कैब ड्राइवर का लन्ड

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मेरी प्यासी चुत में कैब ड्राइवर का लन्ड का बारिश हुआ

तभी मुझे रंजीत का ख्याल आया वह नीचे गाड़ी में ही सोता था। तो मैं वाशरूम में गई और जीन्स और पैंटी नीचे करके उंगलियो से अपनी चुत फैलाई और मोबाइल से कई फ़ोटो ले ली। और थोड़ी देर चुत सहलाई और वापस आ गई। और फिर रंजीत को व्हाट्सअप पर मैसेज की पूछी क्या कर रहे हो। तो वह रिप्लाइ किया और बोला कि कुछ नही बस ऐसे सोने की कोशिश कर रहे लेकिन नींद नही आ रहा। तो मैं बोली कुछ देखना चाहोगे तो वो बोला क्या तो मैं अपनी चुत की फोटो उसके व्हाट्सअप पर सेंड कर दी। और नेट बन्द कर दी। मैं जानती थी मैं नेट बन्द कर दूंगी तो वह कॉल करेगा क्योंकि मेरी चुत की फोटो देखकर वह पागल हो जाएगा।

2 मिनट बाद ही उसका कॉल आया और बोला मैडम आप नेट क्यो बन्द कर दी तो मैं बोली कि कॉल क्यो किये हो तो वह बोला मैडम ये अपका है तो मैं बोली कैसा है तो वह बोला बहुत सुंदर और सेक्सी है। मैं पूछी पसन्द आया तो वह बोला मैडम सच मे लाजवाब है। तो मैं बोली यह तो फोटो है क्या सच का देखना चाहोगे तो वह बोला मैडम क्यों पागल कर रही हो

मेरे चुत के दीवाने सभी https://nightqueenstories.com के पाठकों को चुत खोलकर नमस्कार। तो कैसे हो मेरे चुदक्कड़ साथियों, उम्मीद करता हूँ सबका लन्ड और चुत दमदार होगा।

तो दोस्तों मेरा नाम अनामिका है और सबकी तरह आप भी मुझे अनु बुला सकते हैं। क्योंकि यही शार्ट नाम मुझे भी पसन्द है।

दोस्तों यह कहानी 10 दिन पहले की है। मैं 24 साल की हूँ। और मेरी फिगर 32 की चुचियाँ 28 के कमर और 36 के गांड़ है।

दोस्तों यह कहानी मेरी और मेरे कैब ड्राइवर की है।

मैं मूलरूप से लखनऊ की रहने वाली हूँ और वहीं से BCA करने के बाद गुड़गांव आ गई। दरअसल मेरा गुड़गांव में जॉब लग गया था। मैं एक एक्सपोर्ट इम्पोर्ट कम्पनी में अच्छे पोस्ट पर सेलेक्ट हो गई थी। दोस्तों मेरा शुरू से व्यू रहा है कि मैं लव मैरिज करूँगी और इसीलिए मैं घरवालों को बोल दी थी कि किसी को परेशान होने की जरूरत नही है। अभी मैं करियर पर फोकस करना चाहती हूँ।

गुड़गांव में मुझे कम्पनी के तरफ से एक बड़े अपार्टमेंट में 2 bhk फ्लैट मिला हुआ था। गुड़गांव आये मुझे 6 महीने हो गए थे। मेरा आफिस का फिक्स टाइमिंग नही था बल्कि शिफ्ट के हिसाब से चेंज होते रहता था। लेकिन आफिस की तरफ से मुझे कैब की व्यवस्था दी गई थी सो मैं नाईट शिफ्ट भी आसानी से कर लेती थी।

गुड़गांव जबसे मैं आयी थी तबसे चुदी नही थी क्योंकि यहां अभी तक मैं किसी को ज्यादा भाव दी नही थी। मैं चाहती तो लखनऊ से अपने बॉयफ्रेंड को बुलाकर चुदवा सकती थी लेकिन मैं अब उससे दूर होना चाहती थी इसीलिए उसे नही बुला रही थी। लेकिन जावानी में लन्ड खाए बिना चुत तो नही मानता ना लन्ड निगलने के लिए हमेशा गीली हुई रहती थी। तो अपने 3 उंगलियो को डालकर शांत कर लेती थी। लेकिन जो चुत एक बार लन्ड का स्वाद चख ले उसे भला उँगली से क्या होने वाला है। फिर भी वो कहावत है ना भागल भूत के लंगोट ही सही।

