जिस्मों का खेल

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नाईट क्लब में जिस्मों का खेल

हेलो दोस्तों! मेरा नाम काजल है और अभी मैं इंजिनीरिंग जे दूसरे साल में हूँ। पिछले महीने मैंने कुछ ऐसी चीजें की जो मैंने कभी सपने में भी नही सोची थी। दरसल मैं एक शांत स्वभाव वाली और भोली किस्म की लड़कीं रही हूँ। मेरे फ्रेंड सर्कल में सिर्फ मैं ही ऐसी थी जिसका कभी अफेयर नही था और सेक्स तो दुर की बात। मगर पिछले महीने मैंने अपना सारा कंट्रोल एक ही दिन में खो दिया…

हम सारे दोस्त हमेशा कही ना कही साथ घूमने जाया करते थे। कभी किसी पार्क में तो कभी किसी कॉन्सर्ट में। एक बार सबने नाईट क्लब जाने का प्लान किया लेकिन मैं इसके लिए तैयार नही थी। सब का बहुत मन था तो मैंने उन सबको मेरे बगैर जाने के लिए बोला। रोहन ने कहा ‘काजल नही आएगी तो कोई नही जाएगा’। सब फिरसे मुझे मनाने लगे।

मेरी प्रॉब्लम ये थी कि मैं किसी ऐसी जगह नही जाना चाहती थी जहाँ शराब वगैरा पिया जाता है। मेरी बात सुन कर सब बहुत हँसे और कहने लगे “अरे काजल! अपनी कॉलेज लाइफ कब एन्जॉय करोगी? कॉलेज में चलता है ये सब”। लेकिन में मानने को तैयार नही थी। तो रोहन मुझे समझाने लगा “सुन! अगर सिर्फ यही प्रॉब्लम है तो में सॉल्व करता हूँ। बाकी जिसे पीना है पिये, काजल और उसके साथ मैं, हम दोनों नही पियेंगे। ठीक है?” तो में आखिर मान गयी। रोहन मेरा सबसे अच्छा दोस्त है तो मुझे उसपर पूरा भरोसा था।

अब वीकेंड को जाने का प्लान था। रोहन और मैं साथ में सब डिस्कस करने लगे। ऐसे ही बातों बातों में उसने बोला कि “बाकी सब ठीक है काजल, लेकिन तू है सलवार कमीज पहन के नही आनेवाली हमारे साथ! कुछ शॉपिंग करते है। चले शाम को?” फिर शाम को हम दोनों का बाहर जाने का प्लान हुआ। मुझे कभी कभी रोहन पर बहुत प्यार आता था मगर मैं नही जानती थी कि वो मुझे पसंद करता है या नहीं। और वैसे भी इन सब चक्करों में मैं पड़ना नही चाहती थी। लेकिन सच तो ये था कि अक्सर रात को में उसी के बारे में सोचा करती थी। उससे करीब होने के ख्याल से अक्सर मेरी चुत गीली हो जाया करती थी।

शाम को हम रोहन की स्कूटी पर शॉपिंग के लिए निकले। रोहन का हमेशा ही मेरे साथ अच्छा बर्ताव रहा है। वो मुझे मॉल में लेके गया। हमने आधे घंटे घूम घाम के दो-तीन टॉप और जीन्स निकाली और ट्रायल रूम की ओर गए। वहां मैंने एक एक टॉप चेंज करके रोहन को दिखाया। हमे कुछ भी पसंद नही आ रहा था। फिर वो खुद जाके एक टॉप लेकर आया और मुझे ट्राय करने को दिया। मैंने अंदर जाकर अपनी ब्रा के ऊपर वो टॉप पहना। लेकिन उस टॉप के पीछे जो ज़िप थी वो में लगा नही पा रही थी।

