दिल्ली कैंपस की लड़की

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दिल्ली कैंपस की लड़की की चुदाई

नमस्ते दोस्तो,मै राज , मध्य प्रदेश से। मैं अभी 19 साल का हूं और मैंने इसी साल डीयू के टॉप कॉलेज में एडमिशन लिया है। सबसे पहले मैं अपने बारे में बता दूं।

मई 19 साल का 6 फीट की लंबी ऊंचाई वाला लड़का हूं। मेरा रंग ब्राउन है और बॉडी एथलेटिक टाइप की है, क्यूकी माई डेली 5 किमी की रनिंग और जिम भी करता हूं।

क्या साल, जैसे की ऐप सब लोगो को पता ही है, की डीयू में ऑनलाइन एडमिशन इसी साल से शुरू हुआ है और ऑनलाइन एडमिशन की वजह से इंस्टा, यूट्यूब, टेलीग्राम, एफबी में बहुत सारे ग्रुप बने एडमिशन संबंधी।

मैंने भी एक ग्रुप ज्वाइन कर लिया, एडमिशन की इंफॉर्मेशन के लिए। लेकिन मेरी किस्मत में कुछ और ही लिखा था। मैने डीयू की पूरी प्रवेश दिशानिर्देश पढ़ कर राखी थी, मुझे प्रवेश संबंधी शंकाओं का समाधान पता करने के लिए।

टू जब भी कोई ग्रुप मी किसी भी टाइप का सवाल पूछता है, तो माई उसका सॉल्यूशन दे देता। ऐसे ही 2-3 दिन चला और एक दिन, अचानक एक लड़की की इंस्टाग्राम आईडी से मेरे को फॉलो रिक्वेस्ट और मैसेज रिक्वेस्ट आई।

मैंने उसकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और उसके मैसेज का जवाब दिया। उसे भी मुझसे एडमिशन संबंधी सवाल ही पूछा था और मैंने उसका जवाब दे दिया। वो मेरी मदद से खुश हो गई और धीरे-धीरे से हम लोगो में बात होने लगी।

शुरुआत में हम लोगो ने एक अजनबी के रूप में बात की, की वो कहा की रहने वाली है, उसका नाम क्या है। वैसा उसका नाम अंशिका है । वो 19 साल की थी और उसे जितनी भी तस्वीरें इंस्टाग्राम आईडी पे डाली थी उसे, कसम से वो उसमे बवाल लग रही थी।

उसका फिगर उसकी फोटो देख कर पता किया जा सकता था। 30″ की कमर 32″ के बूब्स और बाकी तो क्या ही बता। दोस्तो वो मस्त माल लग रही थी। फिर 2-3 दिन में हम दो काफ़ी अच्छे दोस्त बन गए। हम दो अब एक-दूसरे के बारे में सब जाने द।

ऐसे ही बातो ही बातो में उसे मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पुछ लिया, तो मैंने बता दिया, की मेरी इज टाइम पर कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। मैंने उसे बताया की 6 महाने पहले ही मेरा ब्रेक-अप हो चुका है।

मैंने भी उसे पुछ ही लिया, कोई तुम्हारा भी बॉयफ्रेंड है क्या।

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अंशिका: नहीं आज तक तो नहीं है।

मुझे पता था, की अंशिका झूठ बोल रही है, इतनी इतनी मस्त लड़की का कोई बॉयफ्रेंड ना हो, ये नामुमकिन है। लेकिन मुझे क्या समस्या होनी थी, मुझे तो उसकी लेनी थी बस। मैंने उसे पूछा, क्या तुम्हारा अभी तक कोई बॉयफ्रेंड क्यों नहीं है?

अंशिका: क्यूकी मेरे घर से मुझे कभी इतनी फ्रीडम मिली ही नहीं और मुझे बॉयफ्रेंड बनाना भी नहीं था।

ये बात सुंके मैंने पूछा और अब बनाना है की नहीं?

अंशिका: देखेंगे?

मैं: देखोगी क्या मैं हूं ना।

अंशिका : सोचुंगी।

मैं: हो गया फिर तो। बॉयफ्रेंड ना सही तो कम से कम एफडब्ल्यूबी तो बना ही लो।

अंशिका: एफडब्ल्यूबी, मैटलैब?

मैं: लाभ वाले मित्र।

अंशिका : इसमे क्या होता है?

