बेटी का बॉयफ्रेंड भाग-3

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माँ बेटी चुद गई बेटी की बॉयफ्रेंड से। भाग-3

तो पिछली कहानी में आप सबने देखा कि कैसे मैं निखिल के लन्ड को अपने गांड में घुसेड़ कर उसे सरप्राइज दिया। और कैसे मैंने उससे गांड की सील तुड़वाई, और कैसे उसके मोटे लंबे लन्ड से जम के गांड मरवाई

साथ ही आपसे वादा किया था की मैं अपनी मॉम को कैसे निखिल के लन्ड से चुदवाई। और कैसे निखिल ने हमदोनो माँ बेटी को साथ मे चोदकर हमारी चुत की प्यास बुझाया। की कहानी प्रस्तुत करूँगा। तो लीजिए हाजिर है आपकी प्यारी दोस्त नैना | मैं बेसब्री से जिस घड़ी का इंतजार कर रही थी वो फाइनली आ ही गया।

आज संडे है मैं सुबह जैसे ही उठी निखिल को मैसेज किया किया कि वह शाम को 7 बजे तक एनी हाउ पहुँच जाएं लेट बिल्कुल भी मत होना। क्योंकि मेरी मॉम को डिसिप्लिन पंसद है। और मैं नहीं चाहती कि मॉम से पहली बार निखिल मिले और कोई इम्प्रेशन खराब हो। मैंने उसे सख्त हिदायत दी कि कैजुअल कपड़े में बिल्कुल ना आए। फॉर्मल कपड़ो के साथ फॉर्मल शूज में आए।

मैं दिन भर पूरी बेसब्री से इंतजार की। शाम को ठीक 7 बजे बेल बजी। तब मैं और मॉम सोफे पे बैठ के निखिल के बारे में ही बात कर रहे थे। मॉनिटर पर देखा तो निखिल ही था मैं बोली कि मैं दरवाजा खोलती हूँ। मैं गई और दरवाजा खोला सामने निखिल को देखकर दंग रह गया मैं कभी फॉर्मल ड्रेस में उसे देखी नहीं थी। वो गजब का हैंडसम लग रहा था। क्लीन शेव। फॉर्मल ड्रेश मैंने उसे गले से लगाया और अंदर आने को बोली। और मैं उसका हाथ पकड़ के अंदर लाई। जैसे ही हम माँ के सामने आए निखिल ने  हाथ जोड़कर नमस्ते किया और झट से झुककर मॉम के पैर छुए। मॉम बहुत इम्प्रेस हुई उससे।

और खुद भी खड़ी हो गई। मैंने माँ से इंट्रोड्यूस कराया। मॉम ने उसे बैठने को कहा मैं भी निखिल के साथ ही सोफे पर बैठ गई। फिर माँ ने उसका हालचाल पूछा। तब तक नौकर कॉफ़ी और स्नैक्स ले आया। थोड़ी देर ऐसे ही बात करते रहे। मैं हैरान थी क्योंकि निखिल एक मेच्योर और प्रोफेशनल इंसान की तरह बात कर रहा था। इस तरह मैंने कभी देखा नही था उसे। तब तक मॉम का कॉल आ गया तो वो बोली कि तुमदोनों बातें करो मैं अभी आती हूँ।

जैसे ही माँ गई मैंने उसे भींच ली और किस करने लगी। 5 मिनट तक मैं उसे किस करते रही। फिर सामान्य होकर बैठ गए क्योंकि मॉम आ रही थी। रात को 10 बजे हमने डिनर किया मॉम ने ढेर सारी बातें उससे की। उसकी पूरी फ़ेमिली बैकग्राउंड, के बारे में एक एक चीज निचोड़ ली। हमारे बारे में भी उससे बात की। और फिर पूछा कि तुम्हारे घर मे सबको पता है नैना के बारे में तो उसने कहा कि हाँ ऐसे तो सब जानते हैं कि कोई मेरी गर्लफ्रेंड है जिससे मैं रिलेशन में हूँ। माँ भी अब बहुत खुश थी। डिनर के बाद निखिल जाने को बोलने लगा तो माँ ने उसे बोला कि रात में क्यो जाना है सुबह जाना। मैंने भी कहा कि हां काफी रात हो गई है यही रुक जाओ सुबह ही जाना। वो मान गया।

