चुदकड़ बहुरानी

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रमिला भाभी ने बिगाड़ा अपनी भोली सास को, चुसवाकर बढ़ा सा लंड

“ये केसी अजीब सी आवाज़े आ रही है रवि के कमरे से, जा कर देखना पड़ेगा, रमिला बहु को चोट तो नहीं लग गई। ” मानसी जी अपने बेटे रवि के कमरे की तरफ बढ़ने लगी , रवि के कमरे से “उफ़, आ आ…” रमिला के कराने की आवाज़ आ रही थी।

कमरे का दरवाजा बंद था , लेकिन दरवाजा खटखटाने से पहले मानसी जी ने चाबी के छेद से देखने की सोची की अंदर क्या चल रहा था। उनकी नज़रो ने ज़बरदस्त चुदाई का नज़ारा देखा , बहु रमिला और बेटा रवि sex कर रहे थे , लेकिन इस तरीके का चोदना तो मानसी जी ने पहले कभी नहीं देखा था। रवि के दोनों हाथ पलंग के खुटे से बन्दे थे और बहु रमिला रवि के ऊपर बैठ कर उससे चुदाई के मज़े दे रही थी। रवि का मुँह तो बंद था क्युकी रमिला की panty रवि के मुँह में ठुसी हुई थी।

रमिला का जिस्म कसा हुआ था , नाज़ुक सी पतली कमर लेकिन उसकी चूचिया बड़ी थी और गांड गोल मटोल। रोमिला के निप्पल भी काफी लम्बे थे भूरे रंग के किशमिश की तरह। उसने अपने जिस्म और रूप का काफी अच्छा ख्याल रखा था , चुत के बालो को वह हर हफ्ते निकालती थी। रमिला के काले बाल भी जो उसकी गांड तक के लम्बे थे , उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाते थे। सबसे खास बात तो ये थी की , रमिला अपनी चुत की मालिश जैतून के तेल से करती थी, जिस्सकी वजा से उसकी चुत मस्त गोरी और गुलाबी थी। रमिला की चुत की चटाई का आनंद उसका पति रवि बहुत मज़े से करता था और वह उसका आदि भी था।

रमिला को चोदने के सपने तो घर में आनेवाले हर मर्द देखते थे। धोबी , दूधवाला , सब्ज़ीवाला , उसकी कशिश ही ऐसी थी जो हर मर्द में हवस की आग जगा दे।

रमिला और रवि की ऐसी चुदाई का नज़ारा देख, मानसी जी तो गुस्से से तिलमिला उठी और उन्होंने ज़ोर से दरवाजे को खटखटाया , उन्होंने अपने बेटे को आवाज़ लगाई , “रवि ज़रा दरवाजा खोल , मेरी तबीयत ठीक नहीं लग रही। ”

अपनी सास की आवाज़ सुनकर रमिला जल्दी से रवि के ऊपर से उठी और अपने नंगे शरीर को ढाका। रवि को बेकार लग रहा था की इतनी अच्छी चुदाई रुक गई थी। रमिला ने जल्दी से रवि के हाथ खोले और अपनी panty को रवि के मुँह से निकाला, रवि जल्दी से अपनी shorts और t-shirt पहनकर बहार गया और अपनी माँ की देख भाल में लग गया। रमिली भी जल्दी से अपने कपडे पहनकर आई और मानसी जी की सेवा में लग गई ।

रवि का office जाने का समय होगया था इसीलिए वह तैयार होकर निकल गया और रमिला खाना बनाने की तयारी में लग गई। मानसी जी kitchen में आई और उन्होंने रमिला से पूछा , “बहु आज कमरे में क्या हो रहा था तुम्हारे और रवि के बीच , मुझे अपनी गोद में एक पोता चाहिए लेकिन अगर तुम इस तरीके से चुड़वाओगी अपने आप को तो पोता बस मेरा सपना बन कर रह जायेगा। ऐसी अश्लील और घिनौनी हरकते ना किया करो चुदाई में और एक सभ्य नारी की तरह रवि ने नीचे अपने अपनी चुत मरवाओ। ”