6 महीने से लन्ड के लिए तड़प रही मेरी चुत को कैसे कैब ड्राइवर से मैं प्यास बुझाई

तो एक दिन हुआ ये की मेरी नाईट शिफ्ट लग गई और इधर से मैं अकेले ही थी सो कैब मुझे लेने आता और छोड़ जाता। उस दिन जब मैं कैब में बैठी तो देखी ड्राइवर बहुत हैंडसम लड़का है। वह 24, 25 का रहा होगा। वो मुझे नमस्ते किया और मैं उससे बात करने लगी उसका नाम रंजीत था। और वह UP के प्रयाग के पास का रहने वाला था। वह बहुत विनम्र स्वभाव का था। फिर अगले दिन वही ड्राइवर आया तो मैं पूछी की तुम परमानेंट इधर का कैब ड्राइवर हो तो वह बोला कि नही मैडम दरअसल यह कैब मेरा दोस्त चलाता है लेकिन उसे किसी इमरजेंसी की वजह से गांव जाना पड़ा है तो वह मुझे बोलकर गया है मैं उसके जगह ड्यूटी कर रहा हूं वह एक हफ्ते बाद ही आएगा। चुकी उसका व्यवहार बहुत अच्छा था तो मैं उससे खुलकर बात कर पाती थी। 2, 3 दिन में ही हम घुलमिल गए थे। मैं उसके फैमिली के बारे में पूछा और भी ढेर सारी बातें।

चुकी मेरा नाईट शिफ्ट था तो मैं दिन में रूम पर बोर हो रही थी। और मूवी देखने का बहुत मन कर रहा था लेकिन मैं अभी तक यहां वैसा कोई दोस्त नही बनाई थी। तो मुझे अचानक रंजीत का याद आया। मैं ऊसे कॉल की और पूछीं कहाँ हो तो वह बोला की घर पर हैं। तो मैं उससे पूछी मूवी देखने चलोगे। तो वह तैयार हो गया तो मैं बोली की 1 घंटे में तैयार होकर आओ। फिर हमदोंनो मूवी देखने गए तो वहां हॉलीवुड को मूवी लगी थी हमदोंनो चले गए। और इत्तेफाक से हमे सबसे पीछे का कार्नर सीट मिल गया।

मैं रंजीत से पूछी की तुम आखिरी बार चुदाई कब किये थे

मूवी में कई किसिंग सीन थे यह देखकर मेरी चुत गीली होने लगी और मैं चोर निगाहों से देखी तो रंजीत का लन्ड भी खड़ा होने लगा था। फाइनली मूवी खत्म हुई और हम शाम तक घर आ गए। फिर रंजीत कैब के साथ रात 9 बजे मुज्बे लेने आया। मैं बैठी और बातें करने लगी। आफिस पहुँचने में लगभग आधे घंटे लग जाते थे। तो मैं उससे पूछी तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है तो वह बोला की नही अभी कोई नही है। मेरी गर्लफ्रेंड थी लेकिन फिर उसकी अरेंज मैरिज हो गई और पिछले 1 साल से मेरा अब कोई गर्लफ्रेंड नही है। तो उसने भी मुझसे पूछा तो मैं भी बोली कि मेरा भी कोई नही है। तो फिर मैं उससे पूछी की कैसे रह लेते हो। तो वह बोला क्या मतलब मैं समझा नही। तो मैं अब खुल के उसे बात करने का प्लान बनाई और बोली तुम अखिरी बार कब सेक्स किये थे तो वह शर्मा गया और कोई जवाब नही दिया तो मैं फिर पूछी की शर्माओ मत बताओ तुम बच्चे नही हो।

तो वह बोला कि 2 महीने पहले। तो मैं पूछी की लेकिन तुम तो बताए कि एक साल से तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नही है। तो वह बोला कि दरअसल मैं जिस कम्पनी में कैब चलाता हूँ वहां एक मैडम थी वो एक रात मुझे अपने घर बुलाई और उनके साथ ही हुआ।

मैं अकेले फ्री बैठी थी तो कंप्यूटर पर सेक्स कहानियां पढ़ने लगी और मेरी चुत बिल्कुल चुदासी और गीली हो गई