माँ ने कुछ नही बोला कि उसे मेरे कमरे में रहने से ऐतराज है। तो हमदोनों पूरी रात एक दूसरे के बाहों में बाहें डाले, रात भर कई राउंड की चुदाई की। चुत गांड सबका मजा चखा।

अब अक्सर निखिल हमारे घर मॉम के मौजूदगी में आने लगा। मॉम भी अब उससे फ्रेंडली हो गई थी। अब अक्सर निखिल रात को मेरे घर रुकता और मैं जम के चुदाई करवातीं। कई बार तो मॉम हमदोनो को रोमास करते देख चुकी थी। कई बार चुदते हुए  देख ली थी।मेरी माँ मेरे पापा को बहुत मिस करती थी वो आज भी उन्हें नहीं भुला पाई थी। हमारे सामने वो जरूर खुश रहने का दिखावा करती थी लेकिन अंदर ही अंदर वो बहुत दुखी रहती थी। क्योंकि कई बार मैं माँ को पापा के तस्वीर के सामने रोते हुए देखी थी। ( आप ये कहानी nightqueenstories.com पर पढ़ रहे हैं)

 

ऐसे ही दिन बीतते गया अब निखिल कई-कई दिन मेरे घर ही रहता था। अब वो अपने घर कम और मेरे घर हमारे साथ ज्यादा रहता था। धीरे धीरे हमारा प्यार और खुल गया था। अब हम माँ के सामने बिल्कुल नही झिझकते थे। यहां तक कि दरवाजा भी नहीं बंद करते थे और चुदाई करते थे। हम अब कहीं भी घर मे चुदाई करने लगते थे। और माँ अब अक्सर ही हमदोनो को चुदाई करते देख लेती थी।

एक दिन रात के करीब 2 बजे मुझे पेशाब लगा तो मैं टॉयलेट जानी लगी। लेकिन मुझे कुछ आवाज सुनाई दिया वो आवाज माँ के कमरे से आ रही थी। माँ के कमरे के लाइट भी जल रहा था। मुझसे रहा नहीं गया तो मैं उस ओर गई। माँ भी दरवाजा कभी अंदर से लॉक नही करती थी। मैंने देखा दरवाजा हल्का खुला हुआ है और मॉम पूरी नंगी हैं और एक हाथ मे डैड की फोटो ली है और दूसरे हाथ की 3 उंगलियां उनकी चुत में है हर वो जोर जोर से अपनी चुत को चोद रही है। और कह रही थी। सुमित तुम मुझे छोड़कर कहाँ चले गए। देखो मेरी चुत कितनी पयासी रहती है। उँगलियों से मेरी चुत की प्यास नही बुझती है। मैं कैसे रहूं तुम्हारे बिन मेरे राजा। क्यों हमें छोड़कर चले गए। करीब ऐसे ही 10 मिनट तक माँ अपनी चुत को उँगलियों से चोदती रही। फिर उनके चुत से पानी निकल गया। मैं हैरान थी ये देखकर। फिर थोड़ी।देर बाद माँ रोने लगी और पापा के तस्वीर से बात करने लगी। माँ का दुखी होना और रोते देख मैं भी विचलित हो गई। मुझे भी अब पापा की बहुत याद आने लगी। मैं चुपचाप आई और अपने बिस्तर पर दूसरे तरफ मुँह करके सो गई। अब अक्सर मैं देखती की मॉम बहुत दुखी हो रही ही डैड की तस्वीर देखते रहती और रोते रहती। कई बार मैंने देखा कि माँ पपा की तस्वीर लेकर उंगली से अपनी चुत की प्यास बुझाती।