मैं: इसमे सिरफ शारीरिक संबंध होता है प्रेमी-प्रेमिका वाला कोई लफ्दा नहीं होता।

20-25 मिनट तक अंशिका ने जवाब नहीं दिया। मुझे लगा की वो बुरा मान गई है, लेकिन फिर उसका संदेश आया।

अंशिका: यार लेकिन फिजिकल रिलेशन में बहुत दीकत है?

मैं: क्या दीकत है?

अंशिका : प्रेग्नेंसी, फिर किसी को पता चल गया तो? बहुत बदनामी होगी।

मैं: अरे इसमे क्या टेंशन है। गर्भावस्था का एक समाधान है कंडोम।

अंशिका: लेकिन कंडोम से 100% सुरक्षा नहीं मिलती।

मैं: हा कभी कभी 1-2% चांस होता है। लेकिन अगर ऐसा हो जाए तो मैं-पिल आती है। इसके अलावा और भी भूत सारी प्रेग्नेंसी को रोके के लिए गोलियां होती हैं।

अंशिका: और अगर किसी को पता चल गया तो?

मैं: अरे दिल्ली इतनी बड़ी सिटी है, याह कोई किसी को नहीं जनता और तुम भी दिल्ली से बाहर, मैं भी दिल्ली का से। पता चलने का तो कोई सवाल ही नहीं?

अंशिका: लेकिन यार, तो भी डर लगता है।

मैं: देखो अगर ऐसे ही डरोगी , तो कॉलेज के 3 साल बरबाद होजायेगा । याही तो जिंदगी है अभी एन्जॉय करने की और पढ़ने की भी।

अंशिका : ठीक है, लेकिन हम लोग करेंगे कहां और कब?

मैं : तुम उसकी टेंशन मैट लो। माई दिल्ली में फ्लैट लूंगा रेंट पे और कभी-कभी ओयो चलेंगे।

अंशिका: ओयो सेफ है?

मैं: हा सेफ हाय है। क्यूकी दिल्ली में सारे जोड़े ओयो में ही जाते हैं। लेकिन तुम टेंशन मत लो माई चेक-इन करने से पहले सब चेक कर लूंगा।

अंशिका : ठीक है, लेकिन कब करेंगे?

मैं: कॉलेज खुलने के बाद?

फिर मेरी और अंशिका की बात होने लगी फोन पर और हम लोग सेक्सटिंग, न्यूड फोटो शेयरिंग, वीडियो कॉल सेक्स सब करने लगे। लेकिन हम लोग कॉलेज खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

लेकिन कोरोना की वजह से एडमिशन लेट हो गए और कॉलेज ओपन ही नहीं हो रहे थे। उसके एक दो महेन बाद तक हमारे बीच सेक्सटिंग हाय चलती रही फोन पे। लेकिन धीरे-धीरे डीयू ने एडमिशन के कट-ऑफ निकले शुरू किए और हम दो का एडमिशन अच्छे कॉलेज में हो गया।

हम दो का कॉलेज 1 किमी के अंदर ही था, जिससे हम दो खुश थे। बस अब इंतजार था, कॉलेज खुलने का। लेकिन मुश्किल लग रहा था तो वाह। एक दिन अंशिका ने मुझे फोन पर बताया की-

अंशिका : माई दिल्ली जा रही हूं।

मैं: किस लिए?

अंशिका: दीदी की शादी की शॉपिंग के लिए।

मैं: वाह! अच्छी बात है।

अंशिका: प्लीज यार, तुम भी आ जाओ ना।

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मैं मन ही मन सोच रहा था, की दिल्ली कैसे जाउ, किस कारण से जाउ, लेकिन मेरे दीमाग में फिर एक आईडिया आ गया।

मैं: ठीक है, मैं आ जाऊंगा लेकिन मिलोगी कैसे?

अंशिका : अरे जिस होटल में हम रुकेंगे, उसी में तुम भी रुक जाना।

मैंने अपने घर में बताया, की मेरे प्रवेश दस्तावेज में कुछ गलत है मुझे दिल्ली जाना होगा और मेरे घरवाले मान भी गए।

अब माई और अंशिका दोनो खुश।

12 दिन बाद मैं सतना से आनंद विहार टर्मिनल ट्रेन से निकला और वो अपनी सिटी से दिल्ली के लिए निकल गई। वो मेरे से एक दिन पहले पांच गई और मैं दिल्ली में सही सबा पांच गया।

उसके बाद माई सीधे उसके बताए हुए होटल में पहुच गया गया और मैंने फोन करके उसका कमरा नंबर पूछा लिया। मैंने रिसेप्शन पर जाके उसके बगल वाले रूम के लिए पूछे, तो वो रूम खाली था।