ये बात सुनकर मेरी चुत और ज्यादा गीली हो गई। और उसके प्रति मेरा आकर्षण भी बढ़ गया। तब तक हम ऑफिस पहुँच गए। चुकी नाईट शिफ्ट में बहुत कम स्टाफ होते थे और काम भी कम ही होता था इसलिए ज्यादातर लोग स्टाफ रूम में आराम फरमाने लगते थे। मैं कंप्यूटर पर बैठी थी लेकिन काम नही था सो फ्री बैठी थी। तो मैं https://nightqueenstories.com खोली और सेक्स कहानियां पढ़ने लगी और दोस्तों मेरी चुत में आग लग गई। लगभग सारे स्टाफ स्टाफ रूम में आराम कर रहे थे सो मैं आसानी से अपने चुत को मसलने लगी और जीन्स के हुक को खोलकर अंदर हाथ डाल दी। लेकिन तभी एक स्टाफ बाहर आया तो मैं घबराकर सीधी हो गई। कुछ ही देर में वह वापस चला गया।

तभी मुझे रंजीत का ख्याल आया वह नीचे गाड़ी में हो सोता था। तो मैं वाशरूम में गई और जीन्स और पैंटी नीचे करके उंगलियो से अपनी चुत फैलाई और मोबाइल से कई फ़ोटो ले ली। और थोड़ी देर चुत सहलाई और वापस आ गई। और फिर रंजीत को व्हाट्सअप पर मैसेज की पूछी क्या कर रहे हो। तो वह रिप्लाइ किया और बोला कि कुछ नही बस ऐसे सोने की कोशिश कर रहे लेकिन नींद नही आ रहा। तो मैं बोली कुछ देखना चाहोगे तो वो बोला क्या तो मैं अपनी चुत को फोटो उसके व्हाट्सअप पर सेंड कर दी। और नेट बन्द कर दी। मैं जानती थी मैं नेट बन्द कर दूंगी तो वह कॉल करेगा क्योंकि मेरी चुत की फोटो देखकर वह पागल हो जाएगा।

2 मिनट बाद ही उसका कॉल आया और बोला मैडम आप नेट क्यो बन्द कर दी तो मैं बोली कि कॉल क्यो किये हो तो वह बोला मैडम ये अपका है तो मैं बोली कैसा है तो वह बोला बहुत सुंदर और सेक्सी है। मैं पूछी पसन्द आया तो वह बोला मैडम सच मे लाजवाब है। तो मैं बोली यह तो फोटो है क्या सच का देखना चाहोगे तो वह बोला मैडम क्यों पागल कर रही हो बोलो कैसे। तो मैं बोली धीरे से ऊपर आ जाओ। और हाँ लिफ्ट से आना सीढ़ियों से नही।

और 5 मिनट में ही वो आ गया और बोला मैडम बहुत अच्छा है आपका। तो मैं उसे चुप कराई और बोली कि तुम वाशरूम में जाओ और हाँ जेंट्स वाले में ही जाना और अंदर से लगा लो। मैं 5 मिनट बाद आती हूँ। और 2 बार डोर नोक करूँगी तो समझ जाना मैं ही हूँ।

वह चला गया और 5 मिनट बाद पीछे से मैं भी गई। और नोक की तो वह डोर खोला और मेरा हाथ पकड़ के अंदर खिंच लिया और दरवाजा वापस लॉक कर दिया। वह बहुत गर्म हो चुका था मैं ऐसी पासा ही फेंकी थी। वह बिना देर किए मेरे होंठो पर टूट पड़ा। और जोश में दांत भी गड़ा दिया। मैं बोली आराम से करो। वह मुझे किस करने लगा मैं भी उसके मुंह मे अपना जबान दे दी और वह चाटने चूसने लगा। हम 10 मिनट तक एक दूसरे के बाहों में ऐसे ही लिप लॉक करते रहे। वह मेरी शर्ट का बटन खोल दिया तो मैं शर्ट को उतारी नही बल्कि कमर पर बांध दी। मैं पूरा कपड़ा नही उतारना चाहती थी और फिर खुद ही ब्रा का हुक खोल दी लेकिन निकाली नही। तो वह आगे से ब्रा हटाया और मेरी बिल्कुल कसी हुई चुचियों को देखकर बोला मैडम इतनी कड़क चूची होती है मैं तो सपने में भी कभी नही सोची थी। और मुँह में ले लिया और दूसरे वाले को मसलने लगा। वह खुद ही जीन्स को नीचे कर चुका था और मैं उसकी लन्ड के मुट्ठी में लेकर जोर जोर से हिलाने लगी उसका लन्ड 6 इंच का होगा लेकिन बिल्कुल लोहे की तरह सख्त था।