एक दिन मैं हिम्मत करके इस बारे में बात की तो वो रोने लगी और कहने लगी कि हाँ बेटा तुम्हारे पापा की बहुत याद आती है। और मैं भी तो अभी जवान हूँ। तुम्हारे पापा रोज मुझे चोदते थे। लेकिन जब से वो गए हैं बस उँगलियों से ही चुत को शांत करती हूं। मैंने कहा कि मॉम आप किसी के साथ अफेयर कर लो। तो वो बोली कि नही बेटा। तुम्हारे सिवा मेरा इस दुनिया मे कोई नहीं है। अगर मैं ऐसा कुछ करती हूं तो बहुत बदनामी होगी मेरे साथ तुम्हारी भी बदनामी होगी। इसलिए मैं हर दुख सह लुंगी। लेकिन तुमपर आंच नहीं आने दूंगी। यह सुनकर मैं भी बहुत दुखी और भावुक हो गयी। और माँ के सीने से लग गयी। मैं उस दिन बहुत रोई। और साथ ही उस दिन से मुझे मॉम के लिए मेरे मन मे और सम्मान बढ़ गया।

अब हम अक्सर सभी तरह के बातें करने लगे। मैं रोज माँ को उंगली से चुत की प्यास बुझाते देखती जबकि मैं खुद लन्ड खा रही थी। ये सब मुझे अजीब लगने लगा फिर मैं एक दिन फैसला की की आखिर निखिल मेरा ही तो है। तो सिर्फ मुझे ही क्यों मेरी माँ को भी चोद सकता है। इसमें बुराई क्या है। उस दिन ये बात मेरे दिमाग मे पूरी उधेड़बुन के साथ घूमती रही और फाइनली मैं फैसला कर ली कि निखिल अब सिर्फ मेरा नही है बल्कि हमदोनो माँ बेटी की चुत किंप्यास बुझायेगा। रात को मैं इंतजार करने लगी कि कब माँ चुत में ऊँगली करती है। करीब रात को 11 बजे माँ पूरे नंगे होकर अपनी चुत में धक्का धक उंगली पेले जा रही थी और बड़बड़ा रही थी। मैं भी पूरी नंगी हो गयी और माँ के कमरे में चली गई। माँ मुझे देखकर शर्मा गई। फिर मैं गया और सीधा माँ को पकड़ के।किस करने लगा पहले तो मॉम झिझकी फिर साथ देने लगी। और हम दोनों ने पूरी रात एक दूसरे के चुत को चाट के उंगली डाल के प्यास बुझाई।और मैंने माँ से बोला कि मॉम हमदोनो ही जवान है और हम दोनों अलग नही है तो निखिल ही क्यों नही हमदोनो की चुत कि प्यास बुझा सकता। माँ हैरान हो गई और बोली क्या बोल रही हो होश में तो हो। मैंने बोला मैं पूरी होश में हूँ इसीलिए बोल रही हूँ। फिर माँ बहुत सी बातें बोलने लगी और मना करने लगी लेकिन मैं जिद करने लगी तो वो मान गई। फिर बोली कि क्या निखिल इसके लिए तैयार होगा। मैंने कहा मैं निखिल से पहले ही बात कर चुकी हूँ। वो आजीवन हमें चोदेगा। हम जल्दी ही शादी कर लेंगे। फिर निखिल हमेशा मेरा पति बनकर इसी घर मे भी रहेगा और अपने बीवी और सास की चुत की गर्मी मिटाएगा। ( आप ये कहानी nightqueenstories.com पर पढ़ रहे हैं)

और हमने प्लान बनाया। और उस दिन हमदोनो माँ बेटी एक साथ चुत के बाल साफ किए शाम के करीब 7 बजे निखिल आया। हमने ढेर सारी बातें की और फिर डिनर भी। चुकी माँ का पहली बार था इसलिए वो थोड़ा नर्वस हो रही थी। फिर करीब रात के माँ अपने रूम में गई और हमदोनो अपने रूम में। फिर करीब आधे घंटे बाद हमदोनो माँ के रूम में गए। मॉम शर्मा रही थी वो जिन्नीदार ब्लैक रंग का सेक्सी मैक्सी पहनी थी। हमारे जाते ही वो बेड से उतरकर खड़ी हो गई। और प्लनिंग के मुताबिक निखिल ने मॉम को जाते ही सीने से लगा लिया पहले तो माँ झिझकी फिर  वो भी उसे जोर से भींच ली। मैं भी बिना देर किए दोनों को एकसाथ हग कर ली। अब निखिल मॉम के होंठो पर अपना होठ रख दिया और किस करने लगा माँ भी अब उसका धीरे धीरे रेस्पॉन्स देने लगी।