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बहुत कोशिश के बाद फिर मैंने रोहन को अंदर बुला लिया। वो थोड़ा झिझकता हुआ आया। मैंने उसकी ओर पीठ की और अपने बाल वहासे हटाए। नजाने वो कहा खो गया था। वो बस मुझे शीशे में देखने लगा। औऱ अचानक उसने मेरी बाजुओं को पकड़ा और मेरी पीठ पर चूमा। मैं चौंक गयी और पलट के उसे एक थप्पड़ मारा। फिर वो बाहर गया और ‘सॉरी’ कहने लगा। मैंने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने वापीस अपने पहलेवाले कपड़े पहन लिए। उसने मुझे मेरे होस्टल पर ड्राप किया। हमने सारे रास्ते में बिल्कुल बात नही कि। मुझे उसपर बहुत गुस्सा आ रहा था।

लेकिन रात को जब मैंने सोचा तब मुझे थोड़ा बुरा लगा। हो सकता है वो बस उस हालात में फिसल गया हो। या हो सकता है वो मुझे पसंद करता है। मैने उसे मारना नही चाहिए था। मगर पता नही तब मुझे क्या हो गया था। मुझे उस रात नींद भी नही आयी। बार बार मुझे उसका लबों का मेरी पीठ पर हुआ स्पर्श याद आ रहा था। मेरे पूरे बदन पर रोंगटे खड़े हो रहे थे। मैन अपने कमरे का दरवाजा बंद किया और आपनी चुत और चुचियों को खूब सेहलाया। मेरी चुचियाँ बड़ी थी, एक हाथ मे एक चूची मुश्किल से समाती। शायद मेरी खुली पीठ और मेरी ब्रा देख कर रोहन हवसी हो गया होगा।

मैं रोहन का खयाल दिमाग से निकाल ही नही पा रही थी। मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। अपनी चुचियाँ को निहारा। अगर रोहन भी मुझे चाहता है तो हर्ज ही क्या है अगर उसने मुझे चूमा। उसने जबरदस्ती तो नही की थी मेरे साथ। मगर अब शायद वो मुझसे बात भी नही करेगा। इस खयाल से मुझे बहुत दुख हो रहा था। और पहली बार मुझे ये इच्छा हुई कि काश रोहन मेरे करीब आये और मेरी चुत की प्यास बुझाये। लेकिन आज जो हुआ उसके बाद ये मुश्किल लग रहा था। मैंने रोहन को मनाने की ठान ली।

अगले दिन मैंने अपनी होस्टल की एक दोस्त से मदद मांगी। उससे मैंने एक अछी सी ड्रेस अपने लिए ली। इतनी सेक्सी ड्रेस मैंने आज तक कभी पहनी नही थी। आज शाम को ही नाईट क्लब जाने का प्लान था। मेरी दोस्त ने ही मुझे तैयार किया था। वो ड्रेस मेरे घुटनों के ऊपर ही खत्म हो रहा था और उसकी पीठ भी पूरी खुली थी। उस दोस्त ने बोला की “काजल आज तू बहुत हॉट लग रही है। एक दो लड़के तो यूँ पटा लेगी”। और मैने मन में सोचा ‘एक दो लड़के नही, बस रोहन सेट हो जाए’।

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शाम को मैं रिक्शा से नाईट क्लब पहुंची। सारे के सारे दोस्त मुझे देख कर शॉक हो गए थे। एक सहेली ने कहा “मुझे पता था आज सब अच्छे से तैयार हो कर आनेवाले थे। पर काजल से बिल्कुल उम्मीद नही थी मुझे। लेकिन सबसे अच्छी तो वही दिखरी आज”। और तभी समर्थ ने भी कहा “सच्ची यार काजल। बहुत सेक्सी लग रही आज।” मुझे ऐसी तारीफे सुनने की आदत नही थी। तभी मेरा ध्यान रोहन कि ओर गया। उसने अच्छासा काला शर्ट पहना था और काफी हैंडसम लग रहा था। मगर जैसा मैंने सोचा था वैसा ही हुआ…वो मुझसे नजरे तक नही मिला रहा था। मेरी तो आँखों में पानी ही आ गया।