रमिला इस बात से हैरान थी की मानसी जी उसे और रवि को sex करते हुऐ देखती थी। उस वक़्त तो रमिला ने कुछ नहीं कहा मानसी जी को लेकिन उसने अपने मन में ठान लिया था की वह मानसी जी को इस हरकत के लिए सबक ज़रूर सिखाएगी।

दोपहर का वक़्त था और मानसी जी अपना खाना का कर कमरे में आराम कर रही थी , तभी रमिला उनके कमरे में आई सुर उनसे कहा , “सासुमा लगता है की आपकी जवानी अब तक ढली नहीं है और इस बात का होना जायज़ भी है क्युकी बाबूजी तो जवानी में ही चल बेस थे। आप शर्मिंदा मत होना लेकिन इस मामले में मैं आपकी मदत कर सकती हु। ”

हैरान और परेशां मानसी जी ने रमिला को कहा , “बहु ये केसी अश्लील बाते कर रही हो तुम , होश में तो हो ?”

“मैं पुरे होशो – हवाज़ में ही आपसे कह रही हु की शर्माने की कोई बात नहीं है। आप अपनी इछाओ को अंदर दबाकर मत रखिए, इससे आप ही का नुकसान होगा। ”

“तू पागल होगी है बहु , रुक अभी तेरी शिकायत करती हु रवि से। ” गुस्से से मानसी जी ने रमिला से कहा

इससे पहले मानसी जी अपने mobile के पास पहुचती , रमिला ने पडोसी चिंटू को आवाज़ दी और कमरे में आने के लिए कहा , दुबक कर नंगा चिंटू जो १२ class में था मानसी जी के सामने आकर खड़ा हो गया। चिंटू का लंड खड़ा हुआ था और ऐसा लंड मानसी जी ने अपने जीवन में पहली बार देखा था। मानसी जी अपनी आखे बंद करने लगी और रमिला से कहती रही , “बहु तू क्या पागल हो गई है , ये क्या हरकत है। ”

“ये बहुत ही बढ़िया हरकत है सासु माँ। ” कमरे का दरवाजा बंद करके रमिला वहा से चली गई।

एक १८ वर्ष का जवान लोंदा मानसी जी के सामने नंगा, खड़ा लंड लेकर हाज़िर था। मानसी जी आखे बंद कर चिंटू से कह रही थी , “चुप चाप यहाँ से चला जा चिंटू वार्ना में तेरे पापा से तेरी शिकायत कर दूंगी। ” “चाची सबसे पहले तो आप ज़रा relax हो लो और नज़ारे का आंनद लो। ” चिंटू मानसी जी तरफ चलता हुआ गया और उनका एक हाथ लेकर उसने अपने लंड पर रख दिया। लंड को छूटे ही मानसी जी के जिस्म में जैसे बिजली सी दौड़ गई , उनका बोलना कम होता चला गया और चिंटू उनके हातो से अपने लंड को सहलाने लगा। अब तो मानसी जी ने अपनी आखे भी खोल दी , चिंटू ने उन्हें अपनी बाहो में कस कर पकड़ लिया और उनके होठो को चूमने लगा। मानसी जी पर मानो जैसे कोई जादू ही चल गया था। होतो से होतो का मिलना अब और चिंटू मानसी जी को french kiss कर रहा था।