फिर तब तक मैं अपने सारे कपड़े उतार के नंगी हो चुकी थी। फिर निखिल ने माँ के।कपड़े उतारने लगे। जैसे ही मैक्सी माँ के बदन से अलग हुए उनका संगमरमर सा बदन चमक गया क्योंकि वो मैक्सी के नीचे कुछ भी नहीं पहनी थी। निखिल माँ की चुचियाँ पीने लगा । और मैं पीछे होकर मॉम की चुत को रगड़ने लगी। फिर मैं नीचे बैठ गई और माँ के एक पैर को बेड पर रख दिया और मैं माँ के चुत को चाटने लगी। माँ पूरी जोश में आ चुकी थी। 5, 7 मिनट के बाद ही माँ के चुत ने रसधार छोड़ दिया। फिर मैं उठी और निखिल को किस करने लगी और उसे बेड पर धक्का दिया और अब हमदोनो माँ बेटी उसपर टूट पड़े। मैं माँ को उसका लण्ड चूसने के लिए इशारा की। और खुद उसके मुँह पर चुत रख दी। निखिल मेरे चुत को चाटने लगा और माँ उसके लन्ड को मुंह मे लेकर चूसने लगी। करीब 10 मिनट के बाद मैं नीचे आयी और मॉम को बोला की आप अपनी चुत निखिल को चाटने दीजिए।

वो उसके मुँह पर अपना चुत रख दी। और मैं निखिल के दोनों तरफ पैर करके उसके लन्ड को पकड़ी और अपने चुत में घुसा ली। और जोर जोर से उछल उछल के चोदने लगी। पूरा कमरा में ऐसी कामुक आवाज गूंज रही थी मानो कमरा खुद ऐसी कामुक आवाज oooooohhhhhjjnhhhh aaaaahhhhhhh aaaaahhhhhhhhhhhhjj की आवाज निकाल रहा हो। करीब 10 मिनट बाद मैं झड़ गई। अब निखिल उठा और माँ को सुला दिया और उनके दोनों पैरों को मोड़ के उनके चुत में अपना लन्ड डाल दिया। मॉम तो उछल गई। और कहने लगी चोदो जल्दी से। निखिल भी बिना देर किए जोर जोर से चोदने लगा। माँ चिला रही थी, चोदो बेटा चोदो। चोदा अपनी गर्लफ्रेंड की माँ को। चोदो जोर से AAAHHHHHHaaaahhhhhhhj aaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh beta BAHUT MAJA आ रहा है बेटा चोदो जोर जोर से। करीब 7,8 मिनट बाद ही माँ का चुत पानी छोड़ दिया। लेकिन निखिल चोदे जा रहा था। माँ थोड़ा शांत हुई तो निखिल ने अपना लन्ड मॉम की चुत से निकाला और मेरी मुँह में दे दिया। और जोर जोर से मेरे मुंह को चोदने लगा। 7, 8 धक्कों के बाद निखिल मेरे मुँह में ही लन्ड का सारा पानी छोड़ दिया। फिर माँ ने निखिल के लन्ड को चाटकर अच्छे से साफ की। अब हम मॉ बेटी रोज निखिल से साथ के चुदाई करवाते हैं।

 

तो ये थी मेरी और मॉम की एकसाथ चुदाई की कहानी।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “बेटी का बॉयफ्रेंड भाग-2”

धन्यवाद।

आपसब अपना ख्याल रखिएगा। और अपना प्यार इसी तरह बनाए रखिएगा।

नमस्कार।

 

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