माँ बेटी चुद गई बेटी की बॉयफ्रेंड से। भाग-1

दरअसल मेरे डैड का देहांत 4 साल पहले ब्रेनस्ट्रोक से हो गया था। और तब से मेरी मॉम बहुत दुःखी रहती थी। जब मेरे डैड हमें छोड़कर गए तब मेरी मॉम की उम्र 40 साल थी और मैं 19 की थी। मेरा कोई भाई-बहन नहीं है। अचानक से हमारे ऊपर दुःखो का पहाड़ टूट पड़ा था। हम दोनों माँ-बेटी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। क्या करें कैसे जीवन व्यतीत करें। पैसे तो हमारे पास बहुत थे लेकिन पैसों से सबकुछ नही होता ना। डैड की कमी हम दोनों माँ-बेटी को खल रही थी। हालांकि मेरा बॉयफ्रेंड था, जिसका नाम निखिल है। लेकिन वो भी मात्र 21 साल का था। घर गृहस्थी की जिम्मेवारी तो उसे बिल्कुल नहीं पता थी। जैसे तैसे जीवन कटने लगी। चुकी हमारे पास पैसे थे। क्योंकि डैड का बड़ा बिजनेस था। इसलिए हमारी जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। आखिर कब तक डैड को याद करके खुद को कष्ट देते।

 

तो जानिए कैसे माँ और बेटी दोनों चुद गई बेटी के बॉयफ्रेंड से

 

हेलो दोस्तों मैं हूँ नैना मैं अब 23 की हूँ। दूधिया लाली लिए गोरा बदन केले के तने की तरह मोटी चिकनी मखमली जांघे। 32 के बूब्स, 26 इंच की पतली कमर और उसके बीच गहरी गोल नाभि, गांड का तो पूछो मत 36 की करारेदार गांड। 5 फुट 4 इंच हाइट। काले बाल, सुराहीदार गर्दन। जब मैं रोड पर निकलती हूँ तो लगता है जैसे स्वर्ग से कोई अप्सरा जमीं पर उतर आई है। मेरे चौड़े कूल्हे और भरी हुई कड़क गांड को बलखाते जो देख लेता है। उसकी लंड बिना छुवे ही पानी उगल देता है।

 

मेरे बॉयफ्रेंड के दोस्त मुझे देखकर आहें भरते हैं। हमेशा निखिल को कहते हैं तू दुनिया का सबसे खुशनसीब इंसान है जो इस धरती पर एक अकेला इतनी खूबसूरत हॉट सेक्सी लड़की को चोदने का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।

 

पहले बेटी चुदी

 

तो जैसा कि मैंने बताया मेरे डैड जब हमें छोड़कर गए मैं मात्र 19 साल की थी। मैं निखिल से बहुत प्यार करती थी। हम अक्सर मेरे घर पर ही मिलते थे। क्योंकि सुबह 9 बजे से रात के 10 बजे तक मॉम डैड ऑफिस में रहते थे। हम पिछले 1 साल से एक दूसरे से प्यार करते थे। और पिछले 6 महीने से हम लगभग रोज चुदाई का खेल खेलते थे। लेकिन मेरे और निखिल के बारे में मॉम डैड को नहीं पता था। जब डैड चले गए तो मॉम के ऊपर बिजनेस की पूरी जिम्मेदारी आ गई। अब वो सुबह 7 बजे घर से निकल जाती और रात को 10, 11 बजे आती।

 

इस दौरान मैं और निखिल जम के चुदाई करते। जबसे मेरी चुत की निखिल के लंड से पिटाई होने लगी तब से मैं और खिल गई थी। मेरी चुचियाँ बड़ी बड़ी हो गई। मेरे कूल्हे और चौड़े हो गए। चेहरे पर ग्लो बढ़ गया मैं अब और भी खूबसूरत हो गई थी। धीरे धीरे ये बात मॉम को पता चल गई कि मेरा कोई बॉयफ्रेंड है।

तो एक दिन हम डिनर कर रहे थे। तो मॉम ने मुझसे पूछ लिया कि बेटा निखिल कौन है कि तुम उससे प्यार करती हो तो मैंने भी उसके बारे में बता दिया। और ये भी बताया कि वो अक्सर यहाँ आता है और हम साथ में समय बिताते हैं।

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तो मॉम बोली कि कोई बात नही प्यार करना कोई गुनाह नही है। लेकिन बेटा तुम्हे पता है तुम्हारे पिताजी के जाने के बाद मेरे ऊपर बिजनेस का बहुत बोझ बढ़ गया है। मैं चाहती हूँ कि तूम अच्छे स्कोर के साथ अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट करो। और धीरे धीरे बिजनेस को जानो। ताकि आगे चलके तुम पुरी जिम्मेदारी से बिजनेस को संभाल सको।

 

फिर मॉम बोली कि निखिल को कभी डिनर पर बुलाओ मैं भी मिलना चाहूंगी। क्योंकि मैं नहीं चाहती कि जवानी के आकर्षण में तुम दोनों अपनी करियर बर्बाद करो। मैंने भी कहा कि ठीक है मॉम मैं कल ही बुलाती हूँ। तो मॉम बोली कि नहीं ऐसे तो मुझे आने में रोज ही देर हो जाती है, तुम संडे को उसे बुला लो। मैंने कहा ठीक है। फिर रात को मैं निखिल को कॉल की और सारी बातें बताया पहले तो वो डर गया लेकिन फिर मैंने समझाया कि मॉम अच्छी हैं बस तुमसे मिलना चाहती हैं।

 

मेरी चुत पूरी चुदासी हो गई थी:

