एक चुदकड़ हसीना

नज्म आपा – एक चुदकड़ हसीना

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तूफानी बारिश में सड़क पर खड़ी एक सफ़ेद गाड़ी , ही रही थी। शफीक , “नज्म आपा , रफ़ी भाई को पता नहीं चलेगा ना ?”

नज्म , “आह आह… , तू कुछ और मत सोच बस मेरी चुत मार। तेरे बड़े लंड की चाहत कबसे थी मुझे , आज वो आग इस बारिश की वजह से बुज रही है। ”

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“आपा आपको चोदना तो शायद बचपन से चाहता था में , जबसे चुदाई का मतलब समझा था। आपकी चूचियों को चुप चुप कर देखता था जब आप मुन्ने को दूध पिलाती थी और आपकी चुत को चुपके से तब जब आप पेशाब करने जाती थी। ”

“ओह्ह… , बड़ा कमीना निकला तू तो। आज मेरा पूरा बदन तेरा है , ये बड़ी चूचिया और ये गरम चुत , अच्छे से मार शफीक। ”

शफीक अपना तना लंड अपनी नज्म आप की चुत में अंदर बहार डाल रहा था और वह जोर जोर से कराह रही थी। गीली गरम चुत में शफीक झड़ गाय।

“अरे तूने तो पूरी मलाई मेरी चुत में निकाल दी , अगर बच्चा होगया मुझे तो ?”

“नई होगा और अगर होता भी है तो कोनसा रफ़ी भाई को पता चलेगा। ”

“अपनी और उनकी शकल देखि है ना ? तू बर्फी और वह गुलाब जामुन , उन्हें वैसे ही मुझपर शक होता रहता है , चोदने जो नहीं देती हु। ”

“आप मुझे माफ़ करदो फिर , में रोक नई पाया। दो बच्चो की माँ होने के बावजूद क्या मस्त चुत है आपकी। तंग और गरम , लंड अंदर जाते ही मज़ा आने लगता है। ”

“चल कोई बात नई , में तेरी मलाई गिरा देती हु। ”

अपनी टैंगो को फैलाकर नज्म ने अपनी चुत को सिकुड़न शुरू किया जिसकी वजह से लंड की मलाई बहार गिरने लगी। शफीक ने ऐसा सच्चई पहली बार देखा था। “अंग्रेजी में ऐसी cream pie कहते है , असली में पहली बार देखा मेने। ”

“अरे मुझे मेरी एक दोस्त ने सिखाया। ”

बारिश अब कुछ कम होगई थी , इसीलिए शफीक और नज्म गाड़ी शुरू कर घर की तरफ निकले। नज्म शफीक की बड़ी बहन थी और उसमे और शफीक की उम्र में दस साल का अंतर था। भाई बहन में बहुत प्यार था लेकिन आज इस काली तूफानी रात में इस प्यार ने एक अलग मोड़ ले लिया था।

नज्म और उसके पति रफ़ी में भी दस साल का अंतर था , नज्म ३४ वर्ष की हसीं औरत थी। उसके लम्बे काले बाल उसकी गांड तक आते थे और उसकी आखे बड़ी बड़ी भूरे रंग की थी। नज्म दो बच्चो की माँ थी और उसकी चूचिया मस्त बड़ी थी। अपने बदन का नज्म खास ख्याल रखती थी और हस्ते में दो बार बदन की मालिश मलाई और केसर के लेप से करती थी , जिसकी वजह से उसकी त्वचा बहुत मस्त मुलायम थी। नज्म की चिकनी चुत का रस भी मीठा था।

नज्म का पति एक departmental store का मालिक था और काफी अमीर था। उसकी और नज्म की बिलकुल नई जमती थी क्युकी वह नज्म को कुश नहीं कर पाता था। नज्म को sex की बहुत भूक थी लेकिन वह किसी अनजान और बहार के आदमी से अपने आप को नहीं चुदवाना चाहती थी। मुठ मार मार के किसी तरह वह अपना काम चला रही थी जब

एक दिन अचानक उसने अपने भाई शफीक को नंगा देख लिया था। तब नज्म ने ये फैसला किया था की वह शफीक से ही अपने आप को चुदआएगी।

आज रात शफीक से पहली बार चुदआने के बाद थोड़ी सी आग बुझी थी नज्म की। घर पहुचकर उसने अपने बच्चो को देखा और फिर कमरे में सोने चली गई। रफ़ी तो बिस्तर पर पहले ही धेर पड़ा था , नज्म ने सोने की कोशिश की। यहाँ वह करवट बदलने के बाद भी उसे नींद नहीं आ रही थी। उसके दिलो दिमाग में बस शफीक के मोठे लम्बे लंड के ख्याल आ रहे थे। आखे बंद करके उसने अपनी टंगे फैलादी और अपनी चुत को सहलाने लगी।