उसने मानसी जी की साड़ी खोलना शुरू कर दिया। चूमा चाटी ज़बरदस्त तरीके से चल रही थी , दोनों एक दूसरे की ज़बान को चाट रहे थे और चूस भी रहे थे। ब्लाउज़ में से मानसी जी के स्तन कमाल के लग रहे थे , बढ़े बढ़े , गोर दूध के tanker को देख कर चिंटू बहुत ही horny होगया और उसने मानसी जी का ब्लाउज ही फाड़ दिया। अब उनके स्तन पूरी तरह से दिख रहे थे , इस उम्र में भी मानसी जी की चूचिया ज़यादा नहीं लटक रही थी और दोनों निप्पल काफी सख्त हो चुके थे। चिंटू नज़ारा देख कर उन पर टूट पड़ा और ज़ोर ज़ोर से निप्पल को चूसने लगा। मानसी जी कराने लगी थी , “आ आ आ… ज़रा आरामसे से चुसो चिंटू। ”

“ऐसे कमाल की दूध की थैली मैं आराम से कैसे चुसू चाची। ”

चिंटू ने तो मानो जैसे उनके सोये शरीर में जान सी डाल दी थी। बिस्तर पर मानसी जी को लेटाकर कर चिंटू ने उनकी साड़ी ऊपर करदी और उनकी panty भी हटा दी , मानसी जी की चुत से पानी बह रहा था और उन्हें चुदाई का नशा सा हो रखा था।

मानसी जी की चुत देख चिंटू की जीब लपलपाई और उसने कहा , “५५ की उम्र में भी काफी जवान छूट लेकर बैठी हो चाची। ”

फिर चिंटू झंगो को चूमते हुए चुत की तरफ बढ़ा और चुत को चूमने लगा , वह चुत की गर्माहट और गहराई नापने के लिए अपनी ऊँगली भी चुत में दाल रहा था , जिसकी वजा से मानसी जी को इस चुदाई का पूरा आनंद मिल रहा था , उन्होंने चादर को कास कर पकड़ लिया था और ज़ोर ज़ोर से करराह रही थी , “उफ़ चिंटू , क्या कर रहे हो तुम , बहुत ज़यादा माज़ा आ रहा है बेटा। ”

चिंटू , “चाची क्या मेरा लंड चुसोगी ?”

मानसी जी , “हाँ ”

फिर चिंटू ने अपनी कमर को मानसी जी की तरफ कर दिया और वह दोनों ६९ वाली position में एक दूसरे की चुसाई करने लगे। चाची ने अपने पुरे जीवन में अब तक ऐसी चुदाई का आनंद कभी नहीं लिया था। sex की मदहोशी में वह सब कुछ भूल गई और तभी कमरे में उनकी बहु रमिला भी आगई।

“क्यों सासु माँ , लगता है आज तो अपने अपनी बरसो की तमना को पूरा कर लिया है ?”

मानसी जी ने रमिला की तरफ देखा और कहा , “ओह बहु , मुझे तो पता ही नहीं था की चुदाई में इतना ज़यादा आंनद आता है। ”

“हम्म , चलो अब थोड़ा आंनद तो हम भी लेंगे ना। ”

लंड की चुसाई रोक कर मानसी जी ने अपनी बहु से कहा , “ये क्या बोल रही हो तुम ? मेरे बेटे रवि के साथ इस तरह की बेवफाई करोगी ?”

“अरी मेरी भोली सासु माँ , बेवफाई तो में कही बार कर चुकी हु , आपको क्या लगता है , आपका बेटा जो अपनी secretary शिफा को office  में चोदता है उसके बारे में मुझे नहीं पता?”

“लेकिन बहू ?”

“चुप बिलकुल। चलो अब लंड मुझे भी चूसने दो। चिंटू इदर आओ। ”

रमिला भाभी अपनी साड़ी को खोल कर बिस्तर पर चली गई और चिंटू के लंड को सहलाने लगी। मानसी जी को चिंटू होटो पर चुम रहा था। रमिला की चूचिया तनी हुई थी और निप्पल भी सम्भोग की चाहत में कस गए थे। रमिला ने चिंटू से कहा , “चल अब लंड को मेरी चुत में दाल और मेरी सास की चुत में ऊँगली कर। ”

“जी भाभी ” कह कर चिंटू अपने काम में लग गया और रमिला भाभी की चुत में अपना लंड डाला। “हाय , उम् उम् आ आ  , चोद मुझे अच्छे से चिंटू अपने बड़े से लंड से। ”