मैं उसके लन्ड के सुपाड़े और अपनी चुत पर थूक लगाई और उसका आनंद मेरी चुत को चीरते हुए बच्चेदानी तक पहुँच गया

मैं तो पहले से काफी ज्यादा गर्म थी मैं अब चुत में लन्ड लेना चाहती थी इसीलिए ज्यादा फोरप्ले नही करना चाही और फिर मैं घूम गई और एक पैर से जीन्स निकाली और वो पैर कमोड पर रखकर आगे झुक गई। और बोली रंजीत अब बस भी करो अब नही रहा जा रहा अब अपना लन्ड डालो मेरी चुत में। वह आज्ञाकारी कुत्ते की तरह पीछे से मेरे चुत पर लन्ड रगड़ने लगा और 2 मिनट तक रगड़ा। वह चुदाई का पक्का खिलाड़ी था। वह सबकुछ जानता था। फिर वह मेरी चुत में लन्ड लगाया मेरी चुत तो इतनी गीली थी कि थूक की आवश्यकता नही थी। फिर भी मैं अपने हाथ मे थूकी और उसके लन्ड के सुपाड़े और अपनी चुत के छेद पर लगा दी। और तभी वह ऐसा जोर का धक्का मारा की मेरा चुत को उसका लन्ड चीरते हुए मेरे बच्चेदानी तक पहुँच गया। चुकी मैं 6 महीने से चुदी नही थी इसलिए मुझे दर्द हुआ था।

और अब वह पीछे से मेरे कमर को पकड़ के चोदने लगा मुझे बहुत मजा आने लगा। वह मेरी चुत के दाने को भी सहला रहा था और कभी कभी मेरी चुचियों को मसल रहा था। अब मेरी मुंह से मादक सिसकारियां फुट पड़ी। लेकिन मुझे डर भी लग रहा था की किसी को पता ना चल जाए। फिर भी मैं अपने सिसकारियों को रोक नही पा रही थी और मैं धीमी आवाज में सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह बेबी….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई…आहहहहहहहहहहहहहहह……

आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. चोदो रंजीत चोदो ओह फक इट डैम फक इठ यु अरे द बेस्ट माय हीरो उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. यु अरे माय किंग रंजीत यु अरे माय किंग चोदो जोर जोर से मुझे तृप्त कर दो। तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो मैं तुम्हारे लन्ड की दीवानी हो गई। उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ईईर्ररर्राहहहहहहहहह… ऊँहऊँहऊँहउहहहहहहहहहहह बेबी….. सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह….. आई लाइक योर कॉक हनी यु अरे सो हॉट फक बेबी फक माय पुसी हनी। ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह…

फक माय जूसी पुसी माय हीरो फक बेबी फक वह यस बेबी फक हार्ड जान फक हार्ड। और मैं तीसरी बार झड़ गई। रंजीत भी झड़ने ही वाला था क्योंकि उसका स्पीड अचानक बढ़ गया था। तभी उसका लन्ड ब्लास्ट किया और मुझे एहसास हुआ कि कोई गर्म लावा मेरी चुत में बहने लगा है। और फिर वह मेरे पीठ पर कुत्ते की तरह हाँफते हुए शांत हो गया।

थोड़ी देर बाद वह फिर से मुझे किस करने लगा और फिर से चोदना चाहता था लेकिन मैं बोली बहुत देर हो गया है। अब चलना चाहिए नही तो किसी को शक हो जाएगा। जब तुम मुझे छोड़ने चलोगे तो मेरे घर पर आराम से चोद लेना। फिर हम बाहर आ गए। और वह नीचे चला गया। जब वह मुझे छोड़ने घर आया तो एक राउंड की चुदाई किये हम। फिर वह चला गया और मैं बोली की आफिस से जब छुट्टी हो जाए तो आना और दिन भर हम साथ मे रहेंगे। फिर वह 10 बजे दिन में आया और पूरे दिन हम नंगे होकर एक दूसरे के बाहों में चुदाई करते रहे।

तो दोस्तों मेरी प्यासी चुत की कैब ड्राइवर से चुदाई कैसी लगी। कमेंट करके जरूर बताना। और इसी तरह की चुदाईभरी कहानियों के लिए https://nightqueenstories.com के अन्य पेज को फॉलो करो।

मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “हॉर्नी स्टूडेंट”

धन्यवाद।

 

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