 

मुझसे तो इंतजार नहीं हो रहा था मैं सन्डे का वेट कर रही थी। ये सोच सोच के मेरी चुत पूरी तरह से चुदासी होए जा रही थी। मैं पूरी रात निखिल से बात की और फ़ोन पे ही सेक्स (फोन सेक्स) की। मुझे अच्छे से याद है। हमने 3 बार फ़ोन सेक्स किए थे। जितनी मुझे निखिल के लंड से चुदने में मजा आता था उससे ज्यादा मजा मुझे उस दिन उंगली से चुदने में आया था। शायद वो संडे का एक्साइटमेंट के कारण था। और दूसरी बात मैं उस दिन काफी देर तक अपने चुत को मसली थीचुत के दाने से लेकर G-स्पॉट तक। मेरी उंगलियां मेरी चुत को मसलकर धज्जियाँ उड़ा डाली थी।

 

 

चुत की आग:

 

सुबह के 5 बजे मुझे नींद आ गयी। और मेरी जब नींद खुली तो 10 बज चुके थे। मॉम आफिस जा चुकी थी। लेकिन उन्होंने मुझे सोता देखकर जगाया नहीं। मेरे बदन में अकड़न थी। शायद मुझे कुछ चाहिए था। मैंने निखिल को कॉल किया और बोला कि घर आ जाओ। तो उस हरामी ने बोला कि मेरे पास बाइक नहीं है मेरा भाई लेकर चला गया है। मेरा तो मूड ही कचरा हो गया। एक तो चुत की आग ऊपर से निखिल पर गुस्से ने मेरे अंदर की गर्मी और बढ़ा दी थी।

 

शॉवर की बूंद मेरे चुत के आग को और बढ़ा दी।:

 

फिर मैंने भी कहा कि टैक्सी ले लो और आ जाओ। उसने कहा ठीक है मैं आ रहा हूँ। मैंने कॉल कट किया। लेकिन मेरे दिमाग का बैंड तो बज ही चुका था। लेकिन मैं दिन खराब नहीं करना चाहती थी। सो मैं सबसे पहले बाथरूम गयी शॉवर के नीचे खड़ी हो गयी और जम के नहाई। निखिल के आने तक मैं खुद को रिलैक्स करना चाहती थी। लेकिन शॉवर की बूंदे मेरे चुत के आग को और बढ़ा दी थी। फिर अचानक मुझे कुछ अजीब सा एहसास हुआ। मैं कांप गयी।

 

पूरा ब्रह्मांड की चुदाई का सुखद एहसास:

 

दरअसल हुआ ये था कि जैसे मैं मुड़ना चाही शॉवर से गिर रही तेज पानी की बूंदे सीधा मेरे चुत के दाने पर पड़ी। oh my god  मैं क्या बताऊँ ये एहसास मुझे कभी नहीं मिला था। फिर मैं एक पैर उठा के दीवार पर रखी और थोड़ा पीछे की तरफ झुकी और शावर के पानी को चुत पर गिरने दी। क्या बताऊँ दोस्तों इतना मजा मुझे कभी नही आया था। लेकिन पीछे झुकने और पैर दीवार पर रखने के कारण मुझे पीठ में दर्द का एहसास हुआ। फिर मैं सीधा हो गई। लेकिन इस बिना चुदाई के सुखद एहसास ने मेरे दिमाग मे हलचल मचा दी थी। अब मेरी चुत बहुत तड़प रही थी। फिर मैंने टब हटाया और नल के नीचे बैठ गई। और फुल प्रेशर में नल को खोल दिया। मैं व्यान नही कर सकती कि नल की पानी की तेज धार मेरे चुत के दाने पर पड़ रहे थे ऐसा लगा मानो पूरा ब्रह्मांड की चुदाई की सुखद एहसास मुझे मिल रहा है।

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मैं आंखे बंद करके पैर फैलाए पड़ी रही। फिर मैं वहीं फर्श पर लेट गई और दोनों पैरों को ऊपर दीवार पर रख दिया। अब और अच्छे से पानी का धार मेरे चुत पर गिर रही थी। करीब 10 मिनट बाद ऐसा लगा जैसे मेरे अंदर से कुछ निकलने वाला है। अब मेरे कमर हिलने लगे और अचानक से मेरी कमर ऊँचा हुआ और एक जगह अकड़ गयानल का पानी का धार और पूरी तरह से मेरे चुत के दाने पर तेजी से गिर रहा था फिर मेरे चुत से पानी निकलना शूरू हुआ। क्या बताऊँ। अब तक चुदाई से भी इतनी पानी नहीं निकली थी मेरी चुत से। फिर मैं शांत हो के वैसे ही फर्श पर लेटी रही। और मुझे नींद आ गई। फिर जब कॉलबेल बजी तब मेरी अचानक नींद खुली मैं हड़बड़ाकर उठी और तौलिया हाथ मे लिए गीले बदन ही बाहर निकली। डाइनिंग रूम में जाकर मॉनिटर पर देखा तो दरवाजे पर निखिल खड़ा था।।

 

 

अब मैं निखिल को सरप्राइज देना चाहती थी।

 

तो दोस्तों आज की चुदाई की खेल पढ़िए अगले भाग में। कैसे मैंने निखिल को सरप्राइज दिया। और कैसे निखिल ने उस दिन मेरे चुत का रसधार प्रेशर से निकाला। और फिर मेरी मॉम और मैं एकसाथ निखिल से चुद गए।

 

तो मिलते हैं अगले भाग में। माँ बेटी चुद गई बेटी के बॉयफ्रेंड से।  भाग-2 । ….

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