मैने वो रूम ले लिया। अब अंशिका और उसकी फैमिली मेरे बगल वाले रूम में थी। माई फ्रेश हुआ और उसे कॉल किया, की अब कैसे मिलेंगे, तो उसे कहा-

अंशिका: मेरे घर वाले शॉपिंग के लिए जा रहे हैं। मैंने सबसे कहा दिया है, की मेरी तबियत खराब है। इस्लिये मैं उनके साथ नहीं जाऊंगी और जैसे ही सब चले जाएंगे, तो मैं तुमको फोन कर दूंगा। तुम चुप-चाप मेरे कमरे में आ जाना।

मैंने जल्दी से माउथ फ्रेशनर लगाया और रेडी हो गया। कुछ डर बाद अंशिका का कॉल आया और उसे कहा आ जाओ। मैं इतना उत्साहित था, की बता भी नहीं सकता।

माई चुप-चाप अपने रूम के बहार निकला, आगल बगल देखा, की कोई नहीं है और सीधे बगल वाले रूम में घुस गया। मैंने देखा की अंशिका दरवाजा के पास खड़ी है और ,मैने उसे रूम लॉक कर लिया।

मैं पहली बार अंशिका को हकीकत में देख रहा था और दोस्तो सच्ची में आप सबको क्या बताउ, की वो क्या बवाल लग रही थी। उसे सफेद रंग की स्कर्ट और सफेद रंग का ऊपर पहनने के लिए रखा था, जिसको देख के मैं पागल हो रहा था।

अंशिका: देखते ही रहेंगे बस, कुछ बोलोगे भी?

मैं : तुमने तो बोलने के लायक छोड़ा ही नहीं है।

अंशिका : चलो बताओ, कोल्ड ड्रिंक लोग की चाय?

मैं: तुम्हारी लूंगा।

अंशिका : अरे बाबा, मेरा मतलब अभी क्या लोगे?

मैं : कोल्ड ड्रिंक।

अंशिका किचन में कोल्ड ड्रिंक लेने गई, तो मैं भी उसके पीछे- पीछे चला गया और उसे किस करने लगा। वो कहने लगी-

अंशिका: कुछ इंतज़ार करो करो।

मैंने कहा: अब नहीं।

माई उसे सीधा उठा कर बिस्तर पे ले आया और किस करते-करते उसके स्तन को दबने लगा। उसके बूब्स इतने नारम थे, की क्या बताउ। मुझे बहुत मजा आ रहा था। थोड़े डर बूब्स दबने के बाद, मैंने उसकी स्कर्ट और टॉप निकल दिया।

अब वो मेरे सामने सिरफ रेड कलर की पैंटी में थी और माई उसके एक बूब्स को दबा रहा था और दूसरे को मुह में ले रहा था। उसके निपल्स तो एक दम ही गुलाबी थे।

वो और गरम हो रही थी और मेरे 18 सेमी के लंड को अपने कोमल हाथो से, शॉर्ट्स के ऊपर से ही हिला रही थी। अब माई उसके चूमते हुए उसकी पैंटी तक पांच गया। पहले तो मैंने उसकी चुत को पैंटी के ऊपर से ही सूंघा। क्या महक आ रही थी दोस्तो, क्या बताऊ।

उसके बाद में उसकी चुत को पैंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा, तो वो मचाल के तड़पने लगी और थोड़ी देर बाद मैंने उसकी पैंटी को भी निकल दी। उसकी गुलाबी, क्लीन शेव्ड चुत एक दम टाइट थी, तो माई समझ गया था, की ये वर्जिन है।

मैं पहले तो उसकी चुत में उन्गली दाल कर हिलाने लगा। वो आह्ह्ह्ह्ह .. ओह्ह्ह्ह्ह ….. हम्म्म्म…. करके तड़पने लगी। तबी में उसे चुत को अपनी जीभ से चाटने लगा, तो वो एक दम उत्साहित होकर मेरा सर अपनी चुत में दबाने लगी। उसके बाद हम दो 69 की स्थिति में आ गए।

पहले तो वो मेरे लंड को मुह में नहीं ले रही थी, लेकिन फिर उसे धीरे-धीरे मेरा लंड चाटना शुरू कर दिया। अब वो मेरे लंड को चूस रही थी और मैं उसकी चुत चाट रहा था। थोड़ी देर बाद मेरे सर को अपनी चुत में जोर से दबाने लगी।