कमरे में काफी अँधेरा था और नज्म पूरी तरह से चुदाई के मूड में थी। “आह आह उफ़…” करते हुए उसने अपनी चुत में ऊँगली डाली।

उस अँधेरे का फयदा उठा कर उस रात रफ़ी ने नज्म को चोदने की सोची। मदहोश नज्म को कुछ समज नहीं रहा था , रफ़ी उसकी फैली हुई टैंगो के बीच आया और उसकी चुत को चाटने लगा। नज्म को बहुत अच्छा महसूस हुआ , रफ़ी की जीब नज्म की चुत पर अच्छे से चल रही थी , ऊपर से नीचे तक नज्म की चुत को चाट रही थी। कभी कभी रफ़ी नज्म के गांड के छेद को भी चाट रहा था और वह मजा नज्म के लिए कुछ और ही था।

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नज्म ने रफ़ी के सर को अपने पेरो के बीच दबा दिया और उसके अपनी चुत की तरफ पकड़ रखा। नज्म की चुत की महक रफ़ी को हवस से पागल बना रही थी। उसने नज्म को चोदने का फैसला किया और अपना सर छुड़ाकर वह अपनी सलवार खोलने लगा। अपने काले छोटे से लंड को रफ़ी ने हिलाते हुए नज्म की चुत पर रखा और नज्म समज गई की वह शफीक का लंड नहीं था। उसने तुरंत अपनी आखे खोली और light जला दी , जब उसे सामने रफ़ी दिखा तो उसने रफ़ी की छाती पर लात मार्के उसे ज़मीन पर गिरा दिया।

“तूने मुझे चोदने की कैसे सोची ?”

“अबे कामिनी तेरा शोहर हु , जब चुत चाट रहा था तो बहुत मज़े ले रही थी। ”

“हाँ बस चुत चाटने तक ही ठीक है तू , लंड अंदर डालकर क्या उखडलेगा। दो तीन बार अंदर बहार करेगा और फिर झड़ जायेगा। ”

“अगर मुझसे इतनी तकलीफ है तुजे तो ये बता की किसके सपने देखकर अपनी चुत में ऊँगली कर रही थी ?”

“उससे तुजे क्या , तेरे बिस्तर पर ही हु ना। बहार तो नहीं चुदआती। ”

“अबे जा जा , तुज जैसी औरत पर कौन भरोसा करे इस मामले में। साली हरामी अपने भाई को भी गन्दी नज़र से देखती है , मुझे सब पता है। ”

“ओह ! ज़बान संभलके। ”

“क्यों सच्चई बात से मिर्ची लगी तुजे ? वो तो तुजे एक फूटी कोड़ी नहीं देना चाहता में इसीलिए तलाक नहीं देता , वर्ना तेरे साथ कौन रहना चाहेगा। ”

उस रात ही नज्म ने शफीक को कॉल करके बुलालिया अपने को घर ले जाने के लिए। शफीक नज्म को चुप चाप मायके लेकर आगया। रात किसी तरह बीती और सुबह नज्म काफी देर से उठी। उसके माँ बाप ने काफी सरे सवाल किये लेकिन उसने ज़यादा कुछ बताया नहीं , फिर शाम में जब शफीक काम से लोटा तो दोनों के बीच बात हुई।

शफीक , “ऐसी क्या बात होगई की आपको घर छोड़कर आना पड़ा , दोनों बच्चो के बिना ?”

नज्म , “बच्चो की फ़िक्र मत करो , मुझसे कही ज़यादा खुश उसके साथ है वो दोनों। लेकिन अब उस आदमी के साथ रहना बहुत मुश्किल है शफीक। ”

“खुल के बताओ मुझे क्या हुआ है?”

“कल जो हुआ हमारे बीच , मुझे वैसा ही सपना आया और कमीने ने बिना मेरी मर्ज़ी के मुझे चोदने की कोशिश की , बस उसी बात पर झगड़ा हुआ। ”

 

“रफ़ी भाई पति है आपके , उनके साथ तो करना पड़ेगा ना आपको। ”

“क्यों ? तेरी मर्ज़ी के खिलाफ अगर में तुजे चुदवाऊ तो तुजे केसा लगेगा ?” गुस्सा होकर नज्म ने कहा।

“मेरा मतलब वो नहीं था आपा। ”

“इदर आ शफीक मेरे पास। ”

जब शफीक नज्म के करीब गया तो नज्म ने उसे अपने गले से लगाया और उसे चूमने लगी। शफीक को कुछ गलत लग रहा था लेकिन नज्म के जिस्म की गर्मी और उसके बड़े मुमो का शफीक की छाती पर दबना , उससे शफीक का लंड भी खड़ा हो रहा था।

“आपा अभी नहीं , आमी देखलेगी। ”