क्लब में हम सब एक टेबल पर बैठे। थोड़ा कुछ खा लिया और फ़ोटो भी खिचवा लिए। अब बाकी सब डांस फ्लोर की ओर गए और वही शायद ड्रिंक्स वगेरा भी पीने वाले थे। जैसे रोहन ने कहा था कि वो मेरे साथ रुकेगा और पियेगा नही, वैसा ही उसने किया। अब सिर्फ हम दोनों ही बैठे हुए थे। लेकिन अभी तक उसने बात नही की थी। मैंने उससे बात करने की कोशिश भी की लेकिन वो बस अपने फ़ोन में ही देख रहा था। मै अब और सह नही सकती थी। मुझे दर्द भी हो रहा था और मेरी चुत भी नजाने क्यूँ गलत वक्त पर मचलने लगी थी।

मैं अपनी जगह से उठी और उसके पास जाकर खड़ी हुयी। मैंने कहा ‘गलती हो गयी यार रोहन’। उसने फिर भी ऊपर नही देखा। बाकी सब नाचने में व्यस्त थे। मेने रोहन का हाथ पकड़ा और उसके खींच कर बेसिन की ओर लेके गयीं। उधर ज्यादा लोग नही थे। मैंने उसे होठों पर किस कर लिया। तो उसने रोका और बोला “गलती मेरी ही थी। तुम ही मुझे माफ़ करदो, तभी मैं तुमसे नजरे मिला पाऊंगा। तुम्हे ये करने की जरूरत नही है काजल।” तो मैने कहा “जरूरत कैसे नही है। मैं प्यार करती हूँ तुमसे!” तो उसने एकदम से मुझे गले लगा लिया और मुझे चुम लिया।

अब हम पूरी शिद्दत से एक दूसरे को चूम रहे थे। तभी उसने उसकी जीभ मेरे मुह के अंदर डाली। मैं भी उसकी जीभ चुसने लगी। मैंने फिर अपनी नंगी पीठ उसकी ओर की और अपने बाल वहासे हटाए। सामने बेसिन के शीशे में मुझे देख कर वो हल्का सा मुस्काया। मेरी बाजुओं को पकड़ कर मेरी पीठ को चूमने लगा। मेरे फिर रोंगटे खड़े हो गए और मेरी चुत और भी मचलने लगी। तभी उसने अंदर हाथ डालकर मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया और खींच कर ब्रा बाहर निकाली। वहा कुछ लोग थे तो मुझे बहोत ज्यादा शर्म आ रही थी।

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मैं उसको लेकर एक बाथरूम में घुस गयी। उसने ब्रा वहा स्टूल पर फैंकी और मुझे अपनी बाहों में ले लिया। उसने पीछे से हाथ अंदर डाला और मेरी चुचियों को अपने हाथ से दबाया। हम दोनों ही अब जोश में आ गए थे और हमे रोकने वाला भी कोई नही था। उसने मेरा ड्रेस आधा कमर तक सरकाया और मेरी नंगी चुचियों को देखने लगा। उसने कहा ‘काजल, तुम बेहद खूबसूरत हो…” मैंने उसके हाथ को अपने हाथ से मेरी चुचियों पर रखा। उसन मेरी पीठ को दीवार से लगाया और मेरी चुचियों को चूमने लगा। मुझे मजा आने लगा था। मेरा बदन इतना मचल रहा था कि मैने खड़े खड़े नाखून से दीवार को नोच डाला था।

हम दोनों ही अब जानते थे कि हम क्या करना चाहते है। वो अपनी शर्ट के बटन खोलने लगा और मैं उसकी पैंट के बटन खिलने लगी। उसने अब सिर्फ अंडरपैंट ही पहनी। अब बचे हुए कपड़े उतारने की बारी मेरी थी लेकिन मुझे जरा जरा शर्म आ रही थी। मेरी चुचियाँ पहले ही नंगी हो चुकी थी। तो मैने हौले से कमर हिला कर अपनी ड्रेस उतार दी। रोहन इतनी बेशर्मी से मुझे देख रहा था कि उसकी नजरे मुझे तीर की तरह चुभो रही थी। उसने खुद आगे बढ़ कर अपने दोनों हाथों से मेरी पैंटी नीचे की और निकाल ली। मेरे नंगे बदन को वो निहार रहा था और अपनी उँगलियों से छेड़ रहा था।