उसे अपना सारा पानी एक झटके से मेरे मुह में निकला दिया। क्या स्वाद था उसके पानी का, एक दम नमकीन-नमकीन। अब मैं सीधा हो गया और अंशिका मेरा लंड अभी भी चूस रही थी और मैं उसके स्तन दबा रहा था।

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थोड़ी देर बाद मैं भी डिस्चार्ज हो गया और उसे मेरा सारा पानी पी लिया। उसे मेरा पूरा लंड अपनी जुबान से चाट कर साफ किया और हम दोनो फिर से जाने और किस करने लगे। थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।

मैंने अंशिका के नीचे तौलिया रख दिया और उसे बिस्तर पे लिता दिया। मैंने उसके दोनो की पैर फेला दिए और उसकी चुत को गीला करके उसपे अपना लंड रख दिया। मैंने पहली बार धक्का दिया, लंड फिसाल गया को। फिर मैंने दूसरी बार ट्राई किया और लंड फिर से फिसाल गया।

तीसरी बार अंशिका ने लंड पकाड़ के अपनी चुत पे सेट किया। इस बार मैंने धक्का मारा, तो करीब 2 इंच लंड और चला गया। अंशिका चीखने लगी और लंड को बहार निकालने के लिए कहने लगी। उसे बहुत दर्द हो रहा था।

मैं वैसे ही रुक गया और में किस करना लगा। थोडीदेर में मैंने फिरसे एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसे चुत के अंदर चला गया। इस बार मेरे मुह ने अंशिका के मुह को बंद कर रखा था, तो उसके आवाज नहीं आई।

अंशिका की आंखों से पानी निकल रहा था, इसलिय में वैसे ही रुक कर उसे किस करता रहा और स्तन दबाता रहा। जब थोड़ी देर बाद अंशिका ने कहा, की उसका दर्द कम हो गया है, तो मैं अपने लंड को धीरे-धीरे और बाहर करने लगा।

अबकी बार अंशिका भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और उसके मुह से अजीब सी आवाज निकल रही थी। उह्ह्ह…… ओह…..ओह्ह्ह्ह्ह…. उउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ्फ्फ्फ…. और तेज…। और तेज…।

वो मुझे तेज राज, तेज राज कहने लगी।

उसके ये कहने पे, मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और वो भी नीचे से उठा – कर मेरा साथ देने लगी थी। थोड़ी देर में उसकी चुत भी झड़ गई थी। उसका गरम पानी मुझे मेरे लंड पे महसूस हो रहा था।

मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और करीब 15 मिनट के बाद, मैं भी उसकी चुत के अंदर ही झड़ गया। मैं झड़ने के बाद उसके ऊपर ही गया और उसे किस करने लगा। वैसा ही लेटे हुए हमें कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला।

एक घंटे के बाद, जब हमारी आंखें खुली, तो हम दो पूरे होंगे और एक-दूसरे के साथ चिपके हुए थे। उठने के बाद पहले तो हमने किस किया और फिर चले गए।

अंशिका तो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी, तो मैंने उसे उठा और बाथरूम में ले गया। हम दोनो ने वहा भी सेक्स किया। उसके बाद हमने 2-3 बार सेक्स किया और फिर मैं अपने रूम में वापस आ गया।

लेकिन मेरा और अंशिका का मन अभी भी नहीं भरा था। उसे मुझसे कहा, की वो रात को मेरे कमरे में आएगी सबके सो जाने के बाद। उसे मुझे रात को दरवाजा खोल कर रखने को कहा।

फिर सबके सोने के बाद वो रात को मेरे कमरे में आ गई। हमने सुभा 4 बजे तक सेक्स किया और अगले दिन भी चोरी चुपके हमने 1-2 बार सेक्स किया। जब वो दिल्ली से वापस जा रही थी, तो मैंने उसे गोलियां लेके दी, तकी वो गर्भवती ना हो जाए।

अंशिका और मैं बहुत खुश थे और अंशिका और में अब कॉलेज खुलने का इंतजार करना लागे। लगता तो है, की जल्दी ही कॉलेज खुल जाएंगे। में और अंशिका अब फिर से बात करते हैं। अंशिका ने कहा, की कॉलेज खुलने के बाद, वो अपनी सहेलियों से मेरा काम बन जाएगी और उनसे सेक्स करने में मेरी मदद करेगी।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “ट्यूशन वाली मैडम की चुत मारी”

धन्यवाद।

नमस्कार।।

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