“जा तू कुण्डी लगा के आ , मुझे तेरे लंड की तलब है शफीक , मैं अपने आप को रोक नहीं सकती। ”

नज्म शफीक को होटो पर कसकर चूमने लगी , उसने शफीक की जीब से अपनी जीब मिलाई और शफीक का लंड पूरी तरह से खड़ा होगया। “आपा आप भी ना , मुझे मजबूर कर देते हो। ”

“जा अब जल्दी से कुण्डी लगा। ” मुस्कुराकर नज्म ने कहा।

शफीक ने कुण्डी लगाली और अपने कपडे भी उतर कर बिस्तर पर आगया। “आपा अभी मुझे जैसे बच्चे दूध पीते है ना वैसे आपकी गोद में सोकर आपके मुमो को चूसना है। ”

“तो आजा फिर। ”

नज्म ने अपना कुरता निकाला और अपनी bra हटा दी , फिर शफीक ने अपना सर नज्म की गोद में रखा और उसे निप्पल चूसने लगा बिलकुल एक दूध पीते बच्चे की तरह। नज्म को बहुत मज़ा आ रहा था और करहाते हुए उसकी नजर शफीक के खड़े लंड पर ही थी। उसने शफीक के लंड को अपने हाथ में लिया और उसे हिलाते हुए चोलने लगी।

शफीक को भी बहुत मज़ा आ रहा था , “आपा चलो अब सलवार खोलो ज़रा आपकी चुत का मज़ा लेने दो। ”

नज्म ने जैसे ही अपनी सलवार खोली तो उसकी panty तो पूरी तरह भीगी थी। चुत की महक बहुत तेज़ थी , और शफीक का लंड पूरी तरह सख्त था। शफीक को बस उस महक

को अच्छे से सुंग्ना था और फिर चुत को अच्छे से चाटना था। नजमा की चुत को फैलाकर , उसकी टांगो के बिच लेटे हुए शफीक ने चुत को अच्छे से सुंघा और फिर चाटने लगा। वह अपनी जीब को काफी अंदर तक डाल रहा था जिससे नज्म करहाते हुए कांप रही थी। “आह उफ़… बस इसी तरह चाटते रेह मुझे। ”

चुत की अच्छे से चटाई करने के बाद शफीक ने अपना लंड नज्म आपा की गीली , बहती चुत पर मसला और जम कर उनकी चुदाई की। आपा काफी ज़ोर ज़ोर से कराह रही थी , जिसकी वजह से उनके अम्मी और अब्बू की नींद खुल गई। नज्म आपा के अब्बू ने उनकी अम्मी से पूछा , “शगुफ्ता लगता है की नज्म का पेट दर्द कर रहा है। ”

“अरे नहीं , ये पेट दर्द वाली आवाज़ नहीं है। तुम सो जाओ , फ़िक्र मत करो कल देखंगे। ”

अम्मी और अब्बू तो सोगये लेकिन भाई बहन जम कर चुदाई कर रहे थे। शफीक नज्म की फैली हुई टैंगो के बीच था और ज़ोर ज़ोर से धके लगा रहा था, जब झड़ने की बारी आई तो नज्म आपा उठ गई और शफीक के लंड के पास बैठ गई। नज्म शफीक का लंड ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी और फिर उसने सारी मलाई अपने ऊपर निकाल दी।

Taboo

दोनों को उस रात चुदाई करके बहुत मज़ा आया और दोनों नंगे ही एक दूसरे के पास सोगये।

जब सुबह हुई तो अम्मी ने दोनों को उस हालत में देखा और रुकी रही की कब वह दोनों नाश्ता करने आएंगे।

नाश्ते के table पर अम्मी ने नज्म से पूछा , “कल रात क्या हो रहा था कमरे में ?”

“कुछ नई बस पेट में हल्का सा दर्द था। ”

“हम्म , और तू शफीक , तू क्या तेरी आपा का पेट दर्द ठीक कर रहा था उसके कमरे में। ”

अम्मी से ये बात सुनकर नज्म और शफीक दंग थे , उन्हें समज नहीं आ रहा था की वो किस तरह उन्हें जवाब दे। वो कुछ पलो वाली ख़ामोशी काफी अजीब थी लेकिन ख़ामोशी भी अम्मी ने ही तोड़ी। “जवाब ना ही दो तो बेहतर है , लेकिन जो कर रहे हो बस हम तीनो में ही रहे , वर्ना बहुत बड़ा बवाल होजायेगा। ”

दोनों जितने हैरान थे उतने ही खुश भी और उस रात के बाद शफीक और नज्म ने कही बार चुदाई की।

हमें उम्मीद है कि आपको हमारी कहानियाँ पसंद आयी होगी और हम आपको बेहतरीन सेक्स कहानियां प्रदान करना जारी रखेंगे ।

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