मानसी जी भी चिंटू की जादूई उंगलियों का भरपूर आनंद उठा रही थी। कुछ वक़्त की चुदाई के बाद रमिला ने चिंटू से कहा , “अब तू लेट जा और मेरी सास को तेरे ऊपर आने दे। ”

मानसी जी ने रमिला से पूछा , “लेकिन मुझे ऐसे ऊपर बैठ कर चोदना नहीं आता बहु। ”

“आप फ़िक्र मत करो , में आपको पीछे से support करुँगी , अब बस इस लम्बे लंड की चढाई करलो। ”

मानसी जी अपनी टंगे फैलाकर चिंटू के लंड पर चढ़ गई और रमिला ने उन्हें सहारा दिया। फिर ऊपर नीचे होते हुऐ मानसी जी चिंटू के लंड का माज़ा लेने लगी। कुछ ही पलो में रमिला भी चिंटू के चहरे पर जाकर झुक गई और अपनी चुत को चटवाने लगी। क्या चुदाई का माहौल था , सास – बहु और १८ साल का जवान लोंदा चिंटू , ज़बरदस्त ताबड़तोड़ चुदाई।

शाम होने पर थी और चिंटू दो दो बार झड़ चूका था , तब रमिला ने उससे घर जाने को कहा , “चल अब तू जा और कल ११ बजे तक आजाना। ”

चिंटू , “भाभी कल तो नहीं आ पाउँगा में , कल मेरी girlfriend के घर जाना है मुझे। ”

“अच्छा तो क्या उसकी चुत ज़ायदा माज़ा देती है तुजे?”

“अरे कहा भाभी , आपकी चुत जैसा माज़ा किसी और चुत में कहा। ” मुस्कुराते हुऐ चिंटू ने कहा।

“चल चल अब ज़यादा बाते मत बना और जब time मिले तो message कर देना मुझे। ”

चिंटू चला गया और मानसी जी ने हैरान होकर अपनी बहु से बात की , “कब से कर रही हो ये इस चिंटू के साथ ?”

“अरे सासु माँ , में बस चिंटू के साथ ही नहीं आस पास के और भी खूबसूरत मर्दो के साथ सोती हु। ”

“क्या ?”

“हाँ , आज कल तो ये आम बात है , sex की भूक एक बार जिसको लग जाये तो फिर एक लंड कभी तृप्त नहीं कर सकता चुत को। ”

“करमजली मेरे बेटे के तो भाग ही फुट गए। ”

“सासुमा अब ये drama बंद कीजिये आप और मेरा साथ निभाइये , ज़बरदस्त चुदाई का माज़ा तो आप भी चक चुकी है आज , तो तड़प तो कल भी लगेगी आपको। ”

मानसी जी के पास कोई जवाब नहीं था।

“आपका बेटा भी कोई संत महात्मा नहीं है , वह भी हर जगह मुँह मरता फिरता है। आप मेरा साथ दो , बढ़िया बढ़िया लंडो से चुदवाउंगी आपको। ”

मानसी जी अपने मन में सोचने लगी, “शायद बहु सही कह रही है , मुझे तो सम्भोग का सुख कभी मिला नहीं और सम्भोग तो बस बच्चे जनने के लिए होना चाहिए , यही सुना था मेने। ”

“क्या सोच रही हो सासु माँ , बजाओ मेरी partner in crime। ”  बस फिर और क्या था उस वक़्त तो मानसी जी ने कोई जवाब नहीं दिया , लेकिन रोज़ सास और बहु आसपास के लोंडो का लंड मापने लगे।

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मेरी अगली कहानी का शीर्षक है “ज़बरदस्त चुदाई in बादशाहपुर”

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धन्यवाद।

आपसब अपना ख्याल रखिएगा। और अपना प्यार इसी तरह बनाए रखिएगा।

नमस्कार।

The End

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