उसकी एक उंगली मेरी गर्दन से शुरू हो कर, फिर चुचियों पर घूम कर नीचे की ओर गयी और मेरी चुत पर जाके रुकी। मेरी चुत को गीली पा कर हो मुस्काया और उसकी आँखे चमकने लगी। उसका स्पर्श मेरी चुत को और भी बेचैन बना रहा था। मैं नीचे स्टूल पर बैठ गयी और अपनी टांगे खोल कर मेरी चुत को उसके हवाले कर दिया। वो तुरंत नीचे बैठा और मेरी चुत को अपनी उंगलियों से सेहलाने लगा। फिर वो नीचे मेरी चुत की ओर झुका। मेरी धड़कने तेज हो रही थी। वो मेरी चुत को चाटने लगा। कुछ ही पलों में मुझे चरम सुख मिला और में खुशी के मारे आहे भरने लगी…

ओहह…ओहहह…ओहहहहहहहहहहहह…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह……

रोहन!!!…

उममहहहहहहहहहहहहहहहहह….सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहःहहहहहहहहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह….. चाटो मेरी चुत।… आआआहहहहहहह और जोर से..जोर से ओह मेरे हीरो आआआहहहहहहह..

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह……

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फिर वो रुका और अंडरपैंट से उसका लंड बाहर निकालकर मेरे हाथ मैं दे दिया। उसका बड़ा लंड देख कर मैं और भी चुदासी हो गयी थी। उसका बड़ा लंड जब मेरी चुत के अंदर घुसेगा तब कितना आनंद हो गा ये मैं सोच पा रही थी। मैं बिना देर किया उसका लंड सेहलाने लगी और पूरा लंड अपने मुह में डाल लिया। अब वो धीमी धीमी आहे भरने लगा

“आहहह…आहहह..आहहहहहहहहहहहह….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उममहहहहहहहहहहहहहहहहह….”

अब मेरी चुत उसके लंड का और इन्तेजार नही कर पा रही थी। मैंने उसका लंड मुह से निकाला और अपनी चुत पर घिसने लग गयी। रोहन समझ गया। उसने एक ही दम में उसका लंड मेरी चुत के अंदर डाल दिया…

उमह…उमहह…उमहहहहहहहहहहहहहह….

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उमह…उमहह…उमहहहहहहहहहहहह… आहहहहहहहहहहहहहहहहह…ओहहहहहहह हहहहहहह…… आह हहहहहहहहहहहहह…..चोदो…. चोदो मेरी चुत रोहन… आआआहहहहहहह और जोर से..जोर से ओह… आआआहहहहहहह..

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह… तबाही मचा दो आज मेरी चुत में…

सससीईईईईईईसससीईईईईईई….. आहहहहहहहहहहहहहहहहह……

ओहहहहहहहहहहहहहहहहह…. उमहह…आहहहहहहहहहहहहहह…

इस तरह उसने मुझे अगले एक घंटे तक चोदा। हम दोनों ही बहुत खुश थे लेकिन क्लब में होने के कारण हमें एक दूसरे को ज्यादा वक्त नही दे सके। बादमे हमारे दोस्तों ने भी हमारी चोरी पकड़ ली थी। अब उन सभी को हम दोनों के बारे में पता है। हम दोनों जैसी सेक्सी जोड़ी पूरे कॉलेज में नही है। और हमारी सेक्स लाइफ भी एकदम मस्त है, क्युकी हम एक भी मौका नही छोड़ते है मजे करने का।

तो एक थी दोस्तों मेरी नाईट क्लब मे सेक्स की कहानी। अगर ये कहानी पढ़ कर आपको मजा आया तो लाइक और कमेंट जरूर करे।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “थिएटर में हवस”

धन्यवाद।

नमस्कार।।

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