुझसे शर्मा रही है। बताओ न किसका देखी है। तो वह बोली तू किसी को ये बात बताएगी तो नही न। मैं बोली नही बताऊंगी बिस्वास कर। तो वह मेरा हाथ पकड़ी और अपने सर पर रख दी और बोली कि मेरा कसम खा की तू किसी को नही बताएगी

तो मैं बोली तेरी कसम नही बताऊंगी। अब बताओ किसका देखी है। तो वह बोली यार मैं अपने पापा का लन्ड देखी हूँ। मैं तो चिहुँक गई। और उससे बोली क्या बोल रही है तू। तो वह बोली सच्ची यार मैं अपने पापा का ही देखी हूँ। तो मैं बोला कैसे। तो वह बोलि की यार मैं लगभग हर दूसरे तीसरे दिन देखती हूँ। मेरे पापा और मेरी मम्मी पूरी तह नंगे होकर चुदाई करते हैं। तभी मैं अपने पापा का लन्ड देखी हूँ। और मैं मम्मी की चुत भी देखी हूँ। मैं तो ये सुनकर हैरान हो गई। और मेरी चुत बिल्कुल गीली। बहुत पानी रिस चुका था मेरी दोस्त की बातें सुनकर। (मेरी दोस्त (सहेली का नाम सुनैना है)। और मैं इस पर सुनैना की जुबान से ही कहानी लिखूँगी। आप सब इंतजार करना। शीर्षक का नाम होगामॉम डैड की चुदाई की कहानी बेटी की जुबानी

तो मैं पूछी तुम्हारे पापा का लन्ड कैसा है तो वह बोली कि बिल्कुल काला है। लेकिन मोटा है। फिर मैं उससे पूछी तू कैसे देखी है क्या तुम उनके साथ ही सोती है क्या। तो वो बोली कि मेरे क़वार्टर में 2 रूम है एक मे मैं और दूसरे में मम्मी पापा सोते हैं। लेकिन गांव से कोई गेस्ट आता है तो मुझे मम्मी पापा के साथ ही सोना पड़ता है और तभी मैं पहली बार उनको चुदाई करते देखी थी। और तब से मैं अक्सर मम्मी पापा के साथ सोती हूँ किसी ना किसी बहाने से। ताकि मैं उनका चुदाई देख सकूँ।

फिर वह मुझसे पूछी की कभी तू मुठ मारी है तो मैं बोली कि पागल हो गई है क्या तू। मेरे पास कौन सा लन्ड है कि मुठ मारूंगी तो वह बोली यार वैसा नही लडकिया भी तो मुठ मारती है। तो मैं बोली लडकिया कैसे मुठ मारती है। तो वह बताई की चुत को सहलाते हैं रगड़ते हैं और चुत में उँगली डाल के हिलाते हैं। तो मैं बोली क्या तू ऐसा करती है क्या। तो वह बोली कि हां यार मम्मी पापा को चुदाई करते देखकर मेरी चुत में कीड़े काटने लगते हैं और मैं पोर्न भी देखती हूँ तब भी मुठ मारती हूँ। मैं तो रोज एक दो बार मुठ मारती हूँ। फिर वह बोली तू भी मार के देखना बहुत मजा आता है। उसकी बातें सुनकर मैं आज पागल हो चुकी थी। मेरी तो चुत इतना पानी छोड़ा था कि मन कर रहा था पैंटी अभी निकालकर फेंक दूँ पूरा गीला हो गया था मेरी पैंटी। फिर मैं टॉयलेट गई और पैंटी निकालकर देखी मेरी पैंटी बहुत गीली हो चुकी थी। मैं सूंघी तो मेरी चुत के पानी से बहुत अच्छी स्मेल आ रही थी। फिर मैं पैंटी वापस पहनी और बाहर आ गई। मेरे दिमाग मे मेरी दोस्त सुनैना की ही बातें घूम रही थी। फिर छुट्टी हुआ और मैं स्कूल से घर आ गई।

दोस्तों आज का कहानी का बाकी भाग मैं दूसरे भाग में बताऊंगी। की कैसे मैं और पापा चुदाई किए कैसे मैं मॉम की कमी को पूरा कर पापा के तड़प को शांत की। कहानी का शीर्षक होगा बाप बेटी का वासना और चुदाई का खेल

तो आप सब बेसब्री से इंतजार करना और कहानी के दोनो भाग को पढ़ना और कमेंट करके बताना की कहानी कैसी लगी।

और https://nightqueenstories.com के सभी कहानियों को पढ़ना क्योंकि सभी कहानियां एक से बढ़कर एक हैं। तो मिलते हैं अगले भाग के अगले कहानी में।

 

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3 thoughts on “बाप-बेटी की वासना – Part 2

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